प्रेगनेंसी में पेट में दर्द क्यों होता है? जानिये इसके लक्षण और रोकने के तरीके।

Last updated: December 26, 2025

Overview

प्रेगनेंसी में पेट दर्द (Pregnancy me pet dard) होना आम बात है और ज्यादातर महिलाएं इसे गर्भावस्था के दौरान कभी ना कभी जरुर महसूस करती हैं। हालांकि, कभी-कभी यह दर्द तेज हो सकता है, लंबे समय तक रह सकता है जो किसी इन्फेक्शन या अन्य समस्या का इशारा हो सकता है। इसलिए pregnancy me pet dard kyu hota hai जानना बेहद जरूरी है। प्रेगनेंसी में पेट दर्द के संभावित कारण अलग अलग हो सकते हैं। लेकिन इन्हें कैसे पहचाना जाये और किन परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया जाये, यह जानना बहुत जरुरी है।

प्रेगनेंसी में जानें निचले हिस्से में दर्द क्यों होता है (pregnancy me pet dard kyu hota hai)

गर्भावस्था में पेट के निचले हिस्से में हल्का दर्द या खिंचाव होना सामान्य है। Pregnancy me pet dard kyu hota hai का जवाब है कि यह शरीर में हो रहे प्राकृतिक बदलावों की वजह से होता है और इसके कई कारण भी हो सकते हैं, जैसे -

  • गर्भाशय यानी यूट्रस का बढ़ना (Uterus Expansion) गर्भ के बढ़ने के साथ यूट्रस भी फैलता है, जिससे निचले पेट में हल्का खिंचाव या दबाव महसूस होना सामान्य है।
  • लिगामेंट्स का खिंचाव (Round Ligament Stretch) यूट्रस को सहारा देने वाले राउंड लिगामेंट्स खिंचते हैं। इससे अचानक हल्का दर्द या चुभन महसूस हो सकती है। ऐसा खासकर दूसरी तिमाही में होता है।
  • हार्मोनल बदलाव (Hormonal Changes) प्रेगनेंसी में हार्मोनल बदलाव पाचन प्रक्रिया यानी डाइजेशन को धीमा कर सकते हैं, जिससे गैस, पेट फूलना और कब्ज जैसी समस्याएँ पेट दर्द का कारण बन सकती हैं।
  • बढ़ते वजन का दबाव (Pressure of Increasing Weight) जैसे-जैसे शिशु बढ़ता है, उसका वजन पेट और पेल्विक हिस्से पर दबाव डालता है, जिससे चलने या लंबे समय तक खड़े रहने पर दर्द बढ़ सकता है।
  • गलत खानपान (Effect of Improper Diet) भारी, तला या मसालेदार भोजन गैस और पेट की समस्या बढ़ा सकता है, जिससे निचले पेट में दर्द हो सकता है।
  • सामान्य शुरुआती लक्षण (Common Early Symptoms) गर्भावस्था की शुरुआत में हल्का खिंचाव, भारीपन या पेल्विक दबाव महसूस होना सामान्य है। यह शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो गर्भ और शिशु को सुरक्षित रखने के लिए होती है।

गर्भावस्था में पेट के निचले हिस्से में दर्द कब महसूस होता है?

गर्भावस्था के दौरान निचले पेट में दर्द किसी भी समय शुरू हो सकता है। Pregnancy me pet dard kyu hota hai या यह दर्द कब महसूस होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि शरीर में कौन-से बदलाव हो रहे हैं। कुछ महिलाओं को शुरुआत में ही यह महसूस होता है, जबकि कुछ में यह बाद के महीनों में दिखता है।

पहली तिमाही में दर्द के कारण (First Trimester Pain Reasons)

शुरुआती महीनों में बच्चेदानी यानी यूट्रस बढ़ने लगता है, जिससे हल्का खिंचाव या दर्द होना आम बात है। हार्मोनल बदलाव भी तेज होते हैं, जिससे पेल्विक हिस्से में हल्का दर्द या ऐंठन महसूस हो सकती है।

दूसरी तिमाही में दर्द के कारण (Second Trimester Pain Reasons)

इस समय राउंड लिगामेंट्स खिंचने लगते हैं, जिसकी वजह से अचानक चुभन जैसा दर्द महसूस हो सकता है। इसके अलावा गैस, कब्ज और पेट का खिंचाव भी इस तिमाही में निचले पेट के दर्द की आम वजहें हैं।

तीसरी तिमाही में दर्द के कारण (Third Trimester Pain Reasons)

थर्ड ट्राइमेस्टर में बच्चे का वजन और आकार बढ़ जाता है, जिससे पेल्विक एरिया पर दबाव बढ़ता है। Pregnancy me pet dard kyu hota hai इसका एक जवाब है कि इस दौरान ब्रेक्सटन हिक्स कॉन्ट्रैक्शन भी हो सकते हैं, जो हल्के और अनियमित दर्द पैदा करते हैं। इस तरह के दर्द का मतलब है कि शरीर की डिलीवरी की तैयारी कर रहा है।

प्रेगनेंसी में पेट के निचले हिस्से में दर्द कब सामान्य होता है?

  • लंबे समय तक चलने या खड़े रहने पर पेट के निचले हिस्से में हल्का खिंचाव और दर्द महसूस हो सकता है, जो आराम करने से धीरे-धीरे कम हो जाता है।
  • हार्मोनल बदलाव की वजह से पाचन धीमा हो जाता है, जिससे गैस, कब्ज और पेट में हल्का दर्द होना आम और सामान्य माना जाता है।
  • अगर दर्द थोड़ी देर के लिए हो और बिना किसी दूसरी परेशानी के अपने आप ठीक हो जाए, तो यह शरीर में हो रहे प्राकृतिक बदलाव का संकेत होता है।
  • गर्भ बढ़ने के साथ यूट्रस का आकार फैलता है, जिससे आसपास की मांसपेशियों में खिंचाव होता है और हल्की ऐंठन या दर्द महसूस हो सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?

गर्भावस्था में हल्का पेट दर्द आम है और यह अक्सर शरीर में हो रहे सामान्य बदलावों का हिस्सा होता है। लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह दर्द गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।

तेज या लगातार दर्द

अगर दर्द बहुत तेज हो या लंबे समय तक बना रहे, तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।

ब्लीडिंग

पेट दर्द के साथ ब्लीडिंग होना सामान्य नहीं है। प्रेगनेंसी के किसी भी चरण में ब्लीडिंग दिखे तो इसे नजरअंदाज न करें।

बुखार, ठंड या असामान्य थकान

दर्द के साथ बुखार, ठंड लगना या लगातार थकान महसूस होना संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।

बार-बार पेशाब लगना या पेशाब में जलन

बार-बार पेशाब लगना, पेशाब में जलन या दर्द यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का संकेत हो सकता है। इसे समय पर ठीक करना जरूरी है ताकि समस्या गंभीर न हो।

प्रेगनेंसी में पेट दर्द होने पर क्या करें?

  • लंबे समय तक खड़े रहने या गलत पोजीशन में बैठने से दर्द बढ़ सकता है, इसलिए आराम करें और सोते समय तकियों का सहारा लें।
  • हल्का व्यायाम या स्ट्रेचिंग मांसपेशियों को रिलैक्स करता है और पेट दर्द कम करता है।
  • फाइबर युक्त संतुलित आहार और पर्याप्त पानी लेने से गैस और कब्ज जैसी समस्याएँ कम होती हैं।
  • पहली बार माँ बनने वाली महिलाओं को प्रेगनेंसी के बारे में जानकारी लेना फायदेमंद होता है, जैसे विश्वसनीय किताबें पढ़ें या वीडियो देखें।
  • अगर दर्द हल्का है और आराम करने पर कम हो जाता है तो चिंता की आवश्यकता नहीं है।
  • दर्द तेज हो, लगातार बना रहे या इसके साथ ब्लीडिंग, बुखार या पेशाब में जलन जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

पार्टनर प्रेगनेंट महिला का ध्यान कैसे रखें?

प्रेगनेंसी में पार्टनर का सहयोग बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे महिला को शारीरिक और मानसिक सहारा मिलता है। पार्टनर का सपोर्ट मिलने से असुविधाएँ कम होती हैं और तनाव भी घटता है। ऐसे में पार्टनर को जानना चाहिए कि Pregnancy me pet dard kyu hota hai जिससे वह समझदारी और धैर्य रखें, घरेलू कामों में मदद करे और महिला को आराम करने तथा डॉक्टर से समय-समय पर सलाह लेने के लिए प्रोत्साहित करे। ऐसा करने से प्रेगनेंसी का अनुभव सुरक्षित, आरामदायक और सकारात्मक बनता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

गर्भावस्था के दौरान पेट के निचले हिस्से में हल्का दर्द होना आम बात है। क्योंकि यह शरीर में हो रहे बदलावों की वजह से होता है। फिर भी, हर महिला को यह समझना जरूरी है कि कौन सा दर्द सामान्य है और किस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके साथ ही पेट दर्द को कम करने के लिए आराम करने के साथ ही, सही पोजीशन में सोना, हल्की स्ट्रेचिंग या प्रेगनेंसी योग करना, संतुलित आहार लेना और पर्याप्त पानी पीना भी आपके लिए मददगार हो सकता है। लेकिन अगर दर्द तेज हो, लगातार बना रहे, या इसके साथ ब्लीडिंग, बुखार, पेशाब में जलन जैसी समस्याएँ हों, तो बिना देरी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। साथ ही, अपनी परेशानी को पार्टनर या परिवार के साथ साझा करना मानसिक राहत देता है। इन सावधानियों और देखभाल के साथ पेट दर्द को नियंत्रित किया जा सकता है और प्रेगनेंसी का अनुभव सुरक्षित, आरामदायक और सकारात्मक बनाया जा सकता है।

प्रेगनेंसी में पेट दर्द से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या प्रेगनेंसी में पेट के निचले हिस्से में दर्द होना सामान्य है?

 

हां, हल्का पेट दर्द आमतौर पर सामान्य होता है। यह बच्चेदानी के बढ़ने, हार्मोनल बदलाव या मांसपेशियों के खिंचाव की वजह से हो सकता है। हालांकि, अगर दर्द बहुत तेज या लगातार बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

कैसे पता चलेगा कि दर्द सामान्य है या किसी समस्या का संकेत?

 

सामान्य दर्द आमतौर पर हल्का और अस्थायी होता है। असामान्य या गंभीर दर्द लंबे समय तक रहता है, और इसके साथ ब्लीडिंग, तेज ऐंठन, बुखार या पेशाब में जलन जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।

क्या पेट दर्द का असर बच्चे पर पड़ सकता है?

 

हल्का सामान्य दर्द बच्चे पर असर नहीं डालता। लेकिन यदि दर्द किसी इंफेक्शन, प्रीटर्म लेबर या गंभीर समस्या की वजह से हो रहा है, तो यह बच्चे के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

पेट दर्द को कम करने के प्राकृतिक तरीके कौन-कौन से हैं?

 

आराम करना, हल्की स्ट्रेचिंग, प्रेगनेंसी योग, गर्म सिकाई या हल्की सिट्ज बाथ लेने से दर्द और असुविधा कम हो सकती है। नए उपाय आजमाने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

 

यदि दर्द तेज हो, लगातार बना रहे, पेट में भारी ऐंठन हो, ब्लीडिंग या असामान्य डिसचार्ज हो, बुखार हो या प्रीटर्म लेबर के संकेत दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

**Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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