सारांश (Overview)
Susten 200 अक्सर प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होने पर या फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के दौरान दी जाती है। यह कोई ताकत की दवा नहीं है, बल्कि इसमें प्रोजेस्टेरोन होता है, जो शरीर में पहले से बनने वाला हार्मोन है। यह भी समझना जरूरी है कि Susten 200 हर प्रेगनेंसी में जरूरी नहीं होती और हर मिसकैरेज को रोकने में मदद नहीं करती। इसका फायदा कुछ खास स्थितियों में ही देखा गया है। Susten 200 uses को बेहतर तरीके से समझने के लिए आगे जानेंगे कि यह दवा क्या है, किन स्थितियों में दी जाती है, इसे कैसे और कब लेना चाहिए और इसे कब बंद किया जाता है।
इसमें माइक्रोनाइज्ड प्रोजेस्टेरोन (Micronized Progesterone) होता है, यानी वही हार्मोन जो ओव्यूलेशन के बाद ओवरी और प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा बनाता है, और एक कैप्सूल में 200 mg दवा होती है। इसका काम गर्भाशय की परत को एम्ब्रियो के टिकने लायक बनाए रखना और गर्भाशय की मांसपेशियों को शांत रखना है। इसे डॉक्टर की सलाह से मुंह या वेजाइनल रास्ते से लिया जाता है।
प्रोजेस्टेरोन कम बनने पर गर्भाशय की परत ठीक से तैयार नहीं हो पाती, और यह दवा उसी कमी को पूरा करती है।
शुरुआती प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होने पर, खासकर जब पहले मिसकैरेज हो चुका हो, यह दी जाती है। इसका आधार गाइडलाइन और बड़े अध्ययन हैं, जिन पर आगे बात करेंगे।
IVF और IUI में एम्ब्रियो ट्रांसफर या इंसेमिनेशन के बाद ल्यूटियल फेज सपोर्ट के तौर पर प्रोजेस्टेरोन दिया जाता है। IUI साइकिल पर हुए एक मेटा-एनालिसिस में वेजाइनल प्रोजेस्टेरोन लेने वाली महिलाओं में लाइव बर्थ रेट बेहतर पाया गया।
पीरियड्स लंबे समय से न आ रहे हों या हार्मोन के असंतुलन से परत मोटी हो रही हो, तो डॉक्टर कुछ दिन Susten 200 देकर ब्लीडिंग करवाते हैं।
कब दी जाती है | मकसद |
|---|---|
शुरुआती प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग, पहले मिसकैरेज के साथ | प्रेगनेंसी को सपोर्ट देना |
IVF और IUI के बाद | ल्यूटियल फेज सपोर्ट |
प्रोजेस्टेरोन की कमी | गर्भाशय की परत तैयार रखना |
अनियमित पीरियड्स | चक्र को नियमित करने में मदद |
यहां सबसे जरूरी बात यह है कि Susten 200 का फायदा हर किसी में एक जैसा नहीं होता। NICE की गाइडलाइन के अनुसार वेजाइनल माइक्रोनाइज्ड प्रोजेस्टेरोन दिन में दो बार उन महिलाओं को दिया जाना चाहिए जिनकी प्रेगनेंसी स्कैन में गर्भाशय के अंदर पुष्ट हो चुकी है, ब्लीडिंग हो रही है, और पहले मिसकैरेज हो चुका है।
PRISM नाम से एक स्टडी की गयी है, जिसमें 4,153 महिलाएं शामिल थीं। कुल मिलाकर सभी महिलाओं में साफ फायदा नहीं दिखा, लेकिन ब्लीडिंग के साथ पहले एक या ज्यादा मिसकैरेज वाली महिलाओं में लाइव बर्थ रेट 70 से बढ़कर 75 प्रतिशत हुआ, और तीन या ज्यादा मिसकैरेज वालों में 57 से 72 प्रतिशत बढ़ा पाया गया।
यानी यह दवा जादू नहीं है, पर सही स्थिति में इसका फायदा साबित हो चुका है। इसीलिए किसी और की पर्ची देखकर इसे लेना ठीक नहीं।
रास्ता और खुराक डॉक्टर तय करते हैं, क्योंकि यह वजह पर निर्भर करता है। मिसकैरेज से जुड़ी स्थिति में गाइडलाइन में वेजाइनल रास्ते से 400 mg दिन में दो बार बताया गया है।
रास्ता | खास बात |
|---|---|
मुंह से (Oral) | नींद और चक्कर ज्यादा, इसलिए रात में लेना बेहतर |
वेजाइनल | सीधे गर्भाशय तक असर, शरीर पर असर कम |
यह सबसे कॉमन शिकायत है और Susten 200 को मुंह से लेने पर ज्यादा होती है। इसीलिए इसे लेने के बाद ड्राइविंग नहीं करनी चाहिए।
हल्का सिरदर्द और मितली कुछ महिलाओं को महसूस होती है, जो आमतौर पर कुछ दिनों में कम हो जाती है।
पेट फूलना, हल्का दर्द और कब्ज हो सकता है। Susten 200 को वेजाइनल रास्ते से लेने पर सफेद डिस्चार्ज या हल्की जलन महसूस हो सकती है, जो सामान्य है।
यह भी डॉक्टर तय करते हैं। मिसकैरेज से जुड़ी स्थिति में गाइडलाइन कहती है कि धड़कन पुष्ट होने पर Susten 200 16 हफ्ते पूरे होने तक जारी रखा जाए। IVF या IUI में इसे प्रेगनेंसी टेस्ट तक और पॉजिटिव आने पर उससे आगे भी चलाया जाता है, जबकि अनियमित पीरियड्स में यह कुछ दिनों का कोर्स होता है। बीच में खुद बंद करने पर ब्लीडिंग शुरू हो सकती है।
Susten 200 में माइक्रोनाइज्ड प्रोजेस्टेरोन होता है, जो गर्भाशय की परत को एम्ब्रियो के टिकने के लिए तैयार रखने में मदद करता है। यह शुरुआती प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होने पर, IVF और IUI के बाद ल्यूटियल फेज सपोर्ट के लिए और कुछ मामलों में अनियमित पीरियड्स के लिए दी जाती है।
Susten 200 का फायदा खासकर उन महिलाओं में देखा गया है जिन्हें ब्लीडिंग के साथ पहले मिसकैरेज हो चुका है। ऐसी स्थिति में धड़कन की पुष्टि होने के बाद इसे 16 हफ्ते तक चलाया जा सकता है। नींद, चक्कर, सिरदर्द और पेट फूलना इसके आम साइड इफेक्ट्स हैं। इसे खुद से शुरू या बीच में बंद न करें। ।