IVF प्रेगनेंसी में क्या खाएँ, क्या न खाएँ? (IVF pregnancy diet chart in hindi)

Last updated: May 15, 2026

साराँश (Overview)

IVF ट्रीटमेंट के दौरान और प्रेगनेंसी कन्फर्म होने के बाद डाइट का रोल बहुत बड़ा होता है। सही डाइट एग क्वालिटी अच्छी रखती है, यूट्रस (uterus) की लाइनिंग हेल्दी बनती है, और प्रेगनेंसी को सपोर्ट करती है। IVF pregnancy diet chart in hindi आर्टिकल में आपको IVF की हर स्टेज के अनुसार डाइट पता ;चलेगी, कि किस समय पर क्या खाना चाहिए, कौन से भोजन खाना बहुत जरूरी है, और किन चीज़ों से बचना चाहिए।

IVF से पहले की डाइट

IVF शुरू करने से 2 से 3 महीने पहले से आपको अपनी डाइट में सुधार कर लेना चाहिए। क्योंकि इस दौरान की डाइट का महिला में एग और पुरुष में स्पर्म (sperm) दोनों की क्वालिटी पर सबसे ज़्यादा असर पड़ता है।

प्रोटीन रिच फ़ूड्स

  • दालें जैसे मूँग, मसूर, अरहर और चना दाल रोज़ खाएँ, ये प्लांट-बेस्ड प्रोटीन और फ़ोलेट दोनों देती हैं।
  • पनीर, दही, दूध और अंडे (अगर आप लेती हैं) प्रोटीन के अच्छे सोर्स हैं।
  • अगर आप नॉन-वेज खाती हैं तो चिकन और मछली शामिल करें। ऐसी मछली चुनें जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड हो जैसे रोहू या कतला। बड़ी मछलियाँ जिनमें मरकरी ज़्यादा होती है, उन्हें खाने से बचें।
  • अगर आप शाकाहारी हैं तो सोयाबीन, छोले, राजमा, स्प्राउट्स और बेसन अच्छे ऑप्शन हैं।

आयरन और फ़ोलेट वाले फ़ूड्स

  • पालक, मेथी, बथुआ, सरसों का साग और चौलाई जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ रोज़ खाएँ। इनमें फ़ॉलिक एसिड (folic acid) और आयरन (iron) भरपूर होता है।
  • ब्रोकली और शतावर भी फ़ोलेट के अच्छे सोर्स हैं।
  • चुकंदर ब्लड बढ़ाने और यूट्रस में ब्लड फ़्लो बेहतर करने में मदद करता है।

ड्राई फ़्रूट्स और सीड्स

  • बादाम, अखरोट, किशमिश, खजूर और अंजीर रोज़ खाएँ। अखरोट में ओमेगा-3 होता है जो खासकर स्पर्म हेल्थ के लिए अच्छा है।
  • अलसी के बीज, सूरजमुखी के बीज और कद्दू के बीज ज़िंक और सेलेनियम (selenium) का अच्छा सोर्स हैं।

ओवेरियन स्टिमुलेशन के दौरान क्या खाएँ?

जब IVF की दवाइयाँ शुरू हो जाएँ और ओवरीज़ (ovaries) को स्टिमुलेट किया जा रहा हो, तब डाइट हल्की लेकिन हेल्दी होनी चाहिए।

  • प्रोटीन थोड़ा ज़्यादा लें, लगभग 1 से 1.5 ग्राम प्रति किलो बॉडी वेट, क्योंकि इससे शरीर को सपोर्ट मिलता है और OHSS यानी ओवेरियन हाइपरस्टिमुलेशन सिंड्रोम (Ovarian Hyper Stimulation Syndrome) का रिस्क कम करने में मदद मिलती है।
  • प्रोटीन के अच्छे स्रोत जैसे अंडे, पनीर, दही, दालें, चिकन और मछली को अपने रोज़ के खाने में शामिल करें।
  • हैवी, ऑयली और पैकेट बंद खाने से बचें, क्योंकि इस दौरान पेट फूलना और गैस की समस्या आम होती है।
  • हल्का और आसानी से पचने वाला खाना चुनें, जैसे लौकी, तोरई, परवल और मूँग दाल, ताकि पाचन ठीक बना रहे।
  • एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल जैसे अनार, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और संतरा खाएँ, क्योंकि ये एग क्वालिटी को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं।

एम्ब्रीओ ट्रांसफर के बाद की डाइट

एम्ब्रीओ (embryo) ट्रांसफर के बाद के 14 दिन सबसे ज़रूरी होते हैं। इस दौरान बॉडी को ऐसा खाना चाहिए जो इम्प्लांटेशन में मदद करे।

क्या खाएँ

  • प्रोटीन वाली चीज़ें जारी रखें: दालों का सूप, बेसन का चीला, पनीर, दही, उबले अंडे (पूरी तरह पके हुए)। अगर नॉन-वेज खाती हैं तो चिकन सूप और अच्छी तरह पकी मछली लें।
  • हरी सब्ज़ियाँ हर दिन: पालक, मेथी, लौकी, तोरई। अनानास का कोर (बीच का हिस्सा) कुछ दिन खा सकती हैं, इसमें ब्रोमेलिन (bromelain) होता है जो इम्प्लांटेशन में मदद कर सकता है।
  • फल: अनार, सेब, संतरा, केला, अमरूद।
  • ड्राई फ़्रूट्स: बादाम, अखरोट, खजूर, अंजीर।

क्या न खाएँ

  • कच्चा पपीता बिल्कुल न खाएँ, इसमें पपेन (papain) होता है जो यूट्रस में कॉन्ट्रैक्शन पैदा कर सकता है।
  • कच्चा या अधपका माँस, कच्चे अंडे, कच्ची मछली (सुशी) और अनपाश्चराइज़्ड दूध की चीज़ें अवॉइड करें।
  • बहुत मसालेदार, तला-भुना, और बाहर का जंक फ़ूड पेट में गैस बढ़ा सकता है।
  • कैफ़ीन दिन में एक कप से ज़्यादा न लें।

प्रेगनेंसी कन्फर्म होने के बाद की डाइट

प्रेगनेंसी टेस्ट पॉज़िटिव आने के बाद डाइट और ज़्यादा ज़रूरी हो जाती है। IVF प्रेगनेंसी में पहले तीन महीने यानी फ़र्स्ट ट्राइमेस्टर (First Trimester) के समय सबसे ज्यादा ध्यान रखने की जरुरत होती है।

  • प्रेगनेंसी कन्फर्म होने के बाद फ़ॉलिक एसिड (folic acid) वाले फ़ूड्स पर ध्यान दें, क्योंकि यह बच्चे के ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड की सही ग्रोथ के लिए ज़रूरी होता है।
  • पालक, मेथी, ब्रोकली, दालें और संतरा जैसे फ़ूड्स को डाइट में शामिल करें, क्योंकि ये फ़ोलेट के अच्छे स्रोत होते हैं।
  • कैल्शियम (calcium) के लिए दूध, दही, पनीर और रागी लें, ताकि हड्डियों और बच्चे के विकास को सही सपोर्ट मिल सके।
  • आयरन के लिए चुकंदर, अनार, खजूर और हरी सब्ज़ियाँ खाएँ, क्योंकि यह हीमोग्लोबिन बनाए रखने में मदद करता है।
  • विटामिन C वाले फल जैसे संतरा, आँवला और अमरूद लें, क्योंकि ये आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाते हैं।
  • अगर मॉर्निंग सिकनेस हो रही है, तो एक साथ ज़्यादा खाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके बार-बार खाएँ, ताकि उल्टी और मतली कम हो।
  • अदरक वाली चाय सीमित मात्रा में ले सकती हैं, और नमकीन बिस्कुट या हल्के फ़ूड्स जैसे खिचड़ी, दलिया और इडली खाने से आराम मिल सकता है।

किन चीज़ों से पूरी तरह बचें?

IVF ट्रीटमेंट से लेकर प्रेगनेंसी तक कुछ चीज़ें पूरी तरह बंद रखनी चाहिए।

  • स्मोकिंग और तम्बाकू किसी भी रूप में न लें, क्योंकि यह एग, स्पर्म और एम्ब्रीओ तीनों की क्वालिटी पर सीधा बुरा असर डालता है।
  • शराब पूरी तरह बंद रखें, क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान इसकी कोई सुरक्षित मात्रा नहीं मानी जाती।
  • कैफ़ीन की मात्रा सीमित रखें और दिन में 200 मिलीग्राम से ज़्यादा न लें, क्योंकि चाय, कॉफ़ी, कोल्ड ड्रिंक्स और डार्क चॉकलेट में भी कैफ़ीन होता है जो इम्प्लांटेशन को प्रभावित कर सकता है।
  • प्रोसेस्ड और पैकेट बंद फ़ूड जैसे चिप्स, नूडल्स और रेडी-टू-ईट मील्स से बचें, क्योंकि इनमें प्रिज़र्वेटिव्स और सोडियम ज़्यादा होता है।
  • आर्टिफ़िशियल स्वीटनर से परहेज़ करें, क्योंकि ये IVF सक्सेस रेट और प्रेगनेंसी दोनों पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।
  • कच्चा या अधपका खाना न खाएँ, क्योंकि इससे इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ता है जो प्रेगनेंसी को प्रभावित कर सकता है।

पानी और हाइड्रेशन क्यों ज़रूरी है?

IVF के दौरान और प्रेगनेंसी में हाइड्रेशन बहुत ज़रूरी है। पानी ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रखता है, यूट्रस की लाइनिंग को हेल्दी बनाता है, और बॉडी से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करता है।

दिन में 8 से 10 गिलास पानी पिएँ। नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी (बिना ज़्यादा चीनी) और ताज़े फलों का जूस भी अच्छे ऑप्शन हैं। ओवेरियन स्टिमुलेशन के दौरान तो पानी और भी ज़्यादा पीना चाहिए क्योंकि यह OHSS का रिस्क कम करने में मदद करता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

IVF pregnancy diet chart in hindi को फ़ॉलो करने से IVF की सक्सेस और प्रेगनेंसी दोनों को सपोर्ट मिलता है। हर स्टेज पर डाइट अलग होती है, IVF से पहले एग और स्पर्म क्वालिटी पर फ़ोकस करें, ट्रांसफर के बाद इम्प्लांटेशन सपोर्ट वाली चीज़ें खाएँ, और प्रेगनेंसी में बच्चे की ग्रोथ के लिए अपनी डाइट में फ़ोलेट, कैल्शियम और आयरन बढ़ाएँ। ऐसी चीज़ें जिनसे आपको और आपके पेट में पल रही संतान को कोई नुक्सान हो सकता हो उन्हें बिलकुल बंद करें और अपने डॉक्टर से डाइट प्लान पर ज़रूर बात करें।

IVF pregnancy diet chart वाले प्रश्न (FAQs)

IVF के दौरान सबसे ज़रूरी न्यूट्रिएंट कौन सा है?

शाकाहारी हैं तो प्रोटीन कैसे पूरा करें?

IVF के बाद कौन से फल खा सकते हैं और कौन से नहीं?

IVF में चाय-कॉफ़ी कितनी पी सकते हैं?

क्या IVF प्रेगनेंसी में नॉर्मल प्रेगनेंसी से अलग डाइट चाहिए?

IVF में कितना पानी पीना चाहिए?

Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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