कई कपल जब पहली बार इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट के बारे में सुनते हैं, तो उन्हें IVF और test tube baby दो अलग-अलग शब्द लगते हैं। किसी को लगता है test tube baby एक पुरानी टेक्नीक है, किसी को लगता है यह कोई अलग ट्रीटमेंट है। सच यह है कि दोनों एक ही प्रोसीजर के दो अलग अलग नाम हैं। चूंकि "test tube baby" शब्द मीडिया और आम बातचीत में ज़्यादा पॉपुलर रहा है, इसीलिए यह भ्रम बना रहता है। इस आर्टिकल में हम Difference Between IVF and Test Tube Baby in Hindi समझेंगे।
1978 में IVF ट्रीटमेंट द्वारा दुनिया के पहले बेबी का जन्म हुआ था। उस समय यह टेक्नीक बिल्कुल नई थी और मीडिया ने इसे "test tube baby" का नाम दे दिया। तब से यह नाम चलन में आ गया और पूरी दुनिया में लोग इसी नाम से इस टेक्नीक को जानने लगे।
असल में "test tube" शब्द भी पूरी तरह सही नहीं है। IVF प्रोसेस में एग्स और स्पर्म को टेस्ट ट्यूब में नहीं, बल्कि एक छोटे से फ़्लैट डिश में रखा जाता है जिसे लैब में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन उस समय आम लोगों को यह समझाना आसान था कि "बच्चा टेस्ट ट्यूब में बनता है", इसलिए नाम पॉपुलर हो गया।
आज भी कई लोग इसी नाम से इस ट्रीटमेंट को जानते हैं। खासकर छोटे शहरों और गाँवों में जब कोई इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट की बात करता है, तो "test tube baby" शब्द ज़्यादा इस्तेमाल होता है।
हाँ, बिल्कुल एक ही हैं। IVF का पूरा नाम है इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (In Vitro Fertilization)। इसमें "in vitro" का मतलब है "ग्लास के अंदर", यानी बॉडी के बाहर एक लैब डिश में। "Fertilization" का मतलब है एग और स्पर्म का मिलना। तो IVF यानी बॉडी के बाहर लैब में एग और स्पर्म को मिलाकर एम्ब्रीओ (embryo) बनाना और फिर उसे माँ के यूट्रस (uterus) में ट्रांसफर कर देना।
Test tube baby भी यही है। कोई भी टेक्निकल या मेडिकल फ़र्क नहीं है। डॉक्टर मेडिकल टर्म IVF इस्तेमाल करते हैं, आम लोग test tube baby बोलते हैं। ट्रीटमेंट वही है, प्रोसीजर वही है, रिज़ल्ट भी वही है।
एक सिंपल तरीका समझने का जैसे हम "फोन" और "मोबाइल" दोनों शब्द एक ही डिवाइस के लिए इस्तेमाल करते हैं, वैसे ही IVF और test tube baby भी प्रेगनेंसी के एक ही प्रोसीजर के दो नाम हैं।
IVF कई स्टेप्स में होता है और पूरा प्रोसेस आमतौर पर 4 से 6 हफ्तों की होता है। पहले डॉक्टर महिला को कुछ हार्मोन इंजेक्शन देते हैं जो ओवरीज़ को एक साइकल में कई एग्स बनाने के लिए स्टिम्यूलेट करते हैं। नॉर्मली एक महिला एक महीने में एक एग बनाती है, लेकिन IVF में कई एग्स की ज़रूरत होती है ताकि सक्सेस का चांस बढ़े।
जब एग्स मैच्योर हो जाते हैं, तो एक छोटे से प्रोसीजर से उन्हें ओवरीज़ से निकाला जाता है। इसे एग रिट्रीवल कहते हैं और यह एनेस्थीसिया में होता है। उसी दिन पुरुष पार्टनर का स्पर्म सैम्पल लिया जाता है।
अब लैब में एक डिश में एग और स्पर्म को मिलाया जाता है। जिसे फर्टिलाइज़ेशन कहते हैं, जिसके बाद एम्ब्रीओ (embryo) बन जाता है।
अगले 3 से 5 दिन तक एम्ब्रीओ लैब में बढ़ता है। जब एम्ब्रीओ अच्छी स्टेज पर पहुँच जाता है, तो उसे एक पतली कैथेटर से माँ के यूट्रस में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस प्रोसीजर में बिलकुल दर्द नहीं होता और इसमें 10 से 15 मिनट लगते हैं।
इसके 9 से 14 दिन बाद ब्लड टेस्ट से प्रेगनेंसी कन्फर्म हो जाती है।
यह गलतफहमी कई कारणों से बनी रहती है। सबसे बड़ा कारण है कि पुराने समय में लोगों को लगता था test tube baby बच्चा पैदा करने का एक अलग और "आर्टिफ़िशियल" तरीका है। कुछ लोगों को यह भी लगता है कि test tube baby पूरी तरह test tube में बड़ा होता है, जो सच नहीं है।
लैब में सिर्फ फर्टिलाइज़ेशन होता है और एम्ब्रीओ की शुरुआती कुछ दिन की ग्रोथ होती है, बाकी की प्रेगनेंसी नॉर्मल तरीके से माँ के यूट्रस में ही होती है।
कुछ कपल सोचते हैं test tube baby सिर्फ उन लोगों के लिए है जिनके पास बिल्कुल ऑप्शन नहीं हैं, और IVF एक मॉडर्न एडवांस ट्रीटमेंट है। जबकि असलियत में दोनों एक ही हैं।
एक और मिसकंसेप्शन है कि test tube baby में बच्चा "बनाया" जाता है जबकि IVF में "सामान्य" प्रेगनेंसी होती है। दोनों में बच्चा कपल के ही एग और स्पर्म से बनता है और माँ के यूट्रस में ही डेवलप होता है।
हर कपल का केस अलग होता है, इसलिए ट्रीटमेंट प्लान भी उसी के अनुसार बनाया जाता है।
IVF से पैदा हुए बच्चे फ़िज़िकली, मेंटली और इमोशनली उतने ही हेल्दी होते हैं जितने नैचुरल प्रेगनेंसी से पैदा हुए बच्चे होते हैं।
IVF के ज़रिए सिर्फ कंसीव अलग तरीके से होता है। उसके बाद की पूरी प्रेगनेंसी, भ्रूण का विकास, डिलीवरी सब कुछ नैचुरल प्रेगनेंसी जैसा ही होता है यानी भ्रूण माँ के गर्भ में ही 9 महीने बड़ा होता है।
1978 से अब तक दुनिया में लाखों IVF बच्चे पैदा हो चुके हैं। आज वो बड़े होकर नॉर्मल ज़िंदगी जी रहे हैं। कई ने खुद नैचुरल प्रेगनेंसी से बच्चे पैदा किए हैं। पहली IVF बेबी Louise Brown आज खुद एक माँ हैं।
तो अगर आप IVF का सोच रहे हैं और यह डर है कि बच्चा "अलग" होगा, तो यह डर बेकार है।
IVF और test tube baby एक ही प्रोसेस के दो नाम हैं, कोई फ़र्क नहीं है। अगर आप या आपके जानने वाले कोई इनफर्टिलिटी से जूझ रहे हैं और उन्हें IVF की सलाह दी गयी है, तो नाम के कंफ्यूज़न में न पड़ें। अपने डॉक्टर से अपनी सभी कंडीशन के बारे में बात करें यहाँ तक कि अपने बजट के बारे में भी, ट्ट्ट्रीटमेंट और उसके प्रोसेस को समझें, और फिर निर्णय लें। सही जानकारी और सही गाइडेंस से आपके माता पिता बनने की राह बहुत आसान हो जाती है।