Nausea in Pregnancy: कौन सा उपाय कितना असर करता है

Last updated: September 21, 2026

सारांश (Overview)

प्रेगनेंसी में मतली शुरू होते ही घर से लेकर इंटरनेट तक, हर जगह से सलाह मिलने लगती है। अदरक खाइए, नींबू लीजिए, सुबह उठकर बिस्किट खाइए, ये सब सुनते-सुनते कई बार समझ नहीं आता कि आखिर किस चीज से सच में फायदा होगा।

हर उपाय हर महिला के लिए काम करे, यह जरूरी नहीं है। मतली कितनी है, उल्टी कितनी हो रही है और आप कितना खा-पी पा रही हैं, इन बातों के आधार पर तरीका बदलता है। इस आर्टिकल में जानिए कौन से उपाय सच में काम करते हैं, किसके पीछे अच्छे सबूत हैं और कब डॉक्टर की जरूरत पड़ती है।

प्रेगनेंसी में nausea क्यों होता है?

प्रेगनेंसी में मतली होने की सबसे बड़ी वजह शुरुआती हफ्तों में बढ़ता hCG है। इम्प्लांटेशन के बाद इसका स्तर तेजी से बढ़ता है और आमतौर पर जिस समय hCG बढ़ रहा होता है, उसी दौरान मतली भी बढ़ती जाती है। यही वजह है कि जुड़वां प्रेगनेंसी में, जहां hCG का स्तर ज्यादा हो सकता है, मतली भी ज्यादा महसूस हो सकती है।

इसके साथ प्रोजेस्टेरोन भी अपना असर डालता है। यह पेट और आंतों की मांसपेशियों को ढीला करता है, जिससे खाना पेट में ज्यादा देर रहता है और जी मिचलाना बढ़ सकता है।

इस दौरान गंध भी ज्यादा तेज महसूस होने लगती है। खाने की भाप, तेल या परफ्यूम जैसी गंध अचानक मतली बढ़ा सकती है।

इसे मॉर्निंग सिकनेस कहते हैं, लेकिन मतली सिर्फ सुबह ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। यह दिन या रात किसी भी समय हो सकती है।

Nausea in pregnancy कब शुरू होता है और कब तक रहता है?

प्रेगनेंसी में मतली या उल्टी कॉमन समस्या है और करीब 70 प्रतिशत प्रेग्नेंट महिलाओं को यह परेशानी होती है। इसके लक्षण आमतौर पर चौथे से दसवें हफ्ते के बीच शुरू होते हैं और ज्यादातर महिलाओं में 20वें हफ्ते तक काफी कम हो जाते हैं। 

कब

क्या हो रहा है

क्या उम्मीद रखें

हफ्ता 4 से 6

hCG तेजी से चढ़ रहा है, लक्षण शुरू होते हैं

हल्की उबकाई, गंध से चिढ़, खाने की पसंद बदलना

हफ्ता 7 से 9

hCG सबसे ऊपर, यही सबसे मुश्किल दौर है

मतली सबसे तेज, उल्टी भी इसी दौर में सबसे ज्यादा

हफ्ता 10 से 20

hCG गिरना शुरू, ज्यादातर में लक्षण खत्म

धीरे-धीरे सुधार, भूख लौटती है

हफ्ता 20 के बाद

करीब 20 प्रतिशत में लक्षण चलते रहते हैं

असामान्य नहीं, पर डॉक्टर को बताइए

करीब 20 प्रतिशत महिलाओं में मतली पूरी प्रेगनेंसी चलती रहती है। "तीन महीने में सब ठीक हो जायेगा" वाली बात हर प्रेग्नेंट महिला के लिए सच नहीं होती।

अपनी मतली का स्कोर कैसे निकालें?

दिन में कितनी देर मतली रहती है और कितनी बार उल्टी या खाली उबकाई होती है। इसके लिए डॉक्टर PUQE स्कोर का इस्तेमाल करते हैं।

आप पिछले 24 घंटे को याद करके नीचे दिए गए तीन सवालों के जवाब दें और उनके अंक जोड़ लें।

सवाल (पिछले 24 घंटे में)

1 अंक

2 अंक

3 अंक

4 अंक

5 अंक

कितनी देर मतली महसूस हुई

बिल्कुल नहीं

1 घंटा या कम

2 से 3 घंटे

4 से 6 घंटे

6 घंटे से ज्यादा

कितनी बार उल्टी हुई

एक बार भी नहीं

1 से 2 बार

3 से 4 बार

5 से 6 बार

7 या ज्यादा

कितनी बार खाली उबकाई आई

एक बार भी नहीं

1 से 2 बार

3 से 4 बार

5 से 6 बार

7 या ज्यादा

इस तरह आपका स्कोर 3 से 15 के बीच आएगा।RCOG की गाइडलाइन के मुताबिक 6 या उससे कम हल्की, 7 से 12 मध्यम और 13 से 15 गंभीर मतली मानी जाती है। आगे आपको किस तरह की मदद की जरूरत है, यह समझने में यही स्कोर काम आएगा।

प्रेगनेंसी में मतली होने पर क्या खाएं और क्या करें?

अगर आपका PUQE स्कोर 6 या उससे कम है, तो शुरुआत खाने-पीने के तरीके में छोटे बदलावों से की जा सकती है। कई महिलाओं में इससे मतली काफी हद तक संभल जाती है।

  • थोड़ा-थोड़ा और बार-बार खाएं: तीन बड़े मील की जगह दिन में छह से आठ बार थोड़ी मात्रा में खाइए। पेट को बहुत देर तक खाली न रखें।
  • सुबह उठने से पहले कुछ खा लें: बिस्तर छोड़ने से पहले टोस्ट, खाखरा या बिस्किट जैसा कुछ सूखा खा सकती हैं।
  • पानी एक साथ ज्यादा न पिएं: खाने के करीब आधे घंटे बाद पानी लें और दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पीते रहें।
  • ठंडा और कम गंध वाला खाना खाएं: गर्म खाने की गंध कई बार मतली बढ़ा देती है।
  • तला और ज्यादा मसालेदार खाना कम करें: इससे पेट की परेशानी और मतली बढ़ सकती है।
  • अपने ट्रिगर पहचानें: ध्यान दें कि किस गंध या खाने के बाद मतली बढ़ती है और कुछ दिनों के लिए उससे दूरी रखें।

अगर आयरन की टैबलेट लेने के बाद मतली बढ़ती है, तो इसे खुद से बंद न करें। डॉक्टर से बात करें। कई बार दवा लेने का समय बदलने से परेशानी कम हो सकती है।

अदरक प्रेगनेंसी में सचमुच कितना काम करती है?

अदरक प्रेगनेंसी में मतली कम करने में मदद कर सकती है, लेकिन उल्टी कम करने में इसका असर कितना है इसका कोई पक्का प्रूफ नहीं है। RCOG के अनुसार भी हल्की से मध्यम मतली को कम करने में मदद करती है।

इसलिए अगर परेशानी मुख्य रूप से जी मिचलाने की है, तो अदरक आजमा सकती हैं। लेकिन उल्टी बार-बार हो रही है, तो सिर्फ अदरक पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से बात करें।

दवा कब शुरू करनी चाहिए और कौन सी?

अगर आपका PUQE स्कोर 7 से ऊपर है या खाने-पीने में बदलाव करने के बाद भी एक हफ्ते में आराम नहीं मिला, तो दवा शुरू करने के बारे में डॉक्टर से बात करनी चाहिए। मतली और उल्टी को बहुत ज्यादा बढ़ जाने तक सहते रहना जरूरी नहीं है।

डॉक्टर आमतौर पर शुरुआत में विटामिन B6 (पाइरिडॉक्सिन) देते हैं। और जरूरत पड़ने पर डॉक्सीलामाइन भी दिया जा सकता है। अगर इससे पर्याप्त आराम न मिले, तो डॉक्टर मेटोक्लोप्रामाइड या ऑनडैनसेट्रॉन जैसी दूसरी दवाएं दे सकते हैं। 

खुद से मेडिकल स्टोर से कोई एंटी-वोमिटिंग दवा न लें। प्रेगनेंसी के शुरुआती हफ्तों में दवा चुनते समय डॉक्टर को आपकी स्थिति के हिसाब से फैसला करना होता है।

प्रेगनेंसी में मतली के लिए कौन से उपाय काम नहीं करते?

मतली के लिए बहुत से घरेलू और वैकल्पिक उपाय बताए जाते हैं, लेकिन हर उपाय के पीछे पक्का सबूत नहीं है। 41 ट्रायल और 5,449 महिलाओं की कॉक्रेन समीक्षा में एक्यूपंक्चर से कोई साफ फायदा नहीं मिला, जबकि P6 पॉइंट वाली एक्यूप्रेशर बैंड के प्रूफ भी कम ही हैं।

इसका मतलब यह नहीं कि किसी को इनसे फायदा नहीं हो सकता। लेकिन अगर मतली ज्यादा है, तो सिर्फ ऐसे उपायों पर निर्भर रहकर दवा लेने में देर न करें। एक उपाय को कुछ दिन आजमाकर देखें। फायदा न हो तो अगला विकल्प अपनाएं, बजाय इसके कि हर कुछ दिन में नया नुस्खा बदलते रहें।

Nausea in pregnancy कब रिस्की होती है?

  • 24 घंटे में कुछ भी पेट में न टिकना: पानी भी बाहर आ रहा है तो यह इंतजार करने की स्थिति नहीं है।
  • पेशाब बहुत कम और गहरे रंग का: डिहाइड्रेशन का सबसे भरोसेमंद घरेलू संकेत।
  • वजन तेजी से कम हो रहा हो: RCOG के अनुसार शरीर के वजन का 5 प्रतिशत से ज्यादा घट जाना, या दवा खाकर भी उल्टी न रुकना, भर्ती करने के कारणों में गिना जाता है।
  • खड़े होने पर चक्कर आये या धड़कन तेज लगे: पानी और नमक की कमी का संकेत।

गंभीर स्थिति को हाइपरएमेसिस ग्रैविडेरम कहा जाता है। यह करीब 0.3 से 3 प्रतिशत प्रेगनेंसी में होता है। जरूरत पड़ने पर अस्पताल में फ्लूइड देकर इसका इलाज किया जा सकता है।

मतली नहीं हो रही, क्या यह चिंता की बात है?

बीटा hCG पॉजिटिव आने के बाद भी अगर मतली या उल्टी जैसा कोई लक्षण नहीं है, तो खासकर IVF या IUI के बाद चिंता होना स्वाभाविक है।

एक स्टडी में मतली या उल्टी वाली महिलाओं में प्रेगनेंसी लॉस का रिस्क कम पाया गया, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि मतली न होना किसी परेशानी का संकेत है। बहुत सी स्वस्थ प्रेगनेंसी में मतली होती ही नहीं।

IVF के बाद प्रोजेस्टेरोन सपोर्ट भी कुछ प्रेगनेंसी जैसे लक्षण पैदा कर सकता है। इसलिए प्रेगनेंसी की सेहत लक्षणों से नहीं, बीटा hCG की बढ़त और अल्ट्रासाउंड से पता चलती है। ब्लीडिंग या दर्द हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।

याद रखने वाली मुख्य बातें (Key takeaways)

  • 6 से कम PUQE स्कोर हल्का, 7 से 12 को मीडियम और 13 से 15 को सीरियस माना जाता है।
  • हल्की मतली में खाने-पीने के तरीके में बदलाव और अदरक मदद कर सकते हैं। अदरक मतली कम करती है, लेकिन उल्टी पर इसका असर साफ नहीं है।
  • स्कोर 7 से ऊपर हो या घरेलू उपायों से आराम न मिले, तो दवा के लिए डॉक्टर से बात करें।
  • पानी भी पेट में न टिके, पेशाब बहुत कम हो या वजन 5% से ज्यादा घट जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • मतली न होना अपने आप में खराब संकेत नहीं है। प्रेगनेंसी हेल्दी है या नहीं इसका पता बीटा hCG और अल्ट्रासाउंड से चलता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

Nausea in pregnancy में हर उपाय हर महिला के लिए काम करे, यह जरूरी नहीं है। इसलिए पहले अपनी मतली की गंभीरता समझना जरूरी है। PUQE स्कोर इसमें मदद करता है और उसी के आधार पर तय किया जा सकता है कि खाने-पीने में बदलाव काफी हैं या दवा की जरूरत है।

अदरक हल्की मतली में मदद कर सकती है, लेकिन बार-बार उल्टी हो रही हो तो सिर्फ इसी पर निर्भर न रहें। पानी न टिके, पेशाब कम हो या वजन तेजी से घटे तो डॉक्टर से संपर्क करें।

और मतली न होना अपने आप में चिंता की बात नहीं है। प्रेगनेंसी की सेहत लक्षणों से नहीं, बीटा hCG और अल्ट्रासाउंड से पता चलती है।

Nausea in pregnancy पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रेगनेंसी में उल्टी कब से शुरू होती है?

प्रेगनेंसी में मतली कब खत्म होती है?

सुबह ही उल्टी ज्यादा क्यों होती है?

IVF के बाद मतली ज्यादा होती है क्या?

उल्टी की वजह से कुछ खा नहीं पा रही, बच्चे को नुकसान होगा?

मतली के लिए एक्यूप्रेशर बैंड काम करते हैं क्या?

Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
© 2026 Indira IVF Hospital Limited. All Rights Reserved. T&C Apply | Privacy Policy| *Disclaimer