Anechoic Cyst Meaning in Hindi-अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को कैसे समझें

Last updated: April 23, 2026

सारांश (Overview)

अगर आपने अल्ट्रासाउंड करवाया और आपकी रिपोर्ट में "anechoic cyst in ovary।" लिखा आया है तो बिना घबराये पहले Anechoic Cyst Meaning in Hindi समझें। क्योंकि सच यह है कि हर anechoic cyst खतरनाक नहीं होती। कई बार यह ओवरी का बिलकुल सामान्य हिस्सा होती है जो हर महीने बनती है और खत्म हो जाती है।

असल परेशानी तब होती है जब आपको पता ही नहीं कि रिपोर्ट में लिखे ये मेडिकल शब्द आपकी सेहत के बारे में क्या बता रहे हैं। "Anechoic" एक अल्ट्रासाउंड शब्द है जिसका मतलब है कि उस जगह सिर्फ तरल पदार्थ यानी कोई फ्लूइड (fluid) है, कुछ ठोस मसल्स नहीं बनी है। क्योंकि ठोस माँस वाली cysts ज़्यादा सीरियस हो सकती है जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरुरत होती है, जबकि anechoic cyst के ज़्यादातर केसों में ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं होती।

इस आर्टिकल में आपको समझाया जाएगा कि anechoic cyst क्या है, कब सामान्य है, कब ध्यान देने की ज़रूरत है, साइज़ के हिसाब से क्या करना चाहिए, और बच्चा होने पर इसका कितना असर पड़ता है।

अल्ट्रासाउंड में Anechoic का मतलब क्या होता है?

अल्ट्रासाउंड मशीन शरीर के अंदर ध्वनि तरंगें यानी साउंड वेव्स (Sound Waves) भेजती है । जब ये तरंगें किसी ठोस चीज़ से टकराती हैं तो वापस लौटती हैं और स्क्रीन पर सफ़ेद दिखती हैं। लेकिन जब तरंगें किसी तरल पदार्थ से गुज़रती हैं तो वापस नहीं आतीं। स्क्रीन पर वो जगह काली दिखती है। इसी काले हिस्से को anechoic कहते हैं।

तो जब रिपोर्ट में anechoic cyst लिखा आता है, इसका मतलब है कि ओवरी में एक थैली जैसी बनावट है जिसके अंदर सिर्फ साफ तरल पदार्थ यानी पानी जैसा फ्लूइड भरा है। इसके अंदर न कोई ठोस हिस्सा है, न कोई गाढ़ा पदार्थ। इसीलिए बहुत ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं है।

अगर आपकी रिपोर्ट में hypoechoic (हाइपोइकोइक) लिखा है तो इसका मतलब है कि फ्लूइड गहरा भूरा, और hyperechoic (हाइपरइकोइक) लिखा है तो यह सफ़ेद है। इन दोनों कंडीशन में आगे जाँचों की जरुरत होती है।

ओवरी में Anechoic Cyst कैसे बनती है?

हर महीने आपकी ओवरी में एक फॉलिकल (follicle) बनता है जिसके अंदर अंडा पलता है। यह फॉलिकल भी अल्ट्रासाउंड पर एनीकोइक ही दिखता है क्योंकि इसमें फ्लूइड होता है। ओवुलेशन के समय फॉलिकल फटता है और एग बाहर आता है। कभी-कभी फॉलिकल फटता नहीं, या फटने के बाद उसमें दोबारा फ्लूइड भर जाता है। यही फंक्शनल सिस्ट (functional cyst) बन जाती है।

इसलिए अगर रिपोर्ट में 2 से 3 सेंटीमीटर की एनईकोइक सिस्ट आई है तो यह अक्सर वही फॉलिकल होता है जो हर महीने बनता है। अगले पीरियड के बाद दोबारा अल्ट्रासाउंड कराने पर आपको यह सिस्ट दिखाई नहीं देगी।

फंक्शनल सिस्ट दो तरह की होती हैं। पहली फॉलिकुलर सिस्ट (follicular cyst) होती है, जो तब बनती है जब फॉलिकल नहीं फटता और बड़ा होता रहता है।

दूसरी है कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट (corpus luteum cyst), जो ओवुलेशन के बाद यानी फॉलिकल से एग निकल जाने के बाद बनती है। ओवुलेशन के बाद फॉलिकल को कॉर्पस ल्यूटियम कहते हैं। कभी कभी यह सील हो जाता है और उसमें अंदर से ही फ्लूइड या खून भर जाता है।

दोनों तरह की फंक्शनल सिस्ट, ज़्यादातर एक से तीन महीने में अपने आप खत्म हो जाती हैं।

यह भी पढ़ें : ओवेरियन सिस्ट क्या है?

कौन सी anechoic cyst नॉर्मल है और कौन सी नहीं?

रिपोर्ट में सिर्फ एनईकोइक सिस्ट लिखा देखकर घबराने की ज़रूरत नहीं है। सिस्ट का टाइप देखने के अलावा ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि कि सिस्ट की खासियतें क्या हैं यानी सिस्ट का नेचर क्या है।

  • सामान्य एनईकोइक सिस्ट की परत यानी लेयर पतली और एकदम साफ होती है।
  • अंदर कोई ठोस हिस्सा नहीं होता। कोई सेप्टेशन (septation) यानी अंदरूनी दीवार नहीं होती।
  • इसका साइज़ आमतौर पर 5 सेंटीमीटर से कम होता है।

ऐसी सिस्ट को सिंपल सिस्ट (simple cyst) कहते हैं और यह ज़्यादातर फ़ंक्शनल होती है।

ध्यान देने की बात तब होती है जब सिस्ट के अंदर सेप्टेशन दिखे यानी बीच में दीवार बनी हो, सिस्ट की दीवार मोटी या असमान हो, अंदर कोई ठोस हिस्सा दिखे, या डॉपलर (Doppler) अल्ट्रासाउंड पर खून का बहाव दिखे। ऐसे में डॉक्टर CA-125 खून की जाँच या MRI करवाते हैं।

आमतौर पर दस में से आठ एनईकोइक सिस्ट सिंपल यानी बिनाइन (benign) और फंक्शनल निकलती हैं। बाकी दो केसों में आगे जाँच ज़रूरी होती है।

साइज़ से कैसे तय होता है कि क्या करना है?

एनईकोइक सिस्ट का साइज़ जानना बहुत जरुरी है क्योंकि इसी से डॉक्टर आगे क्या करना है, यह बताते हैं।

साइज़ आमतौर पर क्या होता है क्या करें
2 सेमी से कम सामान्य follicle या छोटी functional cyst कुछ करने की ज़रूरत नहीं
2-5 सेमी Functional cyst होने की संभावना ज़्यादा 6-8 हफ्ते बाद दोबारा अल्ट्रासाउंड
5-7 सेमी बड़ी functional cyst या कोई और वजह डॉक्टर से मिलें, नियमित जाँच करवाएँ
7 सेमी से ज़्यादा इलाज की ज़रूरत हो सकती है विशेषज्ञ से मिलना ज़रूरी

लेकिन याद रखें कि डॉक्टर सिर्फ साइज़ देख कर फ़ैसला नहीं करते। एक 6 सेमी बिनाइन की (benign) एनईकोइक सिस्ट जिसकी दीवार पतली और साफ हो, वह कम चिंता की बात है। वहीं 3 सेमी की सिस्ट जिसमें ठोस हिस्सा हो, उसमें ज़्यादा ध्यान देना पड़ता है।

क्या anechoic cyst से प्रेगनेंसी पर असर पड़ता है?

यह बहुत जरूरी सवाल है, जिसे प्रेगनेंसी प्लान कर रही महिलाओं को जरूर जानना चाहिए । ज़्यादातर बिनाइन एनईकोइक सिस्ट से माँ बनने की क्षमता पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता। फंक्शनल सिस्ट ओव्यूलेशन होने की वजह से बनती हैं। अगर आपको फंक्शनल सिस्ट बन रही है तो इसका मतलब है कि आपकी ओवरी काम कर रही है।

लेकिन कुछ कंडीशन में ध्यान देने की जरूरत होती है।

  • अगर सिस्ट बार-बार बन रही है और हर बार उसी ओवरी में बन रही है जहाँ पहले बन चुकी है।
  • सिस्ट इतनी बड़ी है कि उसकी वजह से ओव्यूलेशन होने में रुकावट आ रही है।
  • एंडोमेट्रिया यानी चॉकलेट सिस्ट (chocolate cyst) है

अगर ऊपर दी गई कंडीशन में से कोई भी कंडीशन आपको है तो ऐसे में फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से ज़रूर बात करें।

IVF इलाज के दौरान अगर शुरुआती अल्ट्रासाउंड में एनईकोइक सिस्ट दिखायी दे तो डॉक्टर पहले उसे खत्म होने देते हैं, या दवाई से छोटा करते हैं और उसके बाद ही हॉर्मोन स्टिमुलेशन शुरू करते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि पहले से मौजूद सिस्ट, स्टिमुलेशन के बाद हॉर्मोन के रिएक्शन को ख़राब ना करे। अक्सर सिस्ट के इलाज के बाद एक-दो महीने इंतज़ार के बाद IVF शुरू किया जाता है, जिसकी वजह से सक्सेस रेट बढ़ सकता है।

Anechoic cyst का इलाज कब और कैसे होता है?

ज़्यादातर बिनाइन एनईकोइक सिस्ट के इलाज की ज़रूरत नहीं पड़ती। डॉक्टर आपको इंतज़ार करने को कहते हैं, इसके 6 से 8 हफ्ते बाद दोबारा अल्ट्रासाउंड करवाकर देखते हैं कि सिस्ट खुद से कम हुई है या नहीं।

जब इलाज की ज़रूरत पड़ती है तो एनईकोइक सिस्ट के इलाज के तीन तरीक़े होते हैं।

  • हॉर्मोन का इलाज: इसमें गर्भनिरोधक गोलियाँ दी जाती हैं। ये नई सिस्ट को बनने से रोकती हैं, हालाँकि पहले से बनी सिस्ट को सीधे खत्म नहीं करतीं।
  • एस्पिरेशन (Aspiration): इसमें सुई से cyst का तरल पदार्थ यानी फ्लूइड निकाल दिया जाता है। यह तरीका तब अपनाया जाता है जब सिस्ट बड़ी हो और आपको अपना IVF ट्रीटमेंट जल्दी शुरू करवाना हो।
  • लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (Laparoscopic surgery): यह तब ज़रूरी होती है जब सिस्ट बहुत बड़ी हो, बार-बार हो रही हो, या उसके अंदर फ्लूइड के अलावा कुछ और होने का संदेह हो।

अगर आपकी उम्र रजोनिवृत्ति वाली यानी मीनोपॉज (menopause) के बाद वाली है और आपको एनईकोइक सिस्ट डिटेक्ट हुई है, तो डॉक्टर इसे ज़्यादा गंभीरता से लेते हैं। क्योंकि मीनोपॉज के बाद ओव्यूलेशन नहीं होता तो ऐसे में फंक्शनल सिस्ट बनने का कोई स्पष्ट कारण नहीं रहता। ऐसे में इस पर ध्यान देने की बहुत जरूरत होती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

Anechoic cyst अल्ट्रासाउंड में दिखने वाली एक बनावट है जिसका मतलब है कि ओवरी में फ्लूइड से भरी थैली मौजूद है। "Anechoic" का मतलब होता है कि सिस्ट के अंदर सिर्फ साफ तरल है, जो ज़्यादातर केसों में अच्छा सिग्नल होता है। हर महीने ओव्यूलेशन के दौरान ओवरी में ऐसी सिस्ट बनना नार्मल है और अधिकतर एक-दो पीरियड साइकल में अपने आप खत्म हो जाती हैं।

जब तक सिस्ट बिनाइन है यानी पतली दीवार, अंदर कोई ठोस पार्ट नहीं, कोई सेप्टेशन (septation) नहीं होने पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन साइज़ बढ़ने पर या कुछ ऐसा दिखने पर जो नार्मल नहीं हो, डॉक्टर आगे जाँच की सलाह देते हैं। प्रेगनेंसी पर बिनाइन anechoic cyst का असर आमतौर पर नहीं पड़ता। लेकिन IVF शुरू करने से पहले इसे ठीक करवाना सही होता है।

इसीलिए जानकारी लें, घबराएँ नहीं, अपने डॉक्टर से खुलकर बात करें और उसके बाद अपनी स्थिति के अनुसार सही फ़ैसला लें।

Anechoic cyst के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या anechoic cyst कैंसर हो सकती है?

Anechoic cyst और PCOS में क्या फ़र्क है?

क्या anechoic cyst में दर्द होता है?

Anechoic cyst कितने दिन में ठीक होती है?

क्या anechoic cyst होने पर गर्भधारण की कोशिश कर सकते हैं?

क्या खान-पान से anechoic cyst कम हो सकती है?

Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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