IVF शुरू करने से कम से कम 2 से 3 महीने पहले से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। यह वह टाइम है जब आपके एग और स्पर्म दोनों अपनी बेस्ट हेल्थ में आ सकते हैं।
IVF की तैयारी में डाइट का बहुत बड़ा रोल है। सही खान-पान एग्स और स्पर्म दोनों की हेल्थ को बेहतर करता है।
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कुछ चीज़ें IVF की तैयारी के दौरान बिल्कुल बंद कर देनी चाहिए या बहुत कम कर देनी चाहिए।
एम्ब्रीओ (embryo) ट्रांसफर के बाद का टाइम सबसे नाज़ुक होता है। इस दौरान बॉडी को आराम की ज़रूरत होती है लेकिन इसका मतलब कम्पलीट बेड रेस्ट नहीं है।
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एम्ब्रीओ ट्रांसफर के बाद डाइट पर और भी ज़्यादा ध्यान देना ज़रूरी है।
IVF में दवाइयाँ बहुत अहम होती हैं और इन्हें बिल्कुल टाइम पर लेना ज़रूरी है। प्रोजेस्टेरॉन (progesterone) की गोली, इंजेक्शन, या जेल जो भी डॉक्टर ने दिया है, उसे एक दिन भी मिस न करें और तय टाइम पर ही लें। यह दवाई यूटरस की लाइनिंग को स्ट्रांग रखती है ताकि एम्ब्रीओ टिका रहे।
कोई भी नई दवाई, चाहे सिरदर्द की हो या एलर्जी की, बिना डॉक्टर से पूछे न लें। कुछ कॉमन दवाइयाँ जैसे इबुप्रोफ़ेन (ibuprofen) इम्प्लांटेशन पर बुरा असर डाल सकती हैं। अगर बुख़ार या दर्द हो तो पैरासिटामोल (paracetamol) लें, वह भी डॉक्टर से पूछकर।
हर्बल दवाइयाँ या आयुर्वेदिक काढ़ा भी बिना पूछे न लें। कुछ हर्बल चीज़ें हॉर्मोन्स पर ख़राब असर डाल सकती हैं।
IVF एक ऐसा सफ़र है जिसमें डॉक्टर की एक्सपर्टीज़ और आपकी अपनी तैयारी दोनों साथ मिलकर काम करती हैं। सही डाइट रखना, नुकसानदेह आदतें छोड़ना, दवाइयाँ टाइम पर लेना, और मन को शांत रखना, यही IVF precautions before and after in hindi की बुनियाद है। अपनी बॉडी की सुनें, डॉक्टर की हिदायतों पर अमल करें, और हर स्टेप पर ख़ुद को टाइम दें।