फॉलिकल मॉनिटरिंग के दौरान जब डॉक्टर कहते हैं कि एग छोटा है या एग सही साइज़ का नहीं है, तो मन में चिंता होना स्वाभाविक है। क्या इसका मतलब प्रेगनेंसी नहीं हो सकती? प्रेगनेंसी के लिए एग का सही आकार क्या होना चाहिए? ये सवाल हर उस महिला के मन में आते हैं जो माँ बनने की कोशिश कर रही है। Best egg size for pregnancy in hindi में समझें तो गर्भधारण के लिए एग का आकार 18 से 24 mm के बीच होना चाहिए। इस आकार का एग परिपक्व माना जाता है और ओव्यूलेशन के लिए तैयार होता है। लेकिन सिर्फ आकार ही नहीं, एग की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
मासिक चक्र यानी मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान एग का विकास एक जटिल प्रक्रिया है जो हॉर्मोन्स द्वारा कंट्रोल होती है।
Best egg size for pregnancy in hindi में जानें कि विभिन्न स्थितियों में एग का आदर्श आकार क्या होना चाहिए।
फॉलिकल के आकार की निगरानी ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड (TVS) से की जाती है जिसे फॉलिकल मॉनिटरिंग या फॉलिकुलर स्टडी कहते हैं।
कई बार फॉलिकल सही आकार तक नहीं पहुंच पाता या समय से पहले रुक जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं।
फॉलिकल के विकास और एग की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं।
IVF में फॉलिकल के आकार का विशेष महत्व है क्योंकि इससे परिपक्व एग की संख्या का अनुमान लगाया जाता है।
इस आर्टिकल में हमने best egg size for pregnancy in hindi में विस्तार से समझाया कि गर्भधारण के लिए एग का आदर्श आकार 18 से 24 mm होना चाहिए। यह आकार फॉलिकल का होता है जिसके अंदर एग विकसित होता है। एग का आकार ही एकमात्र कारक नहीं है। एग की गुणवत्ता, एंडोमेट्रियम की मोटाई, हॉर्मोन का स्तर और समग्र स्वास्थ्य सभी गर्भधारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अगर आपके एग का आकार छोटा है तो घबराएं नहीं। सही दवाओं, जीवनशैली में बदलाव और विशेषज्ञ की देखरेख में फॉलिकल के विकास में सुधार संभव है। IVF और ICSI जैसी तकनीकों से कठिन मामलों में भी सफलता मिल रही है।
स्वाभाविक गर्भधारण के लिए एग यानी फॉलिकल का आकार 18 से 24 mm होना चाहिए।
16 mm से छोटे फॉलिकल में परिपक्व एग की संभावना कम होती है। हालांकि, दवाओं से फॉलिकल का विकास किया जा सकता है।
एक मासिक चक्र में फॉलिकल प्रतिदिन 1-2 mm बढ़ता है। 10 mm का फॉलिकल 18 mm का होने में लगभग 4-8 दिन लग सकते हैं।
संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन और पर्याप्त नींद एग की गुणवत्ता में सुधार करते हैं। फोलिक एसिड, विटामिन D, कोएंज़ाइम Q10 और ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स भी फायदेमंद हैं। धूम्रपान और शराब से परहेज़ करें।
बेसलाइन स्कैन मेंस्ट्रुअल साइकिल के दिन 2 या 3 पर होता है। फिर दिन 9-11 से हर 2-3 दिन में फॉलो-अप स्कैन किया जाता है। ओव्यूलेशन इंडक्शन दवाओं के साथ यह निगरानी ज़रूरी है।
हां, PCOS में हॉर्मोनल असंतुलन के कारण फॉलिकल सही आकार तक नहीं पहुंच पाता या समय से पहले रुक जाता है।
IVF में 16 से 22 mm के फॉलिकल्स से परिपक्व एग मिलने की संभावना अधिक होती है। जब अधिकतर फॉलिकल्स 17-18 mm के हो जाएं तब ट्रिगर इंजेक्शन दिया जाता है।