महिलाओं की योनि मतलब वेजाइना (Vagina) से कभी सफेद, कभी पारदर्शी, तो कभी चिपचिपा या पानी जैसा स्राव निकलना एक आम बात है। लेकिन सही जानकारी न होने की वजह से कई महिलाएं इसे देखकर घबरा जाती हैं। ज्यादातर मामलों में योनि से स्राव निकलना कोई समस्या नहीं, बल्कि यह शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसे आम भाषा में वेजाइनल डिस्चार्ज (Vaginal Discharge) कहा जाता है। आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि vaginal discharge meaning in Hindi, यह कब सामान्य होता है, इसके अलग-अलग प्रकार क्या संकेत देते हैं और किन स्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
Vaginal discharge meaning in Hindi समझना हर महिला के लिए जरूरी है। वेजाइनल डिस्चार्ज योनि से निकलने वाला एक गाढ़ा और चिपचिपा स्राव होता है, जो म्यूकस, पानी, प्रोटीन, पुरानी कोशिकाओं और अच्छे बैक्टीरिया से मिलकर बना होता है। इसका काम वेजाइना को साफ, स्वस्थ और पीएच बैलेंस को बनाए रखना होता है।
इस डिस्चार्ज का रंग, मात्रा और बनावट हर महिला में अलग-अलग हो सकती है। यह आमतौर पर हार्मोन के उतार-चढ़ाव और पीरियड साइकल के अलग-अलग चरणों की वजह से होता है। इसके अलावा यह शुक्राणु को यूट्रस तक पहुंचाकर प्रेगनेंसी में भी अहम भूमिका निभाता है।
वेजाइनल डिस्चार्ज हर महिला में अलग-अलग तरह का हो सकता है। इसके रंग, प्रकार और कारणों को समझना बहुत जरूरी है:
हल्का सफेद या थोड़ा गाढ़ा डिस्चार्ज आमतौर पर बिल्कुल सामान्य होता है। यह वेजाइना को साफ और स्वस्थ रखने में मदद करता है। लेकिन अगर इसके साथ खुजली, जलन या बदबू आए, तो यह किसी इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।
अगर डिस्चार्ज हरा दिखाई दे, तो यह अक्सर बैक्टीरियल या सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STI) का संकेत होता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
पीले रंग का डिस्चार्ज भी इंफेक्शन की निशानी हो सकता है, खासकर जब इसके साथ बदबू या जलन हो। ऐसे में तुरंत जांच कराना सुरक्षित होता है।
भूरा डिस्चार्ज कभी-कभी पीरियड्स के शुरू या खत्म होने के समय दिख सकता है। अनियमित पीरियड्स या मेनोपॉज के दौरान भी यह हो सकता है। अगर यह बार-बार हो या लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लें।
पीरियड्स के ठीक पहले वेजाइना से निकलने वाला डिस्चार्ज आमतौर पर हल्का सफेद या क्रीम रंग का और गाढ़ा होता है। इस समय शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे गर्भाशय ज्यादा म्यूकस बनाता है। यही वजह है कि इस समय डिस्चार्ज चिपचिपा और गोंद जैसा महसूस होता है। इसे ल्यूटियल फेज (Luteal Phase) कहा जाता है और यह बताता है कि मासिक धर्म का समय करीब है।
ओव्यूलेशन यानी पीरियड्स के बीच का वह समय जब अंडाशय से अंडा रिलीज होता है। इस दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण वेजाइनल डिस्चार्ज की मात्रा और बनावट बदल जाती है। डिस्चार्ज अक्सर चिपचिपा, खिंचने वाला और हल्का पारदर्शी या सफेद हो जाता है, जो पूरी तरह सामान्य है। इसका मुख्य काम शुक्राणु यानी स्पर्म (Sperm) को आसानी से गर्भाशय तक पहुंचाने में मदद करना है। इस समय को महिला का फर्टाइल टाइम माना जाता है।
प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव की वजह से वेजाइनल डिस्चार्ज की मात्रा और बनावट बदल सकती है। अक्सर यह पहले से ज्यादा, थोड़ा गाढ़ा या चिपचिपा हो जाता है, जो पूरी तरह सामान्य है। इस दौरान डिस्चार्ज आमतौर पर साफ, सफेद या हल्का पीला और गाढ़ा होता है। यह गर्भाशय के मुंह पर सुरक्षा परत की तरह काम करता है, जिससे बाहरी कीटाणु अंदर नहीं जा पाते और गर्भ में पल रहे बच्चे की सुरक्षा होती है।
हालांकि, अगर डिस्चार्ज के साथ खून, तेज बदबू या हरा अथवा असामान्य रंग दिखे, तो यह किसी इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
वेजाइनल डिस्चार्ज हमेशा हार्मोन या पीरियड्स की वजह से नहीं होता। कई बार इसके पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं:
वेजाइना अपने-आप साफ रहने वाला अंग होता है लेकिन इसमें बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने पर इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। सही देखभाल से न केवल असामान्य डिस्चार्ज, बदबू और खुजली से बचाव होता है, बल्कि बार-बार होने वाले फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन का जोखिम भी कम किया जा सकता है। साथ ही, वेजाइना की हैल्थ सीधे हार्मोनल संतुलन, रिप्रोडक्टिव कैपेसिटी और रोज़मर्रा की आरामदायक जिंदगी से जुड़ी होती है। वेजाइना को हेल्दी रखने के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
अगर वेजाइनल डिस्चार्ज में असामान्य बदलाव दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।
Vaginal discharge meaning in Hindi जानने के बाद अब आप समझ गई होंगी कि वेजाइनल डिस्चार्ज का रंग, मात्रा और बनावट समय के साथ बदलना सामान्य है। यह महिला के शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो वेजाइना को साफ और स्वस्थ रखने में मदद करती है। लेकिन अगर इसमें अचानक तेज गंध, असामान्य रंग, खुजली या दर्द जैसे लक्षण दिखें, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय रहते इन लक्षणों को समझकर और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेने से आप वेजाइना को हेल्दी रख सकती हैं।
वेजाइनल डिस्चार्ज योनि से निकलने वाला एक प्राकृतिक स्राव है जो म्यूकस, पानी और अच्छे बैक्टीरिया से बना होता है। यह वेजाइना को साफ और स्वस्थ रखने में मदद करता है।
नहीं, डिस्चार्ज सिर्फ पीरियड से नहीं जुड़ा होता। यह ओव्यूलेशन, प्रेगनेंसी, तनाव, लाइफस्टाइल या इंफेक्शन से भी हो सकता है।
हां, सही खानपान और प्रोबायोटिक फूड्स जैसे दही वेजाइनल हेल्थ को बेहतर रखते हैं और डिस्चार्ज सामान्य बनाए रखते हैं।
वेजाइनल एरिया बार-बार न धोएं, टॉयलेट के बाद साफ करें, कॉटन अंडरवियर पहनें, पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें। अगर समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लें।
आमतौर पर सामान्य वाइट डिस्चार्ज से कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन अगर इसके साथ जलन, बदबू, पेल्विक दर्द या खुजली हो, तो यह इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।
हां, प्रेगनेंसी में हार्मोनल बदलाव की वजह से डिस्चार्ज बढ़ना सामान्य है। लेकिन अगर इसके साथ खून, तेज बदबू या असामान्य रंग दिखे तो डॉक्टर से मिलें।
हरा, पीला या ग्रे रंग का डिस्चार्ज, खासकर जब इसके साथ बदबू या खुजली हो, इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से जरूर मिलें।