ल्यूकोरिया (leukorrhea) यानी व्हाइट डिस्चार्ज योनि मतलब वेजाइना (vegina) से निकलने वाला गाढ़ा सफेद या पानी जैसा पारदर्शी, चिपचिपा डिस्चार्ज होता है जिसे देख कर बहुत सी महिलाओं में डर पैदा हो जाता है। और उन्हें लगता है कि शायद यह कोई इन्फेक्शन है, लेकिन यह व्हाइट लिक्विड यानी डिस्चार्ज आपके शरीर का एक बहुत ही स्मार्ट 'सेल्फ-क्लीनिंग' सिस्टम है जो वेजाइना को अपने आप साफ़ बनाये रखता है। लेकिन यह white discharge kab hota hai और कब यह नॉर्मल होता है, इसका भी बहुत महत्व होता है।
आपकी पूरी पीरियड साइकिल के दौरान डिस्चार्ज का रंग और टेक्सचर बदलता रहता है। व्हाइट डिस्चार्ज के अलग अलग काम होते हैं कभी यह बताता है कि आप सबसे ज़्यादा फर्टाइल हैं, तो कभी यह पीरियड आने का सिग्नल होता है। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि white discharge kab hota hai और इस स्टेज पर यह क्या सिग्नल देता है ताकि आप अपनी सेहत को बेहतर तरीके से ट्रैक कर सकें।
ल्यूकोरिया (leukorrhea) यानी व्हाइट डिस्चार्ज योनि मतलब वेजाइना (vegina) से निकलने वाला गाढ़ा सफेद या पानी जैसा पारदर्शी, चिपचिपा डिस्चार्ज होता है जिसे देख कर बहुत सी महिलाओं में डर पैदा हो जाता है। और उन्हें लगता है कि शायद यह कोई इन्फेक्शन है, लेकिन यह व्हाइट लिक्विड यानी डिस्चार्ज आपके शरीर का एक बहुत ही स्मार्ट 'सेल्फ-क्लीनिंग' सिस्टम है जो वेजाइना को अपने आप साफ़ बनाये रखता है। लेकिन यह white discharge kab hota hai और कब यह नॉर्मल होता है, इसका भी बहुत महत्व होता है।
आपकी पूरी पीरियड साइकिल के दौरान डिस्चार्ज का रंग और टेक्सचर बदलता रहता है। व्हाइट डिस्चार्ज के अलग अलग काम होते हैं कभी यह बताता है कि आप सबसे ज़्यादा फर्टाइल हैं, तो कभी यह पीरियड आने का सिग्नल होता है। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि white discharge kab hota hai और इस स्टेज पर यह क्या सिग्नल देता है ताकि आप अपनी सेहत को बेहतर तरीके से ट्रैक कर सकें।
वेजाइना, शरीर का खुद से ही साफ़ होने वाला यानी सेल्फ़ क्लीनिंग (self cleaning) अंग होता है। इसे साफ करने के लिए बाहर से किसी साबुन, खुशबूदार लोशन या डूश (douche) की ज़रूरत नहीं होती। शरीर के अंदर से जो लिक्विड जैसा निकलता है, वह दरअसल सर्विक्स (cervix) यानी गर्भाशय ग्रीवा और वेजाइना के अंदरूनी भागों से से आता है।
इस लिक्विड में मृत कोशिकाएं यानी डेड सेल्स (dead cells)और वे ज़रूरी बैक्टीरिया होते हैं जो वेजाइना के pH बैलेंस को बनाए रखते हैं और इन्फेक्शन को दूर रखते हैं। यही लिक्विड यानी 'म्यूकस' है जिसे व्हाइट डिस्चार्ज कहते हैं। व्हाइट डिस्चार्ज का हर महीने हार्मोन्स के उतार-चढ़ाव के साथ कलर, स्मेल, और टेक्सचर बदलता रहता है।
White discharge kab hota hai, यह पूरी तरह से दो मुख्य हॉर्मोन्स एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन पर निर्भर करता है।
आपकी मेंस्ट्रुअल साइकिल के हर फेज में इन हॉर्मोन का लेवल ऊपर नीचे होता है, इसीलिए डिस्चार्ज की मात्रा और टेक्सचर भी बदलता रहता है।
पीरियड खत्म होने के शुरुआती दो-तीन दिन अक्सर वेजाइना ड्राई महसूस होती है। इस समय एस्ट्रोजन का लेवल सबसे कम होता है। कुछ महिलाओं को बिल्कुल डिस्चार्ज महसूस नहीं होता, जबकि कुछ को बहुत हल्का क्रीमी डिस्चार्ज महसूस हो सकता है।
जैसे-जैसे आप ओव्यूलेशन की ओर बढ़ती हैं, आपका एस्ट्रोजन लेवल बढ़ना शुरू हो जाता है। इस समय डिस्चार्ज सफेद या हल्का पीलापन लिए हो सकता है। इसका टेक्सचर किसी लोशन या पेस्ट की तरह गाढ़ा और चिपचिपा होता है जो स्पर्म के लिए एक बैरियर यानी रुकावट का काम करता है।
इस समय को फर्टाइल विंडो (fertile window) कहते हैं। कंसीव करने का यही एकमात्र समय होता है। ओव्यूलेशन के आसपास डिस्चार्ज बिल्कुल कच्चे अंडे की सफेदी (Egg white cervical mucus) जैसा पारदर्शी और खिंचने वाला हो जाता है। यह इस बात का सिग्नल है कि आप सबसे ज़्यादा फर्टाइल हैं, इस समय स्पर्म आसानी से एग तक पहुँच सकते हैं।
ओव्यूलेशन खत्म होते ही डिस्चार्ज फिर से गाढ़ा और चिपचिपा हो जाता है क्योंकि अब प्रोजेस्टेरोन बढ़ रहा होता है। पीरियड आने से कुछ दिन पहले यह क्रीमी और सफेद हो जाता है, जो बताता है कि अब गर्भाशय की परत गिरने वाली है जिससे पीरियड्स आने वाले हैं।
प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन दोनों ही काफी ज़्यादा होते हैं। इस वजह से डिस्चार्ज की मात्रा काफी बढ़ जाती है।
व्हाइट डिस्चार्ज कहीं किसी परेशानी का सिग्नल तो नहीं दे रहा इसे पहचानने के लिए सिर्फ़ रंग नहीं, बल्कि कई और चीज़ें भी देखनी पड़ती हैं। नीचे दी गई टेबल से आप अपनी कंडीशन का अंदाज़ा लगा सकती हैं।
| लक्षण | नॉर्मल डिस्चार्ज | असामान्य यानी ऐबनॉर्मल डिस्चार्ज |
|---|---|---|
| रंग | सफेद, पारदर्शी या हल्का पीला | हरा, गहरा पीला, ग्रे या कत्थई |
| टेक्सचर | पतला, क्रीमी या अंडे की सफेदी जैसा | पनीर जैसा फटा हुआ, झागदार या बहुत गाढ़ा |
| गंध | कोई गंध नहीं या बहुत हल्की | तेज़, मछली जैसी बदबू या बहुत तीखी गंध |
| अन्य सिम्पटम्स | कोई परेशानी नहीं होती | खुजली, जलन, सूजन या पेशाब में दर्द |
जब व्हाइट डिस्चार्ज नॉर्मल नहीं हो तब सिर्फ white discharge kab hota hai जानना काफी नहीं होता। व्हाइट डिस्चार्ज में गड़बड़ी का मतलब है कि शरीर कुछ समस्या का सिग्नल दे रहा है।
अपने शरीर को समझना बहुत ज़रूरी है। आप खुद से ओव्यूलेशन पीरियड पता कर सकती हैं, इसके लिए आप उंगलियों के बीच म्यूकस को लेकर उसका खिंचाव यानी इलास्टिसिटी (elasticity) चेक करें।
योनि के नेचुरल बैलेंस को बनाए रखने के लिए इन आदतों को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं।
वेजाइना से डिस्चार्ज होना नॉर्मल और नेचुरल है, जरुरत है तो बस उसके बारे में जानने की कि White discharge kab hota hai और किस तरह के डिस्चार्ज का क्या सिग्नल है। क्योंकि डिस्चार्ज तो पूरे महीने होता है, बस इसका रूप यानी फॉर्म बदलती रहती है। वेजाइना से होने वाला व्हाइट डिस्चार्ज आपको, आपकी फर्टिलिटी और हैल्थ के बारे में जानकारी देती है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि जब तक डिस्चार्ज सफेद या पारदर्शी है और उसमें खुजली या बदबू नहीं है, तब तक घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। लेकिन अगर रंग हरा या पीला हो जाए या जलन महसूस हो, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें और डॉक्टर से सलाह लें।
नहीं, यह एक बहुत बड़ा भ्रम है। डिस्चार्ज की मात्रा आपकी डाइट या कमज़ोरी पर नहीं, बल्कि हॉर्मोन के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है।
डिस्चार्ज एक बड़ा संकेत ज़रूर है (अंडे की सफेदी जैसा म्यूकस), लेकिन इसे 100% पक्का करने के लिए ओव्यूलेशन किट या बेसल टेम्परेचर का इस्तेमाल करना चाहिए।
हाँ, कुछ महिलाओं को 'इम्प्लांटेशन' के समय हल्का गुलाबी या भूरा डिस्चार्ज दिख सकता है। उसके बाद यह आमतौर पर गाढ़ा और सफेद बना रहता है।
हाँ, फर्टिलिटी से जुड़ी जाँचों के लिए अक्सर डॉक्टर पीरियड्स के दूसरे या तीसरे दिन टीवीएस (TVS) की सलाह देते हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित है।
जाँच के दौरान इस्तेमाल होने वाले जेल (lubricant) की वजह से कुछ घंटों तक डिस्चार्ज ज़्यादा लग सकता है, लेकिन यह कोई इन्फेक्शन नहीं है।