अगर आपने सभी टेस्ट करवा लिए लिए हैं, सब कुछ नॉर्मल आया है, फिर भी प्रेगनेंसी नहीं हो रही। यह सिचुएशन कपल और ज़्यादा परेशानकरती है क्योंकि जब कारण ही पता न हो तो इलाज किस चीज़ का किया जाये। Unexplained infertility in Hindi में समझते हैं कि यह कंडीशन क्या होती है, डॉक्टर इसे कैसे डायग्नोज़ करते हैं, और इलाज के क्या विकल्प हैं।
अच्छी बात यह है कि unexplained infertility में भी ट्रीटमेंट से प्रेगनेंसी बिल्कुल संभव है। करीब 10 से 15 प्रतिशत कपल्स की अनएक्सप्लेंड इनफर्टिलिटी में सही डायग्नोसिस हो जाती है और सही ट्रीटमेंट के बाद प्रेगनेंसी भी सकती है।
Unexplained infertility तब कही जाती है जब कपल एक साल या ज़्यादा कोशिश कर रहा हो, सभी स्टैंडर्ड टेस्ट नॉर्मल आएं, लेकिन प्रेगनेंसी न हो। महिला में ओव्यूलेशन (ovulation) सही हो, ट्यूब खुली हो, यूट्रस नॉर्मल हो, और पुरुष का सीमेन एनालिसिस (semen analysis) भी ठीक हो, फिर भी कंसीव न होना।
करीब 10 से 15 प्रतिशत कपल्स को यह डायग्नोसिस मिलती है। यह जानना ज़रूरी है कि unexplained infertility का मतलब यह नहीं कि कोई कारण है ही नहीं, बल्कि मौजूदा टेस्ट से वो कारण पकड़ में नहीं आ रहा।
Unexplained infertility एक "एक्सक्लूज़न" डायग्नोसिस है, मतलब जब बाकी सब कारण रूल आउट हो जाएं तभी यह कहा जाता है।
इसके लिए कम से कम ये टेस्ट नॉर्मल होने चाहिए।
अगर इनमें से कोई भी टेस्ट नहीं करवाया गया है तो unexplained infertility का डायग्नोसिस सही नहीं माना जा सकता।
भले ही टेस्ट में कुछ न दिखे, कुछ ऐसे फैक्टर हो सकते हैं जो स्टैंडर्ड जांच में नहीं पकड़ में आते।
एग की क्वालिटी में कमी एक बड़ा कारण हो सकता है। AMH और फॉलिकल काउंट से एग की संख्या पता चलती है, लेकिन क्वालिटी के बारे में सटीक जानकारी मिलना मुश्किल है। उम्र बढ़ने के साथ एग की जेनेटिक क्वालिटी कम होती है जो किसी टेस्ट में सीधे नहीं दिखती।
फैलोपियन ट्यूब का फंक्शन भी एक मुद्दा हो सकता है। HSG से ट्यूब खुली दिखती है लेकिन अंदर की लाइनिंग सही से काम कर रही है या नहीं, यह HSG नहीं बता पाता। ट्यूब में सिलिया (cilia) यानी छोटे बाल जैसी संरचना एग को आगे बढ़ाती है, अगर ये डैमेज हों तो दिक्कत होती है।
हल्की एंडोमेट्रियोसिस जो अल्ट्रासाउंड में नहीं दिखती लेकिन फर्टिलिटी प्रभावित करती है, यह भी एक संभावित कारण है। इसी तरह इम्प्लांटेशन (implantation) में कोई सूक्ष्म दिक्कत हो सकती है जो स्टैंडर्ड टेस्ट में नहीं आती।
स्पर्म का DNA फ्रैगमेंटेशन भी एक कारण हो सकता है। सीमेन एनालिसिस में स्पर्म काउंट और गति तो चेक होती है, लेकिन स्पर्म के अंदर DNA कितना हेल्दी है, यह रेगुलर टेस्ट में नहीं देखा जाता।
इसके अलावा इम्यूनोलॉजिकल कारण भी unexplained infertility का एक बड़ा कारण हो सकते हैं। कभी-कभी महिला का इम्यून सिस्टम स्पर्म को विदेशी वस्तु (foreign object) मानकर उसके खिलाफ एंटीबॉडीज़ बना देता है, जिससे फर्टिलाइज़ेशन नहीं हो पाता। यह 'एंटी-स्पर्म एंटीबॉडीज़' आमतौर पर स्टैंडर्ड टेस्ट में नहीं मिलते।
इसी तरह, महिला के यूट्रस की लाइनिंग में इंफ्लमैशन हो सकती है जो इम्प्लांटेशन को मुश्किल बनाती है, लेकिन यह भी सामान्य अल्ट्रासाउंड में दिखाई नहीं देता।
Unexplained infertility treatment में स्टेप-बाय-स्टेप अप्रोच अपनाया जाता है, जहां कम इनवेसिव (invasive) तरीकों से शुरू करके धीरे-धीरे आगे बढ़ा जाता है।
पहले स्टेप में दवाईयाँ दी जाती हैं और सही समय पर पार्टनर के साथ संबंध बनाने की सलाह दी जाती है। क्लोमिफीन (clomiphene) या लेट्रोज़ोल (letrozole) से ओव्यूलेशन बूस्ट किया जाता है ताकि एक से ज़्यादा एग तैयार हों और फर्टिलाइज़ेशन (fertilization) की संभावना बढ़े।
अल्ट्रासाउंड से एग की ग्रोथ मॉनिटर की जाती है और सही टाइम पर रिलेशन की सलाह दी जाती है। यह सबसे कम महंगा और आसान तरीका है। आमतौर पर 3 से 4 साइकल तक इस तरह कोशिश की जाती है।
अगर फ़ायदा न हो तो अगला स्टेप IUI होता है। IUI में प्रोसेस्ड स्पर्म सीधे यूट्रस में डाला जाता है जिससे स्पर्म-एग मिलना आसान हो जाता है। IUI तभी किया जाता है आपका ओव्यूलेशन हो रहा हो। unexplained infertility में IUI से सक्सेस मिलने की संभावना काफी अच्छी होती है क्योंकि इससे स्पर्म और एग के मिलने के चांस बढ़ जाते हैं।
IUI से भी रिज़ल्ट न आए तो IVF सबसे अच्छा ऑप्शन होता है। IVF में फर्टिलाइज़ेशन लैब में होता है, इसलिए बहुत से अनजान फैक्टर बाईपास हो जाते हैं।
कितनी सक्सेस रेट होती है
Unexplained infertility में ट्रीटमेंट के रिज़ल्ट काफ़ी अच्छे होते हैं।
अगर आपकी 35 वर्ष से कम है तो सक्सेस रेट और भी ज्यादा हो सकती है। कुछ स्टडीज़ दिखाती हैं कि unexplained infertility वाले कपल्स में IVF की सक्सेस रेट दूसरे कारणों वाले कपल्स से कम नहीं होती, बल्कि कई बार बेहतर होती है।
Unexplained infertility की सबसे बड़ी चुनौती केवल शारीरिक नहीं बल्कि भावनात्मक भी होती है। जब कारण पता न चले तो निराशा और अनिश्चितता बढ़ जाती है। महीनों ट्रीटमेंट, बार-बार टेस्ट, और नकारात्मक रिपोर्ट आना - यह मानसिक तनाव कपल के रिश्ते पर भी असर डाल सकता है।
इसलिए इमोशनल सपोर्ट ज़रूरी है। पार्टनर के साथ खुलकर बात करें और एक दूसरे की समझें। सोशल प्रेशर और परिवार की उम्मीदें भी तनाव बढ़ाती हैं, ऐसे में सीमाएं तय करना ज़रूरी है। मेडिटेशन (meditation), योग, या एक्सरसाइज़ करें, जिससे स्ट्रेस कम हो। प्रोफेशनल काउंसलिंग भी कर सकते हैं। unexplained infertility का सफ़र लंबा हो सकता है, पर सही सहारे से इसे आसान बनाया जा सकता है।
Unexplained infertility में भले ही निःसंतानता का कारण समझ न आये लेकिन अलग अलग इलाज के तरीकों से प्रेगनेंसी संभव हो सकती है। रिपोर्ट नॉर्मल हों तो भी ट्रीटमेंट के कई असरदार रास्ते हैं। दवाओं और IUI से शुरू करके IVF तक, हर स्टेप पर सफलता की अच्छी संभावना है। अपने डॉक्टर से खुलकर बात करें, सभी विकल्पों को समझें, और सही प्लान के साथ आगे बढ़ें।