माँ बनने का सफर एक महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत अनुभव होता है, लेकिन इस सफर की शुरुआत शरीर के अंदर होने वाली एक बहुत ही बारीक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया से होती है। जब कोई कपल प्रेगनेंसी (Pregnancy) प्लान करता है, तो अक्सर तारीखों और समय को लेकर उलझन रहती है। अक्सर महिलाएं इंटरनेट पर सर्च करती हैं कि आखिर ovulation kya hota hai? क्या यह सिर्फ पीरियड्स (Periods) से जुड़ी कोई बात है या इसका संबंध सीधे गर्भधारण (Conception) से है? असल में, ओव्यूलेशन वह समय है जब आपके माँ बनने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। यदि आप अपने इन खास दिनों को पहचान लें, तो कंसीव (Conceive) करना काफी आसान हो जाता है।
ओव्यूलेशन महिला के मासिक धर्म चक्र यानी मेंस्ट्रुअल साइकिल (Menstrual Cycle) का वह हिस्सा है जब अंडाशय (Ovary) से एक मैच्योर (Mature) अंडा यानी एग (Egg) बाहर निकलता है। जब कोई महिला पूछती है कि ovulation kya hota hai, तो इसे प्रेगनेंसी का पहला स्टेप माना जा सकता है।
हर महीने, महिला के शरीर में हार्मोन्स के बदलाव की वजह से ओवरी के अंदर कुछ एग्स विकसित होना शुरू होते हैं। इनमें से जो एग सबसे ज्यादा हेल्दी और मैच्योर होता है, वह ओवरी से बाहर निकलकर फैलोपियन ट्यूब (Fallopian Tube) में आ जाता है। यहाँ यह एग लगभग 12 से 24 घंटे तक जीवित रहता है और स्पर्म (Sperm) का इंतजार करता है। यदि इस दौरान एग और स्पर्म मिल जाते हैं, तो फर्टिलाइजेशन (Fertilization) हो जाता है और प्रेगनेंसी की शुरुआत होती है।
ओव्यूलेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से आपके दिमाग और ओवरी के बीच होने वाले हार्मोनल संवाद (Communication) पर टिकी है। इसे समझने के लिए हमें मुख्य रूप से दो हार्मोन्स पर ध्यान देना होगा।
एक सामान्य 28 दिनों की साइकिल में, ओव्यूलेशन आमतौर पर 14वें दिन के आसपास होता है। लेकिन हर महिला की साइकिल अलग होती है, इसलिए ओव्यूलेशन का समय भी बदल सकता है।
आपका शरीर ओव्यूलेशन के समय कई संकेत देता है। अगर आप इन पर ध्यान दें, तो आप बिना किसी टेस्ट के जान सकती हैं कि ovulation kya hota hai और यह कब हो रहा है।
प्रेग्नेंसी के लिए केवल ओव्यूलेशन का दिन ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के दिन भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इसे 'फर्टाइल विंडो' कहा जाता है। चूंकि स्पर्म महिला के शरीर में 5 दिनों तक जीवित रह सकता है और एग केवल 12-24 घंटे, इसलिए ओव्यूलेशन से 2-3 दिन पहले संबंध बनाना सबसे ज्यादा असरदार होता है।
यदि आप जानती हैं कि ovulation kya hota hai, तो आप अपनी फर्टाइल विंडो को आसानी से कैलकुलेट (Calculate) कर सकती हैं। आमतौर पर ओव्यूलेशन का दिन और उससे पहले के 5 दिन आपके सबसे फर्टाइल दिन होते हैं।
आजकल ओव्यूलेशन को ट्रैक करने के लिए कई आधुनिक और भरोसेमंद तरीके उपलब्ध हैं।
प्रेग्नेंसी के लिए केवल ओव्यूलेशन का दिन ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के दिन भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इसे 'फर्टाइल विंडो' कहा जाता है। चूंकि स्पर्म महिला के शरीर में 5 दिनों तक जीवित रह सकता है और एग केवल 12-24 घंटे, इसलिए ओव्यूलेशन से 2-3 दिन पहले संबंध बनाना सबसे ज्यादा असरदार होता है।
यदि आप जानती हैं कि ovulation kya hota hai, तो आप अपनी फर्टाइल विंडो को आसानी से कैलकुलेट (Calculate) कर सकती हैं। आमतौर पर ओव्यूलेशन का दिन और उससे पहले के 5 दिन आपके सबसे फर्टाइल दिन होते हैं।
आजकल ओव्यूलेशन को ट्रैक करने के लिए कई आधुनिक और भरोसेमंद तरीके उपलब्ध हैं।
आपके खान-पान का सीधा संबंध आपके एग्स की हैल्थ से है। ओव्यूलेशन को बेहतर बनाने के लिए अपनी डाइट में ये बदलाव करें।
असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) जैसे आईवीएफ (IVF) में ओव्यूलेशन की प्रक्रिया को डॉक्टर पूरी तरह अपने कंट्रोल में ले लेते हैं।
सिर्फ ओव्यूलेशन होना ही काफी नहीं है, एग्स की क्वालिटी भी अच्छी होनी चाहिए। बढ़ती उम्र के साथ एग्स की संख्या और क्वालिटी दोनों कम होने लगती हैं। यदि ओव्यूलेशन समय पर हो रहा है लेकिन एग्स हेल्दी नहीं हैं, तो एम्ब्रीओ (Embryo) के यूट्रस (Uterus) में चिपकने यानी इम्प्लांटेशन (Implantation) में दिक्कत आ सकती है। इसलिए फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स अक्सर ओव्यूलेशन के साथ-साथ एग्स की हेल्थ सुधारने के लिए सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं।
ओव्यूलेशन महिला के शरीर की वह शक्ति है जो एक नए जीवन को जन्म देने की क्षमता रखती है। "ovulation kya hota hai" को समझना आपके फर्टिलिटी के सफर को आसान बना देता है। अपने शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को पहचानना, सही डाइट लेना और तनावमुक्त रहना आपके ओव्यूलेशन को बेहतर बना सकता है। यदि किसी कारणवश नेचुरल ओव्यूलेशन में दिक्कत आ रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि मॉडर्न मेडिकल साइंस और आईवीएफ (IVF) जैसी तकनीकों ने अब नामुमकिन को भी मुमकिन बना दिया है। सही समय पर सही सलाह और आधुनिक इलाज के जरिए आप भी माँ बनने के अपने सपने को सच कर सकती हैं।
नियमित साइकिल वाली महिलाओं में आमतौर पर हर महीने ओव्यूलेशन होता है, लेकिन पीसीओएस (PCOS) जैसी स्थितियों में एग्स रिलीज न होने की समस्या हो सकती है।
संभावना कम है लेकिन असंभव नहीं, खासकर उन महिलाओं में जिनकी साइकिल बहुत छोटी (Short Cycle) होती है, क्योंकि स्पर्म शरीर में 5 दिनों तक जीवित रह सकता है।
ओव्यूलेशन के लगभग 12 से 14 दिन बाद या पीरियड्स मिस होने के अगले दिन टेस्ट करना सबसे सटीक परिणाम देता है।
यह बहुत दुर्लभ (Rare) है, लेकिन कभी-कभी 24 घंटे के भीतर दो एग्स रिलीज हो सकते हैं, जिसकी वजह से जुड़वां बच्चे (Fraternal Twins) होते हैं।
यदि आपकी साइकिल 28 दिनों की है, तो पीरियड्स शुरू होने के 10वें या 11वें दिन से टेस्ट शुरू करना सबसे अच्छा होता है।
आईवीएफ में डॉक्टर अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट के जरिए एग्स की ग्रोथ की बारीकी से निगरानी करते हैं ताकि उन्हें ओव्यूलेशन से ठीक पहले कलेक्ट (Collect) किया जा सके।