Virya Kaise Badhaye?

Last updated: December 16, 2025

Overview

वीर्य यानी सीमेन (Semen) में शुक्राणु मतलब स्पर्म (Sperm) और ज़रूरी पोषक तत्व होते हैं। सीमेन का मुख्य काम स्पर्म को पोषण देने और उन्हें सुरक्षित रखना होता है, ताकि स्पर्म आसानी से महिला के शरीर में जाकर 'फर्टिलाइज़ेशन' (Fertilization) कर सकें।

सामान्य तौर पर, बच्चे पैदा करने के लिए सीमेन की मात्रा 1.5 से 5 मिलीलीटर होनी चाहिए। इसमें हर मिलीलीटर में कम से कम 15 मिलियन से ज़्यादा स्पर्म होने चाहिए।

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और बाहर का खाना पुरुषों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। बहुत से पुरुष 'स्पर्म के पतलेपन' (Watery Semen) या 'शुक्राणुओं की कमी' यानी लो स्पर्म काउंट (Low Sperm Count) से जूझ रहे हैं, जो आगे चलकर पिता बनने में रुकावट पैदा करता है। लेकिन सही लाइफस्टाइल, रेगुलर एक्सरसाइज़ और हैल्थी डाइट की मदद से स्पर्म क्वालिटी सही की जा सकती है।

स्पर्म (Semen) कम और पतला क्यों हो जाता है?

इलाज शुरू करने से पहले बीमारी की जड़ पकड़ना जरूरी है। आखिर वीर्य कम क्यों हो रहा है? इसके पीछे कुछ बड़े कारण छिपे होते हैं:

  • हाई टेम्परेचर में लम्बे समय तक रहना (Heat Factor): हमारे शरीर में अंडकोष यानी टेस्टिकल्स (Testicles) शरीर के बाहर इसलिए होते हैं क्योंकि स्पर्म को बनने के लिए टेम्परेचर शरीर के टेम्परेचर से 1 से 2 डिग्री कम होना चाहिए। इसीलिए लगातार हाई टेंपरेचर में रहने से स्पर्म कमजोर हो जाते हैं।
  • पोषण की कमी: अगर खाने में जिंक (Zinc) और विटामिन्स नहीं हैं, तो शरीर स्पर्म प्रोडक्शन ठीक से नहीं कर पाता।
  • तनाव (Stress): जब आप टेंशन में होते हैं, तो शरीर 'कोर्टिसोल' हार्मोन बनाता है, जो सीधे तौर पर टेस्टोस्टेरोन यानी पुरुष हार्मोन का दुश्मन है।
  • इंफेक्शन: कई बार गुप्त अंगों (प्राइवेट पार्ट) में कोई पुराना इंफेक्शन स्पर्म को पतला कर देता है।

स्पर्म बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए? (Best Diet for Sperm Count)

अगर आप स्पर्म की मात्रा मतलब वॉल्यूम (Volume) और क्वालिटी बढ़ाना चाहते हैं, तो किचन ही आपकी सबसे बड़ी फार्मेसी है। Virya kaise badhaye का जवाब है, नीचे दी गई चीजों को अपनी डाइट में शामिल करके आप वीर्य बढ़ा सकते हैं।

डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate)

डार्क चॉकलेट में L-Arginine HCL नामक अमीनो एसिड होता है। यह स्पर्म की मात्रा बढ़ाता है और आपके ऑर्गेज्म (Orgasm) को भी बेहतर बनाता है। बस ध्यान रहे, इसमें शुगर कम और कोको ज्यादा हो।

अंडे (Eggs)

अंडे को स्पर्म का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है। इसमें प्रोटीन और विटामिन E होता है। यह स्पर्म को फ्री रेडिकल्स (हानिकारक कणों) से बचाता है, जिससे वे डैमेज नहीं होते और उनकी संख्या बढ़ती है।

अनार (Pomegranate)

अनार को पुराने समय से ही फर्टिलिटी बूस्टर माना जाता है। इसका जूस पीने से ब्लड सर्कुलेशन (Blood Circulation) बढ़ता है और स्पर्म गाढ़ा होता है।

लहसुन (Garlic)

सुबह खाली पेट लहसुन की दो कलियां चमत्कार कर सकती हैं। इसमें 'एलिसिन' (Allicin) होता है जो जननांगों में ब्लड फ्लो बढ़ाता है और विटामिन B6 स्पर्म को स्वस्थ रखता है।

कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds)

अगर स्पर्म काउंट कम है, तो यह बीज रामबाण हैं। इनमें 'जिंक' (Zinc) भरपूर मात्रा में होता है। और याद रखें, बिना जिंक के शरीर स्पर्म बना ही नहीं सकता।

किस विटामिन से क्या फायदा होता है? (Nutrient Table)

चीजों को आसान बनाने के लिए, यहाँ एक टेबल है जो आपको बताएगी कि आपके "स्पर्म" को किस पोषक तत्व की भूख है:

पोषक तत्व (Nutrient) क्या खाएं? (Sources) वीर्य पर असर (Benefit)
जिंक (Zinc) कद्दू के बीज, छोले, रेड मीट यह शुक्राणु बनाने वाला 'मास्टर मिनरल' है।
विटामिन C संतरा, कीवी, शिमला मिर्च स्पर्म को आपस में चिपकने (Clumping) से रोकता है।
फोलिक एसिड पालक, दालें, ब्रोकोली यह सुनिश्चित करता है कि स्पर्म का DNA सही हो।
ओमेगा-3 अखरोट, अलसी (Flax Seeds), मछली स्पर्म की तैरने की गति (Motility) बढ़ाता है।
विटामिन D धूप, मशरूम, दूध टेस्टोस्टेरोन लेवल को बूस्ट करता है।

स्पर्म बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय (Ayurvedic Home Remedies)

जब बात Virya kaise badhaye की हो, तो Ayurvedic home remedies की मदद से स्पर्म काउंट सही करने में मदद मिल सकती है।

  • अश्वगंधा (Ashwagandha): इसे 'किंग ऑफ हर्ब्स' कहा जाता है। कई स्टडीज बताती हैं कि रोजाना 5 ग्राम अश्वगंधा पाउडर दूध के साथ लेने से 3 महीने में स्पर्म काउंट 167% तक बढ़ सकता है। यह तनाव (Stress) को खत्म करता है।
  • सफेद मूसली (Safed Musli): यह स्पर्म को गाढ़ा करने (Virya Stambhan) के लिए मशहूर है। अगर स्पर्म पानी जैसा पतला है, तो इसका सेवन जरूर करें।
  • कौंच के बीज (Kaunch Beej): यह डोपामाइन लेवल सुधारता है। यह स्पर्म की क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों के लिए बेहतरीन है।
  • शिलाजीत (Shilajit): यह शरीर को ताकत देता है और ओलिगोस्पर्मिया (शुक्राणुओं की कमी) की समस्या में बहुत कारगर है।

स्पर्म क्वालिटी के लिए हानिकारक चीज़ें

सिर्फ अच्छी डाइट खाना ही काफी नहीं, कुछ बुरी आदतों को छोड़ने से भी स्पर्म काउंट सही होता है।

  • टाइट अंडरवियर को कहें ना: बहुत टाइट या सिंथेटिक अंडरवियर पहनने से अंडकोष का तापमान बढ़ जाता है। हवादार और कॉटन के बॉक्सर (Boxers) पहनना शुरू करें।
  • गर्म पानी से नहाना: सौना बाथ या बहुत गर्म पानी से नहाना रिलैक्सिंग लग सकता है, लेकिन यह आपके बने-बनाए स्पर्म को मार सकता है।
  • गोद में लैपटॉप: लैपटॉप के नीचे से निकलने वाली गर्मी और रेडिएशन सीधे आपके फर्टिलिटी अंगों पर असर डालती है। लैपटॉप को हमेशा मेज पर रखकर काम करें।
  • प्लास्टिक की बोतलें: प्लास्टिक में BPA होता है जो हार्मोन्स का संतुलन बिगाड़ देता है। कांच या स्टील की बोतल का इस्तेमाल करें।

स्पर्म और प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए योग (Yoga for Fertility)

कुछ योग आसन भी पेल्विक एरिया (कमर के निचले हिस्से) में खून का प्रवाह बढ़ाते हैं:

  • सेतु बंधासन या ब्रिज पोज़ (Bridge Pose): यह आसन प्रोस्टेट ग्लैंड और अंडकोष (Testicles) को एक्टिव (Active) करता है, जिससे वे बेहतर तरीके से काम करते हैं।
  • हलासन प्लॉव पोज़ (Plow Pose): इससे अंदरूनी हिस्सों (या नीचे के अंगों) में खून का दौरा बढ़ता है।
  • कपालभाति: यह शरीर की सारी गंदगी (टॉक्सिन्स) को बाहर निकाल देता है और आपको एनर्जी से भर देता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

स्पर्म काउंट रातों रात नहीं बढ़ता है, एक नए स्पर्म को बनने और पूरी तरह तैयार होने में लगभग 72 से 90 दिन लगते हैं। इसलिए, अगर आप आज से डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करते हैं, तो उसका असर आपको 3 महीने बाद दिखेगा।

Virya kaise badhaye का जवाब है, धैर्य रखें, जिंक वाला खाना खाएं, तनाव कम लें और अश्वगंधा जैसे आयुर्वेदिक उपायों को अपनाएं, सफलता जरूर मिलेगी।

वीर्य बढ़ाने के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या स्पर्म (Semen) पतला होने से संतान पैदा करने में दिक्कत आती है?

 

जरूरी नहीं। स्पर्म का गाढ़ा या पतला होना हाइड्रेशन (पानी पीने) पर भी निर्भर करता है। असली बात गाढ़ापन नहीं, बल्कि यह है कि उसके अंदर स्पर्म (शुक्राणु) की गिनती कितनी है और उनकी रफ़्तार (Speed) कैसी है। अगर स्पर्म पतला है लेकिन स्पर्म काउंट अच्छा है, तो आप पिता बन सकते हैं।

स्पर्म बढ़ाने की दवा कितने दिन लेनी चाहिए?

 

स्पर्म साइकिल 3 महीने की होती है इसलिए कोई भी नुस्खा कम से कम 3 महीने तक लगातार करना चाहिए तभी सही रिजल्ट दिखते हैं।

क्या ज्यादा हस्तमैथुन (Masturbation) करने से स्पर्म खत्म हो जाता है?

 

नहीं, शरीर लगातार स्पर्म बनाता रहता है। हां, अगर आप बहुत जल्दी-जल्दी इजैकुलेट करते हैं, तो स्पर्म की मात्रा (Volume) थोड़ी कम लग सकती है, लेकिन 24-48 घंटों में यह फिर से रिप्लेनिश (भर) हो जाता है। इससे परमानेंट नुकसान नहीं होता।

स्पर्म का रंग पीला क्यों होता है?

 

आम तौर पर वीर्य का रंग सफेद या हल्का मटमैला (Greyish) होता है। अगर यह पीला है, तो इसका मतलब हो सकता है कि आपके मूत्र (Urine) के कुछ अंश इसमें मिल गए हैं या आपको पीलिया (Jaundice) या कोई इंफेक्शन है। अगर यह लगातार पीला रहे, तो डॉक्टर को दिखाएं।

एक बार में कितना स्पर्म निकलना नॉर्मल है?

 

मोटे तौर पर, एक बार में 1.5 से 5 ml स्पर्म निकलना नॉर्मल है। इसे ऐसे समझें, यह मात्रा आधे चम्मच से लेकर एक चम्मच के बराबर होती है। अगर मात्रा इससे बहुत कम है (यानी नाममात्र की है), तो इसे मेडिकल भाषा में 'हाइपोस्पर्मिया' कहते हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए।

क्या पानी पीने का स्पर्म से कोई संबंध है?

 

हाँ ! स्पर्म का बड़ा हिस्सा पानी ही होता है। अगर आप दिन भर पानी नहीं पिएंगे, तो शरीर डिहाइड्रेट होगा और स्पर्म गाढ़ा होने के बजाय कम और चिपचिपा हो जाएगा। इसलिए खूब पानी पिएं।

**Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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