टॉर्च टेस्ट क्या है? क्यों जरुरी है यह टेस्ट और कैसे पढ़ते हैं इसकी रिपोर्ट?

Last updated: September 02, 2026

सारांश (Overview)

TORCH टेस्ट की रिपोर्ट देखकर घबराहट होना आम है, क्योंकि इसमें कई तरह के इंफेक्शन के नाम और अलग-अलग पॉजिटिव रिजल्ट दिखाई देते हैं। लेकिन हर पॉजिटिव रिजल्ट का मतलब यह नहीं होता कि शरीर में अभी इंफेक्शन चल रहा है। TORCH टेस्ट में मुख्य रूप से दो तरह की एंटीबॉडी देखी जाती हैं, जिनमें से एक है IgG और दूसरी IgM, और दोनों के मायने अलग अलग होते हैं। IgG पॉजिटिव आने का मतलब अक्सर यह होता है कि इंफेक्शन पहले हो चुका है और शरीर में उसके खिलाफ इम्यूनिटी बन चुकी है। यही बात torch test को समझने के लिए सबसे जरूरी है।

यह भी समझना जरूरी है कि TORCH टेस्ट हर गर्भवती महिला की रूटीन जांच का हिस्सा नहीं होता। डॉक्टर लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री या अल्ट्रासाउंड में कुछ बदलाव दिखने पर यह टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। आगे हम समझेंगे कि TORCH टेस्ट में किन इंफेक्शन की जांच होती है, रिपोर्ट में IgG और IgM का क्या मतलब है और पॉजिटिव रिजल्ट आने पर आगे क्या किया जाता है।

TORCH Test क्या होता है?

यह एक ब्लड टेस्ट है, जिसमें उन इंफेक्शन के खिलाफ बनी एंटीबॉडी देखी जाती हैं जो प्रेगनेंसी में मां से बच्चे तक पहुंच सकते हैं। TORCH (Toxoplasmosis, Other infections, Rubella, Cytomegalovirus, Herpes Simplex Virus) इन्हीं इंफेक्शन के अंग्रेजी नामों के पहले अक्षरों से बना शब्द है। 

यह जांच इंफेक्शन को सीधे नहीं, बल्कि शरीर की प्रतिक्रिया यानी एंटीबॉडी को देखती है। इसलिए रिपोर्ट को आपके लक्षणों, प्रेगनेंसी के हफ्तों और अल्ट्रासाउंड के साथ मिलाकर पढ़ा जाता है।

प्रेगनेंसी में TORCH Test क्यों किया जाता है?

TORCH टेस्ट का उद्देश्य यह पता करना है कि कहीं ऐसा इंफेक्शन तो नहीं है जो बच्चे तक पहुंचकर उसकी ग्रोथ पर असर डाल सकता है। लेकिन हर प्रेगनेंसी में TORCH Test करवाना जरूरी नहीं होता। CMV के लिए सभी गर्भवती महिलाओं की रूटीन जांच की सलाह नहीं दी जाती। इसके अलावा टॉक्सोप्लाज्मोसिस के लिए भी प्रेगनेंसी में रूटीन सीरोलॉजिक जांच की सलाह नहीं है। यानी यह टेस्ट तभी किया जाता है जब कोई खास वजह हो। जैसे बुखार या रैश होना, किसी इंफेक्शन वाले व्यक्ति के संपर्क में आना, या अल्ट्रासाउंड में कुछ ऐसा दिखना जिसकी आगे जांच करना जरूरी हो।

TORCH में कौन-कौन से संक्रमण शामिल होते हैं?

Toxoplasmosis (टॉक्सोप्लाज्मोसिस)

यह एक परजीवी यानी पैरासाइट (parasite) से होने वाला इंफेक्शन है, जो अधपके मांस, बिना धुली सब्जियों या बिल्ली के मल के संपर्क में आने से फैल सकता है। ज्यादातर वयस्कों में इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। 

Other Infections (अन्य इंफेक्शन)

इसमें सिफलिस, हेपेटाइटिस B, HIV और पार्वोवायरस जैसे इंफेक्शन आते हैं। सिफलिस और HIV की जांच भारत में सभी गर्भवती महिलाओं की रूटीन प्रेगनेंसी जांच का हिस्सा होती है। 

Rubella (रूबेला)

इसे जर्मन मीजल्स भी कहते हैं। अगर प्रेगनेंसी के पहले ट्राइमेस्टर में रूबेला इंफेक्शन हो जाए, तो कंजेनाइटल रूबेला सिंड्रोम का रिस्क सबसे ज्यादा रहता है। इससे बच्चे को सुनने, आंखों और दिल से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। 

Cytomegalovirus (साइटोमेगालोवायरस या CMV) 

यह एक आम वायरस है जो लार, पेशाब और नजदीकी संपर्क से फैलता है। छोटे बच्चों से मां तक CMV पहुंचना इसका एक आम रास्ता है। इसका कोई टीका उपलब्ध नहीं है।

Herpes Simplex Virus (हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस या HSV) 

इसमें सबसे ज्यादा चिंता डिलीवरी के समय होती है। अगर उस वक्त सक्रिय घाव मौजूद हों, तो इंफेक्शन बच्चे तक पहुंचने से रोकने के लिए डॉक्टर सिजेरियन की सलाह दे सकते हैं। 

TORCH Test कब किया जाता है?

TORCH टेस्ट, प्रेगनेंसी प्लान करने से पहले या फर्स्ट ट्राइमेस्टर में ज्यादा उपयोगी होती है, क्योंकि तब पता चल जाता है कि किस इंफेक्शन के खिलाफ पहले से इम्यूनिटी बनी हुई है। प्रेगनेंसी के बीच में यह टेस्ट तब कराया जाता है जब बुखार या रैश दिखे, या अल्ट्रासाउंड में बच्चे की ग्रोथ कम मिले। 

TORCH Test कैसे किया जाता है?

ब्लड सैंपल लेने की प्रक्रिया

TORCH टेस्ट एक नॉर्मल ब्लड टेस्ट है। बांह की नस से सैंपल लेकर लैब भेजा जाता है, जहां हर संक्रमण के लिए IgG और IgM अलग अलग जांची जाती हैं।

क्या टेस्ट से पहले किसी तैयारी की जरूरत होती है?

टॉर्च टेस्ट से पहले खाली पेट रहने या दवा बंद करने की जरूरत नहीं होती। हां, हाल में कोई टीका लगा हो या बुखार आया हो तो डॉक्टर को बताएं, क्योंकि इससे रिपोर्ट पढ़ने का तरीका बदल जाता है।

TORCH Test की रिपोर्ट कैसे समझें?

IgM और IgG का क्या मतलब है?

IgM इंफेक्शन के बाद जल्दी बनती है, इसलिए इसे हाल के इंफेक्शन से जोड़ा जाता है। वहीं IgG बाद में बनती है और लंबे समय तक रहती है, इसलिए यह पुराने इंफेक्शन के बारे में बताती है और दिखाती है कि शरीर में उसके खिलाफ एंटीबॉडी बनी हुई है।

लेकिन IgM को अकेले देखकर रिपोर्ट समझना सही नहीं होता। ACOG के अनुसार CMV में पॉजिटिव आने वाले लगभग 90 प्रतिशत IgM नतीजे फॉल्स पॉजिटिव होते हैं। इसी तरह CDC के अनुसार बिना लक्षण वाली गर्भवती महिलाओं में रूबेला IgM की रूटीन जांच की सलाह नहीं दी जाती। टीका लगने के बाद भी IgM पॉजिटिव आ सकती है।

पॉजिटिव और नेगेटिव रिपोर्ट का क्या मतलब है?

रिपोर्ट

आमतौर पर इसका मतलब

IgG नेगेटिव, IgM नेगेटिव

इन्फेक्शन कभी नहीं हुआ, इसलिए बचाव जरूरी है

IgG पॉजिटिव, IgM नेगेटिव

इंफेक्शन पहले हो चुका है और उसके खिलाफ एंटीबॉडी बन चुकी है 

IgG पॉजिटिव, IgM पॉजिटिव

हाल का या चल रहा इंफेक्शन हो सकता है, इसलिए पुष्टि के लिए आगे जांच चाहिए, जैसे IgG एविडिटी टेस्ट 

TORCH Test की सामान्य रेंज क्या होती है?

TORCH टेस्ट के लिए हीमोग्लोबिन जैसी कोई तय सामान्य रेंज नहीं होती। हर लैब अपनी किट के हिसाब से कट-ऑफ तय करती है और रिजल्ट रिएक्टिव, नॉन-रिएक्टिव या इंडेक्स वैल्यू के रूप में आता है। इसका मतलब है कि अलग-अलग लैब के नंबरों को आपस में सीधे नहीं मिलाया जा सकता। इसलिए दोबारा जांच अक्सर उसी लैब से करवाने की सलाह दी जाती है।

TORCH Infection का प्रेगनेंसी पर क्या असर हो सकता है?

इनमें से कोई इंफेक्शन प्रेगनेंसी के दौरान पहली बार हो, तो यह प्लेसेंटा के रास्ते बच्चे तक पहुंच सकता है। इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि इंफेक्शन प्रेगनेंसी के किस हफ्ते में हुआ, क्योंकि शुरुआती हफ्तों में बच्चे के अंग बन रहे होते हैं।

इसका असर बच्चे की ग्रोथ कम होने, सुनने की क्षमता प्रभावित होने और आंखों या दिमाग से जुड़ी दिक्कतों के रूप में दिख सकता है। लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है कि सिर्फ IgG पॉजिटिव आने का मतलब यह नहीं है कि बच्चे को इनमें से किसी खतरे का सामना करना पड़ेगा।

TORCH Test पॉजिटिव आने पर क्या किया जाता है?

पहला स्टेप रिजल्ट की पुष्टि करना होता है, सिर्फ रिजल्ट देखकर इलाज शुरू नहीं किया जाता। इसके लिए दोबारा सैंपल लिया जा सकता है, IgG एविडिटी टेस्ट या रेफरेंस लैब से जांच करवाई जा सकती है।

अगर हाल के इंफेक्शन की आशंका हो, तो अल्ट्रासाउंड से बच्चे पर नजर रखी जाती है। जरूरत पड़ने पर एम्नियोसेंटेसिस की सलाह दी जा सकती है। इसमें एम्नियोटिक फ्लूइड की PCR जांच की जाती है और टॉक्सोप्लाज्मोसिस में यह जांच 18 हफ्ते के बाद ही की जाती है। स्रोत इलाज किस इंफेक्शन की वजह से समस्या हुई है, उसके हिसाब से तय किया जाता है।

TORCH इन्फेक्शन से बचाव कैसे करें?

  • मांस अच्छी तरह पकाकर खाएं और सब्जियां-फल धोकर इस्तेमाल करें।
  • बागवानी में दस्ताने पहनें और बिल्ली की लिटर ट्रे साफ करने का काम किसी और को दें।
  • छोटे बच्चों को संभालने के बाद हाथ धोएं और उनका झूठा खाना या बर्तन साझा न करें, क्योंकि CMV इसी रास्ते फैलता है।
  • रूबेला से बचाव का भरोसेमंद तरीका MMR टीका है, पर यह प्रेगनेंसी से पहले लगवाना होता है। CDC के अनुसार यह जीवित वायरस वाला टीका है, इसलिए प्रेगनेंसी में नहीं लगाया जाता, टीका लगने के बाद चार हफ्ते तक प्रेगनेंसी टालने को कहा जाता है, और जिनमें सुरक्षा नहीं है उन्हें डिलीवरी के तुरंत बाद टीका लगा दिया जाता है।

डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए?

  • प्रेगनेंसी में बुखार, रैश, गिल्टियों में सूजन या फ्लू जैसे लक्षण दिखें, तो इंतजार न करें और डॉक्टर से सलाह लें।
  • अगर आप रूबेला या किसी ऐसे इंफेक्शन वाले व्यक्ति के संपर्क में आई हैं, तो इसकी जानकारी भी डॉक्टर को तुरंत दें।
  • रिपोर्ट में कुछ पॉजिटिव दिखे, तो उसका मतलब खुद निकालने के बजाय डॉक्टर से पूछें।
  • कोई जांच करवाने से पहले यह पूछ लेना भी सही रहता है कि यह टेस्ट किस वजह से किया जा रहा है।

निष्कर्ष (Conclusion)

TORCH टेस्ट खून की जांच है जिसमें टॉक्सोप्लाज्मोसिस, रूबेला, CMV, हर्पीज और कुछ अन्य संक्रमणों के खिलाफ बनी एंटीबॉडी देखी जाती हैं। यह हर प्रेगनेंसी की रूटीन जांच नहीं, बल्कि लक्षण, संपर्क या अल्ट्रासाउंड के आधार पर कराई जाती है। रिपोर्ट में IgG और IgM का फर्क समझना सबसे जरूरी है, क्योंकि IgG पॉजिटिव अक्सर पुराना संक्रमण और बनी हुई सुरक्षा दिखाता है, जबकि IgM हाल के संक्रमण की तरफ इशारा करता है। IgM अकेले भरोसेमंद नहीं होता, इसलिए पुष्टि के लिए IgG एविडिटी जैसी जांच की जाती है। बचाव खाने-पीने की सफाई, हाथ धोने की आदत और रूबेला के लिए प्रेगनेंसी से पहले लगने वाले टीके से होता है। सबसे जरूरी बात यह है कि रिपोर्ट देखकर खुद नतीजा न निकालें, उसका मतलब डॉक्टर से समझें।

TORCH टेस्ट के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या प्रेगनेंसी में TORCH Test जरूरी होता है?

2. क्या TORCH Test खाली पेट किया जाता है?

3. TORCH Test की रिपोर्ट कितने समय में आती है?

4. क्या TORCH Test पॉजिटिव आने का मतलब बच्चे को संक्रमण है?

5. क्या TORCH Infection का इलाज संभव है?

6. क्या TORCH Test मिसकैरेज के कारणों का पता लगाने में मदद करता है?

7. क्या TORCH Infection को के दौरान रोका जा सकता है?

8. TORCH Test की रिपोर्ट किस डॉक्टर को दिखानी चाहिए?

Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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