प्रेगनेंसी कंफर्म होते ही खुशी के साथ एक डर भी आ जाता है कि कहीं कुछ गलत न हो जाए। खासकर अगर पहले मिसकैरेज हो चुका है, तो यह डर और भी गहरा होता है। ऐसे में हर ब्लीडिंग पर घबराहट और हर क्रैम्प पर टेंशन होने लगती है।
सबसे पहला सवाल जो मन में आता है कि मैं क्या करूं कि मिसकैरेज न हो? जैसे क्या खाऊं, क्या न खाऊं, कैसे सोऊं, कितना वजन उठा सकती हूँ, कितना चल सकती हूँ जैसी हर चीज़ में कंफ्यूज़न होने लगता है।
Miscarriage meaning in hindi में समझें तो गर्भपात प्रेगनेंसी के पहले 20 हफ्तों में भ्रूण का विकास रुकना है। लेकिन असली सवाल यह है कि इससे बचने के लिए आप क्या कर सकती हैं और क्या आपके कंट्रोल में नहीं है। क्योंकि जब तक यह फर्क साफ नहीं होगा, आप या तो ज़रूरत से ज़्यादा टेंशन लेंगी या फिर ज़रूरी चीज़ें मिस कर देंगी।
इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि मिसकैरेज से बचने के लिए असल में क्या करना चाहिए। प्रेगनेंसी से पहले, प्रेगनेंसी के दौरान कौन सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए, और अगर पहले मिसकैरेज हो चुका है तो क्या स्टेप्स लेने चाहिए।
मिसकैरेज से बचने के लिए पहले यह समझना ज़रूरी है कि यह होता क्यों है। कारण जानेंगे तो पता चलेगा कि कहाँ एक्शन लेना है।
मिसकैरेज से बचाव प्रेगनेंसी से पहले शुरू होता है। यह सबसे ज़रूरी स्टेप है जो ज़्यादातर महिलाएं छोड़ देती हैं।
प्रेगनेंसी कंफर्म होने के बाद कुछ ज़रूरी बातें हैं जो ध्यान में रखनी चाहिए।
Miscarriage meaning in hindi में यह भी जानना ज़रूरी है कि किन चीज़ों से मिसकैरेज नहीं होता ताकि आप बेवजह टेंशन न लें।
अगर 2 या ज़्यादा बार मिसकैरेज हुआ है, तो इसे recurrent miscarriage कहते हैं। इसमें कारण पता करना ज़रूरी है क्योंकि कारण पता चलने पर टारगेटेड ट्रीटमेंट होता है और अगली प्रेगनेंसी के चांस बहुत बेहतर हो जाते हैं।
मिसकैरेज से बचने के लिए जो आपके कंट्रोल में है, वो करें और जो कंट्रोल में नहीं है, उसके लिए खुद को दोष न दें। Miscarriage meaning in hindi पढ़ कर, प्रेगनेंसी प्लान करने से पहले प्री-कॉन्सेप्शन चेकअप करवाएं। थायरॉइड, ब्लड शुगर, और विटामिन लेवल चेक करें। फोलिक एसिड 1-3 महीने पहले से शुरू करें। प्रेगनेंसी में समय पर डॉक्टर विज़िट करें, दवाइयां न मिस करें, और हेल्दी लाइफस्टाइल रखें। अगर पहले Miscarriage हो चुका है, तो अगली बार जल्दी डॉक्टर से मिलें और प्रोजेस्टेरोन सपोर्ट लें।
अगर बार-बार मिसकैरेज हो रहा है, तो फर्टिलिटी एक्सपर्ट से मिलें। जांच से कारण पता चलता है और IVF with PGT जैसे एडवांस्ड ऑप्शन उपलब्ध हैं। और सबसे ज़रूरी 50-60% miscarriage क्रोमोसोमल एब्नॉर्मलिटी से होते हैं जो रैंडम होती है, इसमें आपकी कोई गलती नहीं होती।
Miscarriage को हिंदी में गर्भपात कहते हैं। यह तब होता है जब प्रेगनेंसी के पहले 20 हफ्तों में भ्रूण का विकास रुक जाता है।
फोलिक एसिड, आयरन, प्रोटीन, और विटामिन से भरपूर डाइट लें। हरी सब्ज़ियां, दालें, अंडे, दूध, और फल खाएं। कच्चा मांस और अनपाश्चराइज़्ड दूध अवॉइड करें।
थायरॉइड, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, और यूरिन टेस्ट ज़रूरी हैं। 6-8 हफ्ते में अल्ट्रासाउंड से हार्टबीट कंफर्म करें।
नहीं, हल्की एक्सरसाइज़ सेफ है। वॉकिंग, स्विमिंग, और प्रेगनेंसी योगा फायदेमंद हैं। बस हैवी वेट लिफ्टिंग अवॉइड करें।
ज़रूरी नहीं। 85% महिलाएं जिन्हें एक मिसकैरेज हुआ है, अगली बार हेल्दी प्रेगनेंसी कैरी करती हैं।
2 या ज़्यादा मिसकैरेज के बाद फर्टिलिटी एक्सपर्ट से मिलें। क्रोमोसोमल टेस्ट, यूटेरस की जांच, और ब्लड क्लॉटिंग टेस्ट करवाएं।
इसमें एम्ब्रीओ की जेनेटिक टेस्टिंग होती है। सिर्फ नॉर्मल क्रोमोसोम वाले एम्ब्रीओ ट्रांसफर होते हैं, जिससे मिसकैरेज रिस्क कम हो जाता है।