बाइलेटरल ट्यूबल ब्लॉकेज क्या है? कारण, जाँच और IVF

Last updated: June 25, 2026

Overview

फैलोपियन ट्यूब (Fallopian Tube) महिला के रिप्रोडक्टिव सिस्टम का वह अंग है, जहाँ सामान्य तौर पर एग और स्पर्म मिलते हैं और फर्टिलाइजेशन (Fertilization) होता है। जब दोनों ट्यूब पूरी तरह बंद हो जाती हैं, तो इसे बाइलेटरल ट्यूबल ब्लॉकेज (Bilateral Tubal Blockage) कहा जाता है। ऐसी स्थिति में नेचुरल तरीके से प्रेगनेंसी ठहरना लगभग असंभव हो जाता है। अच्छी बात यह है कि अगर किसी महिला को बाइलेटरल ट्यूबल ब्लॉकेज है तब भी उसके माँ बनने की संभावना खत्म नहीं होती और ऐसी कंडीशन में IVF के माध्यम से माँ बना जा सकता है क्योंकि IVF यानी इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (In Vitro Fertilization) में फर्टिलाइजेशन लैब में कराया जाता है।

फैलोपियन ट्यूब का क्या काम है?

फैलोपियन ट्यूब सिर्फ एग और स्पर्म के मिलने की जगह नहीं है, बल्कि प्रेगनेंसी की शुरुआत में इसकी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ओव्यूलेशन (Ovulation) के दौरान ट्यूब के सिरों पर मौजूद फिम्ब्रिया (Fimbriae) अंडे को ओवरी से उठाकर ट्यूब के अंदर ले आते हैं।

ट्यूब की अंदरूनी परत पर मौजूद सीलिया (Cilia) और मसल्स की हल्की गतिविधियां एग्स को धीरे-धीरे बच्चेदानी की तरफ बढ़ाती हैं। सामान्य तौर पर स्पर्म और एग इसी ट्यूब में मिलते हैं और फर्टिलाइजेशन होता है। इसके बाद बनने वाला एम्ब्रीओ 5 से 6 दिन तक ट्यूब में विकसित होता है और फिर बच्चेदानी में पहुंचता है, वहां इसका इम्प्लांटेशन होता है।

इसी वजह से फैलोपियन ट्यूब का सिर्फ खुला होना ही पर्याप्त नहीं है। इसकी अंदरूनी परत और सीलिया का स्वस्थ होना भी उतना ही जरूरी है। जेनिटल टीबी (Genital Tuberculosis) या अन्य गंभीर संक्रमण ट्यूब की इस नाजुक संरचना को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे प्रेगनेंसी ठहरने में दिक्कत आ सकती है।

बाइलेटरल ट्यूबल ब्लॉकेज क्या है?

जब दोनों फैलोपियन ट्यूब पूरी तरह बंद हो जाती हैं तो उसे बाइलेटरल ट्यूबल ब्लॉकेज कहते हैं। एक ट्यूब बंद हो तो दूसरी ट्यूब से प्रेगनेंसी की संभावना बनी रहती है, लेकिन दोनों ट्यूब बंद हों तो नेचुरल प्रेगनेंसी नहीं होती।

ट्यूबल ब्लॉकेज का कोई बाहरी लक्षण नहीं होता। इसमें न दर्द होता है, न असामान्य डिस्चार्ज, और न ही पीरियड्स में बदलाव आता है। यही वजह है कि इसे 'साइलेंट फर्टिलिटी किलर' कहते हैं। NIH StatPearls के अनुसार, ट्यूबल फैक्टर महिला इनफर्टिलिटी के प्रमुख कारणों में से एक है।

ट्यूब बंद होने के कारण

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिज़ीज़ (PID)

PID की वजह से ट्यूबल ब्लॉकेज सबसे ज्यादा होता है। क्लैमाइडिया (chlamydia) और गोनोरिया (gonorrhea) जैसे बैक्टीरिया यौन संपर्क से आते हैं और धीरे-धीरे ट्यूब में पहुँचते हैं। ट्यूब में सूजन होती है और ठीक होने पर स्कार टिशू (scar tissue) बन जाता है। यह स्कार ट्यूब को अंदर से बंद कर देता है।

PID अक्सर हल्के लक्षणों के साथ आती है या बिल्कुल साइलेंट होती है। PMC रिसर्च के अनुसार, एक PID एपिसोड के बाद ट्यूबल ब्लॉकेज का रिस्क काफी बढ़ जाता है। और अगर कई बार PID हो तो रिस्क और भी ज़्यादा होता है।

एंडोमेट्रियोसिस

एंडोमेट्रियोसिस में बच्चेदानी की अंदरूनी परत जैसा टिशू गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है और ट्यूब के आसपास चिपकाव यानी एडहेज़न (Adhesion) बना सकता है। ये चिपकाव ट्यूब की बनावट को प्रभावित करते हैं और कई बार उसे ब्लॉक भी कर देते हैं। एंडोमेट्रियोमा (Endometrioma), यानी ओवरी में बनने वाले सिस्ट, भी ट्यूब और उसकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।

पिछली सर्जरी

कुछ मामलों में पिछली सर्जरी के बाद भी ट्यूबल ब्लॉकेज हो सकता है। उदाहरण के लिए, अगर अपेंडिक्स फटने के बाद पेट में संक्रमण फैल गया हो, तो ट्यूब के आसपास चिपकाव यानी एडहेज़न (Adhesion) बन सकते हैं। इसी तरह ओवेरियन सिस्ट सर्जरी, C-सेक्शन या पेल्विक एरिया की अन्य सर्जरी के बाद होने वाला संक्रमण भी फैलोपियन ट्यूब को प्रभावित कर सकता है।

जेनिटल ट्यूबरकुलोसिस

जेनिटल टीबी (Genital Tuberculosis) में TB के बैक्टीरिया शरीर के दूसरे हिस्सों से फैलकर फैलोपियन ट्यूब तक पहुँच सकते हैं और धीरे-धीरे वहाँ सूजन, स्कारिंग और स्थायी नुकसान पैदा कर सकते हैं।

जेनिटल टीबी के अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। कई महिलाओं में पीरियड्स सामान्य रहते हैं और फेफड़ों के TB जैसी खाँसी, बुखार या रात में पसीना आने के लक्षण भी दिखाई नहीं देते। इसी वजह से इसका पता अक्सर तब चलता है जब ट्यूबल ब्लॉकेज या निःसंतानता की जाँच की जाती है। 

NIH StatPearls के अनुसार, अस्पष्ट इनफर्टिलिटी वाली महिलाओं में TB की जाँच ज़रूरी है। जेनिटल टीबी की जांच के लिए TB PCR, CBNAAT और एंडोमेट्रियल बायोप्सी (Endometrial Biopsy) जैसे टेस्ट किए जा सकते हैं।

बाइलेटरल ट्यूबल ब्लॉकेज की जाँच कैसे होती है?

हिस्टेरोसैल्पिंगोग्राफी (HSG)

HSG यानी हिस्टेरोसैल्पिंगोग्राफी (hysterosalpingography) ट्यूबल ब्लॉकेज की पहली जाँच है। इसमें गर्भाशय में पानी जैसी डाई डाली जाती है और X-रे किया जाता है। अगर डाई ट्यूब से आगे नहीं जा पाती, तो ब्लॉकेज होने की संभावना होती है। यह एक आउटपेशेंट प्रक्रिया है जो आमतौर पर 15 से 20 मिनट में पूरी हो जाती है।

हालांकि HSG की भी कुछ सीमाएँ हैं। कई बार ट्यूब में अस्थायी सिकुड़न यानी स्पाज़्म (Spasm) की वजह से डाई आगे नहीं बढ़ पाती, जबकि ट्यूब वास्तव में ब्लॉक नहीं होती। इसे प्रॉक्सिमल स्पाज़्म (Proximal Spasm) कहा जाता है। इसलिए HSG में ब्लॉकेज दिखाई देने पर कई बार लैप्रोस्कोपी (Laparoscopy) से पुष्टि करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

लैप्रोस्कोपी (Laparoscopy)

लैप्रोस्कोपी ट्यूबल ब्लॉकेज की पुष्टि करने के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड टेस्ट माना जाता है। इसमें पेट में छोटे छेद से कैमरा डालकर डाई पास की जाती है और ट्यूब को सीधे देखा जाता है। इससे ब्लॉकेज की जगह, उसकी गंभीरता, एडहेज़न और एंडोमेट्रियोसिस का भी पता चल सकता है।

TB की जाँच के लिए लैप्रोस्कोपी के दौरान एंडोमेट्रियम की बायोप्सी भी ली जा सकती है। इस तरह एक ही प्रक्रिया से डायग्नोसिस और आगे के ट्रीटमेंट की योजना बनाने में मदद मिलती है।

सर्जरी या IVF का फैसला कैसे करें?

पैरामीटर

ट्यूबल सर्जरी (Tuboplasty)

IVF

सबसे उपयुक्त

हल्की ब्लॉकेज, युवा उम्र, TB नहीं

गंभीर ब्लॉकेज, हाइड्रोसेलपिंक्स, TB

सफलता दर

ब्लॉकेज की जगह पर निर्भर

उम्र और एग क्वालिटी पर निर्भर

एक्टोपिक रिस्क

बना रहता है

बहुत कम

रिकवरी

2-4 हफ्ते

3-4 हफ्ते प्रति साइकल

TB के मामले में

कम प्रभावी

बेहतर विकल्प

PMC रिसर्च के अनुसार, ट्यूबल सर्जरी के बाद एक्टोपिक प्रेगनेंसी यानी ट्यूब में प्रेगनेंसी का रिस्क बना रहता है। IVF में यह रिस्क बहुत कम होता है क्योंकि एम्ब्रीओ सीधे गर्भाशय में रखा जाता है।

हाइड्रोसेलपिंक्स और IVF

हाइड्रोसेलपिंक्स (Hydrosalpinx) वह स्थिति है जिसमें फैलोपियन ट्यूब के डिस्टल सिरे पर ब्लॉकेज होने के कारण उसमें फ्लूइड भर जाता है। यह फ्लूइड गर्भाशय में वापस जाकर एम्ब्रीओ के इम्प्लांटेशन में रूकावट डाल सकता है।

हाइड्रोसेलपिंक्स की वजह से IVF की सक्सेस रेट कम हो सकती है। इसलिए IVF शुरू करने से पहले प्रभावित ट्यूब को निकालने या गर्भाशय की तरफ से बंद करने की सलाह दी जाती है। इन प्रक्रियाओं को सल्पिंजेक्टमी  (Salpingectomy) और प्रॉक्सिमल ट्यूबल ओक्लूज़न (Proximal Tubal Occlusion) कहा जाता है।

IVF में फैलोपियन ट्यूब की आवश्यकता नहीं होती। यही वजह है कि कई मामलों में ट्यूब का इलाज करने के बाद IVF की सक्सेस रेट बढ़ जाती है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर आपके साथ नीचे दी गई स्थितियों में से कोई भी है, तो इनफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से सलाह लेना उचित रहेगा।

  • 12 महीने की नियमित कोशिश के बावजूद प्रेगनेंसी न ठहर रही हो।
  • पहले कभी पेल्विक इंफेक्शन या PID हुआ हो।
  • एंडोमेट्रियोसिस की पुष्टि हो चुकी हो।
  • जेनिटल टीबी की हिस्ट्री रही हो।
  • HSG या अन्य जांचों में ट्यूबल ब्लॉकेज का संदेह बताया गया हो।

ऐसी स्थिति में डॉक्टर HSG या जरूरत पड़ने पर लैप्रोस्कोपी (Laparoscopy) की सलाह दे सकते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

बाइलेटरल ट्यूबल ब्लॉकेज एक साइलेंट कंडीशन है जो बिना किसी लक्षण के प्रेगनेंसी की सम्भावना ख़त्म कर देती है। लेकिन IVF ट्रीटमेंट इस कंडीशन में एक वरदान बन कर सामने आया है। इसमें फर्टिलाइज़ेशन लैब में होता है, इसीलिए प्रेगनेंसी के लिए ट्यूब की ज़रूरत नहीं पड़ती। सही समय पर जाँच और सही इलाज से आपका माँ बनने का सपना पूरा हो सकता है।

FAQs

क्या एक ट्यूब बंद होने पर भी प्रेगनेंसी हो सकती है?

 

हाँ। एक ट्यूब खुली हो तो उस तरफ की ओवरी से ओव्युलेशन होने पर नेचुरल प्रेगनेंसी संभव है। लेकिन ओव्युलेशन हर बार दोनों ओवरी से बारी-बारी नहीं होता है। इसलिए प्रेगनेंसी की संभावना कम जरूर हो सकती है, लेकिन असंभव नहीं।

HSG जाँच में दर्द होता है?

 

HSG में हल्की से मध्यम क्रैम्पिंग होती है जो पीरियड के दर्द जैसी लगती है। जाँच से पहले पेनकिलर लेने से दर्द कम होता है।

क्या IVF में ट्यूब की ज़रूरत होती है?

 

नहीं। IVF में एग सीधे ओवरी से निकाले जाते हैं, लैब में फर्टिलाइज़ होते हैं, और एम्ब्रीओ सीधे गर्भाशय में रखा जाता है। ट्यूब इस पूरी प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं निभाती।

क्या हाइड्रोसेलपिंक्स अपने आप ठीक हो जाती है?

 

नहीं। हाइड्रोसेलपिंक्स का फ्लूइड खुद नहीं निकलता। IVF से पहले इसे सर्जरी से ठीक करना ज़रूरी है क्योंकि यह IVF की सफलता दर को कम करता है।

क्या एंडोमेट्रियोसिस में हमेशा ट्यूब बंद होती है?

 

हर बार नहीं। हल्की एंडोमेट्रियोसिस में ट्यूब खुली रह सकती है। लेकिन गंभीर एंडोमेट्रियोसिस और एंडोमेट्रियोमा के मामलों में ट्यूब बंद होने या एडहेज़न बनने का रिस्क ज़्यादा होता है।

**Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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