Male Fertility Supplements: पैकेट में क्या है, सबूत क्या कहता है

Last updated: September 21, 2026

सारांश (Overview)

सीमेन रिपोर्ट में काउंट या मोटिलिटी कम आई, और आप अगले ही दिन मेडिकल स्टोर से सप्लीमेंट का एक डिब्बा ले आए। उसमें जिंक, सेलेनियम, L-कार्निटीन, CoQ10, लाइकोपीन, विटामिन E और फोलिक एसिड जैसी कई चीजें हैं। लेकिन फर्टिलिटी सुधारने के लिए इन्हें सप्लीमेंट के तौर पर लेने से सच में फायदा होता है या नहीं, इसका कोई पक्का एविडेंस नहीं है। बड़े ट्रायल में इसके कुछ रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे।

इस आर्टिकल में जानेंगे कि गाइडलाइन क्या कहती है, जिंक और फोलिक एसिड के बड़े ट्रायल में क्या हुआ, कॉम्बिनेशन सप्लीमेंट कितने असरदार हैं और अगर लेना हो तो इसे किस तरह लेना चाहिए।

Male fertility supplements में आमतौर पर क्या-क्या होता है?

भारत में मिलने वाले ज्यादातर सप्लीमेंट एक जैसे ही होते हैं। उनके नाम भले अलग हों, लेकिन अंदर सब कुछ लगभग समान होता है।

 

हिस्सा

आम इंग्रीडिएंट

दावा क्या किया जाता है

एंटीऑक्सीडेंट

विटामिन C, विटामिन E, सेलेनियम, लाइकोपीन

ऑक्सीडेटिव तनाव घटाने का

मिनरल

जिंक

स्पर्म बनने में भूमिका का

विटामिन

फोलिक एसिड, विटामिन D, विटामिन B12

बनने की प्रक्रिया में सहारे का

एनर्जी वाले

CoQ10, L-कार्निटीन

मोटिलिटी सुधारने का

हर्बल

अश्वगंधा, शिलाजीत, सफेद मूसली

ताकत और काउंट बढ़ाने का

गाइडलाइन male fertility supplements के बारे में क्या कहती है?

अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन और ASRM की गाइडलाइन के अनुसार, पुरुष इनफर्टिलिटी में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन जैसे सप्लीमेंट का फायदा अभी क्लियर तरीके से प्रूफ नहीं हुआ है।

यह बात थोड़ी हैरान कर सकती है, क्योंकि ऐसे सप्लीमेंट लगभग हर क्लिनिक और मेडिकल स्टोर में मिल जाते हैं। लेकिन सिर्फ आसानी से मिल जाने से यह साबित नहीं होता कि इनके इस्तेमाल से इनफर्टिलिटी ठीक हो जाती है।

इसका मतलब यह भी नहीं है कि सप्लीमेंट लेना गलत है। बस इन्हें इलाज मानकर जरूरी जांच या सही इलाज को टालना सही नहीं है।

जिंक और फोलिक एसिड से फर्टिलिटी में फायदा होता है?

जिंक और फोलिक एसिड लगभग हर male fertility supplements में होते हैं। लेकिन इन दोनों को साथ लेने से फर्टिलिटी में कितना फायदा होता है, यह सबसे बड़े ट्रायल में भी साफ नहीं हुआ।

FAZST ट्रायल में 2,370 पुरुषों को शामिल किया गया। आधे पुरुषों को रोजाना 5 मिलीग्राम फोलिक एसिड और 30 मिलीग्राम जिंक छह महीने तक दिया गया और बाकी को प्लेसीबो। सीमेन की क्वालिटी और दंपतियों की जीवित जन्म दर में दोनों समूहों के बीच कोई खास फर्क नहीं मिला।

बल्कि फोलिक एसिड और जिंक लेने वाले पुरुषों में छह महीने बाद स्पर्म DNA फ्रैगमेंटेशन ज्यादा पाया गया और पेट से जुड़ी शिकायतें भी ज्यादा थीं।

ध्यान रखें, यह ट्रायल सप्लीमेंट की डोज पर था। खाने से मिलने वाले जिंक और फोलेट को लेकर इसका वही मतलब नहीं है।

कॉम्बिनेशन male fertility supplements से कितना फायदा होता है?

कॉम्बिनेशन पैक में आठ-दस चीजें एक साथ होती हैं। इनमें से कई पैक का फॉर्मूला एक जैसा होता है और ऐसे कॉम्बिनेशन को भी ट्रायल में जांचा गया है।

MOXI ट्रायल में 171 दंपतियों को शामिल किया गया। पुरुषों की सीमेन रिपोर्ट में कम से कम एक चीज असामान्य थी। उन्हें विटामिन C, E और D, सेलेनियम, L-कार्निटीन, जिंक, फोलिक एसिड और लाइकोपीन वाला सप्लीमेंट तीन से छह महीने तक दिया गया। तीन महीने बाद स्पर्म कॉन्सेंट्रेशन, मोटिलिटी, आकार और DNA क्वालिटी में प्लेसीबो के मुकाबले कोई खास फर्क नहीं मिला।

क्या male fertility supplements से फायदा हो सकता है?

इन्हें पूरी तरह बेकार कहना भी सही नहीं होगा। 90 रैंडमाइज्ड ट्रायल और 10,303 पुरुषों की कॉक्रेन एनालिसिस में एंटीऑक्सीडेंट लेने से संतान के जीवित जन्म की संभावना थोड़ी बढ़ी हुई दिखी। लेकिन यह फायदा सिर्फ 12 ट्रायल में दिखा और इन एविडेंस की क्वालिटी बहुत कम थी।

यानी फायदा हो सकता है, लेकिन अभी यह पक्का नहीं है। आगे बेहतर ट्रायल होने पर नतीजे बदल भी सकते हैं।

साइड इफेक्ट की बात करें तो पेट की हल्की परेशानी थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन गर्भपात का रिस्क बढ़ने का सबूत नहीं मिला। इसलिए सप्लीमेंट लेना है तो इसे फर्टिलिटी का इलाज मानकर खुद से शुरू करने के बजाय डॉक्टर से बात करके फैसला करें।

कौन सा male fertility supplement कितना काम करता है?

 

इंग्रीडिएंट

सबूत की हालत

फोलिक एसिड और जिंक

2,370 पुरुषों के ट्रायल में कोई फायदा नहीं, DNA फ्रैगमेंटेशन ज्यादा मिला

कॉम्बिनेशन एंटीऑक्सीडेंट पैक

MOXI में तीन महीने पर स्पर्म के किसी आंकड़े में खास फर्क नहीं मिला 

एंटीऑक्सीडेंट, सामान्य रूप से

कॉक्रेन एनालिसिस में जीवित जन्म की संभावना बढ़ने का संकेत मिला, लेकिन एविडेंस बहुत कमजोर थे 

CoQ10 और L-कार्निटीन

कुछ ट्रायल में जांचे गए हैं, लेकिन कोई पक्का फायदा साबित नहीं हुआ 

हर्बल चीजें

किसी खास चीज को सुझाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं 

इस टेबल से एक बात साफ है। किसी एक सप्लीमेंट को सबसे अच्छा बताने के लिए अभी मजबूत सबूत नहीं हैं। इसलिए सप्लीमेंट का चुनाव सिर्फ पैकेट पर लिखे इंग्रीडिएंट्स देखकर करना सही नहीं है। 

सप्लीमेंट लेना ही है तो सही तरीका क्या है?

आपने और आपके डॉक्टर ने तय कर लिया कि आजमाना है, तो कम से कम इसे सही तरीके से आजमाइए।

  • इसे तीन महीने का ट्रायल मानिए, आदत नहीं: शुरू करने से पहले और तीन महीने बाद, दोनों बार सीमेन एनालिसिस कराइए। बिना पहले वाली रिपोर्ट के फर्क नापा ही नहीं जा सकता।
  • तीन महीने से पहले दोबारा टेस्ट मत कराइए: स्पर्म बनने का पूरा चक्र लंबा होता है, इसलिए छह हफ्ते में रिपोर्ट दोहराने से कुछ पता नहीं चलता।
  • एक बार में एक ही चीज बदलिए: सप्लीमेंट, कसरत और खानपान तीनों एक साथ बदलेंगे तो सुधार का श्रेय किसे मिलेगा, यह कभी साफ नहीं होगा।
  • ऊंची डोज से बचिए: ज्यादा लेने से ज्यादा फायदा नहीं होता। FAZST का DNA वाला नतीजा इसी की याद दिलाता है।
  • डॉक्टर को पूरा पैक दिखाइए: कई पैक में एक ही चीज दो नामों से होती है, और दो पैक साथ लेने पर मात्रा दोगुनी हो जाती है।
  • तीन महीने बाद फैसला लीजिए: रिपोर्ट में फर्क नहीं आया तो इसे रोकना भी उतना ही सही कदम है जितना शुरू करना था।

सप्लीमेंट शुरू करने से पहले कौन सी जांच जरूरी है?

सीमेन रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ आई है तो सीधे सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय पहले यह देखना जरूरी है कि दूसरी रिपोर्ट में भी यही समस्या है या नहीं।

AUA और ASRM की गाइडलाइन के अनुसार, पहली सीमेन रिपोर्ट में गड़बड़ी हो तो कम से कम दो सीमेन एनालिसिस एक महीने के अंतर पर कराने चाहिए।

सीमेन रिपोर्ट एक बार से दूसरी बार बदल सकती है। बुखार, तनाव, नींद की कमी या सैंपल देने के बीच का अंतर भी रिपोर्ट पर असर डाल सकता है। इसलिए एक खराब रिपोर्ट के आधार पर महीनों तक सप्लीमेंट लेना सही नहीं है।

अगर दूसरी रिपोर्ट में भी समस्या रहती है, तो डॉक्टर जरूरत के हिसाब से हार्मोन की जांच, शारीरिक जांच या स्क्रोटम का अल्ट्रासाउंड करा सकते हैं। इनमें ऐसी वजह मिल सकती है जिसका सीधा इलाज सप्लीमेंट से ज्यादा असरदार हो।

Male fertility supplements से ज्यादा असर किन चीजों का होता है?

सप्लीमेंट लेने से पहले उन चीजों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है जो स्पर्म की क्वालिटी पर असर डाल सकती हैं:

  • गर्मी से बचें: लंबे समय तक गोद में लैपटॉप रखना, बहुत देर तक गरम पानी से नहाना और लगातार बैठे रहना स्पर्म बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
  • धूम्रपान, तंबाकू और शराब से बचें: इनका असर फर्टिलिटी पर पड़ सकता है।
  • वजन और नींद का ध्यान रखें: ज्यादा वजन और लगातार नींद पूरी न होने से भी स्पर्म की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है।
  • किसी बीमारी की वजह हो तो उसका इलाज कराएं: वैरिकोसील, इन्फेक्शन या हार्मोन में गड़बड़ी जैसी वजहें जांच से पता चल सकती हैं और इनका सीधा इलाज किया जा सकता है।

याद रखने वाली मुख्य बातें (Key takeaways)

  • AUA और ASRM के अनुसार, पुरुष इनफर्टिलिटी में सप्लीमेंट का फायदा अभी क्लियर तरीके से प्रूफ नहीं हुआ है।
  • फोलिक एसिड और जिंक के बड़े ट्रायल में सीमेन क्वालिटी या जीवित जन्म दर में कोई सुधार नहीं मिला।
  • कॉम्बिनेशन सप्लीमेंट के ट्रायल में भी स्पर्म की क्वालिटी में कोई खास फायदा नहीं मिला।
  • कॉक्रेन एनालिसिस में एंटीऑक्सीडेंट से फायदा होने का संकेत मिला, लेकिन सबूत बहुत कमजोर थे।
  • एक खराब सीमेन रिपोर्ट के आधार पर सीधे सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय पहले दूसरी रिपोर्ट और जरूरत पड़ने पर आगे की जांच करानी चाहिए।

निष्कर्ष (Conclusion)

Male fertility supplements को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि पैकेट पर लिखे इंग्रीडिएंट और फर्टिलिटी में उनके फायदे, दोनों अलग चीजें हैं। कुछ बड़े ट्रायल में जिंक, फोलिक एसिड और कॉम्बिनेशन सप्लीमेंट से स्पर्म क्वालिटी या जीवित जन्म दर में फायदा नहीं मिला। वहीं, कॉक्रेन एनालिसिस में एंटीऑक्सीडेंट से संभावित फायदा दिखा, लेकिन सबूत अभी कमजोर हैं।

इसलिए सप्लीमेंट को फर्टिलिटी का पक्का इलाज मानना सही नहीं है। अगर सीमेन रिपोर्ट खराब आई है, तो पहले इसकी वजह समझना जरूरी है। एक रिपोर्ट के आधार पर महीनों तक सप्लीमेंट लेते रहने के बजाय दोबारा सीमेन एनालिसिस और जरूरत पड़ने पर आगे की जांच कराएं।

सप्लीमेंट लेना है या नहीं, यह फैसला अपने डॉक्टर के साथ करें। सबसे जरूरी यह है कि सप्लीमेंट की वजह से ऐसी किसी समस्या का इलाज न टले, जिसका सीधा इलाज मौजूद है।

Male fertility supplements पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

पुरुषों की फर्टिलिटी के लिए कौन सा सप्लीमेंट सबसे अच्छा है?

क्या जिंक से स्पर्म काउंट बढ़ता है?

सप्लीमेंट का असर कितने दिन में दिखता है?

क्या male fertility supplements के कोई नुकसान हैं?

क्या अश्वगंधा या शिलाजीत से फर्टिलिटी बढ़ती है?

सीमेन रिपोर्ट खराब आई है, सीधे सप्लीमेंट शुरू कर दूं?

सप्लीमेंट के साथ और क्या करना चाहिए?

Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
© 2026 Indira IVF Hospital Limited. All Rights Reserved. T&C Apply | Privacy Policy| *Disclaimer