पुरुषों के स्वास्थ्य से जुड़े कई ऐसे विषय हैं जिन पर आज भी समाज में खुलकर बात नहीं की जाती, और नाइटफॉल (Night Fall) उनमें से एक है। अक्सर किशोरों और युवाओं के मन में यह डर बैठा दिया जाता है कि नाइटफॉल शरीर में कमजोरी लाता है या भविष्य में पिता बनने की क्षमता को खत्म कर देता है। यही वजह है कि इंटरनेट पर night fall kaise roke जैसे सवाल सबसे ज्यादा सर्च किए जाते हैं। हकीकत में, नाइटफॉल जिसे मेडिकल भाषा में 'नॉक्टर्नल एमिशन' (Nocturnal Emission) कहा जाता है, पुरुषों के शरीर की एक बहुत ही नार्मल और नेचुरल प्रक्रिया है। यह इस बात का संकेत है कि आपका शरीर और प्रजनन तंत्र यानी रिप्रोडक्टिव सिस्टम (Reproductive System) सही तरीके से काम कर रहा है। हालांकि, अगर यह बहुत ज्यादा होने लगे, तो इसके पीछे की वजहों को समझना और लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी हो जाता है।
नाइटफॉल एक ऐसी कंडीशन है जिसमें नींद के दौरान अनजाने में इजैक्युलेशन (Ejaculation) यानी वीर्य स्खलन हो जाता है। इसे आम बोलचाल में 'स्वप्नदोष' भी कहा जाता है। यह ज्यादातर प्यूबर्टी (Puberty) यानी किशोरावस्था की शुरुआत में होता है जब शरीर में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) हार्मोन का लेवल तेजी से बढ़ता है।
अगर आप यह सोचकर परेशान हैं कि night fall kaise roke, तो पहले यह जान लें कि यह कोई बीमारी नहीं है। जब शरीर में स्पर्म यानी शुक्राणु लगातार बनते रहते हैं और वे काफी समय तक बाहर नहीं निकलते, तो शरीर पुराने स्पर्म को बाहर निकालने और नए स्पर्म के लिए जगह बनाने के लिए इस प्रक्रिया का सहारा लेता है। इसे 'ओवरफ्लो' (Overflow) की स्थिति भी कहा जा सकता है।
नाइटफॉल पूरी तरह से बायोलॉजिकल (Biological) वजहों से होता है।
नाइटफॉल को लेकर हमारे समाज में बहुत सारी गलतफहमियां फैली हुई हैं, जिन्हें दूर करना बहुत जरूरी है।
| मिथक | सच्चाई |
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नाइटफॉल से शरीर में कमजोरी आ जाती है। |
यह पूरी तरह गलत है। नाइटफॉल के दौरान निकलने वाले फ्लूइड में प्रोटीन और जिंक बहुत कम मात्रा में होते हैं, जिससे शरीर में किसी तरह की शारीरिक कमजोरी नहीं होती। |
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नाइटफॉल से प्राइवेट पार्ट का साइज छोटा हो जाता है। |
नाइटफॉल का पेनिस (Penis) के साइज से कोई संबंध नहीं है। यह एक सामान्य हार्मोनल और फिजियोलॉजिकल (Physiological) प्रक्रिया है। |
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नाइटफॉल सिर्फ कुंवारे लड़कों को होता है। |
यह धारणा भी गलत है। नाइटफॉल शादीशुदा पुरुषों में भी हो सकता है, खासकर जब यौन संबंधों (Sexual relations) में लंबे समय तक अंतराल हो। |
अगर आपको लगता है कि नाइटफॉल जरूरत से ज्यादा यानी हफ्ते में 3-4 बार हो रहा है और इसकी वजह से आप असहज महसूस कर रहे हैं, तो आप नीचे दिए गए तरीकों से इसे मैनेज कर सकते हैं।
आप क्या खाते हैं और आपकी शारीरिक गतिविधि कैसी है, इसका सीधा असर आपके प्रजनन अंगों यानी रिप्रोडक्टिव पार्ट्स पर पड़ता है।
जब हम आईवीएफ (IVF) या आईयूआई (IUI) जैसे आधुनिक इलाजों की बात करते हैं, तो पुरुष के स्पर्म की हेल्थ सबसे ज्यादा मायने रखती है।
नाइटफॉल को लेकर किसी नीम-हकीम के पास जाने के बजाय एक प्रोफेशनल फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट या यूरोलॉजिस्ट (Urologist) से मिलें। नीचे दी गयी कंडीशन में डॉक्टर की सलाह काम आ सकती है।
नाइटफॉल एक सामान्य शारीरिक घटना है जिसे लेकर शर्मिंदा होने या डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। "night fall kaise roke" के पीछे भागने के बजाय अपने शरीर के संकेतों को समझना ज्यादा जरूरी है। यह आपके हेल्दी और एक्टिव रिप्रोडक्टिव सिस्टम का प्रमाण है। अपनी लाइफस्टाइल को अनुशासन में रखें, संतुलित आहार लें और सकारात्मक सोचें। यदि आप और आपका पार्टनर प्रेग्नेंसी प्लान कर रहे हैं और आपको लगता है कि आपकी सेक्सुअल हेल्थ इसमें कोई रुकावट बन रही है, तो किसी अच्छे फर्टिलिटी सेंटर (Fertility Center) में जाकर सलाह लेना सबसे सही कदम है।
बिल्कुल नहीं। लंबाई का बढ़ना जेनेटिक्स (Genetics) और ग्रोथ हार्मोन्स पर निर्भर करता है, इसका नाइटफॉल से कोई संबंध नहीं है।
नहीं, यह भी एक गलतफहमी है। बाल झड़ना मुख्य रूप से जेनेटिक कारणों, स्कैल्प इन्फेक्शन या पोषण की कमी की वजह से होता है।
हाँ, क्योंकि शादी के बाद नियमित यौन संबंध (Regular sexual activity) से स्पर्म और फ्लूइड बाहर निकलता रहता है, जिससे नाइटफॉल की संभावना बहुत कम हो जाती है।
हस्तमैथुन से अस्थायी रूप से नाइटफॉल कम हो सकता है क्योंकि वीर्य बाहर निकल जाता है, लेकिन इसे आदत बनाना सेहत के लिए ठीक नहीं है।
बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा या सप्लीमेंट न लें। बाजार में मिलने वाली कई दवाएं हार्मोनल इंबैलेंस पैदा कर सकती हैं।
नहीं, आईवीएफ के लिए केवल कुछ ही स्वस्थ और मोटाइल (Motile) स्पर्म की जरूरत होती है, जो नाइटफॉल होने के बावजूद शरीर में पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहते हैं।
सोने से ठीक पहले बहुत गर्म दूध या मसालेदार चीजें खाने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है, जो कुछ लोगों में नाइटफॉल का कारण बन सकती है।