IVF ट्रीटमेंट के दौरान आप बार-बार एम्ब्रीओ (Embryo) शब्द सुनती हैं। डॉक्टर कहते हैं कि आपके 8 एम्ब्रीओ बने हैं, Day 5 का एम्ब्रीओ ट्रांसफर करेंगे, या एम्ब्रीओ की ग्रेडिंग अच्छी है। लेकिन एम्ब्रीओ असल में है क्या? यह एग से कैसे अलग है? और IVF में इसका इतना महत्व क्यों है?
Embryo meaning in hindi में समझें तो एम्ब्रीओ यानी भ्रूण वो स्टेज है जब एग और स्पर्म मिलकर एक नई ज़िंदगी की शुरुआत करते हैं।
नैचुरल प्रेगनेंसी में यह फैलोपियन ट्यूब में होता है, IVF में यह लैब में होता है। एम्ब्रीओ वो छोटी सी कोशिकाओं का समूह है जो आगे चलकर बच्चा बनता है।
इस आर्टिकल में हम एम्ब्रीओ से सम्बंधित समझेंगे कि embryo कैसे बनता है, IVF में एम्ब्रीओ की ग्रेडिंग का क्या मतलब है, Day 3 और Day 5 एम्ब्रीओ में क्या फर्क है, और एम्ब्रीओ ट्रांसफर के बाद क्या होता है।
सबसे पहले बेसिक से समझना शुरू करते हैं। एग यानी अंडाणु महिला के शरीर में होता है। स्पर्म यानी शुक्राणु पुरुष के शरीर में होता है। जब एग और स्पर्म मिलते हैं, तो फर्टिलाइज़ेशन होता है। फर्टिलाइज़ेशन के बाद जो बनता है, उसे एम्ब्रीओ (Embryo) कहते हैं, इसे हिंदी में भ्रूण भी कहा जाता है।
एम्ब्रीओ एक कोशिका यानी सेल (cell) से शुरू होता है और धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। पहले 1 सेल से 2 सेल्स, 2 से, फिर 4, 8, 16... और फिर ब्लास्टोसिस्ट बनता है जिसमें सैकड़ों सेल्स होती हैं।
फर्टिलाइज़ेशन से लेकर 8 हफ्ते तक जो स्टेज होती है उसमें इसे एम्ब्रीओ कहते हैं। 8 हफ्ते के बाद इसी embryo को फीटस (foetus) यानी गर्भस्थ शिशु कहते हैं। इस समय तक सारे मुख्य अंग बनना शुरू हो चुके होते हैं।
नैचुरल प्रेगनेंसी में ओव्यूलेशन के समय ओवरी से एग निकलता है और फैलोपियन ट्यूब में आ जाता है। अगर इस समय शारीरिक सम्बन्ध बना है, तो स्पर्म फैलोपियन ट्यूब तक पहुँचते हैं। लाखों स्पर्म में से एक स्पर्म एग की बाहरी परत को भेदकर अंदर जाता है, जिसे फर्टिलाइज़ेशन कहते हैं। अब एग फर्टिलाइज़्ड एग बन गया, जिसे ज़ाइगोट कहते हैं। यही embryo बनने की शुरुआत है।
IVF में यह प्रोसेस लैब में होता है। ओवरी से एग्स निकाले जाते हैं, स्पर्म सैंपल लिया जाता है, और लैब में एग और स्पर्म को मिलाया जाता है। अगर स्पर्म क्वालिटी कम है, तो ICSI किया जाता है जिसमें एक स्पर्म को सीधे एग के अंदर इंजेक्ट किया जाता है। इसके बाद फर्टिलाइज़ेशन होने पर एम्ब्रीओ embryo है।
IVF में embryo का विकास बहुत ध्यान से मॉनिटर किया जाता है। क्योंकि इस दौरान हर दिन कुछ डेवलपमेंट हो रहा होता है।
IVF में हर embryo की ग्रेडिंग होती है। इसमें एम्ब्रियोलॉजिस्ट माइक्रोस्कोप से एम्ब्रीओ को देखकर उसकी क्वालिटी का पता लगाते हैं।
4AA या 5AA टॉप क्वालिटी एम्ब्रीओ माना जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि 3BB या 3BC से प्रेगनेंसी नहीं होगी। ग्रेडिंग सिर्फ बाहरी दिखावट पर आधारित है, एम्ब्रीओ के जेनेटिक्स पर नहीं। कई बार B ग्रेड एम्ब्रीओ से हेल्दी बच्चे पैदा होते हैं।
Embryo meaning in hindi में यह भी जानना ज़रूरी है कि embryo transfer कब होता है।
कौन सा embryo transfer किया जायेगा इसका फैसला आपके एम्ब्रीओ की संख्या और क्वालिटी पर निर्भर करता है। अगर Day 3 पर सिर्फ 1 या 2 embryo हैं, तो डॉक्टर उसी दिन ट्रांसफर कर सकते हैं। अगर कई अच्छे एम्ब्रीओ हैं, तो Day 5 तक इंतज़ार करके best embryo सिलेक्ट किया जाता है।
एम्ब्रीओ ट्रांसफर के बाद वो यूट्रस में पहुँच जाता है। अब उसे इम्प्लांट होना है यानी यूट्रस की दीवार से चिपकना है।
इन दिनों में आप नॉर्मल एक्टिविटी कर सकती हैं। बेड रेस्ट ज़रूरी नहीं है। हल्की वॉक, घर का काम इत्यादि, बस हैवी एक्सरसाइज़ और बहुत स्ट्रेस से बचें।
IVF में कई बार अच्छे लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा एम्ब्रीओ बन जाते हैं। जो एम्ब्रीओ इस साइकिल में ट्रांसफर नहीं हुए, उन्हें फ्रीज़ किया जा सकता है।
एक्स्ट्रा अच्छे एम्ब्रीओ हों तो अगली प्रेगनेंसी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर OHSS यानी ओवेरियन हाइपरस्टिम्युलेशन सिंड्रोम (Ovarian Hyperstimulation Syndrome) का रिस्क हो तो फ्रेश ट्रांसफर अवॉइड करने के लिए या फिर PGT करवाना हो तो रिज़ल्ट आने तक एम्ब्रीओ फ्रीज़ रहते हैं।
Embryo meaning in hindi समझना IVF जर्नी का ज़रूरी हिस्सा है क्योंकि जब आप जानती हैं कि लैब में क्या हो रहा है, तो टेंशन कम होती है। याद रखें कि एम्ब्रीओ की संख्या से ज़्यादा ज़रूरी उसकी क्वालिटी है। Embryo grading सब कुछ नहीं बताती, B ग्रेड एम्ब्रीओ से भी हेल्दी प्रेगनेंसी होती है। ग्रेडिंग सिर्फ बाहरी दिखावट है, जेनेटिक्स नहीं।
एम्ब्रीओ ट्रांसफर के बाद धैर्य रखें। इम्प्लांटेशन में 5-6 दिन लगते हैं। इन दिनों में हर लक्षण को ओवरथिंक न करें। और अगर इस साइकिल में सक्सेस न मिले, तो हिम्मत न हारें। फ्रोज़न एम्ब्रीओ हैं तो अगला ट्रांसफर हो सकता है। IVF को एक जर्नी की तरह लें न कि इवेंट की तरह।
Embryo को हिंदी में भ्रूण कहते हैं। यह एग और स्पर्म के मिलने से बनता है और फर्टिलाइज़ेशन से लेकर 8 हफ्ते तक की स्टेज को एम्ब्रीओ कहते हैं।
फर्टिलाइज़ेशन से 8 हफ्ते तक इसे एम्ब्रीओ कहते हैं। 8 हफ्ते के बाद जब सारे अंग बनना शुरू हो जाते हैं, तब इसे फीटस कहते हैं।
यह एग्स की संख्या और क्वालिटी पर निर्भर करता है। आमतौर पर 60 से 70% मैच्योर एग्स फर्टिलाइज़ होते हैं। 10 एग्स में से 6-7 एम्ब्रीओ बन सकते हैं।
आमतौर पर हाँ, क्योंकि Day 5 तक सर्वाइव करने वाला एम्ब्रीओ स्ट्रॉन्ग माना जाता है। लेकिन यह हर केस पर निर्भर करता है।
A सबसे अच्छी क्वालिटी, B मीडियम, C कम अच्छी। लेकिन B ग्रेड एम्ब्रीओ से भी प्रेगनेंसी होती है।
ठीक से फ्रीज़ किया गया एम्ब्रीओ सालों तक सुरक्षित रह सकता है। 10 से ज्यादा साल पुराने फ्रोज़न एम्ब्रीओ से भी हेल्दी बच्चे पैदा हुए हैं।
नहीं, बेड रेस्ट ज़रूरी नहीं है। नॉर्मल एक्टिविटी कर सकती हैं। बस हैवी एक्सरसाइज़ न करें।