रुके हुए या देरी से आ रहे पीरियड्स समय पर कैसे लायें? (Period Lane Ke Liye Kya Kare)

Last updated: January 27, 2026

Overview

सोचिये कि तीन महीने बीत चुके हैं और अभी तक पीरियड्स (Periods) नहीं आये हैं। आपने प्रेगनेंसी टेस्ट भी किया, लेकिन वह नेगेटिव आया। अब मन में एक अजीब सी बैचेनी है क्या यह पीसीओएस (PCOS) है? क्या थायरॉइड (Thyroid) बिगड़ गया है? या शरीर के अंदर कोई और गंभीर गड़बड़ी चल रही है? इंटरनेट पर period lane ke liye kya kare सर्च करने वाली महिलाएं अक्सर किसी 'क्विक फिक्स' या घरेलू नुस्खे की तलाश में होती हैं, लेकिन यह समझना जरूरी है कि पीरियड्स का न आना आपके शरीर की एक 'चुप्पी' है। मेडिकल भाषा में इसे एमेनोरिया (Amenorrhea) कहते हैं। यह समस्या आपके माँ बनने के सपने यानी फर्टिलिटी (Fertility) के रास्ते में एक रूकावट भी हो सकती है। चलिये समझते हैं कि आप अपनी मेंस्ट्रुअल साइकिल (Menstrual Cycle) को कैसे वापस पटरी पर ला सकती हैं।

पीरियड्स न आना यानी एमेनोरिया (Amenorrhea) को समझना

जब किसी महिला को प्रेगनेंसी (Pregnancy), ब्रेस्टफीडिंग (Breastfeeding), या मेनोपॉज़ (Menopause) के बिना पीरियड्स नहीं आते, तो इसे मेडिकल टर्म्स में एमेनोरिया कहा जाता है। इसे दो हिस्सों में बांटा गया है:

  • प्राइमरी एमेनोरिया: जब 15-16 साल की उम्र तक लड़की को लाइफ में कभी पीरियड्स शुरू ही न हुए हों।
  • सेकेंडरी एमेनोरिया: जहाँ पहले नॉर्मल पीरियड्स आते थे, लेकिन अब 3 महीने या उससे ज्यादा समय से बंद हैं।

जब हम पूछते हैं कि period lane ke liye kya kare, तो हम ज्यादातर सेकेंडरी एमेनोरिया की बात कर रहे होते हैं। इस कंडीशन में शरीर के अंदर का माहौल अंडा यानी एग (Egg) रिलीज करने के लिए सही नहीं होता है।

आखिर मुझे पीरियड्स क्यों नहीं आ रहे?

आपको पीरियड्स न आने की कई वजहें हो सकती हैं,जैसे -

  • पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS): यह सबसे कॉमन वजह है। इसमें एण्ड्रोजन यानी मेल हॉर्मोन (Male Hormone) का लेवल बढ़ जाता है। इसकी वजह से ओवरी में कई छोटे-छोटे फॉलिकल्स जमा हो जाते हैं लेकिन वे एग (Egg) रिलीज नहीं कर पाते।
  • थायरॉइड डिसऑर्डर: थायरॉइड ग्लैंड आपके मेटाबॉलिज्म (Metabolism) को कंट्रोल करता है। अगर थायरॉइड हार्मोन कम यानी हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) या ज्यादा यानी हाइपरथायरोइडिस्म (Hyperthyroidism) है, तो यह सीधे तौर पर ओवरी के फंक्शन को प्रभावित करता है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं।
  • हाइपरप्रोलैक्टिनीमिया: प्रोलैक्टिन वह हार्मोन है जो दूध बनाने में मदद करता है। अगर आप ब्रेस्टफीडिंग नहीं करा रही हैं और फिर भी यह बढ़ा हुआ है, तो यह एस्ट्रोजन (Estrogen) को दबा देता है, जिससे पीरियड्स रुक जाते हैं।

पीरियड लाने के लिए क्या करें?

अगर पीरियड्स केवल 1-2 महीने से मिस हुए हैं और कोई गंभीर मेडिकल समस्या नहीं है, तो ये तरीके मदद कर सकते हैं।

  • अजवाइन और गुड़ का काढ़ा: अजवाइन में 'एमेनॉगॉग' (Emmenagogue) गुण होते हैं, जो पेल्विक एरिया (Pelvic Area) में ब्लड फ्लो (Blood Flow) को बढ़ाते हैं। एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवाइन और थोड़ा गुड़ उबालकर पीने से गर्भाशय की मांसपेशियों में हल्का संकुचन यानी कॉन्ट्रैक्शन (Contractions) पैदा होता है।
  • पार्सले (Parsley) का रस: पार्सले यानी अजमोद में एपियोल (Apiol) और मिरिस्टिसिन (Myristicin) नाम के तत्व होते हैं। ये तत्व यूट्रस को उत्तेजित करने के लिए जाने जाते हैं। इसे चाय के रूप में या रस निकालकर लिया जा सकता है।
  • विटामिन C युक्त चीजें: आंवला, संतरा और नींबू जैसे खट्टे फल एस्ट्रोजन (Estrogen) के लेवल को बढ़ा सकते हैं। एस्ट्रोजन वह हार्मोन है जो यूट्रस की लाइनिंग बनाने और उसे गिराने यानी पीरियड्स लाने के लिए जिम्मेदार है।
  • दालचीनी: यह पीसीओएस (PCOS) वाली महिलाओं के लिए रामबाण है। यह शरीर के इंसुलिन (Insulin) लेवल को कंट्रोल करती है। इंसुलिन बैलेंस होने से ओवरी अपना काम सही से करने लगती है और पीरियड्स रेगुलर हो जाते हैं।
  • हल्दी: हल्दी केवल इन्फ्लेमेशन (Inflammation) ही कम नहीं करती, बल्कि यह पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो को बढ़ाती है। दूध में हल्दी डालकर पीना पुराने समय से पीरियड लाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।
  • मेथी के बीज: मेथी दानों को रात भर भिगोकर सुबह उसका पानी पीना मेटाबॉलिज्म (Metabolism) को सुधारता है और रुके हुए पीरियड्स को लाने में मदद करता है।
  • कच्चा पपीता: कच्चे पपीते में 'पैपेन' (Papain) नाम का एंजाइम होता है। यह एंजाइम गर्भाशय की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करता है। साथ ही, यह शरीर में गर्मी पैदा करता है जो पीरियड्स को समय से पहले या समय पर लाने में मददगार है।
  • अनानास: अनानास में 'ब्रोमेलैन' (Bromelain) एंजाइम होता है। यह गर्भाशय की परत यानी एंडोमेट्रियम (Endometrium) को नरम बनाता है और उसे गिराने में मदद करता है, जिससे ब्लीडिंग शुरू हो सकती है।

क्या हीट थेरेपी (Heat Therapy) यानी गरम सिकाई से फायदा होता है?

जब पीरियड्स में देरी होती है, तो पेट के निचले हिस्से में भारीपन महसूस होता है। गरम पानी की थैली से सिकाई करने से पेल्विक एरिया की मांसपेशियों को आराम मिलता है और ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और अगर पीरियड्स आने ही वाले हैं, तो वे जल्दी और बिना ज्यादा दर्द के आ सकते हैं।

लाइफस्टाइल में बदलाव: नींद और रूटीन का असर

अक्सर जब महिलाएं पूछती हैं कि period lane ke liye kya kare, तो उन्हें ध्यान देना चाहिए कि कहीं उनकी लाइफस्टाइल तो ख़राब नहीं है।

  • सर्कैडियन रिदम (Circadian Rhythm): हमारा शरीर सूरज की रोशनी और अंधेरे के हिसाब से हार्मोन्स बनाता है। अगर आप देर रात तक जागती हैं, तो मेल हार्मोन यानी एंड्रोजन (Androgen) का स्तर बढ़ सकता है, जो ओव्यूलेशन को रोकता है।
  • वजन का संतुलन: अचानक वजन बढ़ना या बहुत ज्यादा वजन कम होना, दोनों ही पीरियड्स को रोक देते हैं। फैट सेल्स (Fat cells) एस्ट्रोजन बनाने में मदद करते हैं; यदि वे बहुत कम या बहुत ज्यादा हैं, तो साइकिल (Cycle) बिगड़ जाती है।

स्ट्रेस मैनेजमेंट यानी 'कॉर्टिसोल' को कैसे कंट्रोल करें?

तनाव यानी स्ट्रेस के दौरान शरीर 'कॉर्टिसोल' (Cortisol) हार्मोन बनाता है। जब आप बहुत ज्यादा स्ट्रेस में होती हैं, तो शरीर को लगता है कि अभी वह बच्चे या प्रेगनेंसी को संभालने की स्थिति में नहीं है, इसलिए वह ओव्यूलेशन को 'शटडाउन' कर देता है। योग, मेडिटेशन (Meditation) और गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज आपके दिमाग को शांत करती हैं और पीरियड्स को वापस लाने में मदद करती हैं।

क्या मेडिकल ट्रीटमेंट से पीरियड्स आ सकते हैं?

जब लाइफस्टाइल बदलाव से पीरियड्स सही न हों, तो डॉक्टर मेडिकल तरीके इस्तेमाल करते हैं।

  • प्रोजेस्टेरोन विड्रॉल (Progesterone Withdrawal): इसमें डॉक्टर आपको 10 से 14 दिनों के लिए प्रोजेस्टेरोन की गोलियां देते हैं। जैसे ही आप यह दवा बंद करती हैं, शरीर में इस हार्मोन का स्तर गिरता है और विड्रॉल ब्लीडिंग शुरू हो जाती है।
  • मेटफॉर्मिन (Metformin): यह दवा पीसीओएस (PCOS) में दी जाती है ताकि इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम किया जा सके, जिससे ओव्यूलेशन दोबारा शुरू हो सके।
  • कंबाइंड पिल्स: इनमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन दोनों होते हैं, जो साइकिल को रेगुलर करने के लिए दिए जाते हैं।

आईवीएफ (IVF) और फर्टिलिटी ट्रीटमेंट में समय पर पीरियड्स की जरूरत

उन कपल्स के लिए जो आईवीएफ (IVF - In Vitro Fertilization) की तैयारी कर रहे हैं, पीरियड्स का समय पर आना बहुत कीमती है।

  • डे 2 स्कैन (Day 2 Scan): आईवीएफ ट्रीटमेंट की शुरुआत पीरियड्स के दूसरे दिन से होती है। अगर पीरियड लेट है, तो पूरा ट्रीटमेंट शेड्यूल बिगड़ जाता है।
  • एंडोमेट्रियम की सफाई: समय पर पीरियड्स आने का मतलब है कि गर्भाशय की पुरानी परत साफ हो गई है और अब नई, हेल्दी परत (Endometrium) बनेगी, जो एम्ब्रीओ (Embryo) के चिपकने के लिए जरूरी है।
  • ओव्यूलेशन इंडक्शन: अगर पीरियड्स नहीं आ रहे, तो डॉक्टर दवाओं के जरिए एग को मैच्योर करने की प्रक्रिया शुरू नहीं कर पाते।

निष्कर्ष (Conclusion)

पीरियड्स का रुकना केवल एक शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह एक इशारा कि शरीर को अब आराम और पोषण की जरूरत है। period lane ke liye kya kare का जवाब केवल गरम तासीर वाली चीज़ें खाना ही नहीं, बल्कि एक संतुलित जीवनशैली भी है। चाहे आप घरेलू नुस्खे आजमाएं या मेडिकल ट्रीटमेंट लें, अंतिम लक्ष्य हार्मोन्स का सही तालमेल बिठाना होना चाहिए। फर्टिलिटी के सफर में समय बहुत कीमती है, इसलिए अगर पीरियड्स में लगातार देरी हो रही है, तो किसी एक्सपर्ट से सलाह लेने में संकोच न करें। पीरियड्स को रेगुलर रखना एक स्वस्थ माँ बनने की दिशा में आपका पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या विटामिन C की गोलियां लेने से पीरियड्स जल्दी आ सकते हैं?

 

हाँ, विटामिन सी एस्ट्रोजन लेवल बढ़ा सकता है, लेकिन इसे प्राकृतिक स्रोतों जैसे आंवला या संतरा से लेना ज्यादा बेहतर और सेफ है।

पीरियड्स मिस होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?

 

सबसे पहले एक प्रेग्नेंसी टेस्ट (Pregnancy Test) करें। अगर वह नेगेटिव है, तभी पीरियड्स लाने के उपायों के बारे में सोचें।

क्या पीसीओएस (PCOS) में बिना दवा के पीरियड्स आ सकते हैं?

 

हाँ, डाइट में बदलाव, वजन घटाने और स्ट्रेस मैनेज करने से पीसीओएस वाली महिलाओं के पीरियड्स नेचुरल तरीके से वापस आ सकते हैं।

क्या बहुत ज्यादा गर्म चीजें खाने से कोई साइड इफेक्ट हो सकता है?

 

हाँ, बहुत ज्यादा पपीता या अदरक का सेवन करने से पेट में जलन या हैवी ब्लीडिंग होने का खतरा रह सकता है।

क्या जिम जाने से पीरियड्स रुक सकते हैं?

 

अगर आप अपनी क्षमता से बहुत ज्यादा वर्कआउट कर रही हैं और कैलोरी कम ले रही हैं, तो पीरियड्स रुक सकते हैं। इसे 'एथलीट एमेनोरिया' कहा जाता है।

आईवीएफ (IVF) से पहले पीरियड रेगुलर होना क्यों जरूरी है?

 

आईवीएफ ट्रीटमेंट की शुरुआत आपके पीरियड्स की तारीख के हिसाब से ही की जाती है, ताकि एग्स को सही समय पर रिट्रीव (Retrieve) किया जा सके।

**Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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