Embryo in Hindi: IVF में एम्ब्रीओ को समझें

Last updated: February 23, 2026

Overview

IVF ट्रीटमेंट के दौरान आप बार-बार एम्ब्रीओ (Embryo) शब्द सुनती हैं। डॉक्टर कहते हैं कि आपके 8 एम्ब्रीओ बने हैं, Day 5 का एम्ब्रीओ ट्रांसफर करेंगे, या एम्ब्रीओ की ग्रेडिंग अच्छी है। लेकिन एम्ब्रीओ असल में है क्या? यह एग से कैसे अलग है? और IVF में इसका इतना महत्व क्यों है? Embryo meaning in hindi में समझें तो एम्ब्रीओ यानी भ्रूण वो स्टेज है जब एग और स्पर्म मिलकर एक नई ज़िंदगी की शुरुआत करते हैं।

नैचुरल प्रेगनेंसी में यह फैलोपियन ट्यूब में होता है, IVF में यह लैब में होता है। एम्ब्रीओ वो छोटी सी कोशिकाओं का समूह है जो आगे चलकर बच्चा बनता है।

इस आर्टिकल में हम एम्ब्रीओ से सम्बंधित समझेंगे कि embryo कैसे बनता है, IVF में एम्ब्रीओ की ग्रेडिंग का क्या मतलब है, Day 3 और Day 5 एम्ब्रीओ में क्या फर्क है, और एम्ब्रीओ ट्रांसफर के बाद क्या होता है।

एम्ब्रीओ क्या होता है?

सबसे पहले बेसिक से समझना शुरू करते हैं। एग यानी अंडाणु महिला के शरीर में होता है। स्पर्म यानी शुक्राणु पुरुष के शरीर में होता है। जब एग और स्पर्म मिलते हैं, तो फर्टिलाइज़ेशन होता है। फर्टिलाइज़ेशन के बाद जो बनता है, उसे एम्ब्रीओ (Embryo) कहते हैं, इसे हिंदी में भ्रूण भी कहा जाता है।

एम्ब्रीओ एक कोशिका यानी सेल (cell) से शुरू होता है और धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। पहले 1 सेल से 2 सेल्स, 2 से, फिर 4, 8, 16... और फिर ब्लास्टोसिस्ट बनता है जिसमें सैकड़ों सेल्स होती हैं।

फर्टिलाइज़ेशन से लेकर 8 हफ्ते तक जो स्टेज होती है उसमें इसे एम्ब्रीओ कहते हैं। 8 हफ्ते के बाद इसी embryo को फीटस (foetus) यानी गर्भस्थ शिशु कहते हैं। इस समय तक सारे मुख्य अंग बनना शुरू हो चुके होते हैं।

एम्ब्रीओ कैसे बनता है?

नैचुरल प्रेगनेंसी में ओव्यूलेशन के समय ओवरी से एग निकलता है और फैलोपियन ट्यूब में आ जाता है। अगर इस समय शारीरिक सम्बन्ध बना है, तो स्पर्म फैलोपियन ट्यूब तक पहुँचते हैं। लाखों स्पर्म में से एक स्पर्म एग की बाहरी परत को भेदकर अंदर जाता है, जिसे फर्टिलाइज़ेशन कहते हैं। अब एग फर्टिलाइज़्ड एग बन गया, जिसे ज़ाइगोट कहते हैं। यही embryo बनने की शुरुआत है।

IVF में यह प्रोसेस लैब में होता है। ओवरी से एग्स निकाले जाते हैं, स्पर्म सैंपल लिया जाता है, और लैब में एग और स्पर्म को मिलाया जाता है। अगर स्पर्म क्वालिटी कम है, तो ICSI किया जाता है जिसमें एक स्पर्म को सीधे एग के अंदर इंजेक्ट किया जाता है। इसके बाद फर्टिलाइज़ेशन होने पर एम्ब्रीओ embryo है।

एम्ब्रीओ बनने की स्टेज

IVF में embryo का विकास बहुत ध्यान से मॉनिटर किया जाता है। क्योंकि इस दौरान हर दिन कुछ डेवलपमेंट हो रहा होता है।

  • Day 0 यानी एग रिट्रीवल का दिन: इस दिन ओवरी से मैच्योर एग्स निकाले जाते हैं। इसी दिन स्पर्म सैंपल भी लिया जाता है और फर्टिलाइज़ेशन करवाया जाता है।
  • Day 1 यानी फर्टिलाइज़ेशन चेक करने का दिन: अगले दिन सुबह चेक किया जाता है कि कितने एग्स फर्टिलाइज़ हुए। फर्टिलाइज़्ड एग में दो प्रोन्यूक्लियाई (2PN) दिखते हैं, एक माँ से, एक पिता से। यह नॉर्मल फर्टिलाइज़ेशन का सिग्नल है।
  • Day 2 यानी 2-4 सेल एम्ब्रीओ: इस दिन embryo विभाजित होना शुरू हो जाता है। अब इसमें 2-4 सेल्स होती हैं।
  • Day 3 यानी 6-8 सेल एम्ब्रीओ: यह क्लीवेज स्टेज है। इस दिन एम्ब्रीओ में 6-8 सेल्स होती हैं। कुछ क्लीनिक में Day 3 पर ही एम्ब्रीओ ट्रांसफर कर दिया जाता है।
  • Day 4 यानी मोरुला बनने का दिन: इस दिन सेल्स एक गेंद जैसी बनावट में आ जाती हैं जिसे मोरुला कहते हैं। इसमें 16-32 सेल्स होती हैं।
  • Day ⅚ यानी ब्लास्टोसिस्ट: यह सबसे एडवांस्ड स्टेज है। एम्ब्रीओ में अब तक सैकड़ों सेल्स बन चुकी होती हैं और इसकी बनावट बदल जाती है। इसमें दो हिस्से दिखते हैं। एक हिस्सा जो, इनर सेल मास (ICM) है, यही आगे चलकर बच्चा बनता है, और दूसरा हिस्सा ट्रोफेक्टोडर्म जो प्लेसेंटा बनता है। बीच में एक फ्लूइड से भरी कैविटी होती है। ब्लास्टोसिस्ट स्टेज तक पहुँचने वाले embryo को सबसे स्ट्रॉन्ग माना जाता है क्योंकि कमज़ोर एम्ब्रीओ अक्सर इस स्टेज तक नहीं पहुँच पाते।

IVF में एम्ब्रीओ ग्रेडिंग का क्या मतलब है?

IVF में हर embryo की ग्रेडिंग होती है। इसमें एम्ब्रियोलॉजिस्ट माइक्रोस्कोप से एम्ब्रीओ को देखकर उसकी क्वालिटी का पता लगाते हैं।

  • Day 3 एम्ब्रीओ ग्रेडिंग: इसमें देखा जाता है कि कितनी सेल्स हैं, 6 से 8 सेल्स को आइडियल केस माना जाता है। इसके अलावा देखा जाता है कि सेल्स का साइज़ बराबर है या नहीं और फ्रैगमेंटेशन कितना है। फ्रैगमेंटेशन का मतलब है छोटे-छोटे टुकड़े जो सेल्स के विभाजन यानी डिवाइड होने पर बन जाते हैं। कम फ्रैगमेंटेशन अच्छा माना जाता है।
  • ब्लास्टोसिस्ट ग्रेडिंग: इसमें नंबर और अक्षर दोनों होते हैं जैसे 4AA, 3AB, 5BB। नंबर 1 से 6 बताता है कि ब्लास्टोसिस्ट कितना एक्सपैंड हुआ है। पहला अक्षर (A/B/C) इनर सेल मास की क्वालिटी बताता है। दूसरा अक्षर (A/B/C) ट्रोफेक्टोडर्म की क्वालिटी बताता है। A सबसे अच्छा, B मीडियम, C कम अच्छा।

4AA या 5AA टॉप क्वालिटी एम्ब्रीओ माना जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि 3BB या 3BC से प्रेगनेंसी नहीं होगी। ग्रेडिंग सिर्फ बाहरी दिखावट पर आधारित है, एम्ब्रीओ के जेनेटिक्स पर नहीं। कई बार B ग्रेड एम्ब्रीओ से हेल्दी बच्चे पैदा होते हैं।

Day 3 और Day 5 ट्रांसफर में क्या फर्क है?

Embryo meaning in hindi में यह भी जानना ज़रूरी है कि embryo transfer कब होता है।

  • Day 3 ट्रांसफर: एम्ब्रीओ 6-8 सेल्स का होता है। कम एम्ब्रीओ हों तो Day 3 पर ट्रांसफर कर दिया जाता है ताकि एम्ब्रीओ शरीर के अंदर आगे विकसित हो। पहले यह ज़्यादा कॉमन था।
  • Day 5 ट्रांसफर ब्लास्टोसिस्ट: एम्ब्रीओ ब्लास्टोसिस्ट स्टेज तक पहुँच चुका होता है। जो एम्ब्रीओ Day 5 तक सर्वाइव करता है, वो स्ट्रॉन्ग माना जाता है। इसकी सक्सेस रेट आमतौर पर बेहतर होती है। आजकल ज़्यादातर क्लीनिक Day 5 ट्रांसफर पसंद करते हैं।

कौन सा embryo transfer किया जायेगा इसका फैसला आपके एम्ब्रीओ की संख्या और क्वालिटी पर निर्भर करता है। अगर Day 3 पर सिर्फ 1 या 2 embryo हैं, तो डॉक्टर उसी दिन ट्रांसफर कर सकते हैं। अगर कई अच्छे एम्ब्रीओ हैं, तो Day 5 तक इंतज़ार करके best embryo सिलेक्ट किया जाता है।

एम्ब्रीओ ट्रांसफर के बाद क्या होता है?

एम्ब्रीओ ट्रांसफर के बाद वो यूट्रस में पहुँच जाता है। अब उसे इम्प्लांट होना है यानी यूट्रस की दीवार से चिपकना है।

  • ट्रांसफर के 1-2 दिन बाद: ब्लास्टोसिस्ट अपनी बाहरी परत यानी ज़ोना पेलुसिडा (zona pellucida) से बाहर निकलता है। इसे हैचिंग कहते हैं।
  • ट्रांसफर के 2-4 दिन बाद: एम्ब्रीओ यूट्रस की लाइनिंग यानी एंडोमेट्रियम से जुड़ना शुरू करता है।
  • ट्रांसफर के 5-6 दिन बाद: इस स्टेज पर इम्प्लांटेशन पूरा होता है। एम्ब्रीओ यूट्रस की दीवार में पूरी तरह इम्प्लांट हो जाता है और hCG हॉर्मोन बनना शुरू होता है।
  • ट्रांसफर के 10-14 दिन बाद: ब्लड टेस्ट से प्रेगनेंसी कंफर्म की जाती है।

इन दिनों में आप नॉर्मल एक्टिविटी कर सकती हैं। बेड रेस्ट ज़रूरी नहीं है। हल्की वॉक, घर का काम इत्यादि, बस हैवी एक्सरसाइज़ और बहुत स्ट्रेस से बचें।

एम्ब्रीओ फ्रीज़िंग क्या है और क्यों की जाती है?

IVF में कई बार अच्छे लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा एम्ब्रीओ बन जाते हैं। जो एम्ब्रीओ इस साइकिल में ट्रांसफर नहीं हुए, उन्हें फ्रीज़ किया जा सकता है।

  • विट्रीफिकेशन: यह मॉडर्न फ्रीज़िंग तकनीक है जिसमें एम्ब्रीओ को बहुत तेज़ी से -196°C पर फ्रीज़ किया जाता है। इससे एम्ब्रीओ को नुकसान नहीं होता।
  • फ्रोज़न एम्ब्रीओ ट्रांसफर (FET): भविष्य में जब आप दूसरी प्रेगनेंसी चाहें, तो इन एम्ब्रीओ को थॉ (thaw) करके यानी जरुरी तापमान पर लाकर ट्रांसफर किया जा सकता है। इसमें दोबारा एग रिट्रीवल की ज़रूरत नहीं होती। FET की सक्सेस रेट फ्रेश ट्रांसफर जितनी ही अच्छी होती है।

एक्स्ट्रा अच्छे एम्ब्रीओ हों तो अगली प्रेगनेंसी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर OHSS यानी ओवेरियन हाइपरस्टिम्युलेशन सिंड्रोम (Ovarian Hyperstimulation Syndrome) का रिस्क हो तो फ्रेश ट्रांसफर अवॉइड करने के लिए या फिर PGT करवाना हो तो रिज़ल्ट आने तक एम्ब्रीओ फ्रीज़ रहते हैं।

एक्सपर्ट की सलाह

Embryo meaning in hindi समझना IVF जर्नी का ज़रूरी हिस्सा है क्योंकि जब आप जानती हैं कि लैब में क्या हो रहा है, तो टेंशन कम होती है। याद रखें कि एम्ब्रीओ की संख्या से ज़्यादा ज़रूरी उसकी क्वालिटी है। Embryo grading सब कुछ नहीं बताती, B ग्रेड एम्ब्रीओ से भी हेल्दी प्रेगनेंसी होती है। ग्रेडिंग सिर्फ बाहरी दिखावट है, जेनेटिक्स नहीं।

एम्ब्रीओ ट्रांसफर के बाद धैर्य रखें। इम्प्लांटेशन में 5-6 दिन लगते हैं। इन दिनों में हर लक्षण को ओवरथिंक न करें। और अगर इस साइकिल में सक्सेस न मिले, तो हिम्मत न हारें। फ्रोज़न एम्ब्रीओ हैं तो अगला ट्रांसफर हो सकता है। IVF को एक जर्नी की तरह लें न कि इवेंट की तरह।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Embryo का हिंदी में क्या मतलब है?

 

Embryo को हिंदी में भ्रूण कहते हैं। यह एग और स्पर्म के मिलने से बनता है और फर्टिलाइज़ेशन से लेकर 8 हफ्ते तक की स्टेज को एम्ब्रीओ कहते हैं।

एम्ब्रीओ और फीटस में क्या फर्क है?

 

फर्टिलाइज़ेशन से 8 हफ्ते तक इसे एम्ब्रीओ कहते हैं। 8 हफ्ते के बाद जब सारे अंग बनना शुरू हो जाते हैं, तब इसे फीटस कहते हैं।

IVF में कितने एम्ब्रीओ बनते हैं?

 

यह एग्स की संख्या और क्वालिटी पर निर्भर करता है। आमतौर पर 60 से 70% मैच्योर एग्स फर्टिलाइज़ होते हैं। 10 एग्स में से 6-7 एम्ब्रीओ बन सकते हैं।

Day 5 एम्ब्रीओ ट्रांसफर बेहतर है?

 

आमतौर पर हाँ, क्योंकि Day 5 तक सर्वाइव करने वाला एम्ब्रीओ स्ट्रॉन्ग माना जाता है। लेकिन यह हर केस पर निर्भर करता है।

एम्ब्रीओ ग्रेडिंग A, B, C का क्या मतलब है?

 

A सबसे अच्छी क्वालिटी, B मीडियम, C कम अच्छी। लेकिन B ग्रेड एम्ब्रीओ से भी प्रेगनेंसी होती है।

एम्ब्रीओ कितने समय तक फ्रीज़ रह सकता है?

 

ठीक से फ्रीज़ किया गया एम्ब्रीओ सालों तक सुरक्षित रह सकता है। 10 से ज्यादा साल पुराने फ्रोज़न एम्ब्रीओ से भी हेल्दी बच्चे पैदा हुए हैं।

एम्ब्रीओ ट्रांसफर के बाद बेड रेस्ट ज़रूरी है?

 

नहीं, बेड रेस्ट ज़रूरी नहीं है। नॉर्मल एक्टिविटी कर सकती हैं। बस हैवी एक्सरसाइज़ न करें।

**Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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