सारांश (Overview)
इजैक्युलेशन के ठीक बाद सीमेन का गाढ़ा और जेल जैसा होना शरीर का नॉर्मल प्रोसेस है। कुछ मिनटों में यह अपने आप पतला हो जाता है। Thick Semen यानी गाढ़े वीर्य की समस्या तब मानी जाती है, जब यह लंबे समय तक गाढ़ा या चिपचिपा बना रहे, क्योंकि तब स्पर्म के आगे बढ़ने में दिक्कत हो सकती है।
इस आर्टिकल में जानेंगे कि गाढ़ा सीमेन क्यों होता है, यह कब नॉर्मल है, फर्टिलिटी पर इसका क्या असर पड़ता है और इसका इलाज कैसे होता है।
ज्यादातर केसेस में गाढ़ा वीर्य स्वस्थ होता है। इजैक्युलेशन के बाद सीमेन कुछ देर जेल जैसा रहता है और फिर पतला हो जाता है। अगर यह 15 से 30 मिनट में पतला हो जाए, तो चिंता की बात नहीं है।
लेकिन अगर घंटे भर बाद भी गाढ़ा बना रहे, तो इसकी वजह इन्फेक्शन या प्रोस्टेट और सेमिनल वेसिकल्स से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है।
Thick Semen यानी ऐसा सीमेन, जो नॉर्मल से ज्यादा गाढ़ा, चिपचिपा या गुच्छेदार दिखे। इजैक्युलेशन के तुरंत बाद हर पुरुष का सीमेन कुछ हद तक गाढ़ा होता है। इसलिए असली बात यह है कि सीमेन कितनी देर में पतला होता है।
इजैक्युलेशन के बाद सेमिनल वेसिकल्स (Seminal Vesicles) से आने वाला सेमेनोजेलिन (Semenogelin) प्रोटीन सीमेन को जेल जैसा बनाता है। फिर प्रोस्टेट से आने वाला PSA इस जेल को तोड़कर सीमेन को पतला करता है।
लैब में सीमेन की दो चीजें देखी जाती हैं, जिन्हें अक्सर एक ही समझ लिया जाता है:
लिक्विफैक्शन (Liquefaction) | विस्कॉसिटी (Viscosity) | |
|---|---|---|
क्या है | जेल जैसे सीमेन का पतला होना | पतला होने के बाद सीमेन कितना चिपचिपा है |
नॉर्मल | 15 से 30 मिनट में पूरा | बूंद-बूंद करके गिरे |
दिक्कत कब | 60 मिनट बाद भी पूरा न हो | 2 सेंटीमीटर से लंबा धागा बने |
ये स्टैण्डर्ड WHO की सीमेन जांच गाइड से लिए गए हैं। यानी सीमेन का गाढ़ा दिखना अपने आप में दिक्कत नहीं है। दिक्कत तब है, जब लैब टेस्ट में ये वैल्यू नॉर्मल से बाहर हों।
गाढ़ा सीमेन क्यों होता है, इसकी सबसे आम वजह लंबे समय तक इजेक्युलेशन न होना है। लेकिन अगर सीमेन लगातार गाढ़ा रहे और देर तक पतला न हो, तो इसके पीछे इन्फेक्शन या प्रोस्टेट और सेमिनल वेसिकल्स की कोई कंडीशन भी हो सकती है।
हां, ज्यादातर केसेस में गाढ़ा सीमेन नॉर्मल है। इजैक्युलेशन के तुरंत बाद सीमेन आमतौर पर जेल जैसा गुच्छा होता है, और कई दिन के गैप के बाद यह ज्यादा गाढ़ा और मात्रा में ज्यादा दिख सकता है।
लेकिन इन बातों पर ध्यान दें और डॉक्टर को दिखाएं:
अगर सीमेन कुछ मिनटों में नॉर्मल रूप से पतला हो जाता है, तो सीमेन के गाढ़े का मेल फर्टिलिटी पर कोई खास असर नहीं होता। असर तब पड़ता है, जब सीमेन लंबे समय तक गाढ़ा या चिपचिपा बना रहे। तब स्पर्म के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो सकता है।
स्पर्म मोटिलिटी यानी स्पर्म का तैरना। चिपचिपे सीमेन में स्पर्म खुलकर नहीं तैर पाते, इसलिए सीमेन रिपोर्ट में मोटिलिटी कम आ सकती है। एक रिव्यू के अनुसार हाइपरविस्कॉसिटी (Hyperviscosity) स्पर्म की नॉर्मल मूवमेंट में रुकावट डाल सकती है और स्पर्म काउंट भी कम कर सकती है।
फीमेल पार्टनर के शरीर में पहुंचने के बाद स्पर्म को सर्विक्स और यूट्रस से होकर एग तक तैरना पड़ता है। अगर सीमेन बहुत चिपचिपा हो, तो यह सफर मुश्किल हो जाता है। कम स्पर्म एग तक पहुँचें, तो फर्टिलाइजेशन की संभावना भी घट सकती है।
सीमेन के गाढ़े होने का मतलब यह नहीं कि प्रेगनेंसी नहीं होगी। अगर दिक्कत बनी रहे, तो IUI या IVF में लैब स्पर्म वॉशिंग से अच्छे स्पर्म अलग कर लेती है, इसलिए वहां सीमेन का गाढ़ापन रुकावट नहीं बनता।
इसका पता सीमेन एनालिसिस से लगाया जाता है। इसमें लैब देखती है कि सीमेन कितनी देर में पतला हुआ और पतला होने के बाद कितना चिपचिपा है। साथ ही स्पर्म काउंट और मोटिलिटी भी जांचे जाते हैं।
टेस्ट से पहले 2 से 7 दिन तक इजैक्युलेशन नहीं करना चाहिए। अगर इन्फेक्शन का शक हो, तो डॉक्टर सीमेन कल्चर या यूरिन टेस्ट करा सकते हैं। ब्लड टेस्ट से हार्मोन और अल्ट्रासाउंड से अंदर की स्थिति देखी जा सकती है।
अगर सीमेन नॉर्मल समय में पतला हो जाता है, तो किसी इलाज की जरूरत नहीं होती। इलाज तभी होता है, जब रिपोर्ट में लिक्विफैक्शन या विस्कॉसिटी नॉर्मल से बाहर हो, और तब इलाज इसकी वजह पर निर्भर करता है।
सीमेन पतला करने का दावा करने वाली दवाएं या सप्लीमेंट खुद से न लें।
सीमेन का गाढ़ापन कम करने का कोई घरेलू उपाय पक्के तौर पर काम नहीं करता। लेकिन कुछ आदतें सीमेन और स्पर्म, दोनों की सेहत के लिए अच्छी हैं, और इन्फेक्शन का समय पर इलाज सबसे जरूरी कदम है।
सीमेन का गाढ़ापन और स्पर्म की सेहत दो अलग चीजें हैं। गाढ़ा सीमेन देखकर न यह कहा जा सकता है कि स्पर्म मजबूत हैं, और न यह कि वे कमजोर हैं। सीमेन में स्पर्म सिर्फ 1% से 5% होते हैं, बाकी हिस्सा ग्लैंड्स से आने वाला तरल है।
स्पर्म हेल्थ का सही अंदाजा काउंट, मोटिलिटी और बनावट से लगता है। इसलिए अगर सीमेन लगातार गाढ़ा रहे, तो खुद से इलाज करने के बजाय सीमेन एनालिसिस कराएं।
Thick Semen यानी गाढ़ा सीमेन ज्यादातर केसेस में शरीर का नॉर्मल प्रोसेस है। सीमेन गाढ़ा दिखे, इससे ज्यादा जरूरी यह है कि वह कितनी देर में पतला होता है और उसमें स्पर्म कैसे तैर रहे हैं।
अगर सीमेन लगातार गाढ़ा रहे या प्रेगनेंसी में देरी हो रही हो, तो सीमेन एनालिसिस कराएं और रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर से बात करें।