सारांश (Overview)
खून की कमी होने पर अक्सर अनार, सेब और चुकंदर खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन ज्यादातर ताजे फलों में आयरन बहुत कम होता है। फलों का फायदा यह है कि इनमें मौजूद विटामिन C दाल, सब्जियों और दूसरे पौधों से मिलने वाले आयरन को शरीर में ज्यादा मात्रा में अब्सॉर्ब होने में मदद करता है।
इस आर्टिकल में जानेंगे कि किन फलों में आयरन ज्यादा होता है, प्रेगनेंसी और फर्टिलिटी में आयरन क्यों जरूरी है और डाइट से आयरन शरीर को ज्यादा कैसे मिल सकता है।
आयरन एक मिनरल है, जिससे खून में हीमोग्लोबिन बनता है। हीमोग्लोबिन ही पूरे शरीर तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। प्रेगनेंसी में आयरन की कमी से समय से पहले डिलीवरी और बच्चे के वजन कम होने का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए प्रेगनेंसी से पहले आयरन की कमी दूर करना जरूरी है।
भारत में एनीमिया बहुत आम है। NFHS-5 के अनुसार 15 से 49 साल की 57% महिलाओं में एनीमिया है, यानी हर 10 में से करीब 6 महिलाएं। हालांकि, हर एनीमिया आयरन की कमी की वजह से नहीं होता।
आयरन की बात करें तो सूखी खुबानी, अंजीर, किशमिश और खजूर जैसे सूखे फलों में ताजे फलों की तुलना में आयरन ज्यादा होता है। ताजे फलों में औसतन सिर्फ 0.59 mg आयरन प्रति 100 ग्राम होता है। सूखे फलों में पानी कम होने की वजह से 100 ग्राम में आयरन की मात्रा ज्यादा दिखती है।
फल | आयरन (mg प्रति 100 ग्राम) |
|---|---|
सूखी खुबानी (Dried apricot) | 2.7 |
सूखा अंजीर | 2.0 |
किशमिश | 1.9 |
खजूर | 1.0 |
सूखा आलूबुखारा (Prunes) | 0.9 |
अनार | 0.3 |
केला | 0.3 |
सेब | 0.1 |
संतरा | 0.1 |
ये डाटा USDA के फूड डाटा पर आधारित हैं।अनार का डाटा भी USDA से लिया गया है। ऊपर की पहली पांच चीजें सूखे फल हैं, इसलिए ताजे फलों की तुलना में इनमें आयरन ज्यादा है।
फल खुद आयरन का बड़ा सोर्स नहीं हैं, लेकिन अमरूद, संतरा, नींबू और अनानास जैसे Vitamin C वाले फल दाल, सब्जियों और दूसरे पौधों से मिलने वाले आयरन को शरीर में पहुंचने में मदद करते हैं। ICMR भी आयरन वाले खाने के साथ विटामिन C लेने की सलाह देता है।
ऊपर की लिस्ट में सूखी खुबानी में सबसे ज्यादा आयरन है, करीब 2.7 mg प्रति 100 ग्राम। इसके बाद सूखा अंजीर, किशमिश और खजूर आते हैं। ताजे फलों में आयरन काफी कम होता है, इसलिए खून की कमी पूरी करने के लिए सिर्फ फलों पर निर्भर रहना सही नहीं है।
ध्यान रखें कि 100 ग्राम सूखे फल एक बार में खाना आसान नहीं है। 10 सूखी खुबानी यानी करीब 35 ग्राम में 0.9 mg आयरन मिलता है। इसलिए इन्हें डाइट में शामिल करें, लेकिन आयरन की कमी होने पर सिर्फ फलों से इसे पूरा करने की कोशिश न करें।
प्रेगनेंसी में रोज 27 mg आयरन की जरूरत होती है। फलों में मौजूद विटामिन C दाल, हरी सब्जियों और अनाज से मिलने वाले आयरन को शरीर में पहुंचने में मदद करता है। इसलिए प्रेगनेंसी में विटामिन C वाले फल डाइट में शामिल करना फायदेमंद है।
NFHS-5 के अनुसार भारत में 52.2% प्रेग्नेंट महिलाओं में एनीमिया है। ICMR प्रेगनेंसी के 12वें हफ्ते से ब्रेस्टफीडिंग के पहले छह महीने तक रोज 60 mg आयरन और 0.5 mg फोलिक एसिड टेबलेट लेने की सलाह देता है।
आयरन रिच फ्रूट्स, इस फोलिक एसिड टेबलेट की जगह नहीं ले सकते। अगर आयरन की कमी है, तो फलों को डाइट में शामिल करिये, लेकिन फोलिक एसिड लेनी भी जरूरी है।
फर्टिलिटी के लिए शरीर में आयरन की कमी नहीं होनी चाहिए। आयरन की कमी होने पर ओवुलेशन प्रभावित हो सकता है और इससे प्रेगनेंसी ठहरने में परेशानी हो सकती है। एक बड़ी स्टडी में आयरन सप्लीमेंट लेने वाली महिलाओं में ओवुलेशन से जुड़ी निःसंतानता की समस्या कम देखी गई।
लेकिन फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए ज्यादा आयरन लेना सही नहीं है। एक स्टडी में 65 mg या उससे ज्यादा आयरन सप्लीमेंट लेने वाली महिलाओं में AFC कम पाया गया, जबकि खाने से मिलने वाले आयरन के साथ ऐसा असर नहीं दिखा। इसलिए अगर आयरन की कमी है, तो उसे जांच के आधार पर पूरा करें और खुद से हाई-डोज सप्लीमेंट न लें।
आयरन की कमी के आम लक्षण हैं थकान, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज महसूस होना, स्किन पीली पड़ना और सिरदर्द। शुरुआत में ये लक्षण हल्के होते हैं, इसलिए कई महिलाएं इन्हें रोज की थकान समझकर नजरअंदाज कर देती हैं।
कुछ लोगों में ये लक्षण भी दिखते हैं:
ऐसे लक्षण हों, तो ब्लड टेस्ट (CBC) कराएं और रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाएं।
हर तरह का आयरन शरीर में एक जैसा नहीं पहुंचता। मीट, मछली और चिकन से मिलने वाला हीम आयरन शरीर आसानी से ले लेता है, जबकि दाल, सब्जियों और फलों से मिलने वाला नॉन-हीम आयरन कम मात्रा में शरीर तक पहुंचता है। विटामिन C इसके अब्सॉर्प्शन में मदद करता है।
इसलिए आयरन वाली चीजों के साथ कुछ बातों का ध्यान रखें:
ICMR-NIN के अनुसार भारतीय पुरुषों को रोज 19 mg और महिलाओं को 29 mg आयरन चाहिए। प्रेगनेंसी में यह जरूरत 27 mg और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान 23 mg रोज हो जाती है।
एक बात और ध्यान रखें। बड़ों के लिए रोज 45 mg से ज्यादा आयरन लेना सही नहीं है, जब तक डॉक्टर इसकी सलाह न दें।
फल खून की कमी का अकेला इलाज नहीं हैं, लेकिन सही तरीके से खाए जाएँ तो बहुत मदद करते हैं। दाल, पालक, चने या अंडे के साथ अमरूद या संतरा लें, और चाय को खाने से दूर रखें।
प्रेगनेंसी प्लान कर रही हैं, तो पहले हीमोग्लोबिन की जांच कराएं, ताकि कमी हो तो समय पर पूरी की जा सके।