अगर पीरियड्स ख़त्म होने के बाद भी अजीब सा डिस्चार्ज हो रहा है या संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग हो रही है, तो क्या है नॉर्मल है? जब महिलाओं के साथ ऐसा होता है, तो अक्सर वे झिझक के कारण इन्हें नज़रअंदाज़ कर देती हैं। लेकिन हो सकता है कि आपके शरीर में ऐसे कई छोटे-बड़े बदलावों का सीधा संबंध गर्भाशय ग्रीवा यानी सर्विक्स (Cervix) में हो रही कुछ परेशानी से हो।
Cervix meaning in Hindi समझें, तो यह बच्चेदानी यानी यूट्रस का सबसे निचला हिस्सा है, जो इसे योनि मतलब वजाइना (Vegina) से जोड़ता है। Cervix आपकी फर्टिलिटी और प्रेगनेंसी की सेहत बताने वाला एक ज़रूरी अंग है। ओव्यूलेशन के दौरान यह शुक्राणुओं को अंदर जाने का रास्ता देता है, तो वहीं प्रेगनेंसी के दौरान यह बच्चे को नौ महीने तक कोख में संभाल कर रखने की ज़िम्मेदारी निभाता है।
दिक्कत तब आती है जब हम सर्विक्स में हो रहे बदलाव के लक्षणों को समझ नहीं पाते। भारत में महिलाएं cervix की सेहत को लेकर अक्सर लापरवाही करती हैं। जिसकी वजह से भारत में सर्वाइकल कैंसर के मामले बहुत ज्यादा बढ़ रहे हैं। शरीर किसी भी बड़ी समस्या से पहले कुछ खास लक्षण ज़रूर दिखाई देते हैं। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि cervix क्या है और वे कौन से 5 बड़े बदलाव हैं जिन्हें पहचान कर आप समय रहते अपनी सेहत का ख्याल रख सकती हैं।
Cervix गर्भाशय यानी बच्चेदानी के निचले हिस्से को कहते हैं। यह हिस्सा वजाइना से जुड़ा होता है। सामान्य बोलचाल में इसे बच्चेदानी का मुँह भी कहा जाता है। सर्विक्स बेलनाकार यानी सिलिंड्रिकल (cylindrical) होती है, जिसकी लम्बाई 2.5 से 3 सेंटीमीटर होती है। सर्विक्स के बारे में जानना इसलिए जरुरी होता है क्योंकि अगर इसमें होने वाली छोटी-छोटी समस्याएँ अगर शुरू में पकड़ ली जाएँ, तो बड़ी बीमारियों जैसे सर्वाइकल कैंसर से बचा जा सकता है।
सर्विक्स का काम बच्चेदानी में होने वाली किसी भी तरह की समस्या को जड़ से समाप्त कर देना नहीं होता बल्कि उसका काम यह होता है की महिला की फर्टिलिटी सही तरह से काम करती रहे और वह सफलतापूर्वक माँ बन सके। लेकिन संतान की उत्पत्ति के लिए सिर्फ महिला का फर्टाइल होना पर्याप्त नहीं। इस तरह एक कपल सफलतापूर्वक माँ बाप बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।
सर्विक्स का काम:
सर्विक्स लगातार म्यूकस यानी डिस्चार्ज (discharge) बनाता है। इसका मतलब है cervix सामान्य है और स्वस्थ है। लेकिन जब डिस्चार्ज का रंग या गंध बदल जाये, तो यह सर्विक्स में किसी तरह की गड़बड़ी की तरफ इशारा हो सकता है। लेकिन याद रहे कि डिस्चार्ज में बदलाव का मतलब हमेशा गंभीर नहीं होता, लेकिन ऐसी कंडीशन अगर 2-3 दिन से ज़्यादा रहे या असुविधा हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना ज़रूरी होता है।
सामान्य डिस्चार्ज
| साइकिल का समय | रंग | टेक्सचर (बनावट) |
|---|---|---|
| पीरियड के बाद | सफ़ेद या क्रीमी | गाढ़ा |
| ओव्यूलेशन के समय | पारदर्शी (Transparent) | अंडे की सफ़ेदी जैसा, फिसलनदार |
| ओव्यूलेशन के बाद | सफ़ेद | चिपचिपा |
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यह लक्षण सबसे ज़्यादा नज़रअंदाज़ किया जाता है। संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग होने पर कई महिलाएँ सोचती हैं कि शायद कुछ नहीं है या पहली बार ऐसा हुआ है । लेकिन रिलेशन बनाने के बाद ब्लीडिंग (Post-coital bleeding) cervix की तरफ से मिलने वाला एक महत्वपूर्ण सिग्नल होता है।
संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग होने के संभावित कारण:
संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग हो तो क्या करें?
अगर आपका ओव्यूलेशन का समय है तो पीरियड्स के बीच में हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग कई बार सामान्य हो सकती है। लेकिन अगर यह ब्लीडिंग या स्पॉटिंग बार-बार हो रही है या भारी है, तो यह सर्विक्स की तरफ से कुछ सिग्नल मिल रहा है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
पीरियड्स के बीच स्पॉटिंग कब सामान्य होती है?
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
पीरियड्स के बीच स्पॉटिंग के संभावित कारण
महिलाओं को पेट के निचले हिस्से या कमर में दर्द कई कारणों से हो सकता है। लेकिन अगर आपको यह दर्द लगातार हो रहा है, और कोई स्पष्ट कारण भी समझ नहीं आ रहा, तो यह लक्षण cervix से जुड़ा हो सकता है।
सर्विक्स से जुड़े दर्द की पहचान:
दर्द हो तो क्या करें?
महिलाओं को मूत्र त्याग यानी यूरिन-पास करते समय होने वाली जलन को अक्सर UTI मतलब यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (Urinary Tract Infection) समझ लिया जाता है। लेकिन अगर एंटीबायोटिक लेने के बाद भी आराम न मिल रहा हो, तो cervix की जाँच करवानी चाहिए।
सर्विक्स और मूत्राशय यानी ब्लैडर (bladder) बहुत पास होते हैं जिसकी वजह से cervix में इंफेक्शन या सूजन होने पर पेशाब में भी जलन महसूस हो सकती है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
जलन होने के संभावित कारण
Cervix meaning in hindi जानने के बाद सबसे जरूरी है आपको ये जानना चाहिए कि कब कौन सी जाँच करवाई जाये जिससे किसी गंभीर बीमारी का पहले से ही पता चल सके।
पैप स्मीयर टेस्ट (Pap Smear Test)
| उम्र | कितनी बार टेस्ट करवाएं |
|---|---|
| 21-29 साल | हर 3 साल में |
| 30-65 साल | हर 3 साल पर पैप स्मीयर टेस्ट या हर 5 साल पर पैप स्मीयर के साथ HPV टेस्ट |
| 65+ साल | डॉक्टर की सलाह से |
HPV Test
30 साल के बाद पैप स्मीयर के साथ HPV टेस्ट भी करवाएँ। HPV यानी ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (Human Papillomavirus) सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण होता है।
पेल्विक एग्ज़ाम
पेल्विक एग्जाम में गाइनेकोलॉजिस्ट cervix को देखकर और छूकर जाँच करते हैं। यह साल में एक बार जरूर करवाना चाहिए।
यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से 90% तक बचाव करती है। 9 से 26 साल की उम्र में यह वैक्सीन सबसे प्रभावी होती है लेकिन इसे 45 साल तक लगवाया जा सकता है।
स्मोकिंग cervix की सेल्स को कमज़ोर करती है और HPV को कैंसर में बदलने में मदद करती है।
सम्बन्ध बनाते समय कंडोम का उपयोग करने से HPV और अन्य STI से बचाव होता है। अगर आपका पार्टनर एक ही है तो यह खतरा कम ही होता है।
स्वस्थ इम्यून सिस्टम HPV इंफेक्शन को अपने आप खत्म कर सकता है, इसीलिए अच्छी नींद, संतुलित आहार, और नियमित व्यायाम ज़रूरी है।
अगर आपको कोई लक्षण न हों तब भी पैप स्मीयर और पेल्विक एग्ज़ाम जरूर करवाएं।
cervix आपके शरीर का एक छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण अंग है। अभी आपने जाना Cervix meaning in hindi और यह कि सर्विक्स आपके प्रजनन स्वास्थ्य के लिए बहुत अहम है।
सर्विक्स आपसे लगातार बात करती है कभी डिस्चार्ज के ज़रिए, कभी दर्द और ब्लीडिंग के ज़रिए। बस ज़रूरत है इन सिग्नल्स को पहचानने की। इसीलिए शर्म छोड़ें और जाँच करवाएँ। सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर में दूसरे नंबर पर है लेकिन यह उन कैंसर में से है जिसे शुरुआती स्टेज में पकड़ लिया जाए तो उसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।