सारांश (Overview)
जिंक एक ऐसा मिनरल है, जिसकी जरूरत शरीर को रोज थोड़ी मात्रा में होती है। इसकी कमी का असर भूख और इम्यूनिटी से लेकर स्पर्म क्वालिटी तक पर दिख सकता है। अच्छी बात यह है कि Zinc Rich Foods यानी जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थ खाकर ज्यादातर लोग यह जरूरत पूरी कर सकते हैं।
इस आर्टिकल में जानेंगे कि सबसे ज्यादा जिंक किसमें होता है और भारतीयों को रोज कितना जिंक चाहिए। साथ ही, शाकाहारी डाइट में इसे कैसे पूरा करें और सप्लीमेंट से फर्टिलिटी में कितना फायदा होता है।
जिंक एक जरूरी मिनरल है, जो शरीर में नए सेल्स और एंजाइम बनाने, खाने से मिले प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रेट को इस्तेमाल करने और घाव भरने में मदद करता है। मेल फर्टिलिटी में यह बहुत हेल्प करता है क्योंकि जिंक का संबंध सीमेन क्वालिटी से पाया गया है।
20 स्टडीज के एक एनालिसिस में, निःसंतानता झेल रहे पुरुषों के सीमेन में जिंक का लेवल नॉर्मल पुरुषों से कम पाया गया। महिलाओं में जिंक एग के मैच्योर होने और फर्टिलाइजेशन के बाद एग के एक्टिव होने में रोल निभाता है। प्रेगनेंसी में जिंक कम रहने से प्री-एक्लेम्पसिया और बच्चे का वजन कम होने का रिस्क बढ़ सकता है।
सबसे ज्यादा जिंक सीफूड, खासकर सीप (Oysters), और मीट में होता है। बीन्स, नट्स, साबुत अनाज, अंडे और दूध से बनी चीजों से भी जिंक मिलता है। लेकिन पौधों से मिलने वाला जिंक शरीर में कम अब्सॉर्ब होता है, क्योंकि इनमें फाइटेट (Phytate) होता है, जो जिंक को ठीक से अब्सॉर्ब नहीं होने देता।
शाकाहारी डाइट में ओट्स, दालें, राजमा जैसी बीन्स, मूंगफली, ब्राउन राइस, होल व्हीट ब्रेड, दूध, दही और चीज जिंक के सोर्स हैं। टोफू में भी अच्छी मात्रा में जिंक होता है। इनकी एक सर्विंग में जिंक कम होता है, इसलिए इन्हें दिन भर के खाने में बांटकर लेना होता है।
सीप के बाद रेड मीट, केकड़ा, पोर्क, झींगा, मछली और अंडे जिंक के अच्छे सोर्स हैं। चिकन जैसे पोल्ट्री से भी जिंक मिलता है। मीट, मछली और अंडे से मिलने वाला जिंक शरीर में पौधों के मुकाबले बेहतर अब्सॉर्ब होता है।
फलों में जिंक बहुत कम होता है। 100 ग्राम एवोकाडो में करीब 0.6 mg, ब्लैकबेरी में 0.5 mg और अनार में 0.4 mg जिंक होता है। यानी फल जिंक का मुख्य सोर्स नहीं हैं।
बीज इसकी भरपाई करते हैं। भुने हुए कद्दू के बीज की एक मुट्ठी यानी करीब 28 ग्राम में 2.2 mg जिंक होता है। सूरजमुखी, चिया और अलसी के बीज, और काजू भी अच्छे सोर्स हैं।
सबसे ज्यादा जिंक सीप यानी ओएस्टर्स (Oysters)में होता है, और बाकी सभी सोर्स इससे काफी पीछे हैं। नीचे NIH की लिस्ट से 10 आम सोर्स दिए गए हैं। ध्यान रखें कि यह मात्रा एक सर्विंग की है, 100 ग्राम की नहीं।
खाद्य पदार्थ | सर्विंग | जिंक (mg) |
|---|---|---|
सीप (Oysters) | 85 ग्राम | 28 से 32 |
केकड़ा (Crab), पका हुआ | 85 ग्राम | 3.2 |
ओट्स, पके हुए | 1 कप | 2.3 |
कद्दू के बीज, भुने हुए | 28 ग्राम | 2.2 |
चेडर चीज | 42 ग्राम | 1.5 |
झींगा (Shrimp), पका हुआ | 85 ग्राम | 1.4 |
दाल (Lentils), उबली हुई | आधा कप | 1.3 |
गाढ़ा दही (Greek yogurt) | 170 ग्राम | 1.0 |
दूध | 1 कप | 1.0 |
मूंगफली, भुनी हुई | 28 ग्राम | 0.8 |
ये आंकड़े NIH (अमेरिका) की फूड लिस्ट से हैं। शाकाहारी लोगों के लिए ओट्स, कद्दू के बीज और दाल भी सही सोर्स हैं। आधा कप दाल से करीब 1.3 mg जिंक मिलता है, जबकि महिलाओं को रोज करीब 13 mg चाहिए। इसलिए एक दिन में कई सोर्स मिलाकर ही जरूरत पूरी होती है।
पुरुषों के लिए जिंक के अच्छे सोर्स सीफूड, अंडे, दालें, कद्दू के बीज, नट्स और दूध से बनी चीजें हैं। जिन पुरुषों में निःसंतानता की समस्या थी, उनके सीमेन में जिंक का लेवल नॉर्मल पुरुषों की तुलना में कम पाया गया है। इसलिए डाइट से रोज की जरूरत पूरी करना जरूरी है।
कुछ स्टडीज में जिंक देने से सीमेन की मात्रा, स्पर्म की मोटिलिटी और नॉर्मल शेप वाले स्पर्म में सुधार देखा गया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ज्यादा डोज में जिंक सप्लीमेंट लेने से प्रेगनेंसी के चांस भी बढ़ेंगे। FAZST ट्रायल में 2,370 पुरुषों को 6 महीने तक रोज 30 mg जिंक और 5 mg फोलिक एसिड दिया गया।
सप्लीमेंट लेने और न लेने वाले दोनों ग्रुप में हर 100 में से करीब 35 कपल्स को बच्चा हुआ और सीमेन क्वालिटी में भी कोई खास सुधार नहीं मिला। सप्लीमेंट लेने वाले पुरुषों में स्पर्म के DNA में टूट-फूट भी थोड़ी ज्यादा पाई गई। इसलिए सिर्फ फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए खुद से हाई-डोज जिंक शुरू करना सही नहीं है।
ICMR के अनुसार भारतीय महिलाओं को रोज करीब 13 mg जिंक चाहिए। दालें, दही, दूध, ओट्स, बीज, अंडे और मछली से यह जरूरत पूरी की जा सकती है। अगर आप प्रेगनेंसी प्लान कर रही हैं, तो यह और जरूरी है, क्योंकि प्रेगनेंसी में जिंक की जरूरत बढ़ जाती है।
लैब और जानवरों पर हुई स्टडीज में एग के मैच्योर होने के लिए जिंक जरूरी पाया गया है। चूहों के एग पर हुई एक स्टडी में जिंक की कमी से एग छोटे रह गए और ठीक से डिवाइड नहीं हो पाए।
लेकिन महिलाओं पर ऐसी स्टडीज बहुत कम हैं। इसलिए जिंक सप्लीमेंट को फर्टिलिटी बढ़ाने का तरीका नहीं माना जा सकता। लक्ष्य बस इतना है कि खाने से रोज की जरूरत पूरी हो।
जिंक की कमी के आम लक्षण हैं भूख कम लगना, स्वाद या गंध कम महसूस होना, बाल झड़ना, बार-बार इन्फेक्शन होना, घाव देर से भरना और दस्त। ये लक्षण दूसरी वजहों से भी हो सकते हैं, इसलिए सिर्फ लक्षण देखकर कमी मान लेना सही नहीं है।
इन लोगों में जिंक की कमी का रिस्क ज्यादा होता है:
ICMR-NIN के अनुसार भारतीय पुरुषों को रोज 17 mg और महिलाओं को 13 mg जिंक चाहिए। अमेरिका की NIH के अनुसार पुरुषों को 11 mg और महिलाओं को 8 mg जिंक रोज चाहिए। प्रेगनेंसी में NIH के अनुसार रोज 11 mg और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान 12 mg जिंक की जरूरत होती है।
ICMR की जरूरत अमेरिका की NIH से ज्यादा क्यों है? इसकी एक वजह भारतीय डाइट हो सकती है। हमारे खाने में अनाज और दालें ज्यादा होती हैं, जिनमें फाइटेट पाया जाता है। स्टडीज के मुताबिक डाइट में फाइटेट जितना ज्यादा होगा, जिंक की जरूरत भी उतनी बढ़ सकती है।
एक बात और ध्यान रखें। खाने और सप्लीमेंट को मिलाकर बड़ों को रोज 40 mg से ज्यादा जिंक नहीं लेना चाहिए। NHS भी डॉक्टर की सलाह के बिना रोज 25 mg से ज्यादा जिंक सप्लीमेंट लेने से मना करता है।
ज्यादातर लोगों में जिंक की जरूरत खाने से पूरी हो सकती है। रोज की डाइट में दाल, बीन्स, दूध-दही, साबुत अनाज और नॉन-वेज जैसे, जिंक वाले फ़ूड शामिल करें।
ज्यादा जिंक लेने से मतली, उल्टी, सिरदर्द और पेट खराब हो सकता है। लंबे समय तक ज्यादा डोज लेने से शरीर में कॉपर कम अब्सॉर्ब होता है, जिससे एनीमिया और हड्डियां कमजोर होने का रिस्क रहता है। सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो ये बातें भी ध्यान में रखें:
किसी एक मिनरल से फर्टिलिटी में सुधार नहीं आता। NHS की सलाह के अनुसार प्रेगनेंसी प्लान करते समय हेल्दी डाइट, सही वजन, फोलिक एसिड और विटामिन D लेना चाहिए, इसके अलावा शराब और स्मोकिंग छोड़ देना चाहिए। वजन बहुत कम या बहुत ज्यादा होने पर भी प्रेगनेंसी में दिक्कत आ सकती है।
इसलिए जिंक को पूरी डाइट का एक हिस्सा मानें। दाल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दही और मौसमी फल जैसी चीजें जिंक के साथ प्रोटीन, फोलेट और आयरन भी देती हैं। यह संतुलित डाइट पुरुषों और महिलाओं, दोनों के लिए जरूरी है।
जिंक की जरूरत रोज की थाली से पूरी की जा सकती है, अगर उसमें दालें, दूध-दही, साबुत अनाज और बीज हों। नॉन-वेज खाते हैं, तो अंडे और मछली से यह और आसान हो जाता है।
अगर कमी के लक्षण हैं या प्रेगनेंसी में दिक्कत आ रही है, तो सप्लीमेंट खुद से शुरू करने के बजाय पहले जांच कराएं।