कितनी उम्र में प्रेगनेंसी संभव है?

Last updated: January 05, 2026

Overview

मां बनना हर महिला का सपना होता है। लेकिन आज के समय में करियर, देर से शादी और बदलती लाइफस्टाइल की वजह से महिलाएं मां बनने का फैसला थोड़ी देर से कर रही हैं। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि kitne saal ki ladki pregnant ho sakti hai और क्या बढ़ती उम्र में भी मां बनना संभव है? अच्छी खबर यह है कि आज की आधुनिक फर्टिलिटी तकनीकों जैसे IVF, IUI और Egg Freezing की मदद से 35, 40 या उससे भी ज्यादा उम्र में मां बनना संभव है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि उम्र का फर्टिलिटी पर क्या असर पड़ता है और कैसे सही समय पर सही इलाज से आप अपने मां बनने के सपने को पूरा कर सकती हैं।

उम्र और फर्टिलिटी का संबंध

Kitne saal ki ladki pregnant ho sakti hai यह समझने के लिए पहले उम्र और फर्टिलिटी के संबंध को जानना जरूरी है। महिलाओं में अंडों की संख्या जन्म के समय ही निर्धारित हो जाती है और उम्र के साथ यह घटती जाती है। 20 से 30 साल की उम्र में फर्टिलिटी सबसे अधिक होती है। 32 साल के बाद धीरे-धीरे और 35 के बाद तेजी से फर्टिलिटी कम होने लगती है। 40 साल के बाद नेचुरली कंसीव करना काफी मुश्किल हो जाता है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि 35 या 40 के बाद मां बनना असंभव है। आज की एडवांस्ड फर्टिलिटी तकनीकों की मदद से हजारों महिलाएं बढ़ती उम्र में भी सफलतापूर्वक मां बन रही हैं।

किस उम्र में प्रेगनेंसी की संभावना कितनी?

हर मासिक चक्र में नेचुरली कंसीव करने की संभावना उम्र के अनुसार अलग-अलग होती है।

  • 20-25 साल: हर साइकिल में लगभग 25-30% संभावना। यह फर्टिलिटी का पीक टाइम होता है।
  • 25-30 साल: हर साइकिल में लगभग 20-25% संभावना। अभी भी फर्टिलिटी अच्छी रहती है।
  • 30-35 साल: हर साइकिल में लगभग 15-20% संभावना। धीरे-धीरे फर्टिलिटी कम होने लगती है।
  • 35-40 साल: हर साइकिल में लगभग 10-15% संभावना। इस उम्र में फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलना फायदेमंद होता है।
  • 40 साल के बाद: हर साइकिल में 5% या उससे कम संभावना। IVF जैसी तकनीकें बेहद मददगार होती हैं।

35 के बाद प्रेगनेंसी क्यों मुश्किल होती है?

35 साल के बाद प्रेगनेंसी में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं।

  • अंडों की संख्या में कमी: जन्म के समय लगभग 10 से 20 लाख अंडे होते हैं, जो 35 तक घटकर 25,000 के करीब रह जाते हैं
  • अंडों की क्वालिटी में कमी: उम्र के साथ अंडों में क्रोमोसोमल असामान्यता की संभावना बढ़ती है
  • ओव्यूलेशन में अनियमितता: हार्मोनल बदलाव से ओव्यूलेशन अनियमित हो सकता है
  • गर्भाशय की लाइनिंग में बदलाव: एम्ब्रियो इम्प्लांटेशन में दिक्कत हो सकती है

लेकिन चिंता की बात नहीं है। IVF और अन्य ART तकनीकों से इन सभी चुनौतियों को पार किया जा सकता है। अनुभवी फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट आपकी स्थिति के अनुसार सबसे उपयुक्त इलाज सुझा सकते हैं।

देर से प्रेगनेंसी के संभावित जोखिम

35 साल के बाद प्रेगनेंसी में कुछ जोखिम बढ़ सकते हैं, जिनके बारे में जानना जरूरी है।

  • गर्भकालीन मधुमेह (Gestational Diabetes) का खतरा
  • हाई ब्लड प्रेशर और प्रीक्लेम्पसिया की संभावना
  • मिसकैरेज का खतरा थोड़ा बढ़ना
  • प्रीटर्म डिलीवरी की संभावना
  • सी-सेक्शन डिलीवरी की जरूरत

हालांकि, सही प्रीनेटल केयर, नियमित चेकअप और अनुभवी डॉक्टर की देखरेख में इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। IVF से प्रेग्नेंट होने वाली महिलाओं को हाई-रिस्क प्रेगनेंसी केयर मिलती है जिससे सुरक्षित डिलीवरी संभव होती है।

फर्टिलिटी टेस्ट कौन से कराएं?

अगर आप 30 से ऊपर हैं और प्रेगनेंसी प्लान कर रही हैं, तो कुछ बेसिक फर्टिलिटी टेस्ट कराना फायदेमंद होता है।

AMH टेस्ट (Anti-Mullerian Hormone):

यह टेस्ट आपके अंडाशय में बचे अंडों की संख्या (Ovarian Reserve) बताता है। यह फर्टिलिटी प्लानिंग के लिए सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट है।

FSH टेस्ट (Follicle Stimulating Hormone):

यह टेस्ट ओवेरियन फंक्शन और अंडों की क्वालिटी के बारे में जानकारी देता है।

AFC (Antral Follicle Count):

ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड से अंडाशय में फॉलिकल्स की संख्या देखी जाती है।

थायरॉइड और हार्मोनल प्रोफाइल:

थायरॉइड, प्रोलैक्टिन और अन्य हार्मोन्स की जांच जो फर्टिलिटी को प्रभावित करते हैं।

ये सभी टेस्ट किसी भी अच्छे फर्टिलिटी क्लीनिक में आसानी से हो जाते हैं और इनसे आपकी फर्टिलिटी की सही तस्वीर सामने आती है।

ART से बढ़ती उम्र में भी मां बनना संभव

आज की असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) ने बढ़ती उम्र में भी मां बनने के सपने को संभव बना दिया है। आइए जानते हैं ART की मदद से माँ बनने के ऑप्शन क्या हैं।

IUI (Intrauterine Insemination)

IUI एक सरल प्रक्रिया है जिसमें प्रोसेस्ड स्पर्म को सीधे गर्भाशय में डाला जाता है। यह उन महिलाओं के लिए उपयुक्त है जिनकी फैलोपियन ट्यूब्स खुली हैं और पार्टनर का स्पर्म काउंट सामान्य है। 35 से कम उम्र की महिलाओं में IUI की सफलता दर अच्छी होती है।

IVF (In Vitro Fertilization)

IVF सबसे प्रभावी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट है, खासकर 35 से ऊपर की महिलाओं के लिए। इसमें एग को लैब में स्पर्म के साथ फर्टिलाइज किया जाता है और एम्ब्रीओ को गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है। आधुनिक IVF तकनीकों जैसे ICSI, PGT-A और टाइम-लैप्स मॉनिटरिंग से सफलता दर काफी बढ़ी है।

डोनर एग IVF

40 से ऊपर की महिलाओं या जिनकी ओवेरियन रिजर्व बहुत कम है, उनके लिए डोनर एग IVF एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें युवा डोनर के स्वस्थ अंडों का उपयोग किया जाता है, जिससे सफलता दर काफी अधिक होती है।

सरोगेसी (Surrogacy)

जिन महिलाओं को गर्भाशय संबंधी समस्या है या जो मेडिकल कारणों से खुद प्रेगनेंसी कैरी नहीं कर सकतीं, उनके लिए सरोगेसी एक विकल्प है। भारत में अल्ट्रूइस्टिक सरोगेसी कानूनी रूप से मान्य है।

एग फ़्रीज़िंग (Egg Freezing) यानी भविष्य के लिए सुरक्षित विकल्प

अगर आप अभी मां नहीं बनना चाहतीं लेकिन भविष्य में प्लान है, तो एग फ़्रीज़िंग (ओसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन) एक स्मार्ट विकल्प है। इस प्रक्रिया में आपके स्वस्थ एग्स को फ्रीज करके कई सालों तक सुरक्षित रखा जाता है।

एग फ़्रीज़िंग किसके लिए फायदेमंद है?

  • जो महिलाएं करियर या पर्सनल कारणों से मां बनने में देरी करना चाहती हैं
  • जिन्हें कैंसर ट्रीटमेंट (कीमोथेरेपी/रेडियोथेरेपी) लेना है
  • जिनकी फैमिली हिस्ट्री में अर्ली मेनोपॉज है
  • जो अभी सही पार्टनर की तलाश में हैं

एग फ़्रीज़िंग के लिए सबसे अच्छी उम्र 25 से 35 साल है। इस उम्र में एग्स की क्वालिटी सबसे अच्छी होती है। एक बार फ्रीज होने के बाद एग्स की क्वालिटी वही रहती है, चाहे आप उन्हें 5 साल बाद या 10 साल बाद इस्तेमाल करें।

फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से कब मिलें?

सही समय पर फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलना बहुत जरूरी है। निम्न स्थितियों में डॉक्टर से जरूर मिलें।

  • 35 से कम उम्र हो और 1 साल कोशिश के बाद भी प्रेगनेंसी न हो
  • 35 से ऊपर हों और 6 महीने कोशिश के बाद भी प्रेगनेंसी न हो
  • 40 से ऊपर हों और प्रेगनेंसी प्लान कर रही हों
  • PCOS, एंडोमेट्रियोसिस या थायरॉइड जैसी समस्या हो
  • पीरियड्स अनियमित हों या बहुत दर्दनाक हों
  • पहले मिसकैरेज हो चुका हो
  • एग फ़्रीज़िंग के बारे में जानना चाहती हों

जल्दी डॉक्टर से मिलने से समय पर सही इलाज मिलता है और सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

Kitne saal ki ladki pregnant ho sakti hai यह जानने के बाद अब आप समझ गई होंगी कि उम्र का फर्टिलिटी पर असर पड़ता है, लेकिन यह आपके मां बनने के सपने को रोक नहीं सकता। 20 से 30 साल की उम्र मां बनने के लिए सबसे अच्छी है, लेकिन 35, 40 या उससे भी ऊपर की उम्र में IVF, IUI, Egg Freezing और डोनर एग जैसी आधुनिक तकनीकों की मदद से सफल प्रेगनेंसी संभव है। सबसे जरूरी है सही समय पर फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलना और अपनी स्थिति के अनुसार सही इलाज लेना। अगर आप प्रेगनेंसी प्लान कर रही हैं, तो आज ही किसी अनुभवी फर्टिलिटी एक्सपर्ट से संपर्क करें।

Common Questions Asked

कितने साल की लड़की प्रेग्नेंट हो सकती है?

 

बायोलॉजिकली पीरियड्स शुरू होने के बाद से प्रेगनेंसी संभव है। लेकिन 20 से 30 साल की उम्र मां बनने के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है। IVF की मदद से 40 से ऊपर भी मां बनना संभव है।

35 के बाद प्रेग्नेंट होने में कितना समय लग सकता है?

 

35 के बाद नेचुरली कंसीव करने में 6 महीने से 1 साल लग सकता है। अगर 6 महीने में प्रेगनेंसी न हो, तो फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलना चाहिए।

IVF की सफलता दर क्या है?

 

35 से कम उम्र में IVF की सफलता दर 50-60% तक होती है। 40 से ऊपर यह 20-30% होती है, लेकिन डोनर एग से यह 60-70% तक बढ़ सकती है।

एग फ्रीज़िंग कराने की सही उम्र क्या है?

 

25 से 35 साल की उम्र सबसे अच्छी है। इस उम्र में एग्स की संख्या और क्वालिटी दोनों अच्छी होती है।

क्या 45 साल के बाद मां बनना संभव है?

 

हां, डोनर एग IVF या पहले से फ्रीज किए एग्स की मदद से 45 के बाद भी मां बनना संभव है। कई महिलाएं इस उम्र में भी सफलतापूर्वक मां बनी हैं।

IVF और IUI में क्या फर्क है?

 

IUI में स्पर्म को गर्भाशय में डाला जाता है और फर्टिलाइजेशन शरीर में होता है। IVF में एग और स्पर्म को लैब में मिलाया जाता है और एम्ब्रीओ को गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है। IVF की सफलता दर IUI से अधिक होती है।

फर्टिलिटी टेस्ट कब कराने चाहिए?

 

30 से ऊपर की हर महिला को AMH और बेसिक फर्टिलिटी टेस्ट कराने चाहिए, खासकर अगर भविष्य में मां बनने की प्लानिंग है। इससे आपको अपनी फर्टिलिटी की सही जानकारी मिलती है।

**Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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