सोचिये कि तीन महीने बीत चुके हैं और अभी तक पीरियड्स (Periods) नहीं आये हैं। आपने प्रेगनेंसी टेस्ट भी किया, लेकिन वह नेगेटिव आया। अब मन में एक अजीब सी बैचेनी है क्या यह पीसीओएस (PCOS) है? क्या थायरॉइड (Thyroid) बिगड़ गया है? या शरीर के अंदर कोई और गंभीर गड़बड़ी चल रही है? इंटरनेट पर period lane ke liye kya kare सर्च करने वाली महिलाएं अक्सर किसी 'क्विक फिक्स' या घरेलू नुस्खे की तलाश में होती हैं, लेकिन यह समझना जरूरी है कि पीरियड्स का न आना आपके शरीर की एक 'चुप्पी' है। मेडिकल भाषा में इसे एमेनोरिया (Amenorrhea) कहते हैं। यह समस्या आपके माँ बनने के सपने यानी फर्टिलिटी (Fertility) के रास्ते में एक रूकावट भी हो सकती है। चलिये समझते हैं कि आप अपनी मेंस्ट्रुअल साइकिल (Menstrual Cycle) को कैसे वापस पटरी पर ला सकती हैं।
जब किसी महिला को प्रेगनेंसी (Pregnancy), ब्रेस्टफीडिंग (Breastfeeding), या मेनोपॉज़ (Menopause) के बिना पीरियड्स नहीं आते, तो इसे मेडिकल टर्म्स में एमेनोरिया कहा जाता है। इसे दो हिस्सों में बांटा गया है:
जब हम पूछते हैं कि period lane ke liye kya kare, तो हम ज्यादातर सेकेंडरी एमेनोरिया की बात कर रहे होते हैं। इस कंडीशन में शरीर के अंदर का माहौल अंडा यानी एग (Egg) रिलीज करने के लिए सही नहीं होता है।
आपको पीरियड्स न आने की कई वजहें हो सकती हैं,जैसे -
अगर पीरियड्स केवल 1-2 महीने से मिस हुए हैं और कोई गंभीर मेडिकल समस्या नहीं है, तो ये तरीके मदद कर सकते हैं।
जब पीरियड्स में देरी होती है, तो पेट के निचले हिस्से में भारीपन महसूस होता है। गरम पानी की थैली से सिकाई करने से पेल्विक एरिया की मांसपेशियों को आराम मिलता है और ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और अगर पीरियड्स आने ही वाले हैं, तो वे जल्दी और बिना ज्यादा दर्द के आ सकते हैं।
अक्सर जब महिलाएं पूछती हैं कि period lane ke liye kya kare, तो उन्हें ध्यान देना चाहिए कि कहीं उनकी लाइफस्टाइल तो ख़राब नहीं है।
तनाव यानी स्ट्रेस के दौरान शरीर 'कॉर्टिसोल' (Cortisol) हार्मोन बनाता है। जब आप बहुत ज्यादा स्ट्रेस में होती हैं, तो शरीर को लगता है कि अभी वह बच्चे या प्रेगनेंसी को संभालने की स्थिति में नहीं है, इसलिए वह ओव्यूलेशन को 'शटडाउन' कर देता है। योग, मेडिटेशन (Meditation) और गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज आपके दिमाग को शांत करती हैं और पीरियड्स को वापस लाने में मदद करती हैं।
जब लाइफस्टाइल बदलाव से पीरियड्स सही न हों, तो डॉक्टर मेडिकल तरीके इस्तेमाल करते हैं।
उन कपल्स के लिए जो आईवीएफ (IVF - In Vitro Fertilization) की तैयारी कर रहे हैं, पीरियड्स का समय पर आना बहुत कीमती है।
पीरियड्स का रुकना केवल एक शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह एक इशारा कि शरीर को अब आराम और पोषण की जरूरत है। period lane ke liye kya kare का जवाब केवल गरम तासीर वाली चीज़ें खाना ही नहीं, बल्कि एक संतुलित जीवनशैली भी है। चाहे आप घरेलू नुस्खे आजमाएं या मेडिकल ट्रीटमेंट लें, अंतिम लक्ष्य हार्मोन्स का सही तालमेल बिठाना होना चाहिए। फर्टिलिटी के सफर में समय बहुत कीमती है, इसलिए अगर पीरियड्स में लगातार देरी हो रही है, तो किसी एक्सपर्ट से सलाह लेने में संकोच न करें। पीरियड्स को रेगुलर रखना एक स्वस्थ माँ बनने की दिशा में आपका पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
हाँ, विटामिन सी एस्ट्रोजन लेवल बढ़ा सकता है, लेकिन इसे प्राकृतिक स्रोतों जैसे आंवला या संतरा से लेना ज्यादा बेहतर और सेफ है।
सबसे पहले एक प्रेग्नेंसी टेस्ट (Pregnancy Test) करें। अगर वह नेगेटिव है, तभी पीरियड्स लाने के उपायों के बारे में सोचें।
हाँ, डाइट में बदलाव, वजन घटाने और स्ट्रेस मैनेज करने से पीसीओएस वाली महिलाओं के पीरियड्स नेचुरल तरीके से वापस आ सकते हैं।
हाँ, बहुत ज्यादा पपीता या अदरक का सेवन करने से पेट में जलन या हैवी ब्लीडिंग होने का खतरा रह सकता है।
अगर आप अपनी क्षमता से बहुत ज्यादा वर्कआउट कर रही हैं और कैलोरी कम ले रही हैं, तो पीरियड्स रुक सकते हैं। इसे 'एथलीट एमेनोरिया' कहा जाता है।
आईवीएफ ट्रीटमेंट की शुरुआत आपके पीरियड्स की तारीख के हिसाब से ही की जाती है, ताकि एग्स को सही समय पर रिट्रीव (Retrieve) किया जा सके।