प्रेगनेंसी के लिए एग का सही आकार क्या है? (Best Egg Size for Pregnancy in Hindi)

Last updated: January 05, 2026

Overview

फॉलिकल मॉनिटरिंग के दौरान जब डॉक्टर कहते हैं कि एग छोटा है या एग सही साइज़ का नहीं है, तो मन में चिंता होना स्वाभाविक है। क्या इसका मतलब प्रेगनेंसी नहीं हो सकती? प्रेगनेंसी के लिए एग का सही आकार क्या होना चाहिए? ये सवाल हर उस महिला के मन में आते हैं जो माँ बनने की कोशिश कर रही है। Best egg size for pregnancy in hindi में समझें तो गर्भधारण के लिए एग का आकार 18 से 24 mm के बीच होना चाहिए। इस आकार का एग परिपक्व माना जाता है और ओव्यूलेशन के लिए तैयार होता है। लेकिन सिर्फ आकार ही नहीं, एग की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

एग और फॉलिकल में क्या अंतर है?

  • फॉलिकल (Follicle): यह ओवरी में एक द्रव से भरी थैली होती है जिसके अंदर एग विकसित होता है। अल्ट्रासाउंड में हम फॉलिकल का आकार देखते हैं।
  • एग (Egg/Oocyte): यह फॉलिकल के अंदर मौजूद सूक्ष्म कोशिका है जो फर्टिलाइज़ होकर भ्रूण बनती है। एग का आकार लगभग 0.1 mm होता है जो अल्ट्रासाउंड में नहीं दिखता।

एग का विकास कैसे होता है?

मासिक चक्र यानी मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान एग का विकास एक जटिल प्रक्रिया है जो हॉर्मोन्स द्वारा कंट्रोल होती है।

  • दिन 1-5 (मासिक धर्म): पीरियड्स के दौरान FSH (फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन) का लेवल बढ़ता है जो ओवरी में कई छोटे फॉलिकल्स को डेवलप होने के लिए प्रेरित करता है।
  • दिन 5-7: फॉलिकल्स का आकार 5-6 mm होता है। इस समय कई फॉलिकल्स बढ़ना शुरू करते हैं लेकिन एक फॉलिकल प्रमुख (dominant) बन जाता है।
  • दिन 8-12: प्रमुख फॉलिकल प्रतिदिन लगभग 1-2 mm बढ़ता है। इस दौरान एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ता है जो गर्भाशय की परत को मोटा करता है।
  • दिन 12-14: फॉलिकल 18-24 mm के आकार तक पहुंचता है। एस्ट्रोजन के उच्च स्तर से LH (ल्यूटिनाइज़िंग हॉर्मोन) में तेज़ वृद्धि होती है।
  • ओव्यूलेशन (दिन 14 के आसपास): LH सर्ज के 24-36 घंटे बाद फॉलिकल फटता है और मैच्योर एग रिलीज़ होता है जो फैलोपियन ट्यूब में जाता है।

गर्भधारण के लिए आदर्श एग साइज़

Best egg size for pregnancy in hindi में जानें कि विभिन्न स्थितियों में एग का आदर्श आकार क्या होना चाहिए।

नेचुरल प्रेगनेंसी के लिए

  • आदर्श आकार: 18 से 24 mm
  • न्यूनतम आकार: 16 mm (इससे छोटे फॉलिकल में परिपक्व एग की संभावना कम होती है)
  • अधिकतम आकार: 28 mm (इससे बड़ा फॉलिकल ओवर-मैच्योर हो सकता है)

IUI (इंट्रायूटेराइन इनसेमिनेशन) के लिए

  • आदर्श आकार: 18 से 22 mm
  • ट्रिगर इंजेक्शन (hCG): तब दिया जाता है जब कम से कम एक फॉलिकल 18 mm का हो जाए।

IVF (इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन) के लिए

  • आदर्श आकार: 16 से 22 mm
  • IVF में कई फॉलिकल्स विकसित किए जाते हैं: इसलिए थोड़ा छोटा आकार भी स्वीकार्य है।
  • एग रिट्रीवल: तब की जाती है जब अधिकतर फॉलिकल्स 17-18 mm के हो जाएं।

एग साइज़ की जांच कैसे होती है?

फॉलिकल के आकार की निगरानी ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड (TVS) से की जाती है जिसे फॉलिकल मॉनिटरिंग या फॉलिकुलर स्टडी कहते हैं।

  • पहला स्कैन: मासिक चक्र के दिन 2 या 3 पर बेसलाइन स्कैन किया जाता है जिसमें ओवरी में मौजूद छोटे फॉलिकल्स (एंट्रल फॉलिकल काउंट) देखे जाते हैं।
  • फॉलो-अप स्कैन: दिन 9-11 से हर 2-3 दिन में स्कैन किया जाता है जब तक फॉलिकल परिपक्व न हो जाए।
  • माप का तरीका: फॉलिकल के दो व्यास (लंबाई और चौड़ाई) मापे जाते हैं और उनका औसत निकाला जाता है।
  • एंडोमेट्रियम की जांच: साथ ही गर्भाशय की परत (एंडोमेट्रियम) की मोटाई भी देखी जाती है जो इम्प्लांटेशन के लिए 8-12 mm होनी चाहिए।

छोटे एग के क्या कारण हैं?

कई बार फॉलिकल सही आकार तक नहीं पहुंच पाता या समय से पहले रुक जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं।

  • हॉर्मोनल असंतुलन: FSH, LH, एस्ट्रोजन या प्रोजेस्टेरॉन में असंतुलन फॉलिकल के विकास को प्रभावित करता है। PCOS में यह समस्या कॉमन है।
  • उम्र का प्रभाव: 35 वर्ष के बाद ओवेरियन रिज़र्व कम होने लगता है और फॉलिकल की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
  • कम ओवेरियन रिज़र्व: AMH का स्तर कम होने पर फॉलिकल्स की संख्या और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती हैं।
  • थायरॉइड की समस्या: हाइपोथायरॉइडिज़्म या हाइपरथायरॉइडिज़्म ओव्यूलेशन और फॉलिकल विकास को प्रभावित करते हैं।
  • तनाव: अत्यधिक तनाव हॉर्मोन्स को प्रभावित करता है जो फॉलिकल के विकास में बाधा डालता है।
  • अस्वस्थ जीवनशैली: मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन और खराब खानपान एग की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
  • प्रीमैच्योर ओवेरियन फेल्योर: 40 वर्ष से पहले ओवरी की कार्यक्षमता कम होना जिसमें फॉलिकल्स का विकास प्रभावित होता है।

एग साइज़ बढ़ाने के क्या उपाय हैं?

फॉलिकल के विकास और एग की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं।

दवाइयों से एग साइज का बढ़ना

  • क्लोमीफीन सिट्रेट (Clomiphene Citrate): यह ओव्यूलेशन प्रेरित करने वाली सबसे आम दवा है जो FSH के स्तर को बढ़ाती है और फॉलिकल के विकास को प्रोत्साहित करती है।
  • लेट्रोज़ोल (Letrozole): यह एरोमाटेज़ इनहिबिटर है जो PCOS में विशेष रूप से प्रभावी है और क्लोमीफीन की तुलना में कम साइड इफेक्ट्स देती है।
  • गोनाडोट्रोपिन इंजेक्शन: FSH और LH के इंजेक्शन सीधे ओवरी को उत्तेजित करते हैं। IVF में इनका उपयोग कई फॉलिकल्स विकसित करने के लिए होता है।
  • hCG ट्रिगर इंजेक्शन: जब फॉलिकल सही आकार का हो जाए तो यह इंजेक्शन ओव्यूलेशन को प्रेरित करता है।

लाइफस्टाइल में बदलाव

  • संतुलित आहार: प्रोटीन युक्त भोजन, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, साबुत अनाज और स्वस्थ वसा एग की गुणवत्ता में सुधार करते हैं।
  • नियमित व्यायाम: मध्यम व्यायाम रक्त प्रवाह बढ़ाता है और हॉर्मोनल संतुलन में मदद करता है। अत्यधिक व्यायाम से बचें।
  • तनाव प्रबंधन: योग, ध्यान और पर्याप्त नींद से तनाव कम होता है जो हॉर्मोन्स को संतुलित रखता है।
  • धूम्रपान और शराब से परहेज़: ये दोनों एग की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।

सप्लीमेंट्स

  • फोलिक एसिड: एग की गुणवत्ता और भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक।
  • विटामिन D: इसकी कमी फर्टिलिटी को प्रभावित करती है।
  • कोएंज़ाइम Q10: एग की ऊर्जा उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार करता है।
  • DHEA: कम ओवेरियन रिज़र्व वाली महिलाओं में डॉक्टर की सलाह से लिया जा सकता है।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड: रक्त प्रवाह बढ़ाता है और एग की गुणवत्ता में सुधार करता है।

IVF में एग साइज़ का क्या महत्व है?

IVF में फॉलिकल के आकार का विशेष महत्व है क्योंकि इससे परिपक्व एग की संख्या का अनुमान लगाया जाता है।

  • ओवेरियन स्टिम्युलेशन: IVF में गोनाडोट्रोपिन इंजेक्शन से कई फॉलिकल्स एक साथ विकसित किए जाते हैं।
  • ट्रिगर का समय: जब अधिकतर फॉलिकल्स 17-18 mm के हो जाएं तब ट्रिगर इंजेक्शन दिया जाता है।
  • एग रिट्रीवल: ट्रिगर के 34-36 घंटे बाद एग रिट्रीवल की जाती है।
  • परिपक्व एग: 14-20 mm के फॉलिकल्स से परिपक्व एग मिलने की संभावना अधिक होती है। बहुत छोटे (10 mm से कम) या बहुत बड़े (25 mm से अधिक) फॉलिकल्स से परिपक्व एग की संभावना कम होती है।
  • IVF में सफलता: एग की संख्या के साथ-साथ क्वालिटी भी महत्वपूर्ण है। 15-20 mm के फॉलिकल्स से प्राप्त एग में फर्टिलाइज़ेशन और एम्ब्रीओ विकास की दर बेहतर होती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

इस आर्टिकल में हमने best egg size for pregnancy in hindi में विस्तार से समझाया कि गर्भधारण के लिए एग का आदर्श आकार 18 से 24 mm होना चाहिए। यह आकार फॉलिकल का होता है जिसके अंदर एग विकसित होता है। एग का आकार ही एकमात्र कारक नहीं है। एग की गुणवत्ता, एंडोमेट्रियम की मोटाई, हॉर्मोन का स्तर और समग्र स्वास्थ्य सभी गर्भधारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अगर आपके एग का आकार छोटा है तो घबराएं नहीं। सही दवाओं, जीवनशैली में बदलाव और विशेषज्ञ की देखरेख में फॉलिकल के विकास में सुधार संभव है। IVF और ICSI जैसी तकनीकों से कठिन मामलों में भी सफलता मिल रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रेगनेंसी के लिए एग का साइज़ कितना होना चाहिए?

 

स्वाभाविक गर्भधारण के लिए एग यानी फॉलिकल का आकार 18 से 24 mm होना चाहिए।

क्या छोटे एग से प्रेगनेंसी हो सकती है?

 

16 mm से छोटे फॉलिकल में परिपक्व एग की संभावना कम होती है। हालांकि, दवाओं से फॉलिकल का विकास किया जा सकता है।

एग का साइज़ बढ़ाने में कितना समय लगता है?

 

एक मासिक चक्र में फॉलिकल प्रतिदिन 1-2 mm बढ़ता है। 10 mm का फॉलिकल 18 mm का होने में लगभग 4-8 दिन लग सकते हैं।

एग की गुणवत्ता कैसे बढ़ाएं?

 

संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन और पर्याप्त नींद एग की गुणवत्ता में सुधार करते हैं। फोलिक एसिड, विटामिन D, कोएंज़ाइम Q10 और ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स भी फायदेमंद हैं। धूम्रपान और शराब से परहेज़ करें।

फॉलिकल मॉनिटरिंग कब करानी चाहिए?

 

बेसलाइन स्कैन मेंस्ट्रुअल साइकिल के दिन 2 या 3 पर होता है। फिर दिन 9-11 से हर 2-3 दिन में फॉलो-अप स्कैन किया जाता है। ओव्यूलेशन इंडक्शन दवाओं के साथ यह निगरानी ज़रूरी है।

क्या PCOS में एग का साइज़ प्रभावित होता है?

 

हां, PCOS में हॉर्मोनल असंतुलन के कारण फॉलिकल सही आकार तक नहीं पहुंच पाता या समय से पहले रुक जाता है।

IVF में कितने साइज़ के एग चाहिए?

 

IVF में 16 से 22 mm के फॉलिकल्स से परिपक्व एग मिलने की संभावना अधिक होती है। जब अधिकतर फॉलिकल्स 17-18 mm के हो जाएं तब ट्रिगर इंजेक्शन दिया जाता है।

**Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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