नाइटफॉल क्या है और स्पर्म हेल्थ परइसका क्या असर पड़ता है?

Last updated: January 16, 2026

Overview

पुरुषों के स्वास्थ्य से जुड़े कई ऐसे विषय हैं जिन पर आज भी समाज में खुलकर बात नहीं की जाती, और नाइटफॉल (Night Fall) उनमें से एक है। अक्सर किशोरों और युवाओं के मन में यह डर बैठा दिया जाता है कि नाइटफॉल शरीर में कमजोरी लाता है या भविष्य में पिता बनने की क्षमता को खत्म कर देता है। यही वजह है कि इंटरनेट पर night fall kaise roke जैसे सवाल सबसे ज्यादा सर्च किए जाते हैं। हकीकत में, नाइटफॉल जिसे मेडिकल भाषा में 'नॉक्टर्नल एमिशन' (Nocturnal Emission) कहा जाता है, पुरुषों के शरीर की एक बहुत ही नार्मल और नेचुरल प्रक्रिया है। यह इस बात का संकेत है कि आपका शरीर और प्रजनन तंत्र यानी रिप्रोडक्टिव सिस्टम (Reproductive System) सही तरीके से काम कर रहा है। हालांकि, अगर यह बहुत ज्यादा होने लगे, तो इसके पीछे की वजहों को समझना और लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी हो जाता है।

नाइटफॉल क्या है?

नाइटफॉल एक ऐसी कंडीशन है जिसमें नींद के दौरान अनजाने में इजैक्युलेशन (Ejaculation) यानी वीर्य स्खलन हो जाता है। इसे आम बोलचाल में 'स्वप्नदोष' भी कहा जाता है। यह ज्यादातर प्यूबर्टी (Puberty) यानी किशोरावस्था की शुरुआत में होता है जब शरीर में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) हार्मोन का लेवल तेजी से बढ़ता है।

अगर आप यह सोचकर परेशान हैं कि night fall kaise roke, तो पहले यह जान लें कि यह कोई बीमारी नहीं है। जब शरीर में स्पर्म यानी शुक्राणु लगातार बनते रहते हैं और वे काफी समय तक बाहर नहीं निकलते, तो शरीर पुराने स्पर्म को बाहर निकालने और नए स्पर्म के लिए जगह बनाने के लिए इस प्रक्रिया का सहारा लेता है। इसे 'ओवरफ्लो' (Overflow) की स्थिति भी कहा जा सकता है।

क्यों होता है नाइटफॉल?

नाइटफॉल पूरी तरह से बायोलॉजिकल (Biological) वजहों से होता है। 

  • हार्मोनल बदलाव: पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का लेवल बढ़ने से सेक्सुअल ड्राइव (Sexual Drive) बढ़ती है, जो नींद में इजैक्युलेशन को ट्रिगर (Trigger) कर सकती है।
  • वीर्य का अधिक संग्रह: स्पर्म बनने की प्रक्रिया 24 घंटे चलती रहती है। अगर लंबे समय तक इजैक्युलेशन नहीं होता, तो शरीर खुद ही इसे बैलेंस (Balance) करने के लिए नाइटफॉल करता है।
  • प्रोस्टेट और सेमिनल वेसिकल्स: यह ग्रंथियां एक तरल पदार्थ बनाती हैं जिसे सेमिनल फ्लूइड (Seminal Fluid) कहते हैं। जब यह फ्लूइड (Fluid) ज्यादा मात्रा में इकट्ठा हो जाता है, तो यह बाहर निकलने का रास्ता खोजता है।
  • उत्तेजक विचार: सोने से पहले एडल्ट फिल्में देखना या ऐसी बातें सोचना आपके सबकॉन्शियस माइंड (Subconscious Mind) को एक्टिव कर देता है, जिससे नींद के दौरान शरीर उत्तेजित हो सकता है।

नाइटफॉल के बारे में समाज में फैले भ्रम और उनकी सच्चाई

नाइटफॉल को लेकर हमारे समाज में बहुत सारी गलतफहमियां फैली हुई हैं, जिन्हें दूर करना बहुत जरूरी है।

मिथक सच्चाई

नाइटफॉल से शरीर में कमजोरी आ जाती है।

यह पूरी तरह गलत है। नाइटफॉल के दौरान निकलने वाले फ्लूइड में प्रोटीन और जिंक बहुत कम मात्रा में होते हैं, जिससे शरीर में किसी तरह की शारीरिक कमजोरी नहीं होती।

नाइटफॉल से प्राइवेट पार्ट का साइज छोटा हो जाता है।

नाइटफॉल का पेनिस (Penis) के साइज से कोई संबंध नहीं है। यह एक सामान्य हार्मोनल और फिजियोलॉजिकल (Physiological) प्रक्रिया है।

नाइटफॉल सिर्फ कुंवारे लड़कों को होता है।

यह धारणा भी गलत है। नाइटफॉल शादीशुदा पुरुषों में भी हो सकता है, खासकर जब यौन संबंधों (Sexual relations) में लंबे समय तक अंतराल हो।

नाइटफॉल को कम करने के प्राकृतिक तरीके

अगर आपको लगता है कि नाइटफॉल जरूरत से ज्यादा यानी हफ्ते में 3-4 बार हो रहा है और इसकी वजह से आप असहज महसूस कर रहे हैं, तो आप नीचे दिए गए तरीकों से इसे मैनेज कर सकते हैं। 

  • सोने का तरीका बदलें: पेट के बल सोने से प्राइवेट पार्ट पर दबाव पड़ता है, जिससे उत्तेजना बढ़ सकती है। हमेशा पीठ के बल या करवट लेकर सोने की कोशिश करें।
  • ठंडे पानी से नहायें: सोने से पहले ठंडे पानी से नहाने या हाथ-पैर धोने से शरीर का तापमान कम होता है और नर्वस सिस्टम शांत रहता है।
  • सोने से पहले गैजेट्स का इस्तेमाल बंद करें: सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर दें और कोई मोटिवेशनल या अच्छी किताब पढ़ें।
  • मूत्राशय (Bladder) खाली रखें: रात को सोने से ठीक पहले पेशाब जरूर करें। भरा हुआ ब्लैडर भी प्रोस्टेट पर दबाव डालकर नाइटफॉल को ट्रिगर कर सकता है।

डाइट और एक्सरसाइज का महत्व

आप क्या खाते हैं और आपकी शारीरिक गतिविधि कैसी है, इसका सीधा असर आपके प्रजनन अंगों यानी रिप्रोडक्टिव पार्ट्स पर पड़ता है।

  • डाइट (Diet): रात का खाना हल्का रखें और सोने से ठीक पहले चाय या कॉफी जैसी चीजों से बचें। ये चीजें नर्वस सिस्टम को उत्तेजित कर देती हैं।
  • योग और एक्सरसाइज: कीगल एक्सरसाइज (Kegel Exercise) पेल्विक एरिया की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है, जिससे इजैक्युलेशन पर बेहतर कंट्रोल (Control) मिलता है। इसके अलावा, प्राणायाम और मेडिटेशन मन को शांत रखने में मदद करते हैं।

आईवीएफ (IVF) और मेल फर्टिलिटी पर नाइटफॉल का प्रभाव

जब हम आईवीएफ (IVF) या आईयूआई (IUI) जैसे आधुनिक इलाजों की बात करते हैं, तो पुरुष के स्पर्म की हेल्थ सबसे ज्यादा मायने रखती है।

  • स्पर्म डीएनए फ्रेगमेंटेशन (DNA Fragmentation): लंबे समय तक स्पर्म के शरीर के अंदर जमा रहने से उनके डीएनए (DNA) को नुकसान पहुँच सकता है। नाइटफॉल के जरिए जब पुराने स्पर्म बाहर निकलते हैं, तो नया बैच तैयार होता है जो अक्सर ज्यादा हेल्दी होता है।
  • सीमेन कलेक्शन (Semen Collection): आईवीएफ क्लिनिक में सैंपल देने से पहले डॉक्टर आमतौर पर 2 से 3 दिन के सेक्सुअल एक्टिविटीज़ से परहेज की सलाह देते हैं। अगर इस दौरान नाइटफॉल हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है, बस अपने डॉक्टर को इसके बारे में सूचित कर दें। वे आपकी रिपोर्ट में इस बात को एडजस्ट (Adjust) कर लेंगे।
  • स्पर्म क्वालिटी: अगर आप अपनी प्रजनन क्षमता को लेकर फिक्रमंद हैं, तो केवल नाइटफॉल को दोष न दें। इसके बजाय एक एडवांस सीमेन टेस्ट करवाएं जिससे स्पर्म की असल ताकत का पता चल सके।

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

नाइटफॉल को लेकर किसी नीम-हकीम के पास जाने के बजाय एक प्रोफेशनल फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट या यूरोलॉजिस्ट (Urologist) से मिलें। नीचे दी गयी कंडीशन में डॉक्टर की सलाह काम आ सकती है। 

  • नाइटफॉल हफ्ते में कई बार हो रहा है और उसके साथ पेशाब में जलन हो रही है।
  • आपको संबंध बनाने के दौरान बहुत जल्दी स्खलन (Premature Ejaculation) की समस्या महसूस हो रही है।
  • इजैक्युलेशन के दौरान दर्द महसूस होता है।
  • आप शादी के कई साल बाद भी पिता नहीं बन पा रहे हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

नाइटफॉल एक सामान्य शारीरिक घटना है जिसे लेकर शर्मिंदा होने या डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। "night fall kaise roke" के पीछे भागने के बजाय अपने शरीर के संकेतों को समझना ज्यादा जरूरी है। यह आपके हेल्दी और एक्टिव रिप्रोडक्टिव सिस्टम का प्रमाण है। अपनी लाइफस्टाइल को अनुशासन में रखें, संतुलित आहार लें और सकारात्मक सोचें। यदि आप और आपका पार्टनर प्रेग्नेंसी प्लान कर रहे हैं और आपको लगता है कि आपकी सेक्सुअल हेल्थ इसमें कोई रुकावट बन रही है, तो किसी अच्छे फर्टिलिटी सेंटर (Fertility Center) में जाकर सलाह लेना सबसे सही कदम है।

Common Questions Asked

क्या नाइटफॉल होने से लंबाई (Height) रुक जाती है?

 

बिल्कुल नहीं। लंबाई का बढ़ना जेनेटिक्स (Genetics) और ग्रोथ हार्मोन्स पर निर्भर करता है, इसका नाइटफॉल से कोई संबंध नहीं है।

क्या बहुत ज्यादा नाइटफॉल होने से बाल झड़ने लगते हैं?

 

नहीं, यह भी एक गलतफहमी है। बाल झड़ना मुख्य रूप से जेनेटिक कारणों, स्कैल्प इन्फेक्शन या पोषण की कमी की वजह से होता है।

क्या शादी के बाद नाइटफॉल अपने आप रुक जाता है?

 

हाँ, क्योंकि शादी के बाद नियमित यौन संबंध (Regular sexual activity) से स्पर्म और फ्लूइड बाहर निकलता रहता है, जिससे नाइटफॉल की संभावना बहुत कम हो जाती है।

क्या हस्तमैथुन (Masturbation) करने से नाइटफॉल रुक सकता है?

 

हस्तमैथुन से अस्थायी रूप से नाइटफॉल कम हो सकता है क्योंकि वीर्य बाहर निकल जाता है, लेकिन इसे आदत बनाना सेहत के लिए ठीक नहीं है।

क्या नाइटफॉल के लिए कोई दवा लेना सुरक्षित है?

 

बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा या सप्लीमेंट न लें। बाजार में मिलने वाली कई दवाएं हार्मोनल इंबैलेंस पैदा कर सकती हैं।

क्या नाइटफॉल का असर आईवीएफ की सफलता पर पड़ता है?

 

नहीं, आईवीएफ के लिए केवल कुछ ही स्वस्थ और मोटाइल (Motile) स्पर्म की जरूरत होती है, जो नाइटफॉल होने के बावजूद शरीर में पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहते हैं।

क्या गर्म दूध पीने से नाइटफॉल बढ़ता है?

 

सोने से ठीक पहले बहुत गर्म दूध या मसालेदार चीजें खाने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है, जो कुछ लोगों में नाइटफॉल का कारण बन सकती है।

**Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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