Egg Freezing (एग फ्रीजिंग) क्या है? प्रक्रिया, फायदे, सही उम्र और खर्च

Last updated: August 13, 2026

Overview

एग फ्रीजिंग एक फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन प्रक्रिया है, जिसमें महिला के अंडों को निकालकर भविष्य में इस्तेमाल के लिए फ्रीज करके सुरक्षित रखा जाता है। इसमें एग रिट्रीवल और विट्रिफिकेशन जैसे चरण शामिल होते हैं।

इसमें एग फ्रीजिंग की सही उम्र, प्रक्रिया, फायदे, जोखिम, सफलता दर और भारत में खर्च के साथ इससे जुड़े सामान्य सवालों की जानकारी दी गई है।

एग फ्रीजिंग का मतलब क्या है?

Egg freezing, जिसे मेडिकल भाषा में oocyte cryopreservation (ओसाइट क्रायोप्रिज़र्वेशन) कहा जाता है, एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें महिला के अंडाशय (ovaries) से अंडे (eggs) निकालकर उन्हें बेहद कम तापमान पर फ्रीज करके सुरक्षित रख लिया जाता है, ताकि महिला भविष्य में जब चाहे, इन अंडों की मदद से माँ बन सके।

आसान शब्दों में, जब कोई कहता है कि किसी महिला ने "अपने eggs freeze करवा लिए," तो इसका मतलब है कि उसने आज की उम्र के स्वस्थ अंडे सुरक्षित रखवा लिए हैं, ताकि करियर, सही जीवनसाथी का इंतज़ार, या किसी मेडिकल इलाज (जैसे कीमोथेरेपी) के कारण प्रेगनेंसी टालने पर भी भविष्य में जैविक (biological) संतान की संभावना बनी रहे।

महिलाएं एग फ्रीजिंग क्यों करवाती हैं?

एग फ्रीजिंग करवाने के कारण मुख्य रूप से दो श्रेणियों में आते हैं:

1. मेडिकल कारण

कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कीमोथेरेपी और पेल्विक रेडिएशन थेरेपी जैसी प्रक्रियाएं महिला की प्रजनन क्षमता (fertility) को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में इलाज शुरू होने से पहले eggs freeze करवाकर भविष्य में माँ बनने की संभावना सुरक्षित रखी जा सकती है। इसके अलावा premature ovarian failure (समय से पहले अंडाशय की कार्यक्षमता घटना), जल्दी मेनोपॉज़ का पारिवारिक इतिहास, या endometriosis जैसी स्थितियों में भी डॉक्टर एग फ्रीजिंग की सलाह दे सकते हैं।

2. सामाजिक या व्यक्तिगत कारण

कई महिलाएं करियर, पढ़ाई, आर्थिक स्थिरता, या सही जीवनसाथी न मिलने के कारण प्रेगनेंसी को कुछ साल टालना चाहती हैं। चूंकि उम्र बढ़ने के साथ अंडों की गुणवत्ता और संख्या दोनों घटती हैं, कम उम्र में eggs freeze करवाना भविष्य के लिए एक समझदारी भरा विकल्प बन जाता है।

एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया - स्टेप बाय स्टेप

पूरी प्रक्रिया आमतौर पर 2 से 3 हफ्ते में पूरी हो जाती है और इसके तीन मुख्य चरण हैं:

स्टेप 1: ओवेरियन स्टिमुलेशन (Ovarian Stimulation)

सामान्यतः हर मासिक चक्र (menstrual cycle) में अंडाशय केवल एक अंडा बनाते हैं। हार्मोन इंजेक्शन की मदद से अंडाशय को एक साथ कई अंडे बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है - जितने ज़्यादा अंडे, सफलता की संभावना उतनी बेहतर। डॉक्टर द्वारा बताई गई मात्रा में लगभग 10 से 12 दिनों तक पेट पर 2–3 हार्मोन इंजेक्शन लगाए जाते हैं। इस दौरान अंडों के विकास पर नज़र रखने के लिए नियमित ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं।

स्टेप 2: एग रिट्रीवल (Egg Retrieval)

अंडे तैयार होने पर एक छोटी-सी प्रक्रिया के ज़रिए उन्हें निकाला जाता है। यह हल्की एनेस्थीसिया (mild anaesthesia) में होती है और आमतौर पर 15 से 30 मिनट में पूरी हो जाती है। डॉक्टर एक पतली सुई की मदद से अंडाशय से अंडे निकालते हैं। ज़्यादातर महिलाएं उसी दिन घर लौट जाती हैं।

स्टेप 3: फ्रीजिंग / विट्रिफिकेशन (Vitrification)

निकाले गए स्वस्थ अंडों को vitrification नामक फ्लैश-फ्रीजिंग तकनीक से तुरंत फ्रीज कर दिया जाता है। बर्फ के क्रिस्टल बनने से रोकने के लिए फ्रीजिंग से पहले अंडों में एक विशेष सुरक्षात्मक द्रव डाला जाता है। फिर इन्हें liquid nitrogen से भरे विशेष टैंकों में शून्य से बहुत नीचे के तापमान पर सुरक्षित रखा जाता है, जहां ये कई वर्षों तक सुरक्षित रह सकते हैं।

एग फ्रीजिंग की सफलता दर कितनी है?

फ्रोज़न eggs से भविष्य में माँ बनने की सफलता दर लगभग 21% से 48% के बीच रहती है। यह दर मुख्य रूप से इन बातों पर निर्भर करती है:

  • Eggs freeze करवाते समय महिला की उम्र
  • फ्रीज किए गए अंडों की संख्या और गुणवत्ता
  • महिला का समग्र स्वास्थ्य

ध्यान रखें कि एग फ्रीजिंग प्रेगनेंसी की गारंटी नहीं है - कुछ महिलाओं को IVF के एक से अधिक साइकिल की ज़रूरत पड़ सकती है।

एग फ्रीजिंग के फायदे

  • भविष्य के लिए फर्टिलिटी सुरक्षित रहती है - उम्र बढ़ने पर भी आपके पास अपनी कम उम्र के स्वस्थ अंडे उपलब्ध रहते हैं।
  • मेडिकल इलाज से पहले सुरक्षा - कीमोथेरेपी जैसे इलाज से पहले eggs freeze करवाकर जैविक संतान की संभावना बचाई जा सकती है।
  • अपने फैसले खुद लेने की आज़ादी - कब माँ बनना है, यह तय करने का नियंत्रण महिला के अपने हाथ में रहता है।

एग फ्रीजिंग के जोखिम और साइड इफेक्ट्स

एग फ्रीजिंग एक अपेक्षाकृत सुरक्षित प्रक्रिया है। ज़्यादातर साइड इफेक्ट्स हल्के होते हैं और हार्मोन इंजेक्शन की वजह से होते हैं - जैसे अस्थायी पेट फूलना (bloating), सिरदर्द और मूड स्विंग्स। बहुत ही दुर्लभ मामलों में Ovarian Hyperstimulation Syndrome (OHSS) हो सकता है, इसीलिए स्टिमुलेशन के दौरान डॉक्टर नियमित ब्लड टेस्ट से निगरानी रखते हैं। इसके अलावा यह प्रक्रिया भावनात्मक और आर्थिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, इसलिए मानसिक रूप से तैयार होकर ही निर्णय लें।

एग फ्रीजिंग की सही उम्र क्या है?

सबसे अच्छे परिणाम तब मिलते हैं जब eggs 20s के आखिरी सालों या 30s की शुरुआत में फ्रीज करवाए जाएं, क्योंकि इस उम्र में अंडों की गुणवत्ता और संख्या अपने सर्वोत्तम स्तर के करीब होती है। 35 की उम्र के बाद अंडों की गुणवत्ता घटने लगती है, जिससे सफलता की संभावना कम हो जाती है। फर्टिलिटी डॉक्टर FSH (follicle-stimulating hormone) और AMH (anti-mullerian hormone) ब्लड टेस्ट से अंडों की स्थिति का अनुमान लगाते हैं।

भारत में एग फ्रीजिंग का खर्च कितना है?

भारत में एग फ्रीजिंग के एक साइकिल का खर्च आमतौर पर ₹1,00,000 से ₹2,30,000 के बीच आता है, जिसमें हार्मोन दवाइयां, मॉनिटरिंग और egg retrieval प्रक्रिया शामिल होती है। इसके अलावा अंडों को स्टोर रखने का कुछ सालाना खर्च अलग से लगता है। भारत में ज़्यादातर इंश्योरेंस प्लान इलेक्टिव एग फ्रीजिंग को कवर नहीं करते। हालाँकि कुछ लोन ऑप्शन उपलब्ध हैं। 

Frequently Asked Questions

Egg freezing का meaning in Hindi क्या है?

क्या एग फ्रीजिंग सुरक्षित है?

क्या eggs freeze करवाने के बाद भी नैचुरल प्रेगनेंसी हो सकती है?

क्या एग फ्रीजिंग के बाद पीरियड्स बंद हो जाते हैं?

अंडे कितने साल तक फ्रीज रखे जा सकते हैं?

क्या एग फ्रीजिंग के बाद प्रेगनेंसी की गारंटी है?

Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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