ज़्यादातर महिलाओं के लिए मेंस्ट्रुएशन (menstruation) जिसे आम बोलचाल की भाषा में पीरियड्स भी कहते हैं, का मतलब सिर्फ़ महीने के वो 4-5 दिन हैं, जिनमें दर्द और ब्लीडिंग झेलनी पड़ती है। menstruation meaning in hindi को समझने का महत्व इतना है कि जब आप माँ बनने की प्लानिंग करना शुरू करती हैं, तो मेंस्ट्रुएशन यानी पीरियड्स का नियमित और हेल्दी होना सबसे जरुरी बन जाता है। मेडिकल साइंस में पीरियड्स को 'पांचवां वाइटल साइन' (Fifth Vital Sign) माना जाता है, जिसका मतलब है कि आपकी साइकिल आपके शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य और फर्टिलिटी के बारे में बहुत कुछ कहती है।
अक्सर मन में सवाल आता है कि आखिर fertility ke liye healthy menstruation क्यों जरुरी है? हकीकत यह है कि menstruation सिर्फ़ ब्लीडिंग नहीं हैं, बल्कि यह आपके शरीर में हॉर्मोन्स, ओवरीज़ और बच्चेदानी (यूट्रस) के बीच चलने वाले एक बहुत ही बारीक तालमेल यानी बैलेंस का नतीजा हैं। अगर यह बैलेंस सही है, तो गर्भधारण की राह आसान हो जाती है, मतलब माँ बनना आसान हो जाता है। इस आर्टिकल के माध्यम से समझते हैं कि एक स्वस्थ मेंस्ट्रुअल साइकिल और फर्टिलिटी के बीच क्या सीधा संबंध है।
menstruation होने का मतलब यह नहीं है कि सिर्फ़ ब्लीडिंग हो रही है; इसका असली मतलब यह है कि आपका शरीर माँ बनने की तैयारी कर रहा है। हर महीने, आपका शरीर यह मानकर चलता है कि इस बार प्रेगनेंसी हो सकती है और इसके लिए दिमाग और ओवरीज़ मिलकर काम करते हैं।
अगर आपके पीरियड्स समय पर आ रहे हैं यानी आपकी मेंस्ट्रुएशन साइकिल रेगुलर है, तो यह इस बात का सबूत है कि आपके हॉर्मोन्स जैसे FSH (फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हार्मोन), LH (ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन), एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन सही अनुपात में रिलीज़ हो रहे हैं। ये हॉर्मोन्स न केवल ब्लीडिंग को कंट्रोल करते हैं, बल्कि ओवरीज़ में अंडे यानी एग्स (Eggs) बनाने और उन्हें सही समय पर रिलीज़ करने के लिए भी ज़िम्मेदार होते हैं। एक हेल्दी फर्टिलिटी के लिए इन सभी कड़ियों का जुड़ा होना ज़रूरी है।
माँ बनने के लिए सबसे ज़रूरी प्रक्रिया है 'ओव्यूलेशन', यानी ओवरी से एक मैच्योर एग का बाहर निकलना। रेगुलर पीरियड्स अक्सर इस बात का सिग्नल होते हैं कि शरीर में ओव्यूलेशन हो रहा है।
साइकिल के पहले हिस्से में, एस्ट्रोजन हॉर्मोन अंडे को बढ़ाता है और बच्चेदानी की परत बनाता है। साइकिल के बीच में ज्यादातर 14वें दिन एग रिलीज़ होता है। अगर एग रिलीज़ नहीं होगा, तो प्रेगनेंसी नहीं होगी। जिन महिलाओं को पीरियड्स समय पर नहीं आते, उनमें ओव्यूलेशन अनियमित हो सकता है, जिससे फर्टाइल विंडो (fertile window) यानी गर्भधारण के सबसे सटीक दिन को ट्रैक कर पाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए, फर्टिलिटी के लिए menstrual cycle का रेगुलर होना पहली जरुरत होती है।
बच्चेदानी यानी गर्भाशय की अंदरूनी परत, जिसे एंडोमेट्रियम कहते हैं, हर महीने भ्रूण मतलब एम्ब्रीओ (Embryo) के लिए खुद को तैयार करती है। इसके लिए उसे मोटा और हेल्दी जरुरत होती है जिसके लिए उसे पोषण की आवश्यकता होती है। यह तैयारी इसलिए होती है ताकि एग अगर फर्टिलाइज़ हो जाए, तो एम्ब्रीओ को वहां चिपकने यानी इम्प्लांटेशन के लिए एक मखमली और मज़बूत जगह मिले।
अगर आपके पीरियड्स बहुत हल्के हैं या बहुत हैवी ब्लीडिंग होती है, तो इसका मतलब है कि एंडोमेट्रियम की मोटाई में कुछ गड़बड़ है। एक स्वस्थ menstrual cycle यह सुनिश्चित करती है कि पुरानी परत पूरी तरह साफ़ हो गई है और नई परत एम्ब्रीओ के इम्प्लांटेशन के लिए सही तरीके से तैयार हो रही है। यदि यह परत सही नहीं बनेगी, तो सब कुछ सही होने के बाद भी प्रेगनेंसी नहीं टिक पाएगी।
आजकल अनियमित पीरियड्स के दो सबसे बड़े कारण हैं PCOS, PCOD और थायरॉइड की समस्या। PCOS में ओवरीज़ में कई छोटे सिस्ट बन जाते हैं, जो अंडे को रिलीज़ नहीं होने देते। इसकी वजह से पीरियड्स 45 से 60 दिन की देरी से आते हैं। ऐसे में जब एग रिलीज़ ही नहीं होगा, तो कंसीव करना नामुमकिन हो जाता है।
इसी तरह, थायरॉइड हॉर्मोन का लेवल ऊपर नीचे होने से ओवरीज़ का फंक्शन सुस्त पड़ जाता है। कई बार थायरॉइड की वजह से पीरियड्स तो आते हैं, लेकिन ओव्यूलेशन नहीं होता। अगर आप प्रेगनेंसी प्लान कर रही हैं, तो इन दोनों समस्याओं का इलाज कर पीरियड्स को रेगुलर करना सबसे पहला कदम होना चाहिए।
अपनी फर्टिलिटी को समझने के लिए सिर्फ़ पीरियड्स की तारीख याद रखना काफी नहीं है। आपको यह देखना चाहिए कि आपका शरीर क्या संकेत दे रहा है।
menstruation meaning in hindi में समझने का मतलब पीरियड्स को सिर्फ़ एक मंथली रूटीन समझ लेना नहीं हैं, बल्कि यह आपकी फर्टिलिटी और माँ बनने की संभावना का निचोड़ है। एक हेल्दी मेंस्ट्रुएशन साइकिल का मतलब है कि आपका शरीर माँ बनने की तैयारी के लिए हर महीने अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहा है। अगर आपकी साइकिल 21 से 35 दिन के बीच है और ओव्यूलेशन समय पर हो रहा है, तो आपकी फर्टिलिटी की संभावना काफी मज़बूत है।
अगर आपको पीरियड्स में कोई भी असामान्य बदलाव दिखे जैसे बहुत देरी से आना, बहुत कम ब्लीडिंग होना या अचानक से साइकिल का बिगड़ना तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। समय पर ली गई सलाह और अपनी साइकिल को समझना ही माँ बनने के आपके सपने को हकीकत में बदल सकता है।
हमेशा नहीं। कुछ महिलाओं को पीरियड्स तो आते हैं, लेकिन एग रिलीज़ नहीं होता। अगर आप 1 साल से कोशिश कर रही हैं और प्रेगनेंसी नहीं हो रही, तो डॉक्टर से मिलकर ओव्यूलेशन चेक करवाना चाहिए।
मुमकिन है, लेकिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अनियमित पीरियड्स में यह पता लगाना मुश्किल होता है कि ओव्यूलेशन कब होगा। लाइफस्टाइल और दवाओं की मदद से इसे ठीक कर कंसीव किया जा सकता है।
सामान्य दर्द कोई समस्या नहीं है, लेकिन अगर दर्द इतना ज़्यादा है कि आपको पेनकिलर्स लेनी पड़ती हैं या आपका डेली रूटीन रुक जाता है, तो यह एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्या हो सकती है जो फर्टिलिटी को कम करती है।
अगर फ्लो अचानक बहुत कम हो गया है, तो यह पतली एंडोमेट्रियम परत का सिग्नल हो सकता है। एम्ब्रीओ को चिपकने के लिए एक स्वस्थ परत की ज़रूरत होती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह लें।
हाँ, अगर आपका ओव्यूलेशन सही समय पर हो रहा है, तो 2 दिन की ब्लीडिंग में भी गर्भधारण हो सकता है। लेकिन, अगर आपका फ्लो पहले सामान्य था और अब अचानक घटकर सिर्फ़ 2 दिन रह गया है, तो यह एंडोमेट्रियम के पतले होने या हॉर्मोन की कमी का संकेत हो सकता है। ऐसे में एक बार डॉक्टर से एंडोमेट्रियल थिकनेस चेक करवाना ज़रूरी है।
पीरियड की शुरुआत या आख़िरी दिनों में ब्राउन डिस्चार्ज होना अक्सर 'पुराना खून' होता है जो गर्भाशय से बाहर आने में समय लेता है। मेडिकल तौर पर यह तब होता है जब प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन का स्तर गिरने लगता है। अगर यह सिर्फ़ एक-दो दिन दाग की तरह है, तो चिंता की बात नहीं है, लेकिन अगर यह कई दिनों तक लगातार बना रहता है, तो यह हॉर्मोनल असंतुलन का इशारा हो सकता है जिसे ठीक करना ज़रूरी है।
हाँ, अगर आपकी साइकिल पहले 30 दिन की थी और अब वह घटकर 24-25 दिन की रह गई है, तो यह 'ओवेरियन रिजर्व' यानी एग्स की संख्या कम होने का शुरुआती लक्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में AMH टेस्ट के ज़रिए अपनी फर्टिलिटी की सही स्थिति जानना बेहतर रहता है।