pros and cons of IVF
What are the pros and cons of IVF?
April 8, 2020
IUI or IVF
Which treatment is the best for infertility- IUI or IVF?
April 8, 2020
SINGLE EMBRYO TRANSFER RESULT IN TWINS
8
April
2020

एम्ब्र्यो फ्रीजिंग तकनीक

Author Name: Dr. Aartee Taraiya Mentor Name: Dr. Anjali Gahlan on April 07, 2020

Ivf का अविष्कार 1978 में हुआ था परंतु पहला बच्चा जो कक embryo freezing तकनीक से पााँच साल बाद पैदा हुआ था। तब से अभी तक करीब 8 मममलयन बच्चे ivf से पैदा हो चुके हैं।

एन्ब्र्यो फ्रीज़ ंग या cryopreservation यह तरीका भी उतना ही पुराना है ज़जतना कक ivf ।आई िी एफ में अक्सर एक से ज्यादा एम्ब्र्यो बनाए जाते हैं क्ययाँकक स्टडीयेस से ये पता चलता है कक 10 mature oocytes से 3-4एम्ब्र्यो बनने कक संभािना होती है,और इस प्रोसेस में लगभग 15से 20ददन का समय लगता है।और लगभग एक लाख रूपये के करीब खचच होता है।क्ययाँकक आई िी एफ में सफलता ममलने कक संभािना 60से 70 प्रततशत है।इस पररज़स्तथथ में एम्ब्र्यो फ्रीज़ ंग से तनसंतान दम्ब्रपतत को लाभ होता है अगर िे पहले बार आई िी एफ में सफल नहीं हो पाये
तो िे अपने फ्री ककये हुये एम्ब्र्यो से कफर से प्रयास कर सकते हैं ।

Cell freezing की तकनीक द्शको पुरानी है ।इस प्रकिया के द्िारा हम oocytes ,sperms और embryos फ्री कर लम्ब्रबे समय तक रख सकते है और इनका उपयोग आई िी एफ के द्िारा गभच धारण करने में इस्तेमाल कर सकते है।सबसे विकमसत एम्ब्र्यो Blastocyst जो की 100 से 120 cells से बनता है फ्री कर रहे हैं,जोकक करीब 120 micron बड़ा होता है ।ये ही नहीं अगर ककसी स्री या पुरुष को juvenile cancer हैं तो िो भी अपने oocytes या sperms फ़्री करा सकते हैं,और aisi स्री जो कक अभी शादी नहीं करना चाहती है िो भी अपने oocytes को फ़्री करा सक्ती हैं।

Cryopreservation में cryoprotectant के उपयोग से embryos को dehydration ,plasma membrane damage और ice crystals formation नहीं होने देते हैं।cryoprotectants ऐसे पदाथच होते हैं जो की cells के अंदर जा सके और cell के अंदर के पानी को बाहर तनकल सके ज़जससे की फ़्री ककयेजाने िाले cell के अंदर ice crystal बनने से होने िले नुक्सान से बचाया जा सके।इस िजह से thaw करने के बाद embryo को कोई नुकसान नहीं होता और प्रेग्नेंसी होने का प्रततशत 60 प्रततशत तक बढ़ जाता है।

cryopreservation दो प्रकार से ककया जा सकता है slow cooling या rapid cooling (vitrification)।slow cooling ।slow cooling या sequential cooling में embryos को करीब एक घन्ब्रटे में धीरे धीरे तापमान कम करते हुये और cryoprotectants ममलाते हुये आखखरी में -196डडग्री जो कक liquid nitrogen का तापमान हैं।

Vitrification में embryos को करीब 20ममनट में -196डडग्री पर liquid nitrogen में फ्री कर ददया जाता है।Vitrification में embryos के अंदर hyperosmotic िातािरण बन जाता और embryos सॉमलड स्टेट कांच में बदल कर स्ियं को सुरक्षित रख सकते हैं ।

Embryo freezing तनसंतान दम्ब्रपवियों को कराने के क्या संकेत हैं-
1. जब दम्ब्रपतत के दो से अथधक good Quality embryos बने हों ।
2. Ovarian stimulation के दौरान Endometrium quality खराब हो,बच्चेदानी में पानी ददखे या कोई polyp हो।
3. जब ovarian hyper stimulation syndrome (OHSS) होने का खतरा हो।
4. Trigger injection के समय progesterone होमोन के अथधक होने के कारण ।
5. कैन्ब्रसर के इलाज दौरान chemotherapy या radiotherapy लेने से पहले।
6. मरीज स्ियं frozen embryo transfer कराना चाहता है ।
7. दम्ब्रपतत embryo दान करना चाहता है।

Embryo Freezing के फायदे क्या है

1.शोधकताचओं के अनुसार frozen embryo transfer में गभचधारण होने के अथधक सम्ब्रभािना होती है िजाय fresh embryo transfer के ।
2.ovarian hyper stimulation में होने िाले खचे को कम करने के मलये।
3.OHSS के होने की सम्ब्रभािना कम होती है ।
4.अगर Fresh embryo transfer में सफलता नहीं ममली तो फ्री ककये हुये embryos के साथ ivf का प्रयास कर सकते हैं।
5. मरीज को कम तनगरानी की जरुरत होती है,मरीज इलाज को आसानी से कबयल कर पाते हैं।
6.होमोन लैिल सामान्ब्रय होने की िजह से endometrial receptivity भी उिम होती है।
7.अगर हम embryos की Genetic screening PGD/PGS कराना चाहते है।
8. दम्ब्रपतत ivf के दौरान बने embryos को भविष्य में गभचधारण करने के मलये फ़्री कर सकता है।

अन्ब्रततः यह कहना चाहयाँगी कक embryo freezing की तकनीक बबल्कुल सुरक्षित है,और इससे होने िाले बच्चे भी साधरण बच्चों की तरह होते हैं।

You may also link with us on Facebook, Instagram, Twitter, Linkedin, Youtube & Pinterest

Talk to the best team of fertility experts in the country today for all your pregnancy and fertility-related queries.

Call now +91-7665009014

RELATED BLOG

 

Comments are closed.

Request Call Back
Call Back