3 महीने की प्रेगनेंसी के लक्षण, डाइट और सावधानियां

Last updated: September 02, 2026

सारांश (Overview)

तीसरा महीना प्रेगनेंसी का सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस समय एक तरफ उल्टी और थकान सबसे ज्यादा होती है, दूसरी तरफ यही वह महीना है जब बच्चे के सारे अंग बनकर तैयार हो जाते हैं। यही वजह है कि इस महीने खानपान, दवाओं और अलग अलग टेस्ट को लेकर सबसे ज्यादा सावधानी बरतने को कहा जाता है। 

एक और बात जो इस महीने राहत देती है, वह यह है कि 12 हफ्ते पूरे होने के बाद मिसकैरेज की आशंका काफी घट जाती है और ज्यादातर महिलाओं में मितली भी कम होने लगती है। इसी महीने पहली बड़ी स्कैन और स्क्रीनिंग भी होती है, जिसको करवाने का समय बहुत सीमित होता है और उसे जरूर करवाना चाहिए। 

तीसरे महीने की प्रेगनेंसी की इस गाइड में आगे हम देखेंगे कि बच्चे की ग्रोथ कहां तक पहुंची है, कौन से लक्षण सामान्य हैं, भोजन में क्या खाएं, कौन से टेस्ट इसी महीने जरूरी हैं, और किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

3 महीने की प्रेगनेंसी में क्या होता है?

तीसरा महीना करीब 9 हफ्ते से 13 हफ्ते तक चलता है और इसी के साथ पहली तिमाही यानी फर्स्ट ट्राइमेस्टर पूरा हो जाता है। इस महीने गर्भाशय यानी यूट्रस (Uterus) बढ़कर संतरे जितना हो जाता है, हालांकि इस समय तक ज्यादातर महिलाओं में बाहर से पेट नहीं दिखता।

शरीर के अंदर सबसे बड़ा काम यह होता है कि बच्चे के अंग बनने की प्रक्रिया पूरी हो जाती है और अब वह सिर्फ बढ़ता है। एक रिपोर्ट के अनुसार 12 हफ्ते पूरे होने के बाद मिसकैरेज की आशंका काफी कम हो जाती है और ज्यादातर महिलाओं को मॉर्निंग सिकनेस से भी राहत मिलने लगती है।

3 महीने की प्रेगनेंसी में बच्चे का विकास कैसा होता है?

बच्चे के आकार और वजन में बदलाव

इस महीने की शुरुआत में बच्चा बीन के दाने जितना होता है और अंत तक बेर या नींबू जितना हो जाता है। 12 हफ्ते पूरे होने पर सिर से कूल्हे तक की लंबाई करीब 61 mm और वजन लगभग 14 ग्राम होता है

बच्चे के अंगों का विकास

प्रेगनेंसी यानी गर्भधारण के 12 हफ्ते बाद तक भ्रूण पूरी तरह बन चुका होता है, यानी उसके सारे अंग, मांसपेशियां, हाथ-पैर और हड्डियां बन जाती हैं। इसके बाद उनका काम सिर्फ बढ़ना और मैच्योर होना रह जाता है। बच्चे की किडनी काम करना शुरू कर देती है और आंतें अपनी सही जगह पर आ जाती हैं।

हाथ-पैर और चेहरे की बनावट

उंगलियां अलग-अलग हो जाती हैं और उन पर नाखून बनने लगते हैं। चेहरे पर आंखें, कान और नाक अपनी जगह ले लेते हैं, और पलकें बन जाती हैं। इसी दौरान दूध के दांतों की कलियां भी मसूड़ों के अंदर बनने लगती हैं।

बच्चे की हलचल और गतिविधियां

बच्चा इस महीने हिलना डुलना शुरू कर देता है और अल्ट्रासाउंड में यह दिख भी जाता है। लेकिन मां को यह हलचल अभी महसूस नहीं होती। ज्यादातर महिलाओं को पहली हलचल 16 से 24 हफ्ते के बीच महसूस होती है, और पहली प्रेगनेंसी में यह 20 हफ्ते के बाद भी हो सकता है।

 

12 हफ्ते तक क्या पूरा हो जाता है

स्थिति

लंबाई और वजन

करीब 61 mm और लगभग 14 ग्राम

अंग, हड्डियां, मांसपेशियां

बन चुके होते हैं

उंगलियां और नाखून

अलग हो जाती हैं, नाखून बनने लगते हैं

किडनी

काम करना शुरू कर देती है

हलचल

शुरू हो जाती है, पर मां को महसूस नहीं होती

3 महीने की प्रेगनेंसी के लक्षण क्या हैं?

इस महीने ज्यादातर लक्षण hCG और प्रोजेस्टेरोन के बढ़े हुए स्तर की वजह से होते हैं।

  • मितली और उल्टी, जो इसी महीने सबसे ज्यादा रहती है और अंत तक कम होने लगती है।
  • बहुत ज्यादा थकान और दिनभर नींद जैसा महसूस होना।
  • बार-बार पेशाब आना, क्योंकि बढ़ता गर्भाशय मूत्राशय पर दबाव डालता है।
  • छाती में भारीपन, दर्द और निपल के रंग का गहरा होना।
  • कब्ज और पेट फूलना, क्योंकि पाचन धीमा हो जाता है।
  • मूड में उतार-चढ़ाव और किसी खास खाने से अचानक अरुचि होना।

यहां एक बात ध्यान रखें। उल्टी इतनी ज्यादा हो कि पानी भी अंदर न टिके, वजन घटने लगे या पेशाब बहुत कम आए, तो इसे सामान्य मॉर्निंग सिकनेस न मानें और डॉक्टर को दिखाएं।

3 महीने की प्रेगनेंसी में क्या खाएं?

मितली की वजह से इस महीने ज्यादा खाना मुश्किल होता है, इसलिए एक बार में ज्यादा खाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा और कई बार खाना ज्यादा काम आता है। सुबह उठते ही खाली पेट रहने से मितली बढ़ती है, इसलिए बिस्किट या भुना चना जैसी कोई हल्की चीज पास रखें।

फोलिक एसिड इस महीने की सबसे जरूरी चीज है। Cambridge University Hospitals NHS के अनुसार रोज 400 mcg फोलिक एसिड 12 हफ्ते तक लेना चाहिए, और कुछ महिलाओं को डॉक्टर इससे ज्यादा खुराक भी देते हैं।

 

क्या जरूरी है

किन चीज़ों से मिलेगा

फोलेट

पालक, मेथी, बीन्स, संतरा

प्रोटीन

दालें, दूध, दही, पनीर, अंडा

आयरन

हरी सब्जियां, गुड़, खजूर, चना

कैल्शियम

दूध, दही, तिल, रागी

फाइबर और पानी

फल, सलाद, साबुत अनाज, पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेशन 

3 महीने की प्रेगनेंसी में कौन-सी जांच की जाती हैं?

प्रेगनेंसी अल्ट्रासाउंड

इसे डेटिंग स्कैन कहते हैं और यह आमतौर पर 11 से 13 हफ्ते के बीच होता है। इसमें बच्चे की धड़कन, हफ्तों की सही गिनती, डिलीवरी की अनुमानित तारीख और यह देखा जाता है कि एक बच्चा है या एक से ज्यादा।

ब्लड और यूरिन टेस्ट

पहली विजिट पर हीमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप और Rh फैक्टर, ब्लड शुगर, थायरॉइड, HIV, सिफलिस और हेपेटाइटिस B की जांच की जाती है। यूरिन टेस्ट से इंफेक्शन और प्रोटीन की जांच होती है।

फर्स्ट ट्राइमेस्टर स्क्रीनिंग

इसमें NT स्कैन और डबल मार्कर टेस्ट साथ किए जाते हैं, जिससे डाउन सिंड्रोम, एडवर्ड सिंड्रोम और पटाऊ सिंड्रोम की संभावना का अनुपात निकलता है। इसका समय तय है, इसलिए इसे जरूर करवाना चाहिए।

 

जांच

कब

क्या देखा जाता है

डेटिंग स्कैन

11 से 13 हफ्ते

धड़कन, हफ्ते, डिलीवरी की तारीख

ब्लड टेस्ट

पहली विजिट पर

हीमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप, शुगर, संक्रमण

यूरिन टेस्ट

पहली विजिट पर

इंफेक्शन और प्रोटीन

NT स्कैन और डबल मार्कर

11 से 13 हफ्ते 6 दिन

क्रोमोसोमल कंडीशन की संभावना

3 महीने की प्रेगनेंसी में किन बातों का ध्यान रखें?

  • फोलिक एसिड और डॉक्टर की दी गई बाकी दवाएं रोज लें।
  • दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें, खासकर उल्टी होने पर।
  • फल और सब्जियां अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।
  • हल्की वॉक जारी रखें, पर थकाने वाली एक्सरसाइज से बचें।
  • नींद पूरी लें और दिन में थोड़ा आराम भी करें।
  • सारी रिपोर्ट एक फाइल में संभालकर रखें।

3 महीने की प्रेगनेंसी में किन चीजों से बचना चाहिए?

  • शराब और धूम्रपान पूरी तरह बंद करें।
  • कैफीन दिन में 200 mg से ज्यादा न लें, यानी चाय-कॉफी सीमित रखें।
  • कच्चा या अधपका मांस, अंडा और बिना पाश्चुरीकृत दूध से बनी चीजें न लें।
  • हर्बल चाय दिन में चार कप से ज्यादा न लें, और लिकोरिस रूट वाली चाय से बचें।
  • विटामिन A वाले सप्लीमेंट खुद से न लें, क्योंकि इसकी ज्यादा मात्रा नुकसान कर सकती है।
  • बिना डॉक्टर से पूछे कोई भी दवा, यहां तक कि सामान्य दर्द या बुखार की दवा भी न लें।
  • भारी वजन उठाने और लंबे समय तक खड़े रहने से बचें।

3 महीने की प्रेगनेंसी में डॉक्टर से कब संपर्क करें?

  • किसी भी तरह की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग हो।
  • पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द हो, खासकर एक तरफ।
  • उल्टी इतनी ज्यादा हो कि कुछ भी अंदर न टिके।
  • बुखार हो या पेशाब में जलन के साथ दर्द हो।
  • चक्कर आएं या बेहोशी जैसा महसूस हो।

निष्कर्ष (Conclusion)

तीसरा महीना 9 से 13 हफ्ते तक चलता है और इसी के साथ पहली तिमाही पूरी होती है। इस महीने बच्चे के अंग, हड्डियां और हाथ-पैर बन जाते हैं। 12 हफ्ते पर उसकी लंबाई करीब 61 mm और वजन लगभग 14 ग्राम होता है। बच्चा हिलना शुरू कर देता है, लेकिन मां को यह हलचल बाद में महसूस होती है। मितली, थकान, बार-बार पेशाब और कब्ज आम लक्षण हैं। खाने में फोलेट, प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम रखें और फोलिक एसिड 12 हफ्ते तक जारी रखें। इसी महीने जरूरी स्कैन और स्क्रीनिंग होती हैं। ब्लीडिंग, तेज पेट दर्द या लगातार उल्टी हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। 

3 महीने की प्रेगनेंसी के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. 3 महीने की प्रेगनेंसी में बच्चे का आकार कितना होता है?

2. क्या 3 महीने की प्रेगनेंसी में बच्चे की हलचल महसूस होती है?

3. 3 महीने की प्रेगनेंसी में कौन-से फल खाने चाहिए?

4. क्या 3 महीने की प्रेगनेंसी में पेट दिखना शुरू हो जाता है?

5. 3 महीने की प्रेगनेंसी में कौन-सी एक्सरसाइज सुरक्षित है?

6. क्या 3 महीने की प्रेगनेंसी में यात्रा कर सकते हैं?

7. 3 महीने की प्रेगनेंसी में कितनी बार डॉक्टर से मिलना चाहिए?

8. 3 महीने की प्रेगनेंसी में अचानक पेट दर्द या ब्लीडिंग हो तो क्या करना चाहिए?

Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
© 2026 Indira IVF Hospital Limited. All Rights Reserved. T&C Apply | Privacy Policy| *Disclaimer