व्हाइट डिस्चार्ज कब और क्यों होता है?

Last updated: February 10, 2026

Overview

ल्यूकोरिया (leukorrhea) यानी व्हाइट डिस्चार्ज योनि मतलब वेजाइना (vegina) से निकलने वाला गाढ़ा सफेद या पानी जैसा पारदर्शी, चिपचिपा डिस्चार्ज होता है जिसे देख कर बहुत सी महिलाओं में डर पैदा हो जाता है। और उन्हें लगता है कि शायद यह कोई इन्फेक्शन है, लेकिन यह व्हाइट लिक्विड यानी डिस्चार्ज आपके शरीर का एक बहुत ही स्मार्ट 'सेल्फ-क्लीनिंग' सिस्टम है जो वेजाइना को अपने आप साफ़ बनाये रखता है। लेकिन यह white discharge kab hota hai और कब यह नॉर्मल होता है, इसका भी बहुत महत्व होता है। आपकी पूरी पीरियड साइकिल के दौरान डिस्चार्ज का रंग और टेक्सचर बदलता रहता है। व्हाइट डिस्चार्ज के अलग अलग काम होते हैं कभी यह बताता है कि आप सबसे ज़्यादा फर्टाइल हैं, तो कभी यह पीरियड आने का सिग्नल होता है। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि white discharge kab hota hai और इस स्टेज पर यह क्या सिग्नल देता है ताकि आप अपनी सेहत को बेहतर तरीके से ट्रैक कर सकें। ल्यूकोरिया (leukorrhea) यानी व्हाइट डिस्चार्ज योनि मतलब वेजाइना (vegina) से निकलने वाला गाढ़ा सफेद या पानी जैसा पारदर्शी, चिपचिपा डिस्चार्ज होता है जिसे देख कर बहुत सी महिलाओं में डर पैदा हो जाता है। और उन्हें लगता है कि शायद यह कोई इन्फेक्शन है, लेकिन यह व्हाइट लिक्विड यानी डिस्चार्ज आपके शरीर का एक बहुत ही स्मार्ट 'सेल्फ-क्लीनिंग' सिस्टम है जो वेजाइना को अपने आप साफ़ बनाये रखता है। लेकिन यह white discharge kab hota hai और कब यह नॉर्मल होता है, इसका भी बहुत महत्व होता है।

आपकी पूरी पीरियड साइकिल के दौरान डिस्चार्ज का रंग और टेक्सचर बदलता रहता है। व्हाइट डिस्चार्ज के अलग अलग काम होते हैं कभी यह बताता है कि आप सबसे ज़्यादा फर्टाइल हैं, तो कभी यह पीरियड आने का सिग्नल होता है। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि white discharge kab hota hai और इस स्टेज पर यह क्या सिग्नल देता है ताकि आप अपनी सेहत को बेहतर तरीके से ट्रैक कर सकें।

योनि का सेल्फ-क्लीनिंग सिस्टम काम कैसे करता है?

वेजाइना, शरीर का खुद से ही साफ़ होने वाला यानी सेल्फ़ क्लीनिंग (self cleaning) अंग होता है। इसे साफ करने के लिए बाहर से किसी साबुन, खुशबूदार लोशन या डूश (douche) की ज़रूरत नहीं होती। शरीर के अंदर से जो लिक्विड जैसा निकलता है, वह दरअसल सर्विक्स (cervix) यानी गर्भाशय ग्रीवा और वेजाइना के अंदरूनी भागों से से आता है।

इस लिक्विड में मृत कोशिकाएं यानी डेड सेल्स (dead cells)और वे ज़रूरी बैक्टीरिया होते हैं जो वेजाइना के pH बैलेंस को बनाए रखते हैं और इन्फेक्शन को दूर रखते हैं। यही लिक्विड यानी 'म्यूकस' है जिसे व्हाइट डिस्चार्ज कहते हैं। व्हाइट डिस्चार्ज का हर महीने हार्मोन्स के उतार-चढ़ाव के साथ कलर, स्मेल, और टेक्सचर बदलता रहता है।

कौन से हॉर्मोन्स हैं व्हाइट डिस्चार्ज की वजह?

White discharge kab hota hai, यह पूरी तरह से दो मुख्य हॉर्मोन्स एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन पर निर्भर करता है।

  • जब शरीर में एस्ट्रोजन का लेवल बढ़ता है, तो डिस्चार्ज पतला और पारदर्शी होने लगता है।
  • जब प्रोजेस्टेरोन ज्यादा हो जाता है, तो यह डिस्चार्ज गाढ़ा और कम हो जाता है।

आपकी मेंस्ट्रुअल साइकिल के हर फेज में इन हॉर्मोन का लेवल ऊपर नीचे होता है, इसीलिए डिस्चार्ज की मात्रा और टेक्सचर भी बदलता रहता है।

पीरियड साइकिल और व्हाइट डिस्चार्ज में सम्बन्ध

पीरियड के तुरंत बाद

पीरियड खत्म होने के शुरुआती दो-तीन दिन अक्सर वेजाइना ड्राई महसूस होती है। इस समय एस्ट्रोजन का लेवल सबसे कम होता है। कुछ महिलाओं को बिल्कुल डिस्चार्ज महसूस नहीं होता, जबकि कुछ को बहुत हल्का क्रीमी डिस्चार्ज महसूस हो सकता है।

पीरियड के एक हफ्ते बाद

जैसे-जैसे आप ओव्यूलेशन की ओर बढ़ती हैं, आपका एस्ट्रोजन लेवल बढ़ना शुरू हो जाता है। इस समय डिस्चार्ज सफेद या हल्का पीलापन लिए हो सकता है। इसका टेक्सचर किसी लोशन या पेस्ट की तरह गाढ़ा और चिपचिपा होता है जो स्पर्म के लिए एक बैरियर यानी रुकावट का काम करता है।

ओव्यूलेशन के दौरान

इस समय को फर्टाइल विंडो (fertile window) कहते हैं। कंसीव करने का यही एकमात्र समय होता है। ओव्यूलेशन के आसपास डिस्चार्ज बिल्कुल कच्चे अंडे की सफेदी (Egg white cervical mucus) जैसा पारदर्शी और खिंचने वाला हो जाता है। यह इस बात का सिग्नल है कि आप सबसे ज़्यादा फर्टाइल हैं, इस समय स्पर्म आसानी से एग तक पहुँच सकते हैं।

ओव्यूलेशन के बाद और पीरियड से पहले

ओव्यूलेशन खत्म होते ही डिस्चार्ज फिर से गाढ़ा और चिपचिपा हो जाता है क्योंकि अब प्रोजेस्टेरोन बढ़ रहा होता है। पीरियड आने से कुछ दिन पहले यह क्रीमी और सफेद हो जाता है, जो बताता है कि अब गर्भाशय की परत गिरने वाली है जिससे पीरियड्स आने वाले हैं।

प्रेगनेंसी में डिस्चार्ज में बदलाव

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन दोनों ही काफी ज़्यादा होते हैं। इस वजह से डिस्चार्ज की मात्रा काफी बढ़ जाती है।

  • शुरुआती प्रेगनेंसी में होने वाले पतले और सफेद डिस्चार्ज को ल्यूकोरिया (Leukorrhea) कहते हैं।
  • यह डिस्चार्ज एक 'म्यूकस प्लग' बनाने में मदद करता है जो गर्भाशय के मुँह को सील कर देता है ताकि बच्चा इन्फेक्शन से सुरक्षित रहे।
  • जब तक इसमें बदबू या खुजली न हो, प्रेगनेंसी में ज़्यादा डिस्चार्ज होना पूरी तरह नॉर्मल है।

कब व्हाइट डिस्चार्ज नॉर्मल और कब नहीं?

व्हाइट डिस्चार्ज कहीं किसी परेशानी का सिग्नल तो नहीं दे रहा इसे पहचानने के लिए सिर्फ़ रंग नहीं, बल्कि कई और चीज़ें भी देखनी पड़ती हैं। नीचे दी गई टेबल से आप अपनी कंडीशन का अंदाज़ा लगा सकती हैं।

लक्षण नॉर्मल डिस्चार्ज असामान्य यानी ऐबनॉर्मल डिस्चार्ज
रंग सफेद, पारदर्शी या हल्का पीला हरा, गहरा पीला, ग्रे या कत्थई
टेक्सचर पतला, क्रीमी या अंडे की सफेदी जैसा पनीर जैसा फटा हुआ, झागदार या बहुत गाढ़ा
गंध कोई गंध नहीं या बहुत हल्की तेज़, मछली जैसी बदबू या बहुत तीखी गंध
अन्य सिम्पटम्स कोई परेशानी नहीं होती खुजली, जलन, सूजन या पेशाब में दर्द

किस तरह का डिस्चार्ज किस समस्या का सिग्नल होता है?

जब व्हाइट डिस्चार्ज नॉर्मल नहीं हो तब सिर्फ white discharge kab hota hai जानना काफी नहीं होता। व्हाइट डिस्चार्ज में गड़बड़ी का मतलब है कि शरीर कुछ समस्या का सिग्नल दे रहा है।

  • अगर डिस्चार्ज सफेद, गाढ़ा और 'पनीर जैसा' फटा हुआ है और साथ में तेज़ खुजली भी है, तो यह यीस्ट इन्फेक्शन (Candidiasis) हो सकता है।
  • अगर डिस्चार्ज पतला, भूरा-ग्रे है और उसमें से मछली जैसी बदबू आ रही है, तो यह बैक्टीरियल वेजिनोसिस का संकेत है।
  • झागदार और हरा-पीला डिस्चार्ज अक्सर ट्राइकोमोनिएसिस होता है जो सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन की वजह से होता है।
  • अगर डिस्चार्ज में खून मिला हुआ है और वह पीरियड की तारीख से मेल नहीं खाता, तो यह सर्विक्स या यूट्रस की किसी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में बिना देरी किये डॉक्टर से संपर्क करें।

खुद कैसे जाँचें यानी सेल्फ असेसमेंट कैसे करें?

अपने शरीर को समझना बहुत ज़रूरी है। आप खुद से ओव्यूलेशन पीरियड पता कर सकती हैं, इसके लिए आप उंगलियों के बीच म्यूकस को लेकर उसका खिंचाव यानी इलास्टिसिटी (elasticity) चेक करें।

  • अगर वह 1 से 2 इंच तक खिंच रहा है, तो आप ओव्यूलेशन के करीब हैं।
  • अगर वह उंगली पर रखते ही टूट जा रहा है और चिपचिपा है, तो आप फर्टाइल फेज में नहीं हैं, यानी अभी प्रेगनेंट होने की संभावना नहीं है।

हाइजीन टिप्स: डिस्चार्ज को नॉर्मल कैसे रखें?

योनि के नेचुरल बैलेंस को बनाए रखने के लिए इन आदतों को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं।

  • हमेशा सूती यानी कॉटन (cotton) अंडरवियर पहनें जो हवा को आने-जाने दे और नमी को सोख सके।
  • वेजाइना के अंदरूनी हिस्से को साफ़ करने के लिए साबुन, डूश या किसी भी खुशबूदार स्प्रे का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
  • पीरियड के दौरान पैड या टैम्पोन को हर 4 से 6 घंटे में बदलें ताकि वहाँ बैक्टीरिया न पनप पायें।
  • वर्कआउट या पसीना आने के बाद अपनी अंडरवियर तुरंत बदलें।
  • हमेशा आगे से पीछे की तरफ (Front to Back) सफाई करें ताकि इन्फेक्शन का खतरा कम रहे।
  • सेक्स के बाद पेशाब ज़रूर करें, इससे यूरीथ्रा (urethra) यानी पेशाब की नली के इन्फेक्शन का रिस्क कम हो जाता है।

निष्कर्ष

वेजाइना से डिस्चार्ज होना नॉर्मल और नेचुरल है, जरुरत है तो बस उसके बारे में जानने की कि White discharge kab hota hai और किस तरह के डिस्चार्ज का क्या सिग्नल है। क्योंकि डिस्चार्ज तो पूरे महीने होता है, बस इसका रूप यानी फॉर्म बदलती रहती है। वेजाइना से होने वाला व्हाइट डिस्चार्ज आपको, आपकी फर्टिलिटी और हैल्थ के बारे में जानकारी देती है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि जब तक डिस्चार्ज सफेद या पारदर्शी है और उसमें खुजली या बदबू नहीं है, तब तक घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। लेकिन अगर रंग हरा या पीला हो जाए या जलन महसूस हो, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें और डॉक्टर से सलाह लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या ज़्यादा सफेद पानी आना कमज़ोरी की निशानी है?

 

नहीं, यह एक बहुत बड़ा भ्रम है। डिस्चार्ज की मात्रा आपकी डाइट या कमज़ोरी पर नहीं, बल्कि हॉर्मोन के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है।

क्या डिस्चार्ज से ओव्यूलेशन कन्फर्म किया जा सकता है?

 

डिस्चार्ज एक बड़ा संकेत ज़रूर है (अंडे की सफेदी जैसा म्यूकस), लेकिन इसे 100% पक्का करने के लिए ओव्यूलेशन किट या बेसल टेम्परेचर का इस्तेमाल करना चाहिए।

क्या प्रेगनेंसी की शुरुआत में डिस्चार्ज का रंग बदलता है?

 

हाँ, कुछ महिलाओं को 'इम्प्लांटेशन' के समय हल्का गुलाबी या भूरा डिस्चार्ज दिख सकता है। उसके बाद यह आमतौर पर गाढ़ा और सफेद बना रहता है।

क्या पीरियड्स के दौरान टीवीएस (TVS) या अल्ट्रासाउंड कराना सुरक्षित है?

 

हाँ, फर्टिलिटी से जुड़ी जाँचों के लिए अक्सर डॉक्टर पीरियड्स के दूसरे या तीसरे दिन टीवीएस (TVS) की सलाह देते हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित है।

क्या टीवीएस (TVS) टेस्ट के बाद डिस्चार्ज बढ़ सकता है?

 

जाँच के दौरान इस्तेमाल होने वाले जेल (lubricant) की वजह से कुछ घंटों तक डिस्चार्ज ज़्यादा लग सकता है, लेकिन यह कोई इन्फेक्शन नहीं है।

**Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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