पीरियड्स न आये तो क्या करें (Period Na Aaye To Kya Kare)

Last updated: January 27, 2026

Overview

पीरियड मिस होना और प्रेगनेंसी टेस्ट का 'नेगेटिव' आना एक ऐसी कंडीशन है जिसकी वजह से किसी भी महिला को तनाव हो सकता है। यह स्ट्रेस उस कंडीशन में और भी बढ़ जाता है जब आप आईवीएफ ट्रीटमेंट से संतान सुख प्राप्त करना चाह रही हों। क्योंकि बिना पीरियड्स के एग (egg) रिलीज होने की टाइमिंग का पता लगाना असंभव है। इन परिस्थितियों में Period Na Aaye To Kya Kare? इस आर्टिकल में आपको रुकी हुई मेंस्ट्रुअल साइकिल को रेगुलर करने के मेडिकल तरीके, दवाएं और लाइफस्टाइल बदलाव के बारे में जानकारी दी गयी जिन्हें अपना कर आप अपने पीरियड्स को न सिर्फ रेगुलर कर सकती हैं बल्कि अपने माँ बनने के सुख को भी प्राप्त कर सकती हैं।

सबसे पहले फॉल्स नेगेटिव' की संभावना को रूल-आउट करें

जब आप पूछती हैं कि period na aaye to kya kare, तो सबसे पहले यह पक्का करना जरूरी है कि क्या आप वाकई प्रेगनेंट नहीं हैं। कई बार जल्दी प्रेगनेंसी टेस्ट कर लेने से यूरिन टेस्ट में hCG का लेवल पकड़ में नहीं आता। अगर आपने घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट किया है और रिजल्ट नेगेटिव है लेकिन पीरियड 10 दिन से ज्यादा लेट हो गए हैं, तो तुरंत लैब जाकर Beta-hCG ब्लड टेस्ट करवाएं। यह यूरिन टेस्ट से कहीं ज्यादा सटीक है और हल्की से हल्की प्रेगनेंसी को भी पकड़ लेता है। इसके साथ ही एक 'पेल्विक अल्ट्रासाउंड' करवाएं ताकि बच्चेदानी की परत की मोटाई और ओवरी में एग्स (eggs) की स्थिति स्पष्ट हो सके।

प्रोजेस्टेरोन विड्रॉल (Progesterone Withdrawal) क्या है?

यदि टेस्ट और अल्ट्रासाउंड में प्रेगनेंसी नहीं है, तो डॉक्टर का सबसे पहला कदम पीरियड्स को इंड्यूस (Induce) करना होता है। पीरियड्स इंड्यूस करने के लिए महिला को 5 से 10 दिनों के लिए प्रोजेस्टेरोन की गोलियां दी जाती हैं। ये गोलियां शरीर को यह एहसास कराती हैं कि ओव्यूलेशन हो चुका है। जैसे ही आप दवा का कोर्स खत्म करती हैं, शरीर में प्रोजेस्टेरोन का स्तर अचानक गिरता है। इस गिरावट की वजह से बच्चेदानी की परत टूटकर बाहर आती है, जिसे विड्रॉल ब्लीडिंग कहते हैं। यह रुकी हुई साइकिल को रीसेट (reset) करने का सबसे मेडिकल तरीका है।

पीसीओएस (PCOS) में क्या करें?

अगर पीसीओएस की वजह से पीरियड नहीं आ रहे, तो केवल विड्रॉल ब्लीडिंग से समस्या हल नहीं होगी यानी पीरियड्स रेगुलर नहीं होंगे। पीसीओएस को मैनेज करने के लिए आपको समस्या की जड़ पर काम करना होगा।

  • मेटफॉर्मिन (Metformin): यह दवा शरीर की इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाती है। जब इंसुलिन कंट्रोल में आता है, तो ओवरी में मेल हार्मोन्स का स्तर गिरता है, जिससे एग्स अपने आप मैच्योर होकर रिलीज होने लगते हैं।
  • मायो-इनोसिटोल (Myo-Inositol): यह एक सप्लीमेंट है जो पीसीओएस वाली महिलाओं में एग्स की क्वालिटी सुधारने और साइकिल को रेगुलर करने में बहुत प्रभावी पाया गया है।
  • वजन सही रखना: मेडिकल रिसर्च कहती है कि यदि आप अपने कुल वजन का केवल 5 से 10% कम कर लेती हैं, तो 60% संभावना है कि आपके पीरियड्स बिना किसी दवा के वापस आ जाएंगे।

थायराइड और प्रोलैक्टिन का बैलेंस कैसे सुधारें?

कई बार पीरियड्स न आने की वजह आपकी ओवरी नहीं, बल्कि गले में मौजूद थायराइड ग्लैंड या दिमाग की पिट्यूटरी ग्लैंड होती है।

  • थायराइड सुधारें: यदि आपको हाइपोथायरायडिज्म है, तो डॉक्टर 'लेवोथायरोक्सिन' (Levothyroxine) शुरू करेंगे। जैसे ही आपका TSH लेवल 2.5 mIU/L के करीब आएगा, आपकी साइकिल अपने आप नियमित होने लगेगी।
  • प्रोलैक्टिन कंट्रोल: अगर प्रोलैक्टिन बढ़ा हुआ है, तो 'कैबर्गोलिन' (Cabergoline) जैसी दवाएं दी जाती हैं। प्रोलैक्टिन कम होते ही ओव्यूलेशन का रास्ता साफ हो जाता है और पीरियड वापस आ जाते हैं।

लाइफस्टाइल में 3 बदलाव जो पीरियड्स वापस शुरू कर सकते हैं

यदि डॉक्टर ने किसी गंभीर बीमारी को रूल-आउट कर दिया है, तो आप अपनी लाइफस्टाइल में ये तीन बदलाव करके अपने पीरियड्स वापस शुरू कर सकती हैं।

  • सीड साइकिलिंग (Seed Cycling) करें: पीरियड्स के पहले 14 दिन कद्दू और अलसी के बीज और अगले 14 दिन सूरजमुखी और तिल के बीज। यह एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन को प्राकृतिक रूप से बैलेंस करने का एक तरीका है।
  • नींद को रेगुलर करें: पीरियड्स वापस शुरू करने में पर्याप्त और रेगुलर नींद बहुत जरुरी होती है। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे की नींद 'मेलाटोनिन' हार्मोन बढ़ाती है, जो सीधे आपकी ओवरी की सेहत और एग की क्वालिटी से जुड़ा है।
  • स्ट्रेस को कम करें: क्रोनिक स्ट्रेस यानी लम्बे समय से चले आ रहे तनाव की वजह से हाइपोथैलेमिक एमेनोरिया हो सकता है। यदि आप बहुत ज्यादा तनाव में हैं, तो ऐसी स्थिति में आपका दिमाग ओवरी को सिग्नल भेजना बंद कर देता है। आप योग की सहायता से स्ट्रेस को कम कर सकती हैं। योगनिद्रा और प्राणायाम केवल रिलैक्स करने के लिए नहीं, बल्कि हार्मोन्स को बैलेंस करने में भी सहायक होते हैं।

पीरियड्स के लिए घरेलू नुस्खे और डाइट क्या हैं?

संतान के लिए प्रयास कर रही महिलायें period na aaye to kya kare? वह नीचे दिए कुछ घरेलु उपायों के माध्यम से पीरियड्स को रेगुलर करने की कोशिश कर सकती हैं। नीचे दिए गए नुस्खे सब पर समान रूप से काम नहीं करते क्योंकि हर महिला का शरीर अलग होता है।

  • विटामिन C: यह एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाकर और प्रोजेस्टेरोन को कम करके यूटेरस की लाइनिंग को शेड (Shed) होने में मदद करता है, जिससे ब्लीडिंग शुरू हो सकती है।
  • अनानास (Pineapple): इसमें पाया जाने वाला 'ब्रोमलेन' एंजाइम सूजन को कम करता है और अनियमित पीरियड्स के कारणों को दूर करने में सहायक माना जाता है।
  • अदरक (Ginger): एक शक्तिशाली जड़ी-बूटी के रूप में अदरक गर्भाशय पर प्राकृतिक दबाव बनाता है, जो रुकी हुई ब्लीडिंग को दोबारा शुरू करने में बड़ी भूमिका निभाता है।
  • अजमोद (Parsley): विटामिन C से भरपूर अजमोद यूटेरस की मांसपेशियों को उत्तेजित करता है, लेकिन किडनी की समस्या या ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान इसके सेवन से बचना चाहिए।
  • हल्दी (Turmeric): एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर को संतुलित करने वाली हल्दी को दूध के साथ लेने से अनियमित साइकिल को दोबारा नियमित बनाया जा सकता है।

IVF की सक्सेस रेट के लिए रेगुलर पीरियड्स क्यों जरुरी हैं?

जब आपके पीरियड्स रेगुलर होते हैं, तो फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स के लिए आपके ओव्यूलेशन और एग्स की ग्रोथ को ट्रैक करना कहीं ज्यादा सटीक हो जाता है। अनियमित पीरियड्स का सीधा मतलब यह है कि शरीर के अंदर एग्स के मैच्योर होने की प्रक्रिया में कोई हार्मोनल रुकावट आ रही है। इसका असर आईवीएफ में एग रिट्रीवल के समय मिलने वाले एग्स की संख्या और उनकी क्वालिटी पर भी पड़ सकता है। आईवीएफ की सक्सेस रेट हेल्दी एम्ब्रीओ (Embryo) पर निर्भर होती है, जिसके लिए अच्छी क्वालिटी के एग्स सबसे पहली जरूरत हैं और अच्छी क्वालिटी के एग्स तभी बनते हैं जब पीरियड्स रेगुलर और हेल्दी हों।

निष्कर्ष (Conclusion)

पीरियड्स का न आना केवल एक शारीरिक समस्या नहीं है बल्कि आपके हार्मोन्स बैलेंस न होने की तरफ इशारा भी है। period na aaye to kya kare का जवाब ढूँढ रही महिलायें इस बात को समझ कर सही दिशा में कदम बढ़ाएं। घर पर बैठकर इंतज़ार करने या केवल घरेलू नुस्ख़ों के भरोसे बैठने के बजाय, सही समय पर डॉक्टर से मिलें और हार्मोनल जांच कराये। एक बार जब पीरियड्स रेगुलर हो जाते हैं तो आपके ओव्यूलेशन की संभावना बढ़ जाती है, जिससे गर्भधारण यानी प्रेगनेंसी भी आसान हो जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या पीरियड मिस होने के तुरंत बाद प्रोजेस्टेरोन की गोली लेना सही है?

 

नहीं, पहले अल्ट्रासाउंड से यह देखना जरूरी है कि बच्चेदानी की परत की मोटाई कितनी है। बिना डॉक्टर की सलाह के हार्मोनल दवाएं न लें।

क्या बहुत ज्यादा डाइटिंग से पीरियड्स रुक सकते हैं?

 

हाँ, बहुत कम कैलोरी लेने से शरीर 'सर्वाइवल मोड' में चला जाता है और ओव्यूलेशन बंद कर देता है, जिससे पीरियड्स रुक जाते हैं।

क्या पीसीओएस (PCOS) में बिना पीरियड्स के भी एग बन सकता है?

 

नहीं, पीरियड्स का न आना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि ओव्यूलेशन नहीं हो रहा है यानी यानी एग रिलीज नहीं हो रहे।

क्या प्रोजेस्टेरोन लेने के बाद होने वाले पीरियड्स हैवी होते हैं?

 

अगर आपकी परत बहुत ज्यादा मोटी हो गई थी, तो विड्रॉल ब्लीडिंग थोड़ी हैवी हो सकती है, जो कि सामान्य है।

क्या तनाव कम करने से पीरियड अगले ही दिन आ सकते हैं?

 

तनाव कम करने से हार्मोनल सिग्नल सुधरते हैं, लेकिन साइकिल को वापस सेट होने में आमतौर पर 1 से 2 महीने का समय लगता है।

रुकी हुई साइकिल को शुरू करने में एक्सरसाइज का क्या रोल है?

 

हल्की एक्सरसाइज (जैसे वॉक या योग) ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है, लेकिन बहुत ज्यादा इंटेंस वर्कआउट पीरियड्स को और ज्यादा रोक सकता है।

फर्टिलिटी एक्सपर्ट के पास जाने का सही समय क्या है?

 

यदि आपकी साइकिल अक्सर 35 से 40 दिन से ऊपर जाती है, तो आपको अपनी रुकी हुई फर्टिलिटी विंडो को दोबारा खोलने के लिए विशेषज्ञ से मिलना चाहिए।

**Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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