Dual Stimulation IVF क्या है? एक ही साइकिल में दो बार Egg Retrieval

Last updated: September 24, 2026

सारांश (Overview)

ड्यूल स्टिमुलेशन IVF, जिसे DuoStim भी कहा जाता है, में एक ही मेंस्ट्रुअल साइकिल के भीतर दो बार ओवेरियन स्टिमुलेशन और दो बार एग रिट्रीवल की जाती है। दूसरे स्टिमुलेशन के लिए अगले पीरियड का इंतजार नहीं किया जाता, बल्कि पहले रिट्रीवल के कुछ ही दिन बाद इसे शुरू कर दिया जाता है। 

इसका मुख्य उद्देश्य कम समय में ज्यादा एग और एम्ब्रीओ जमा करना है। आगे जानिए Dual Stimulation IVF कैसे किया जाता है, इसके फायदे और सीमाएं क्या हैं और किन महिलाओं के लिए इस पर विचार किया जा सकता है। 

ड्यूल स्टिमुलेशन IVF क्या है और यह कैसे काम करता है?

ड्यूल स्टिमुलेशन IVF में एक ही मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान दो बार ओवेरियन स्टिमुलेशन और दो बार एग रिट्रीवल किया जाता है। पहला स्टिमुलेशन पीरियड के बाद शुरू होता है और पहले रिट्रीवल के कुछ ही दिन बाद दूसरा स्टिमुलेशन शुरू कर दिया जाता है। अगले पीरियड का इंतजार नहीं करना पड़ता।

यह इसलिए संभव है क्योंकि एक साइकिल में फॉलिकल का सिर्फ एक समूह नहीं, बल्कि दो से तीन समूह बढ़ सकते हैं। इसे वेव थ्योरी कहा जाता है। पहले एग रिट्रीवल के बाद ल्यूटियल फेज में बढ़ने वाले अगले फॉलिकल समूह को दूसरी स्टिमुलेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि ओवरी का रिजर्व दोगुनी तेजी से खत्म हो रहा है।

Dual Stimulation IVF की प्रक्रिया कैसे होती है?

Dual Stimulation IVF में एक ही मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान दो बार स्टिमुलेशन और एग रिट्रीवल किया जाता है। पहले राउंड के बाद कुछ ही दिनों में दूसरा राउंड शुरू हो जाता है। पूरे प्रोसेस  में कन्वेंशनल IVF जैसी ही दवाएं और मॉनिटरिंग होती है। 

पहले राउंड में ओवेरियन स्टिमुलेशन (Ovarian Stimulation)

पीरियड के शुरुआती दिनों में बेसलाइन स्कैन के बाद गोनाडोट्रॉपिन इंजेक्शन शुरू किए जाते हैं। नियमित स्कैन से फॉलिकल की ग्रोथ देखी जाती है और समय से पहले ओव्यूलेशन रोकने के लिए एंटागोनिस्ट दिया जा सकता है। 

पहला एग रिट्रीवल (Egg Retrieval)

जब फॉलिकल सही स्टेज पर पहुंचते हैं, तो ट्रिगर दिया जाता है और इसके बाद एग रिट्रीवल किया जाता है। यह प्रोसीजर कन्वेंशनल IVF की तरह ही होता है। 

दूसरे राउंड में ओवेरियन स्टिमुलेशन (Ovarian Stimulation)

पहले रिट्रीवल के कुछ ही दिन बाद, ल्यूटियल फेज में दूसरा स्टिमुलेशन शुरू किया जाता है। ESHRE गाइडलाइन के अनुसार, जब ताजा एम्ब्रीओ ट्रांसफर की प्लानिंग न हो और नेचुरल प्रेगनेंसी की संभावना न हो, तब इस राउंड में स्टिमुलेशन शुरू किया जा सकता है। 

दूसरा एग रिट्रीवल (Egg Retrieval)

दूसरे राउंड के फॉलिकल मैच्योर होने पर फिर ट्रिगर दिया जाता है और दूसरा एग रिट्रीवल किया जाता है। इस तरह दोनों रिट्रीवल एक ही साइकिल में पूरे हो जाते हैं, अगले पीरियड का इंतजार नहीं करना पड़ता। 

एग्स का फर्टिलाइजेशन और एम्ब्रीओ डेवलपमेंट (Embryo Development)

दोनों रिट्रीवल से मिले एग को लैब में फर्टिलाइज किया जाता है और बने एम्ब्रीओ की ग्रोथ देखी जाती है। Dual Stimulation IVF में एम्ब्रीओ आमतौर पर फ्रीज करके बाद की साइकिल में ट्रांसफर किए जाते हैं, इसलिए दोनों राउंड के बाद उपलब्ध एम्ब्रीओ को एक साथ सुरक्षित रखा जा सकता है। 

Dual Stimulation IVF और Conventional IVF में क्या अंतर है?

ड्यूल स्टिमुलेशन IVF और कन्वेंशनल IVF में सबसे बड़ा अंतर समय और राउंड की संख्या का है। कन्वेंशनल IVF में एक साइकिल में एक बार स्टिमुलेशन और एग रिट्रीवल होता है, जबकि ड्यूल स्टिमुलेशन IVF में दोनों काम दो बार किए जाते हैं।

 

ड्यूल स्टिमुलेशन IVF

कन्वेंशनल IVF

एक साइकिल में स्टिमुलेशन

दो बार

एक बार

एक साइकिल में एग रिट्रीवल

दो बार

एक बार

दूसरा स्टिमुलेशन

पहला रिट्रीवल के कुछ दिन बाद

अगली साइकिल में 

एम्ब्रीओ ट्रांसफर

आमतौर पर बाद की साइकिल में

उसी साइकिल में संभव

इंजेक्शन और मॉनिटरिंग

दो राउंड

एक राउंड

दोनों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं आमतौर पर वही होती हैं। फर्क मुख्य रूप से यह है कि ड्यूल स्टिमुलेशन IVF में दुसरे स्टिमुलेशन के लिए अगले पीरियड का इंतजार नहीं किया जाता। 

Dual Stimulation IVF के फायदे

ड्यूल स्टिमुलेशन IVF का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक ही महीने में दो बार एग रिट्रीवल करके ज्यादा एग इकट्ठे किए जा सकते हैं। खासकर तब, जब एक साइकिल में कम एग मिलते हों और कम समय में ज्यादा एग या एम्ब्रियो जमा करने की जरूरत हो।

310 महिलाओं को लेकर हुयी एक स्टडी में पहले रिट्रीवल के बाद 42.3% महिलाओं को कम से कम एक ऐसा ब्लास्टोसिस्ट मिला, जो क्रोमोसोम के लिहाज से नॉर्मल था। दोनों रिट्रीवल को मिलाकर 65.5% महिलाओं को क्रोमोसोम के लिहाज नॉर्मल ब्लास्टोसिस्ट मिला । यानी पहली बार के बाद हर 10 में से करीब 4 महिलाओं को क्रोमोसोम के लिहाज से एक अच्छा एम्ब्रीओ मिला, और दूसरे रिट्रीवल के बाद हर 10 में से करीब 6 से 7 महिलाओं को, वह भी एक ही साइकिल में।

यहां यह समझना जरूरी है कि ये प्रेगनेंसी की सफलता  डाटा नहीं है, बल्कि नॉर्मल क्रोमोसोम वाला कम से कम एक ब्लास्टोसिस्ट मिलने का है।

समय कम लग सकता है: दूसरे एग रिट्रीवल के लिए अगले पीरियड का इंतजार नहीं करना पड़ता।

ज्यादा एग इकट्ठे किए जा सकते हैं: एक साइकिल में एग कम मिलने पर दूसरा राउंड उसी महीने किया जा सकता है।

दूसरे राउंड के एग में कोई साफ कमी नहीं दिखी: जो स्टडी हुयी थी उसमें दोनों राउंड से मिले एग के फर्टिलाइजेशन और सामान्य क्रोमोसोम वाले ब्लास्टोसिस्ट बनने की रेट में कोई स्पष्ट अंतर नहीं मिला।

Dual Stimulation IVF की सीमाएं और संभावित जोखिम

इसमें समय जरूर बच सकता है, लेकिन एक ही महीने में दो बार इंजेक्शन, स्कैन और एग रिट्रीवल होने से दवाओं और इलाज का खर्च बढ़ सकता है। शरीर को भी दोनों राउंड के बीच ज्यादा आराम नहीं मिलता।

यह हर महिला के लिए सही विकल्प नहीं है। इसमें एम्ब्रीओ को फ्रीज करके बाद की साइकिल में ट्रांसफर किया जाता है, इसलिए उसी साइकिल में फ्रेश एम्ब्रीओ ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। अगर समय की कोई खास कमी नहीं है, तो डॉक्टर दूसरे ऑप्शन पर भी विचार कर सकते हैं।

एक स्टडी में एग रिट्रीवल के बाद होने वाली परेशानियों में कोई स्पष्ट अंतर नहीं मिला, लेकिन लम्बे समय के लिए यह कितना सेफ है, यह जानने के लिए अभी और डाटा की जरूरत है ।

किन लोगों के लिए Dual Stimulation IVF पर विचार किया जा सकता है?

Dual Stimulation IVF के बारे में तब सोचा जाता है, जब एक साइकिल में एग कम मिलते हों या फर्टिलिटी प्रिजर्व करने के लिए समय कम हो।

ओवेरियन रिजर्व बहुत कम है: अगर एक साइकिल में सिर्फ एक-दो एग मिलते हैं, तो दो रिट्रीवल एक ही महीने में करके ज्यादा एग जमा किए जा सकते हैं।

कैंसर का इलाज जल्द शुरू होना है: कीमोथेरेपी या रेडिएशन शुरू होने से पहले कम समय में ज्यादा एग या एम्ब्रीओ फ्रीज करने के लिए ड्यूल स्टिमुलेशन पर विचार किया जा सकता है।

ESHRE की 2025 गाइडलाइन के अनुसार भी, जब फ्रेश एम्ब्रीओ ट्रांसफर की प्लानिंग न हो, तब एग या एम्ब्रीओ इकट्ठे करने के लिए इस तरीके को ही सही बताती है। अगर ओवेरियन रिजर्व ठीक है और कोई जल्दबाजी नहीं है, तो इसकी जरूरत नहीं होती।

Dual Stimulation IVF के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

 पहले एग रिट्रीवल के कुछ ही दिनों बाद दूसरा राउंड शुरू हो जाता है, इसलिए दवा और स्कैन को लेकर सावधानी जरूरी है। 

  • दोनों राउंड के स्कैन कराएं: दोनों राउंड में ओवरी का रिस्पॉन्स अलग हो सकता है। 
  • दवा समय पर लें: दोनों राउंड की दवाओं के समय का ध्यान रखें। 
  • असामान्य लक्षण होने पर तुरंत बताएं: पेट बहुत फूलना, तेज दर्द, सांस फूलना या पेशाब कम होना जैसे लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • आराम करें: एक ही महीने में दो रिट्रीवल होने की वजह से भारी काम और लंबी यात्रा से बचना बेहतर है।
  • एम्ब्रीओ ट्रांसफर की योजना समझें: एम्ब्रीओ आमतौर पर फ्रीज करके बाद की साइकिल में ट्रांसफर किए जाते हैं।

डॉक्टर से यह भी पूछें कि आपके लिए ड्यूल स्टिमुलेशन क्यों चुना गया है, दोनों राउंड से कितने एग मिलने की उम्मीद है और कुल खर्च कितना हो सकता है।

Dual Stimulation IVF की सफलता किन Factors पर निर्भर करती है?

इस प्रोटोकॉल में ज्यादा एग जमा किए जा सकते हैं, लेकिन इससे एग की क्वालिटी बेहतर नहीं होती। इसलिए IVF की सफलता में  आपकी उम्र, एग की क्वालिटी, ओवेरियन रिजर्व और कुल मिले एग का बहुत बड़ा रोल होता है।

  • उम्र: क्रोमोसोम के लिहाज से सामान्य एम्ब्रीओ मिलने की संभावना उम्र के साथ घटती है, और यह प्रोटोकॉल उसे बदल नहीं सकता।
  • ओवेरियन रिजर्व: रिजर्व कम होने पर दोनों राउंड में एग की संख्या कम रह सकती है।
  • कुल एग: दो रिट्रीवल का फायदा तभी मिलता है, जब दोनों से पर्याप्त एग मिलें।
  • एम्ब्रीओ की क्वालिटी: एग से अच्छे एम्ब्रीओ बनने और उन्हें फ्रीज करने में IVF लैब का भी बहुत बड़ा रोल होता है।

याद रखने वाली मुख्य बातें (Key takeaways)

  • ड्यूल स्टिमुलेशन IVF यानी DuoStim Protocol में एक ही मेंस्ट्रुअल साइकिल में दो बार ओवेरियन स्टिमुलेशन (Ovarian Stimulation) और दो बार एग रिट्रीवल (Egg Retrieval) की जाती है।
  • दूसरा स्टिमुलेशन पहले एग रिट्रीवल के कुछ ही दिन बाद शुरू हो जाती है, इसलिए अगले पीरियड का इंतजार नहीं करना पड़ता।
  • ड्यूल स्टिमुलेशन IVF के फायदे में कम समय में ज्यादा एग और एम्ब्रीओ जमा करने का मौका शामिल है। उपलब्ध अध्ययन में दूसरे राउंड के एग के नतीजे पहले राउंड से साफ तौर पर अलग नहीं रहे।
  • इसके साथ दो बार इंजेक्शन, स्कैन और एग रिट्रीवल होते हैं, इसलिए इलाज का खर्च और शारीरिक मेहनत भी बढ़ती है।
  • कम ओवेरियन (Ovarian Reserve) या फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन (Fertility Preservation) के लिए समय कम हो तभी इस ऑप्शन की सलाह दी जाती है ।

निष्कर्ष (Conclusion)

ड्यूल स्टिमुलेशन IVF हर किसी के लिए जरूरी नहीं होता। यह उन मामलों में एक ऑप्शन हो सकता है, जहां एक साइकिल में एग कम मिलते हैं या फर्टिलिटी प्रिजर्व करने के लिए समय कम है। लेकिन दो राउंड होने की वजह से इंजेक्शन, स्कैन और इलाज का खर्च भी ज्यादा हो सकता है।

अगर डॉक्टर आपको DuoStim की सलाह देते हैं, तो उनसे पूछें कि आपके लिए इसकी जरूरत क्यों है, कितने एग मिलने की उम्मीद है और क्या कोई दूसरा ऑप्शन भी हो सकता है। आपकी रिपोर्ट और इलाज के लक्ष्य को देखकर डॉक्टर आपको सही तरीका चुनने में मदद कर सकते हैं।

Dual Stimulation IVF पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Dual Stimulation IVF और सामान्य IVF में क्या अंतर है?

Dual Stimulation IVF में एक Cycle में कितनी बार Egg Retrieval होता है?

क्या Dual Stimulation IVF से अधिक Eggs प्राप्त किए जा सकते हैं?

Dual Stimulation IVF किन महिलाओं के लिए किया जाता है?

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