पहला IVF फेल, दुबारा कब ट्राई करें? (First ivf failed when to try again in hindi)

Last updated: May 15, 2026

साराँश (Overview)

पहली बार IVF फेल होना किसी भी कपल के लिए बहुत मुश्किल होता है। लेकिन एक बात जानना ज़रूरी है कि पहली साइकल का फेल होना बहुत कॉमन है और इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि अब कभी प्रेगनेंसी नहीं होगी।

बहुत से कपल्स दूसरी या तीसरी कोशिश में सफल होते हैं। First ivf failed when to try again in hindi आर्टिकल में आइए जानते हैं कि दोबारा कोशिश कब शुरू करें, दूसरी बार में डॉक्टर ट्रीटमेंट में क्या बदलाव करते हैं, और आप अपनी तरफ़ से क्या कर सकते हैं कि यह कोशिश फ़ेल न हो।

IVF फेल होने के बाद सबसे पहले क्या होता है?

जब IVF का रिजल्ट नेगेटिव आता है, तो डॉक्टर सबसे पहले पूरी साइकल की रिव्यू मीटिंग करते हैं। वे देखते हैं कि दवाइयों पर बॉडी ने कैसा रिस्पॉन्स दिया, कितने एग्स मिले, फर्टिलाइजेशन (fertilization) कैसा रहा, एम्ब्रीओ (embryo) की ग्रोथ कैसी थी, और यूट्रस (uterus) की लाइनिंग कैसी बनी थी।

यह रिव्यू बहुत ज़रूरी होती है क्योंकि हर फेल साइकल से डॉक्टर को आपकी कुछ न कुछ जानकरी मिलती है। हो सकता है एग्स कम बने हों, या एम्ब्रीओ की क्वालिटी अच्छी न रही हो, या यूटरस की लाइनिंग पतली रह गई हो। डॉक्टर इन सब सवालों के जवाब के आधार पर अगली साइकल का प्लान बनाते हैं।

आम तौर पर यह रिव्यू रिजल्ट आने के 2 से 4 वीक बाद होता है। इसीलिए इस मीटिंग में आप अपने सारे सवाल लिखकर ले जाएँ ताकि कुछ छूटे नहीं।

शरीर को रिकवर होने में कितना टाइम लगता है?

IVF की दवाइयाँ बॉडी पर काफी असर डालती हैं।

  • ओवरीज़ (ovaries) बड़ी हो जाती हैं।
  • हॉर्मोन्स का लेवल ऊपर-नीचे होता है।
  • आपकी बॉडी थकी हुई फ़ील करती है।

इसीलिए दोबारा कोशिश शुरू करने से पहले बॉडी को रिकवर होने का पूरा मौका देना चाहिए। ज़्यादातर डॉक्टर कम से कम एक पूरी पीरियड्स साइकल (menstrual cycle) का इंतज़ार करने को कहते हैं, यानी लगभग 4 से 6 वीक के बाद ही फिर से कोशिश की जाती है।

कुछ केसों में जैसे अगर ओवेरियन हाइपरस्टिमुलेशन (OHSS) ज़्यादा रहा हो या बॉडी में सूजन आई हो, तो 2 से 3 महीने का अंतर रखना सही होता है।

अगर फ्रोज़न एम्ब्रीओ पहले से उपलब्ध हैं, तो दोबारा एग्स निकालने की ज़रूरत नहीं पड़ती। ऐसे में अगली साइकल में ही फ्रोज़न एम्ब्रीओ ट्रांसफर (FET) किया जा सकता है, जिसमें बॉडी पर बहुत कम बोझ पड़ता है।

डॉक्टर दोबारा ट्राई की इजाज़त कब देते हैं?

दूसरा IVF शुरू करने से पहले डॉक्टर यह देखते हैं कि शरीर पिछली साइकल से पूरी तरह रिकवर हुआ है या नहीं। सबसे पहले ओवरी का साइज़ नॉर्मल होना चाहिए, पीरियड्स वापस अपनी नियमित रिदम में आ गए हों, और अंदर कोई सिस्ट या सूजन न बची हो।

इसके साथ ब्लड टेस्ट से हॉर्मोन लेवल चेक किए जाते हैं, ताकि यह समझा जा सके कि शरीर अगली साइकल के लिए तैयार है या नहीं। अगर ज़रूरत लगे तो डॉक्टर यूटेरस के अंदर की स्थिति देखने के लिए हिस्टेरोस्कोपी भी सलाह दे सकते हैं।

लेकिन सिर्फ शरीर ही नहीं, अगली कोशिश के लिए आप मानसिक रूप से भी तैयार होने चाहिए। अगर आप मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं, तो थोड़ा समय लेना सही रहता है, क्योंकि IVF में धैर्य और स्थिरता बहुत मायने रखते हैं।

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दूसरी साइकल में डॉक्टर क्या बदलते हैं?

दूसरी IVF साइकल में डॉक्टर पहली बार के अनुभव को ध्यान में रखकर बदलाव करते हैं, ताकि वही समस्या दोबारा न आए।

  • सबसे पहले दवाइयों में बदलाव किया जाता है। अगर पिछली बार एग्स कम बने थे, तो दवा की डोज़ या टाइप बदली जा सकती है ताकि ओवरी बेहतर रिस्पॉन्ड करे।
  • अगर फर्टिलाइजेशन में दिक्कत रही थी, तो इस बार ICSI का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे स्पर्म को सीधे एग के अंदर डाला जाता है।
  • एम्ब्रीओ ट्रांसफर की टाइमिंग भी बदली जा सकती है। कई बार तीसरे दिन की बजाय पाँचवें दिन का एम्ब्रीओ, यानी ब्लास्टोसिस्ट ट्रांसफर किया जाता है, क्योंकि इससे इम्प्लांटेशन के चांस बेहतर हो सकते हैं।
  • कुछ मामलों में PGT (प्रीइम्प्लांटेशन जेनेटिक टेस्टिंग) की सलाह दी जाती है, जिससे एम्ब्रीओ की जांच करके सबसे हेल्दी एम्ब्रीओ चुना जाता है।
  • अगर पिछली बार यूट्रस की लाइनिंग पतली थी, तो इस बार उसे बेहतर बनाने के लिए एस्ट्रोजन की डोज़ एडजस्ट की जाती है। ज़रूरत पड़ने पर पूरा ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल भी बदला जा सकता है, ताकि इस बार परिणाम बेहतर आए।

पहली बार IVF फ़ेल होने पर मानसिक तैयारी

IVF फेल होने के बाद उदासी, गुस्सा, और ख़ुद पर शक होना बिल्कुल नेचुरल है। इसे दबाएँ नहीं, अपने पार्टनर से खुलकर बात करें। बहुत से कपल्स इस दौर में एक-दूसरे से दूर हो जाते हैं, जबकि ज़रूरत इसके उलटी होती है।

काउंसलिंग लेना कमज़ोरी नहीं है, बल्कि समझदारी है। कई क्लीनिक में साइकोलॉजिकल सपोर्ट उपलब्ध होता है। सपोर्ट ग्रुप्स से भी मदद मिलती है जहाँ ऐसे ही एक्सपीरियंस से गुज़र रहे लोग मिलते हैं।

अपने लिए टाइम निकालें। वो काम करें जिनसे मन हल्का लगता है। छुट्टी लें, कहीं घूमने जाएँ, या कोई नई हॉबी शुरू करें। दूसरी साइकल में तब जाएँ जब शरीर के साथ मन भी इसके लिए तैयार हो।

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दूसरी बार सक्सेस रेट कैसे बढ़ाएँ?

  • वज़न सही रेंज में रखें और BMI को 19 से 25 के बीच रखने की कोशिश करें, क्योंकि इससे हार्मोन और ओवरी का रिस्पॉन्स बेहतर होता है।
  • सिगरेट और शराब पूरी तरह बंद करें, क्योंकि ये एग और स्पर्म दोनों की क्वालिटी को नुकसान पहुँचाते हैं।
  • रोज़ 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लें और हल्की एक्सरसाइज़ जैसे वॉक या योग जारी रखें, ताकि शरीर संतुलित और एक्टिव बना रहे।
  • खाने में ताज़ी सब्ज़ियाँ, फल, दालें और अच्छा प्रोटीन शामिल करें, और डॉक्टर की सलाह से फ़ॉलिक एसिड लेना शुरू करें, अगर पहले से नहीं ले रही हैं।
  • स्ट्रेस कम करने के लिए मेडिटेशन या ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ करें, क्योंकि मानसिक तनाव हार्मोनल बैलेंस को प्रभावित कर सकता है।
  • पुरुष पार्टनर भी अपनी हेल्थ पर ध्यान दें, ज़िंक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाना लें, लैपटॉप गोद में न रखें और बहुत ज़्यादा गर्मी से बचें, क्योंकि ये स्पर्म क्वालिटी को प्रभावित करते हैं।
  • यह समझें कि नए स्पर्म बनने में लगभग 3 महीने लगते हैं, इसलिए अगली साइकल से पहले का समय सुधार के लिए महत्वपूर्ण होता है।
  • डॉक्टर की हर सलाह को ध्यान से फॉलो करें, दवाइयाँ समय पर लें, सभी टेस्ट समय पर करवाएँ और कोई भी डाउट हो तो खुलकर पूछें, क्योंकि सही टाइमिंग और क्लैरिटी IVF में बहुत मायने रखती है।

याद रखें कि दूसरी बार सफलता की संभावना अक्सर बेहतर होती है, क्योंकि अब डॉक्टर के पास आपकी बॉडी का पिछला अनुभव होता है और उसी आधार पर ट्रीटमेंट को बेहतर किया जाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

पहला IVF फेल होने के बाद अगली कोशिश कब करनी है, यह सिर्फ कैलेंडर देखकर तय नहीं होता। असली सवाल यह होता है कि पिछली साइकल में मुश्किल कहाँ आई थी एग कम बने, फर्टिलाइजेशन नहीं हुआ, या एम्ब्रीओ जुड़ा नहीं। इसी के आधार पर अगली साइकल प्लान की जाती है।

First IVF failed when to try again in hindi का जवाब यही है कि जब शरीर सामान्य हो, लेकिन उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है कि प्लान क्लियर हो। बिना बदलाव के दोबारा शुरू करना अक्सर वही रिज़ल्ट देता है। इसलिए हर अगली कोशिश पिछले अनुभव पर आधारित होनी चाहिए।

इसे भी पढ़ें: आईवीएफ (IVF) क्या है और यह कैसे काम करता है?

First ivf failed when to try again के बारे में प्रश्न (FAQs)

पहला IVF फेल होने के बाद कम से कम कितना इंतज़ार करें?

दूसरी IVF साइकल में सक्सेस के कितने चांस होते हैं?

क्या दूसरी बार वही डॉक्टर से करवाएँ या बदलें?

फ्रोज़न एम्ब्रीओ हैं तो क्या जल्दी दोबारा ट्राई हो सकता है?

IVF फेल होने पर गलती किसकी होती है?

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