सारांश (Overview)
बहुत सी महिलाएं आज पढ़ाई, करियर, देर से शादी या किसी स्वास्थ्य कारण की वजह से मां बनने का फैसला कुछ साल आगे बढ़ा देती हैं। यह एक स्वाभाविक और समझदारी भरा चुनाव हो सकता है, लेकिन एक बात ध्यान रखने वाली है। महिला के शरीर में एगओं यानी एग्स (eggs) की संख्या और क्वालिटी उम्र के साथ घटती जाती है, और यह 30 साल की उम्र के बाद इसमें गिरावट और तेजी से होने लगती है।
ऐसे में एग फ्रीजिंग (egg freezing) एक ऐसा ऑप्शन है जिसमें कम उम्र के हेल्थी एग्स को निकालकर बहुत कम तापमान पर सुरक्षित रख लिया जाता है, ताकि भविष्य में जब आप गर्भधारण के लिए तैयार हों, तब इन्हीं एग्स का इस्तेमाल किया जा सके। मेडिकल भाषा में इसे ऊसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन (oocyte cryopreservation) कहते हैं।
इस आर्टिकल में हम आसान भाषा में समझेंगे कि एग फ्रीजिंग क्या है (egg freezing kya hai), यह किन महिलाओं के लिए उपयोगी है, इसकी पूरी प्रक्रिया कैसे होती है, इसमें कितना समय लगता है, उम्र के अनुसार सफलता की संभावना कितनी होती है, कितने एग्स फ्रीज करना ठीक रहता है और एग फ्रीजिंग का सही समय कब होता है।
एग फ्रीजिंग का सीधा मतलब है, महिला के एग्स को उस समय फ्रीज़ करके स्टोर कर लेना जब वे सबसे ज्यादा हैल्थी होते हैं। और जब आप भविष्य में प्रेगनेंसी प्लान करती हैं, तब इन्हीं फ्रीज़ किये हुए एग्स को सही टेम्परेचर पर लाकर यानी था (thaw) करके लैब में स्पर्म यानि स्पर्म (sperm) से मिलाया जाता है और बने भ्रूण यानी एम्ब्रीओ (embryo) को यूट्रस में ट्रांसफर किया जाता है।
यहां समझने वाली जरुरी बात यह है कि आपके एग्स की हेल्थ उसी समय की बनी रहती है जिस उम्र में उन्हें फ्रीज किया गया था। यानी अगर आप 30 साल की उम्र में एग्स फ्रीज कराती हैं और उनका इस्तेमाल 38 साल की उम्र में करती हैं, तब भी वे एग्स 30 साल वाली क्वालिटी के ही बने रहते हैं। इस तरह एग फ्रीजिंग एक तरह से आपकी रिप्रोडक्टिव क्लॉक को उस पल पर रोक देने जैसा काम करती है।
एग्स को फ्रीज़ करने के लिए आजकल एक मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है जिसे विट्रिफिकेशन (vitrification) कहते हैं। इसमें एग्स को इतनी तेज़ी से जमाया जाता है कि उसके अंदर बर्फ के छोटे क्रिस्टल नहीं बन पाते, जिनसे एग्स को नुकसान पहुंच सकता था।
पुरानी धीमी फ्रीजिंग की तुलना में यह तरीका ज़्यादा भरोसेमंद है, और इसी वजह से अमेरिकन सोसाइटी फॉर रिप्रोडक्टिव मेडिसिन (ASRM) ने 2012 में एग फ्रीजिंग से "प्रयोगात्मक" यानी एक्सपेरिमेंटल का लेबल हटा दिया और विट्रिफिकेशन को ही मान्यता दी है। इसका मतलब है कि यह अब एक स्टैण्डर्ड मेडिकल प्रोसेस है, न कि एक्सपेरिमेंटल प्रोसेस।
यहाँ एक और बात जाननी जरुरी है, वह यह कि एग फ्रीजिंग और एम्ब्रीओ फ्रीजिंग दोनों अलग बातें हैं। एग फ्रीजिंग में सिर्फ़ एग्स जमाए जाते हैं, इसलिए इसमें उस समय मेल पार्टनर या स्पर्म की ज़रूरत नहीं होती। इसीलिए यह उन महिलाओं के लिए भी एक अच्छा ऑप्शन है जिनकी अभी शादी नहीं हुयी है या जिनका कोई मेल पार्टनर नहीं है। लेकिन वे भविष्य में माँ बनने की इच्छा रखती हैं।
एग फ्रीजिंग को सही से समझने के लिए पहले यह समझना ज़रूरी है कि उम्र का असर फर्टिलिटी पर पड़ता कैसे है। इसका कारण एग्स की संख्या और उनकी क्वालिटी पर निर्भर करता है।
महिला जितने एग्स के साथ जन्म लेती है, वह जीवन भर उतने ही रहते हैं। शरीर नए एग्स नहीं बनाता, बल्कि पुराने धीरे धीरे कम होते जाते हैं। जन्म के समय लगभग 10 से 20 लाख एग्स होते हैं, जो प्यूबर्टी (puberty) तक घटकर करीब 3 से 5 लाख रह जाते हैं, 37 साल की उम्र तक लगभग एग्स की संख्या 25 हज़ार और 51 साल तक सिर्फ़ 1 हज़ार के आसपास रह जाती है। यही वजह है कि उम्र बढ़ने के साथ प्रेगनेंसी की संभावना घटती जाती है।
सिर्फ़ संख्या ही नहीं, एग्स की क्वालिटी भी उम्र के साथ पहले जैसी नहीं रहती है। बड़ी उम्र के एग्स में गुणसूत्र यानी क्रोमोज़ोम (chromosome) संबंधी गड़बड़ी की आशंका बढ़ जाती है, जिसे एन्यूप्लॉइडी (aneuploidy) कहते हैं। क्रोमोज़ोम की इसी गड़बड़ी की वजह से प्रेगनेंसी नहीं हो पाती और मिसकैरिज़ की संभावना बढ़ जाती है। 25 साल से कम उम्र में मां बनने से बच्चे में डाउन सिंड्रोम होने का रिस्क करीब 2 प्रतिशत होता है, जबकि 35 साल या उससे ऊपर की उम्र में माँ बनने से यह रिस्क बढ़कर लगभग 35 प्रतिशत तक पहुंच जाता है।
फर्टिलिटी में आयी इस गिरावट को लेकर एक बात याद रखनी चाहिए कि फर्टिलिटी किसी एक दिन अचानक नहीं गिरती, बल्कि धीरे धीरे घटती है। एक स्टडी में पाया गया है कि प्रेगनेंसी के लिए साल भर कोशिश करने पर प्रेगनेंसी की संभावना 30 से 31 साल की उम्र में करीब 87 प्रतिशत थी, जो 36 से 37 साल की महिलाओं में घटकर 76 प्रतिशत और 40 से 41 साल की महिलाओं में 54 प्रतिशत रह गई। यही कारण है कि जितनी कम उम्र में एग्स फ्रीज़ कर लिए जाएं, उनकी क्वालिटी उतनी ही बढ़िया रहती है।
नीचे दी गई टेबल से उम्र और एग्स की संख्या का संबंध आसानी से समझा जा सकता है।
उम्र या अवस्था | एग्स की अनुमानित संख्या |
|---|---|
जन्म के समय | 10 से 20 लाख |
प्यूबर्टी के समय | 3 से 5 लाख |
लगभग 37 साल | करीब 25 हज़ार |
लगभग 51 साल (मेनोपॉज के आसपास) | करीब 1 हज़ार |
एग फ्रीजिंग हर किसी के लिए ज़रूरी नहीं, लेकिन कुछ स्थितियों में यह कई महिलाओं के काम आ सकता है।
अगर आप पढ़ाई, करियर या किसी निजी वजह से अभी मां नहीं बनना चाहतीं, लेकिन भविष्य में माँ बनने प्लान है, तो कम उम्र में एग फ्रीज कराने से आपके पास अच्छी क्वालिटी के एग्स बने रहते हैं। जिससे भविष्य में हैल्थी संतान पैदा करने की संभावना बनी रहती है। इसे कई बार सोशल एग फ्रीजिंग या इलेक्टिव एग फ्रीजिंग भी कहा जाता है।
कीमोथेरेपी (chemotherapy) और रेडिएशन जैसे इलाज अंडाशय यानी ओवरी (ovary) को नुकसान पहुंचा सकते हैं और एग्स की संख्या घटा सकते हैं। ऐसे इलाज शुरू होने से पहले एग्स फ्रीज करा लेना चाहिए जिससे भविष्य में मां बनने की संभावना बनी रहती है। इसे मेडिकल एग फ्रीजिंग या फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन (fertility preservation) कहते हैं।
अगर जांच में पता चले कि आपका ओवेरियन रिजर्व (ovarian reserve) यानी एग्स रिज़र्व उम्र के हिसाब से कम है, तो डॉक्टर समय रहते एग्स सुरक्षित रखने की सलाह दे सकते हैं, ताकि आगे चलकर माँ बनने का ऑप्शन बना रहे।
अगर आपकी मां या बहन को कम उम्र में ही मेनोपॉज आ गया था, तो आपको भी जल्दी मेनोपॉज आ सकता है। ऐसे में कम उम्र में ही एग फ्रीजिंग करवाने से आगे चलकर माँ बनने की संभावना बनी रहती है। ऐसी ही सिचुएशन एंडोमेट्रियोसिस या ओवरी की सर्जरी वाली महिलाओं में भी बन सकती है।
बहुत सी महिलाओं के मन में यह डर होता है कि एग फ्रीजिंग प्रक्रिया लंबी होगी या इसमें कुछ परेशानी होती होगी। असल में एग फ्रीज़ करने के लिए पूरा प्लान बनाया जाता है और इसे एक मासिक चक्र यानी मेंस्ट्रुअल साइकल (menstrual cycle) के भीतर, यानी करीब 10 से 14 दिनों में पूरा कर लिया जाता है। एग फ्रीज़ करने के क्या स्टेप्स होते हैं, आइये समझते हैं।
सबसे पहले फर्टिलिटी एक्सपर्ट आपकी पूरी जानकारी लेते हैं और कुछ जांचें करते हैं। इनमें ब्लड टेस्ट के ज़रिए हार्मोन का लेवल देखा जाता है, खासकर एएमएच यानी एंटी म्यूलेरियन हार्मोन (AMH), जिससे ओवेरियन रिज़र्व का अंदाज़ा मिल जाता है। साथ ही अल्ट्रासाउंड से ओवरी में मौजूद छोटे फॉलिकल (follicle) गिने जाते हैं। ध्यान रहे कि एएमएच टेस्ट से एग्स की संख्या का पता चलता है, लेकिन उनकी क्वालिटी के बारे में कुछ पता नहीं चलता। इन जांचों के आधार पर डॉक्टर आपके लिए दवाओं की मात्रा तय करते हैं।
नॉर्मल मेंस्ट्रुअल साइकल में हर महीने आमतौर पर एक ही एग मैच्योर होता है। लेकिन एग फ्रीजिंग में एक ही साइकल में ज़्यादा से ज़्यादा एग्स मैच्योर कराने के लिए करीब 8 से 12 दिनों तक हार्मोन के इंजेक्शन दिए जाते हैं। इन्हें गोनाडोट्रोपिन (gonadotropin) कहते हैं, जिससे ओवरी में कई फॉलिकल एक साथ बढ़ने लगते हैं। इस दौरान बीच बीच में अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट से फॉलिकल की ग्रोथ पर नज़र रखी जाती है। ज़रूरत पड़ने पर डोज़ में बदलाव किया जाता है।
जब फॉलिकल का साइज अपने एग रिट्रीवल के लिए जरुरी साइज के बराबर हो जाता है, तब आखिर में एक और इंजेक्शन दिया जाता है जिसे ट्रिगर शॉट (trigger shot) कहते हैं। यह एग्स को मैच्योर करने का आखिरी स्टेप होता है। इसके करीब 34 से 36 घंटे बाद एग निकालने की प्रक्रिया होती है, जिसे एग रिट्रीवल कहते हैं।
यह प्रोसेस करने से पहले हल्का एनेस्थीसिया (anesthesia) दिया जाता है, इसलिए एग रिट्रीवल के समय दर्द महसूस नहीं होता। इसके बाद डॉक्टर योनि मार्ग यानी वेजाइना के रास्ते अल्ट्रासाउंड गाइडेंस में एक पतली सुई से हर फॉलिकल से तरल और उसमें मौजूद एग धीरे से निकाल लेते हैं। यह पूरा प्रोसेस आमतौर पर 15 से 20 मिनट में हो जाता है और आप उसी दिन घर जा सकती हैं।
निकाले गए एग्स में से केवल मैच्योर एग्स को सेलेक्ट किया जाता है और उन्हें विट्रिफिकेशन टेक्नीक से बहुत तेज़ी से फ्रीज़ कर दिया जाता है। इसके बाद इन्हें लिक्विड नाइट्रोजन (liquid nitrogen) में करीब माइनस 196 डिग्री सेल्सियस तापमान पर स्टोर कर लिया जाता है। इस टेम्परेचर पर एग्स की जैविक गतिविधि लगभग रुक जाती है, इसलिए वे कई साल तक बिना क्वालिटी खोए सुरक्षित रह सकते हैं।
इस पूरे प्रोसेस को नीचे दी गयी टेबल से आसानी से समझा जा सकता है।
चरण | क्या होता है | अनुमानित समय |
|---|---|---|
जांच और सलाह | हार्मोन जांच, अल्ट्रासाउंड, योजना बनाना | मेंस्ट्रुअल साइकल शुरू होने से पहले |
हार्मोनल तैयारी | एग बढ़ाने के लिए इंजेक्शन और निगरानी | करीब 8 से 12 दिन |
ट्रिगर शॉट | एगओं को परिपक्व करने का अंतिम इंजेक्शन | एग रिट्रीवल से 34 से 36 घंटे पहले |
एग रिट्रीवल | हल्के एनेस्थीसिया में एग निकालना | करीब 15 से 20 मिनट |
फ्रीजिंग | मैच्योर एग्स को विट्रिफिकेशन से फ्रीज़ करना | उसी दिन लैब में |
यह समझना ज़रूरी है कि एग फ्रीजिंग की सफलता किसी एक बात पर नहीं, बल्कि कई फ़ैक्टर पर टिकी होती है।
आधुनिक विट्रिफिकेशन तकनीक ने इस पूरी प्रक्रिया को काफ़ी भरोसेमंद बना दिया है। अच्छी लैब्स में जमाए गए एगओं में से करीब 90 से 95 प्रतिशत पिघलाने के बाद जीवित बच जाते हैं। इसके बावजूद हर जीवित एग से गर्भ ठहर ही जाए, यह ज़रूरी नहीं, क्योंकि आगे निषेचन (fertilization), एम्ब्रीओ का विकास और गर्भाशय में स्थापित होना, ये सब भी सफलता तय करते हैं।
वास्तविक आंकड़ों में उम्र का असर साफ़ दिखता है। एक स्टडी के अनुसार फ्रीज़ किये गए एग्स का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में जीवित शिशु जन्म की कुल दर 35 साल या उससे कम उम्र वालों में 63.6 प्रतिशत, 36 से 39 साल की महिलाओं में 42.3 प्रतिशत और 40 साल या उससे ऊपर वाली महिलाओं में 17.6 प्रतिशत पायी गयी। यही डेटा बताता है कि सही समय पर एग फ्रीज़ करवाना कितना महत्वपूर्ण होता है।
यह सवाल लगभग हर उस महिला का होता है जिसने एग फ्रीजिंग के बारे में सुना होता है। इसका जवाब भी उम्र से जुड़ा है, क्योंकि उम्र बढ़ने पर एक ही लेवल की सफलता पाने के लिए ज़्यादा एग्स की ज़रूरत पड़ती है।
एक एनालिसिस के अनुसार कम से कम एक जीवित शिशु की करीब 75 प्रतिशत संभावना पाने के लिए 34 साल की महिला को लगभग 10, 37 साल की महिला को लगभग 20 और 42 साल की महिला को लगभग 61 मैच्योर एग फ्रीज करने होंगे। इसी स्टडी में यह भी देखा गया कि अगर 20 मैच्योर एग फ्रीज किए जाएं, तो कम से कम एक जीवित शिशु की संभावना 34 साल की महिलाओं में करीब 90 प्रतिशत, 37 साल की महिलाओं में करीब 75 प्रतिशत और 42 साल की महिलाओं में करीब 37 प्रतिशत रहती है।
एक और स्टडी इस बात को और स्पष्ट करती है। स्टैटपर्ल्स के अनुसार जब 35 साल से कम उम्र की महिला के 15 एग विट्रिफिकेशन वाले तरीके से फ्रीज़ किये जाते हैं, तो जीवित शिशु के जन्म की संभावना करीब 85 प्रतिशत तक हो सकती है।
यही वजह है कि स्टडीज़ बताती हैं कि अगर प्रति महिला 15 या उससे अधिक एग फ्रीज़ किये जाएं तो जीवित संतान होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
नीचे दी गई टेबल से महिला की उम्र और एग्स फ्रीज़ करने की जरुरी संख्या का पता चलता है। ध्यान रहे, ये संख्या अनुमान के आधार पर बताई जा रही है और हर महिला की स्थिति अलग हो सकती है।
फ्रीजिंग के समय उम्र | एक जीवित शिशु की करीब 75 प्रतिशत संभावना के लिए अनुमानित मैच्योर एग |
|---|---|
लगभग 34 साल | करीब 10 एग |
लगभग 37 साल | करीब 20 एग |
लगभग 42 साल | करीब 61 एग |
एग फ्रीज़ करने से आप भविष्य में माँ बनने के लिए एक अच्छा मौका सुरक्षित कर लेती हैं, लेकिन इससे प्रेगनेंसी या स्वस्थ संतान के जन्म की गारंटी नहीं मिलती।
इसका कारण समझना आसान है। फ्रीज़ किया गया एग सिर्फ़ पहला स्टेप है। आगे उसे पिघलाना यानी थ़ॉ (Thaw) करना होता है, फिर स्पर्म से फ़र्टिलाइज़ कराना होता है, फिर उससे बना एम्ब्रीओ ठीक से विकसित होना चाहिए, और अंत में उसे यूट्रस में इम्प्लांट होकर गर्भ बनना चाहिए। इनमें से हर स्टेप की अपनी सक्सेस रेट होती है, इसलिए अंतिम परिणाम कई बातों पर निर्भर करता है।
यही वजह है कि डॉक्टर उम्मीदों को यथार्थ के साथ जोड़कर रखने पर ज़ोर देते हैं। जितनी कम उम्र में और जितने ज़्यादा स्वस्थ एग आप सुरक्षित रखती हैं, प्रेगनेंसी होने की संभावना उतनी ज्यादा होती है। लेकिन इसे एक पक्की गारंटी की बजाय एक अच्छे बीमा की तरह देखना ज़्यादा सही है, जो यह भरोसा देता कि भविष्य में आपके पास एक अतिरिक्त और भरोसेमंद विकल्प मिल जाता है।
एग फ्रीजिंग आमतौर पर एक सुरक्षित प्रक्रिया मानी जाती है, लेकिन किसी भी चिकित्सा प्रक्रिया की तरह इसके भी कुछ संभावित असर होते हैं जिन्हें जान लेना ज़रूरी है।
हार्मोन के इंजेक्शन के दौरान कुछ महिलाओं को हल्की सूजन, पेट में भारीपन, मूड में बदलाव या इंजेक्शन वाली जगह पर हल्की जलन महसूस हो सकती है। ये असर आमतौर पर मामूली होते हैं और चक्र पूरा होने के बाद अपने आप ठीक हो जाते हैं।
कुछ मामलों में अंडाशय ज़रूरत से ज़्यादा प्रतिक्रिया कर सकते हैं, जिसे ओवेरियन हाइपरस्टिम्युलेशन सिंड्रोम (OHSS) कहते हैं। इसमें ओवरी में सूजन आ जाती है और पेट में तरल जमा हो सकता है। ज़्यादातर केसेस में यह हल्का ही होता है और थोड़े आराम से ठीक हो जाता है। अच्छे ऑब्ज़र्वेशन और दवा की सही डोज़ से इसका रिस्क काफ़ी कम जा सकता है, इसीलिए इस दौरान बार बार टेस्ट किये जाते हैं।
एग रिट्रीवल एक छोटी प्रक्रिया है, लेकिन किसी भी सुई आधारित प्रक्रिया की तरह इसमें हल्के रक्तस्राव या संक्रमण की बहुत कम आशंका रहती है। अनुभवी टीम और साफ़ सुथरी लैब में यह रिस्क लगभग न के बारबार होता है। कुल मिलाकर, सही फ़र्टिलिटी सेंटर और एक्सपर्ट की देखरेख में एग फ्रीजिंग करवाना अधिकतर महिलाओं के लिए सुरक्षित ही होता है।
एग फ्रीजिंग का फैसला लेने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें जिससे भविष्य में माँ बनने का आपका सपना पूरा हो सकता है।
फर्टिलिटी एक्सपर्ट से सलाह लें: अपनी उम्र, एएमएच (AMH) रिपोर्ट और ओवेरियन रिजर्व के आधार पर डॉक्टर से समझें कि एग फ्रीजिंग आपके लिए सही ऑप्शन है या नहीं और कितने एग फ्रीज करने की जरूरत हो सकती है।
ज़रूरी जाँच समय पर करवाएँ: प्रोसेस शुरू करने से पहले एएमएच टेस्ट और अल्ट्रासाउंड जैसी ज़रूरी टेस्ट करवा लें, ताकि डॉक्टर को आपकी फर्टिलिटी की सही कंडीशन का पता चल सके।
पूरे प्रोसेस को समझें: एग फ्रीजिंग की सफलता की संभावना, खर्च, कितने साइकल की जरूरत पड़ सकती है और भविष्य में फ्रीज किए गए एग का इस्तेमाल कैसे होगा, इन सभी बातों की जानकारी पहले ही ले लें।
हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएँ: बैलेंस्ड डाइट लें, पर्याप्त नींद लें, स्ट्रेस कम रखें और स्मोकिंग व शराब से दूर रहें। इससे आपकी ओवरऑल रिप्रोडक्टिव हेल्थ बेहतर रहती है और एग फ्रीजिंग प्रोसेस के लिए शरीर अच्छी तरह तैयार होता है।
कई बार महिलाएं यह तय नहीं कर पातीं कि एक्सपर्ट से कब मिलना चाहिए। उनके लिए यह जानना जरुरी है कि कुछ कंडीशन ऐसी होती हैं जिनमें सलाह लेना समझदारी है।
एग फ्रीजिंग आज उन महिलाओं के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बन चुकी है जो किसी वजह से अभी मां नहीं बनना चाहतीं लेकिन भविष्य में माँ बनने की संभावना को बनाये रखना चाहती हैं। कुछ महिलायें ऐसी भी होती हैं जिन्हें ऐसा इलाज कराना है जो उनकी फ़र्टिलिटी को प्रभावित कर सकता है। क्योंकि एग फ्रीजिंग का आईडिया सिर्फ इसलिए जरुरी है जिससे कम उम्र के स्वस्थ एग्स को सुरक्षित रखकर भविष्य में प्रेगनेंसी की संभावना को बरक़रार रखा जा सके।
ऐसा देखा गया है कि उम्र के साथ एग्स की संख्या और क्वालिटी दोनों घटती हैं, इसलिए जितनी जल्दी यह कदम उठाया जाए, परिणाम उतने बेहतर रहते हैं। विट्रिफिकेशन जैसी आधुनिक तकनीक ने एग्स को सुरक्षित रखना काफ़ी भरोसेमंद बना दिया है, फिर भी यह याद रखना ज़रूरी है कि एग फ्रीजिंग प्रेगनेंसी की गारंटी नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद विकल्प है।
लेकिन याद रखें कि हर महिला का शरीर, उम्र और कंडीशन अलग होती है। इसलिए अगर आप एग फ्रीजिंग पर विचार कर रही हैं, तो किसी अनुभवी फर्टिलिटी विशेषज्ञ से बात करके अपनी जांच के आधार पर सही समय और सही प्लान बनाएं।