क्या आपको PRP थेरेपी लेनी चाहिये? (PRP in ivf in hindi)

Last updated: May 15, 2026

साराँश (Overview)

PRP यानी प्लेटलेट रिच प्लाज़्मा (platelet-rich plasma) एक ऐसी थेरेपी है जो अब IVF ट्रीटमेंट में भी इस्तेमाल हो रही है। जिन महिलाओं की एंडोमेट्रियम यानी यूटरस की लाइनिंग (uterine lining) बहुत पतली रहती है या जिनका ओवेरियन रिज़र्व कम हो रहा है, उनके लिए PRP थेरेपी की सहायता से प्रेगनेंसी की संभावना बढ़ गयी है। PRP in ivf in hindi आर्टिकल में हम समझेंगे कि PRP कैसे बनता है, IVF में PRP थेरेपी क्यों और कैसे दी जाती है, इसके अलावा रिसर्च PRP थेरेपी के बारे में कहती है।

PRP क्या है और यह कैसे बनता है?

PRP आपके अपने खून से तैयार किया जाता है, इसलिए इसमें किसी बाहर की दवा या केमिकल की ज़रूरत नहीं होती। डॉक्टर सबसे पहले आपका थोड़ा सा ब्लड लेते हैं और उसे एक मशीन में डालते हैं, जिसे सेंट्रीफ्यूज (centrifuge) कहते हैं।

यह मशीन खून को तेजी से घुमाकर उसके अलग-अलग हिस्सों को अलग कर देती है। इस प्रोसेस में प्लेटलेट्स और ग्रोथ फैक्टर्स वाला हिस्सा अलग होकर ज्यादा गाढ़ा हो जाता है। इसी कंसन्ट्रेटेड हिस्से को PRP यानी प्लेटलेट रिच प्लाज़्मा (platelet-rich plasma) कहते हैं , जिसमें सामान्य ब्लड के मुकाबले कई गुना ज्यादा प्लेटलेट्स होते हैं।

इन प्लेटलेट्स में ऐसे तत्व होते हैं जो टिशू रिपेयर, नई ब्लड सप्लाई बनने और सेल्स की ग्रोथ को बढ़ावा देते हैं। इसी वजह से PRP थेरेपी स्पोर्ट्स मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक्स में पहले से ही दी जा रही है, और अब फर्टिलिटी ट्रीटमेंट में भी इसको शामिल किया जाने लगा है।

PRP का IVF में इस्तेमाल कहाँ-कहाँ होता है?

IVF में PRP थेरेपी मुख्य रूप से दो मामलों में दी जाती है।

इंट्रायूटेराइन PRP (Intrauterine PRP)

इसमें PRP को सीधे यूट्रस के अंदर डाला जाता है। यह उन महिलाओं के लिए किया जाता है जिनकी एंडोमेट्रियल लाइनिंग बार-बार पतली रह जाती है और दवाइयों के बावजूद पर्याप्त मोटी नहीं हो पाती। PRP का काम यहाँ लाइनिंग को बेहतर बनाना होता है, ताकि एम्ब्रीओ को इम्प्लांट होने के लिए सही एनवायरनमेंट मिल सके।

ओवेरियन PRP (Ovarian PRP)

इसमें PRP को ओवरी में इंजेक्ट किया जाता है। यह तरीका उन महिलाओं में इस्तेमाल किया जा रहा है जिनका ओवेरियन रिज़र्व कम है, AMH लेवल गिरा हुआ है, या जिनमें प्रीमैच्योर ओवेरियन फेलियर (POF) की कंडीशन है। इसका उद्देश्य ओवरी के रिस्पांस को बेहतर करना होता है।

अभी ये दोनों तरीके पूरी तरह रूटीन प्रैक्टिस का हिस्सा नहीं बने हैं। यह रिसर्च स्टेज में हैं, लेकिन शुरुआती नतीजों में कुछ केसों में सुधार देखा गया है।

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पतली एंडोमेट्रियम के लिए PRP

एम्ब्रीओ के यूट्रस में जुड़ने के लिए एंडोमेट्रियम की मोटाई पर कम से कम 7 mm होनी चाहिए। लेकिन कुछ महिलाओं में दवाइयाँ लेने के बाद भी लाइनिंग इतनी मोटी नहीं बन पाती। ऐसी स्थिति में एम्ब्रीओ ट्रांसफर को आगे के लिए टालना पड़ सकता है।

यहीं PRP मदद कर सकती है। PRP में मौजूद ग्रोथ फैक्टर्स एंडोमेट्रियल सेल्स की ग्रोथ को बढ़ाते हैं और यूट्रस में ब्लड फ्लो बेहतर करते हैं, जिससे लाइनिंग मोटी होने में सहायता मिल सकती है।

आमतौर पर PRP को एम्ब्रीओ ट्रांसफर से 48 से 72 घंटे पहले यूट्रस में डाला जाता है। कुछ मामलों में एक से अधिक बार PRP देना पड़ सकता है, ताकि बेहतर रिस्पॉन्स मिल सके। PRP थेरेपी में कोई दर्द नहीं होता और यह OPD में ही की जा सकती है।

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कम ओवेरियन रिज़र्व में PRP के फ़ायदे

कुछ महिलाओं में AMH लेवल बहुत कम होता है, ओवरी दवाइयों पर सही रिस्पॉन्स नहीं देती, या प्रीमैच्योर ओवेरियन इंसफिशिएंसी (premature ovarian insufficiency) की स्थिति होती है। ऐसे मामलों में ओवेरियन PRP थेरेपी को एक एक्सपेरिमेंटल विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

इस प्रोसेस में PRP को अल्ट्रासाउंड की मदद से सीधे ओवरी में डाला जाता है। इसका उद्देश्य यह होता है कि PRP में मौजूद ग्रोथ फैक्टर्स ओवरी के अंदर मौजूद निष्क्रिय फॉलिकल्स को एक्टिव कर सकें, ताकि एग बनने की प्रक्रिया में सुधार हो सके।

कुछ शुरुआती स्टडीज़ में PRP के बाद AMH में हल्की बढ़ोतरी, ओव्यूलेशन का वापस आना और IVF में एग रिट्रीवल बेहतर होना देखा गया है। लेकिन अभी पर्याप्त बड़े स्तर की स्टडीज़ नहीं हैं, इसलिए इसे रेगुलर ट्रीटमेंट नहीं माना जाता।

PRP प्रोसीजर कैसे होता है?

PRP का प्रोसीजर सुनने में भले काम्प्लेक्स लगे, लेकिन यह आसान होता है और व्यवस्थित तरीके से किया जाता है।

इंट्रायूटेराइन PRP कैसे किया जाता है?

सबसे पहले आपका 15 से 20 ml ब्लड लिया जाता है और इसे एक सेंट्रीफ्यूज मशीन में 10 से 15 मिनट तक घुमाया जाता है, जिससे PRP यानी प्लेटलेट रिच प्लाज़्मा (platelet-rich plasma) अलग हो जाती है। इसके बाद एक पतली कैथेटर की मदद से PRP को सीधे यूट्रस के अंदर डाला जाता है। पूरा प्रोसेस 20 से 30 मिनट में हो जाता है।

ओवेरियन PRP कैसे किया जाता है?

इसमें PRP को अल्ट्रासाउंड की मदद से सीधे ओवरी में डाला जाता है। यह तरीका थोड़ा ज्यादा इन्वेसिव होता है और एग रिट्रीवल जैसा ही होता है। इसमें हल्की सिडेशन या लोकल एनेस्थीसिया दिया जा सकता है, ताकि आपको असहजता महसूस न हो।

दोनों ही प्रोसेस में कोई बड़ी सर्जरी या कट नहीं लगता और चूँकि PRP आपके अपने खून से बनती है, इसलिए इसमें किसी तरह की एलर्जी या रिएक्शन का खतरा बहुत कम होता है।

PRP के रिजल्ट्स और रिसर्च क्या कहती है?

PRP IVF में अभी इमर्जिंग ट्रीटमेंट है, मतलब रिसर्च चल रही है और हर मरीज में इसके परिणाम एक जैसे देखने को नहीं मिल रहे।

पतली एंडोमेट्रियम के मामलों में PRP पर ज़्यादा जानकारी उपलब्ध है। कई स्टडीज़ में देखा गया है कि PRP देने के बाद 70 से 80% महिलाओं में लाइनिंग की मोटाई बढ़ी। कुछ रिसर्च में इम्प्लांटेशन और प्रेगनेंसी रेट में भी सुधार देखा गया है, लेकिन यह सुधार हर केस में नहीं मिलता।

ओवेरियन PRP के लिए अभी डेटा सीमित है। छोटी स्टडीज़ में कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, जैसे AMH में हल्का बदलाव या ओवरी का बेहतर रिस्पॉन्स मिला है, लेकिन बड़े स्तर की स्टडीज़ अभी कम हैं।

PRP के रिस्क और लिमिटेशन्स

  • PRP एक सेफ होती है, क्योंकि यह आपके अपने खून से तैयार होती है, इसलिए एलर्जी या रिजेक्शन का रिस्क नहीं होता।
  • इंट्रायूटेराइन PRP के बाद हल्की क्रैम्पिंग या असहजता महसूस हो सकती है, जो आमतौर पर कुछ घंटों में अपने आप ठीक हो जाती है और चिंता की बात नहीं होती।
  • ओवेरियन PRP में हल्का दर्द या पेट में भारीपन हो सकता है जो 1 से 2 दिन में ठीक हो जाता है।
  • यह समझना ज़रूरी है कि PRP अभी रेगुलर ट्रीटमेंट का हिस्सा नहीं है। यह कुछ स्पेशल क्लिनिक में ही उपलब्ध होती और इसका खर्च अलग से हो सकता है।
  • PRP का असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता, क्योंकि इसकी क्वालिटी आपके अपने खून पर निर्भर करती है, इसलिए इसे एक अतिरिक्त विकल्प की तरह ही देखा जाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

PRP in ivf एक तरीका है जिससे पतली एंडोमेट्रियम और कम ओवेरियन रिज़र्व वाली महिलाओं को एक उम्मीद की किरण मिली है। यह प्रोसीजर सिंपल है, सेफ़ है, और आपके अपने ब्लड से बनता है। लेकिन अभी यह रेगुलर ट्रीटमेंट का हिस्सा नहीं है, इस पर अभी रिसर्च चल रही है।

अगर आपकी एंडोमेट्रियम बार-बार पतली रह रही है या ओवेरियन रिस्पॉन्स कमज़ोर है, तो अपने डॉक्टर से PRP के बारे में बात करें और समझें कि यह आपके केस में सही ऑप्शन है या नहीं।

PRP in ivf के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

PRP थेरेपी IVF में किसके लिए फ़ायदेमंद है?

क्या PRP का कोई साइड इफ़ेक्ट है?

PRP की कॉस्ट कितनी होती है?

PRP कितनी बार करवानी पड़ती है?

क्या PRP से नैचुरल प्रेगनेंसी भी हो सकती है?

PRP रिजल्ट दिखने में कितना टाइम लगता है?

Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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