एडनेक्सल सिस्ट क्या होती है? जानिये इस गाइड में (Adnexal Cyst Meaning in Hindi)

Last updated: April 23, 2026

सारांश (Overview)

कई महिलाओं को जाँच के दौरान पता चलता है कि उनके गर्भाशय यानी यूट्रस (Uterus) के आसपास के एरिया में सिस्ट मौजूद है। इस कंडीशन में अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में “Adnexal Cyst” लिखा हुआ दिख सकता है। यूट्रस के आसपास का जो हिस्सा होता है, जिसमें ओवरी, फैलोपियन ट्यूब और आसपास के टिश्यू शामिल होते हैं, उसे एडनेक्सा (adnexa) कहा जाता है। इसी एरिया में बनने वाली किसी भी सिस्ट को एडनेक्सल सिस्ट कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि सिस्ट कहाँ बनी है, यह ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। उसी के आधार पर आगे का कोर्स या ट्रीटमेंट तय करते हैं।

इस आर्टिकल में आप adnexal cyst meaning in hindi समझेंगे, यह किन जगहों पर बन सकती है, इसके अलग-अलग प्रकार क्या होते हैं, और फर्टिलिटी पर इसका क्या असर पड़ सकता है।

एडनेक्सा क्या है (adnexal cyst meaning in hindi)

एडनेक्सा (adnexa) उस एरिया को कहा जाता है जो यूट्रस के दोनों तरफ होता है। इसमें वही हिस्से शामिल होते हैं जो प्रजनन प्रक्रिया में सीधे जुड़े होते हैं।

  • ओवरी (ovary) वह जगह होती है जहाँ एग बनते हैं और हॉर्मोन बनते हैं।
  • फैलोपियन ट्यूब (fallopian tube) ओवरी से एग को यूट्रस तक ले जाने का काम करती है।
  • इनके आसपास के लिगामेंट्स और टिश्यू इन अंगों को अपनी जगह पर सपोर्ट देते हैं।

जब रिपोर्ट में “right adnexal cyst” या “left adnexal cyst” लिखा होता है, तो इसका मतलब होता है कि यूट्रस के दाईं या बाईं तरफ इस एरिया में सिस्ट दिखाई दी है। ज़्यादातर मामलों में यह सिस्ट ओवरी पर ही होती है, लेकिन कुछ मामलों में ट्यूब या आसपास के टिश्यू से भी जुड़ी हो सकती है।

यह शब्द इसलिए इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि हर बार सिस्ट की सटीक जगह साफ दिखाई नहीं देती। ऐसे में डॉक्टर पूरे एरिया को ध्यान में रखकर “adnexal” लिखते हैं।

Adnexal Cyst के प्रकार

एडनेक्सल सिस्ट (adnexal cyst) कई तरह की हो सकती हैं। ज़्यादातर मामलों में यह सामान्य होती हैं और समय के साथ अपने आप ठीक भी हो जाती हैं। सिस्ट का टाइप इस बात पर निर्भर करता है कि वह कहाँ से बनी है और उसके अंदर क्या मौजूद है।

फंक्शनल सिस्ट (Functional Cyst)

यह सबसे कॉमन सिस्ट होती है ओवरी की नॉर्मल प्रॉसेस से बनती हैं। यह दो तरह की होती है।

  • फ़ॉलिक्युलर सिस्ट (Follicular Cyst): जब फॉलिकल (Follicle) से एग रिलीज़ नहीं होता और वो बढ़ता रहता है। 2 से 3 साइकिल में अपने आप ठीक हो जाती है।
  • कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट (Corpus Luteum Cyst): ओवुलेशन के बाद फॉलिकल बंद हो जाता है और उसमें फ्लूइड जमा हो जाता है। यह भी आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाती है।

एंडोमेट्रियोमा (Endometrioma)

इसे चॉकलेट सिस्ट भी कहते हैं। यह एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) की वजह से बनती है। जब यूट्रस की लाइनिंग का टिश्यू ओवरी पर बढ़ने लगता है तो इसमें पुराना ब्लड जमा हो जाता है जो चॉकलेट कलर का दिखता है। यह फर्टिलिटी पर असर डाल सकती है।

डर्मॉइड सिस्ट (Dermoid Cyst)

टेराटोमा (teratoma) भी कहा जाता है, एक अलग तरह की सिस्ट होती है। इसमें बाल, त्वचा या दाँत जैसे टिश्यू भी मिल सकते हैं। यह ज़्यादातर बिनाइन (benign) होती है, लेकिन अगर साइज बड़ा हो जाए तो सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

पैराट्यूबल सिस्ट (Paratubal Cyst)

यह ओवरी पर नहीं बल्कि फ़ैलोपियन ट्यूब के पास बनती है। यह सिस्ट छोटी होती है और आमतौर पर कोई प्रॉब्लम नहीं करती। अल्ट्रासाउंड में एडनेक्सल सिस्ट जैसी दिखती है लेकिन ओवरी से अलग होती है।

सिस्टएडेनोमा (Cystadenoma)

यह ओवरी की सतह से बनने वाली एक बिनाइन ग्रोथ होती है। इसमें पानी जैसा या गाढ़ा फ्लूइड हो सकता है। इसका साइज बढ़ सकता है, इसलिए ऐसी सिस्ट में निगरानी या जरूरत पड़ने पर इलाज किया जाता है।

एडनेक्सल सिस्ट के सिम्पटम्स क्या होते हैं?

सिस्ट होने पर आमतौर पर कोई सिम्पटम नहीं होते और इसका ज़्यादातर रूटीन अल्ट्रासाउंड में ही पता चलता है। लेकिन अगर सिस्ट बड़ी हो या कॉम्प्लिकेशन हो, तो नीचे दिए सिम्पटम्स आ सकते हैं।

  • पेट के एक तरफ़ हल्का या तेज़ दर्द।
  • पेट में भारीपन या फूला हुआ महसूस होना।
  • पीरियड्स में बदलाव — इर्रेगुलर होना या बहुत हैवी ब्लीडिंग।
  • इंटरकोर्स के दौरान दर्द होना।
  • बार-बार यूरिन आना, अगर सिस्ट ब्लैडर पर प्रेशर डाल रही हो।

अगर अचानक बहुत तेज़ पेट दर्द हो, उल्टी आए, या चक्कर आएँ तो तुरंत इमरजेंसी में जाएँ। यह सिस्ट रप्चर या ओवेरियन टॉर्शन (Ovarian Torsion) हो सकता है। दोनों ही सीरियस कंडीशन हैं।

Adnexal Cyst का पता कैसे चलता है?

Adnexal cyst का पता आमतौर पर जाँच के दौरान चलता है। इसके लिए कुछ टेस्ट किए जाते हैं, जिनसे सिस्ट का साइज, लोकेशन और नेचर समझने में मदद मिलती है।

  • TVS अल्ट्रासाउंड: यह सबसे पहला और भरोसेमंद टेस्ट होता है। इससे यह पता चलता है कि सिस्ट कितनी बड़ी है, कहाँ बनी है और कैसी दिख रही है। सिम्पल सिस्ट में साफ फ्लूइड दिखाई देता है, जबकि कॉम्प्लेक्स सिस्ट में अंदर सॉलिड हिस्सा या दीवारें दिखाई दे सकती हैं।
  • ब्लड टेस्ट CA-125: अगर सिस्ट कॉम्प्लेक्स दिखे तो डॉक्टर CA-125 ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं। यह एक ट्यूमर मार्कर है। लेकिन CA-125 बढ़ने के और भी कारण हो सकते हैं जैसे एंडोमेट्रियोसिस या इन्फेक्शन। इसलिए इसे अकेले देखकर निर्णय नहीं लिया जाता।
  • MRI: जब अल्ट्रासाउंड से पिक्चर क्लियर न हो तब MRI की सलाह दी जाती है। MRI से डिटेल्ड इमेज मिलती है जिससे सिस्ट का टाइप और नेचर बेहतर समझ आता है।
  • डॉपलर अल्ट्रासाउंड: सिस्ट में ब्लड फ्लो चेक करने के लिए डॉपलर किया जाता है । अगर ब्लड फ्लो नॉर्मल नहीं है तो डॉक्टर फिर दूसरे टेस्ट करते हैं।

रिपोर्ट को कैसे पढ़ें?

रिपोर्ट को सही तरह से पढ़ना जरूरी होता है, ताकि आपको समझ आए कि सिस्ट कैसी है और आगे क्या करना है।

  • "Simple Adnexal Cyst": इसका मतलब है कि सिस्ट में सिर्फ़ क्लियर फ्लूइड है। उसकी दीवारें पतली हैं और उसके अंदर कोई सॉलिड पार्ट नहीं। यह ज़्यादातर फंक्शनल सिस्ट होती है। इसमें आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती।
  • "Complex Adnexal Cyst": इसका मतलब है कि सिस्ट के अंदर फ्लूइड के अलावा सॉलिड हिस्सा भी है, या अंदर सेप्टा यानी दीवारें हैं। इसे थोड़ा ज़्यादा ध्यान से देखना होता है। लेकिन कॉम्प्लेक्स सिस्ट का मतलब कैंसर नहीं है, एंडोमेट्रियोमा, डर्मॉइड, या हेमोरेजिक सिस्ट भी कॉम्प्लेक्स दिखती हैं।
  • "Right/Left Adnexal Cyst of 3 cm": दाईं या बाईं तरफ़ 3 सेमी की सिस्ट है। उसका साइज़ छोटा है। अगर यह सिम्पल सिस्ट है तो मॉनिटरिंग ही काफ़ी होती है।
  • "Adnexal Mass": यह सिस्ट से थोड़ा अलग टर्म है। इसका मतलब है कि उस एरिया में कोई ग्रोथ दिखाई दे रही है, जो सिस्ट भी हो सकती है या सॉलिड ट्यूमर भी। ऐसी स्थिति में आगे की जाँच करना जरूरी होता है।

कौन सी Adnexal Cyst ख़तरनाक हो सकती है?

ज़्यादातर एडनेक्सल सिस्ट बिनाइन (Benign) होती हैं। इनसे कैंसर का रिस्क बहुत कम होता है, खासकर तब जब आप माँ बनने यानी रिप्रोडक्टिव एज (15-45 साल) में हैं। लेकिन कुछ ऐसे लक्षण होते हैं जिन पर ध्यान देना जरुरी होता है।

  • सिस्ट 7 सेमी से बड़ी हो और बढ़ती जा रही हो।
  • अल्ट्रासाउंड में सॉलिड कम्पोनेंट और एब्नॉर्मल ब्लड फ्लो दिखे।
  • CA-125 लेवल बढ़ा हुआ हो,खासकर मेनोपॉज़ के बाद।
  • सिस्ट 2-3 साइकिल के बाद भी ठीक न हो।
  • फैमिली हिस्ट्री में ओवेरियन या ब्रेस्ट कैंसर हो।

ऐसे केसेस में डॉक्टर MRI, डॉपलर, और ज़रूरत पड़े तो बायोप्सी करवाते हैं।

Adnexal Cyst का ट्रीटमेंट कैसे होता है?

ट्रीटमेंट सिस्ट के टाइप, साइज़, और सिम्पटम्स पर डिपेंड करता है।

  • वेट और वॉच: फंक्शनल सिस्ट ज़्यादातर 2-3 महीने में अपने आप ठीक हो जाती है। डॉक्टर 6-8 हफ्ते बाद रिपीट अल्ट्रासाउंड करते हैं।
  • दवाइयाँ: हॉर्मोनल पिल्स से नई सिस्ट बनने से रोका जा सकता है। लेकिन जो सिस्ट पहले से बनी है, उसे दवाई खत्म नहीं कर सकती। दर्द के लिए पेनकिलर दी जा सकती है।
  • लैप्रोस्कोपी (Laparoscopy): अगर सिस्ट बड़ी हो, कॉम्प्लेक्स हो, या सिम्पटम्स दे रही हो — तो लैप्रोस्कोपी से हटाई जाती है। इसमें पेट में छोटे कट लगाकर कैमरा और टूल्स से सिस्ट निकाली जाती है। ओवरी बचाई जाती है।
  • लैपरोटॉमी (Laparotomy): बहुत बड़ी सिस्ट या कैंसर का शक हो तो ओपन सर्जरी करनी पड़ सकती है। यह रेयर केसेस में होता है।

Adnexal Cyst का प्रेगनेंसी पर क्या असर पड़ता है?

फंक्शनल सिस्ट आमतौर पर फर्टिलिटी पर कोई असर नहीं डालती। यह ओवरी की नॉर्मल एक्टिविटी का हिस्सा है। कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट तो अर्ली प्रेगनेंसी में बनती ही है और यह अच्छा साइन है। लेकिन कुछ सिस्ट फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती हैं।

एंडोमेट्रियोमा ओवेरियन रिज़र्व को कम कर सकती है। बड़ी एंडोमेट्रियोमा में सर्जरी से पहले डॉक्टर AMH टेस्ट करवाते हैं ताकि एग रिज़र्व चेक हो सके। IVF से पहले सिस्ट हटाना ज़रूरी है या नहीं, यह डॉक्टर तय करते हैं।

बड़ी सिस्ट ओवरी के काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकती है, जिससे ओवुलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में फॉलिकल मॉनिटरिंग (follicular monitoring) से साइकिल को ट्रैक किया जाता है।

IVF साइकिल में एडनेक्सल सिस्ट मिले तो डॉक्टर पहले इसे सही करते हैं। Stimulation शुरू करने से पहले सिस्ट 2 सेमी से छोटी या फंक्शनल होनी चाहिए।

निष्कर्ष (Conclusion)

एडनेक्सल सिस्ट नाम सिर्फ उसकी लोकेशन बताता है, गंभीरता नहीं। ज़्यादातर सिस्ट सामान्य होती हैं और अपने आप ठीक हो जाती हैं। फर्क इस बात से पड़ता है कि सिस्ट का टाइप और साइज क्या है।

रिपोर्ट देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर से समझें कि सिस्ट कैसी है और क्या सिर्फ़ मॉनिटरिंग काफी है या इलाज जरूरी है। सही गाइडेंस के साथ स्थिति संभाली जा सकती है और फर्टिलिटी भी सुरक्षित रहती है।

Adnexal Cyst के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

एडनेक्सल सिस्ट और ओवेरियन सिस्ट में क्या फ़र्क है?

क्या एडनेक्सल सिस्ट कैंसर हो सकती है?

क्या एडनेक्सल सिस्ट अपने आप ठीक हो जाती है?

एडनेक्सल सिस्ट होने पर प्रेगनेंसी पॉसिबल है?

एडनेक्सल सिस्ट की साइज़ कितनी होने पर ट्रीटमेंट ज़रूरी है?

क्या IVF से पहले एडनेक्सल सिस्ट हटाना ज़रूरी है?

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