i-Pill के साइड इफेक्ट्स क्या हैं? पीरियड्स में बदलाव और सावधानियां

Last updated: August 31, 2026

सारांश (Overview)

i-Pill लेने के बाद सबसे ज्यादा घबराहट दो बातों से होती है। पहली, शरीर में जो बदलाव महसूस हो रहे हैं वे नॉर्मल हैं या नहीं, और दूसरी, यह डर कि कहीं इससे आगे मां बनने में दिक्कत तो नहीं आएगी। दूसरी बात का जवाब पहले ही जान लें, क्योंकि इससे जुड़ी गलतफहमी सबसे ज्यादा फैली हुई है। इमरजेंसी पिल लेने से आगे चलकर प्रेग्नेंट होने की क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता। रही बात साइड इफेक्ट्स की, तो i-Pill में लेवोनॉर्जेस्ट्रेल नाम का हार्मोन एक बड़ी खुराक में जाता है, इसलिए शरीर कुछ दिन उसका असर दिखाता है। मतली, थकान, सिरदर्द और पीरियड्स का समय आगे-पीछे हो जाना इन्हीं में गिने जाते हैं। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि i pill side effects in hindi में कौन से असर सामान्य माने जाते हैं, वे कितने दिन रहते हैं, पीरियड्स में क्या बदलाव आ सकते हैं, कौन से लक्षण सामान्य नहीं होते, और किन हालात में डॉक्टर से मिलना जरूरी है।

i-Pill क्या है और इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

i-Pill एक इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल है, जिसमें 1.5 mg लेवोनॉर्जेस्ट्रेल (Levonorgestrel) होता है। यह असुरक्षित संबंध के बाद या कॉन्ट्रासेप्शन फेल हो जाने पर, जैसे कंडोम फट जाने पर, प्रेग्नेंसी रोकने के लिए ली जाती है।

यह काम कैसे करती है, यह समझना जरूरी है। यह ओव्यूलेशन को टालकर या रोककर काम करती है, यानी एग ही रिलीज नहीं होने देती। इसका मतलब यह है कि अगर प्रेगनेंसी पहले ही ठहर चुकी है, तो यह गोली उसे खत्म नहीं करती। यह अबॉर्शन पिल नहीं है, और जितनी जल्दी ली जाए उतना बेहतर काम करती है।

i-Pill के सामान्य साइड इफेक्ट्स क्या हैं?

मतली और उल्टी

यह सबसे आम शिकायत है। यहां एक जरूरी नियम याद रखें, अगर गोली लेने के दो घंटे के भीतर उल्टी हो जाए, तो दूसरी गोली लेनी पड़ती है, वरना दवा असर नहीं करेगी। गोली खाने के साथ लेने से मतली कम रहती है।

सिरदर्द और चक्कर

हार्मोन के अचानक बदलाव से हल्का सिरदर्द या चक्कर महसूस हो सकता है। पानी पीते रहें और थोड़ा आराम करें, यह एक-दो दिन में ठीक हो जाता है।

पेट दर्द या ऐंठन

पेट के निचले हिस्से में पीरियड्स जैसी ऐंठन होना आम है। यह हल्की होती है और अपने आप कम हो जाती है।

थकान

कुछ महिलाओं को दो-तीन दिन तक असामान्य थकान और सुस्ती महसूस होती है। यह भी हार्मोन के असर का हिस्सा है।

स्तनों में दर्द या संवेदनशीलता

छाती में भारीपन या छूने पर दर्द महसूस हो सकता है। यह अगले पीरियड तक अपने आप ठीक हो जाता है।

पीरियड्स में बदलाव

एक सिस्टेमैटिक रिव्यू में पीरियड्स की अनियमितता को ही इस दवा का सबसे मुख्य साइड इफेक्ट पाया गया, और उसमें कोई गंभीर दुष्प्रभाव सामने नहीं आया।

i-Pill लेने के बाद पीरियड्स में क्या बदलाव हो सकते हैं?

चूंकि यह गोली ओव्यूलेशन के समय को बदल देती है, इसलिए पीरियड का समय भी बदल सकता है।

पीरियड्स जल्दी या देर से आना

पीरियड कुछ दिन पहले भी आ सकता है और कुछ दिन देर से भी। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने साइकिल के किस दिन गोली ली थी। ज्यादातर मामलों में यह अपने अपेक्षित समय के आसपास ही आ जाता है।

ब्लीडिंग या स्पॉटिंग

गोली लेने के कुछ दिन बाद हल्की स्पॉटिंग हो सकती है। इसे पीरियड न समझें, क्योंकि यह हार्मोन के असर से होने वाली अलग ब्लीडिंग है और इससे अगले पीरियड की तारीख नहीं बदलती।

पीरियड्स का सामान्य से ज्यादा या कम होना

अगला पीरियड सामान्य से भारी या हल्का हो सकता है और दिन भी घट-बढ़ सकते हैं। एक-दो चक्र में यह अपने आप सामान्य हो जाता है। अगर लगातार तीन चक्र तक गड़बड़ी बनी रहे, तो डॉक्टर से मिलें।

i-Pill के साइड इफेक्ट्स कितने समय तक रहते हैं?

पेट से जुड़े और शरीर पर दिखने वाले ज्यादातर असर, जैसे मतली, सिरदर्द, थकान और छाती में दर्द, आमतौर पर 24 से 48 घंटे में कम होने लगते हैं और दो-तीन दिन में चले जाते हैं।

पीरियड्स से जुड़े बदलाव थोड़ा लंबा चलते हैं, क्योंकि उनका असर पूरे चक्र पर पड़ता है। इसलिए अगला पीरियड आगे-पीछे होना या उसकी मात्रा बदलना उसी महीने तक सीमित रहता है, और उसके बाद चक्र अपनी सामान्य लय में लौट आता है।

i-Pill लेने के बाद कौन-से साइड इफेक्ट्स सामान्य नहीं हैं?

  • पेट के एक तरफ तेज दर्द, खासकर गोली लेने के तीन से पांच हफ्ते बाद। यह एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का संकेत हो सकता है।
  • इतनी ज्यादा ब्लीडिंग कि एक घंटे में पैड भीग जाए, या खून के बड़े थक्के यानी ब्लड क्लॉट आएं।
  • चक्कर आकर बेहोशी जैसा महसूस होना।
  • बुखार के साथ बदबूदार डिस्चार्ज।
  • सांस लेने में दिक्कत, चेहरे या होठों पर सूजन, जो एलर्जी का संकेत है।

i-Pill लेने के बाद प्रेगनेंसी की संभावना कितनी होती है?

कोई भी इमरजेंसी पिल 100 प्रतिशत गारंटी नहीं देती। इसकी कामयाबी सबसे ज्यादा इस बात पर निर्भर करती है कि आपने कितनी जल्दी ली, इसलिए जितनी जल्दी ली जाए उतना अच्छा है।

दो और बातें असर घटा सकती हैं। पहली, वजन, क्योंकि FSRH के अनुसार वजन 70 kg से ज्यादा या BMI 26 से ऊपर होने पर डबल डोज पर विचार किया जाता है। दूसरी, समय, क्योंकि इसी गाइडलाइन के अनुसार संबंध के 96 घंटे बाद ली गई लेवोनॉर्जेस्ट्रेल पिल असरदार नहीं मानी जाती। मिर्गी, टीबी या HIV की कुछ दवाएं भी इसका असर घटाती हैं, ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेकर ही आगे बढ़ें।

i-Pill लेने के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

  • इसे नियमित गर्भनिरोधक की तरह इस्तेमाल न करें। यह इमरजेंसी के लिए है और रोज या हर महीने के तरीकों से कम असरदार है।
  • यह किसी भी यौन संचारित संक्रमण से नहीं बचाता है, इसलिए उसके लिए कंडोम ही काम आता है।
  • गोली लेने के बाद उसी चक्र में दोबारा असुरक्षित संबंध बनने पर प्रेग्नेंसी का खतरा फिर से बन जाता है।
  • अगर पीरियड एक हफ्ते से ज्यादा लेट हो जाए या सामान्य से बहुत हल्का आए, तो प्रेग्नेंसी टेस्ट करें।
  • अगर टेस्ट के बावजूद प्रेग्नेंसी ठहर जाए, तो चिंता न करें, क्योंकि इस दवा से बच्चे को नुकसान होने का कोई ज्ञात प्रमाण नहीं है।

i-Pill के बाद डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?

गोली लेने के दो घंटे के भीतर उल्टी हो जाए, पेट के एक तरफ तेज दर्द उठे, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो, या पीरियड एक हफ्ते से ज्यादा लेट हो जाए, तो डॉक्टर से मिलें।

इसके अलावा अगर आपको बार-बार इस गोली की जरूरत पड़ रही है, तो यही सबसे सही समय है डॉक्टर से नियमित गर्भनिरोधक विकल्पों पर बात करने का, क्योंकि वे ज्यादा असरदार भी हैं और शरीर पर हर बार बड़ी हार्मोन खुराक का बोझ भी नहीं डालते।

निष्कर्ष (Conclusion)

i-Pill में मौजूद लेवोनॉर्जेस्ट्रेल ओव्यूलेशन को टालकर प्रेग्नेंसी रोकता है, इसलिए यह जितनी जल्दी ली जाए उतनी असरदार रहती है। इसके आम साइड इफेक्ट्स में मतली, सिरदर्द, चक्कर, थकान, पेट में ऐंठन और छाती में दर्द शामिल हैं, जो दो-तीन दिन में अपने आप ठीक हो जाते हैं। सबसे आम असर पीरियड्स पर पड़ता है, जो जल्दी या देर से आ सकता है और सामान्य से हल्का या भारी हो सकता है, पर एक-दो चक्र में सब सामान्य हो जाता है। पेट के एक तरफ तेज दर्द, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग या एलर्जी के लक्षण सामान्य नहीं हैं और इनमें तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि यह गोली भविष्य में मां बनने की क्षमता पर असर नहीं डालती, लेकिन इसे नियमित गर्भनिरोधक का विकल्प भी नहीं मानना चाहिए।

i-Pill के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या i-Pill लेने से भविष्य में प्रेग्नेंसी पर असर पड़ता है?

2. क्या i-Pill लेने के बाद वजन बढ़ सकता है?

3. क्या i-Pill लेने के बाद बार-बार पीरियड्स में बदलाव हो सकता है?

4. क्या i-Pill लेने के बाद उल्टी हो जाए तो क्या करना चाहिए?

5. क्या i-Pill को बार-बार लेना सुरक्षित है?

6. क्या i-Pill लेने के बाद भी प्रेगनेंसी हो सकती है?

7. क्या i-Pill यौन संचारित संक्रमणों से बचाती है?

8. क्या i-Pill लेने के बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करना जरूरी है?

Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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