ब्लॉक फैलोपियन ट्यूब क्या है? कारण, लक्षण, प्रेग्नेंसी पर असर और इलाज की पूरी जानकारी

Last updated: June 05, 2026

Overview

कपल जब नेचुरल प्रेगनेंसी का ट्राय करते हैं तो उन्हें लगता है प्रेगनेंसी आसानी से हो जाएगी लेकिन प्रेगनेंसी नहीं होने पर उन्हें इसका कारण पता नहीं चलता, नेचुरल प्रेगनेंसी के लिए फैलोपियन ट्यूब का बहुत महत्वपूर्ण रोल होता है। इस कारण इसे गर्भनली भी कहा जाता है। फैलोपियन ट्यूब्स वह नलियां होती हैं जो अंडाशय (ovary) से निकले परिपक्व अंडे को गर्भाशय (uterus) तक पहुंचाती हैं। यहीं पर अण्डे और स्पर्म का मिलन होता है जिससे फर्टिलाईजेशन की प्रोसेस होती है। जब इन ट्यूब्स में रुकावट या सूजन के कारण मार्ग संकरा या बंद हो जाता है, तो अंडा और स्पर्म के मिलन में समस्या होती है जिससे प्रेग्नेंसी में दिक्कत आ सकती है। कुछ महिलाएं एक ट्यूब ब्लाॅक होने के बाद भी प्राकृतिक रूप से गर्भधारण कर सकती हैं लेकिन जिन महिलाओं की दोनों ट्यूब्स ब्लाॅक हैं वे प्राकृतिक रूप से गर्भधारण नहीं कर पाती हैं उनके लिए असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलाॅजी की आईवीएफ तकनीक फायदेमंद हो सकती है। इस उपचार पद्धति की विशेषता यह है कि कई मामलों में दवाओंए सर्जरी या IVF के जरिए इलाज संभव है और सही समय पर जांच व ट्रीटमेंट से माता-पिता बनने की उम्मीद बरकरार रहती है।

 

Table of Contents

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फैलोपियन ट्यूब क्या है और इसका काम

 फैलोपियन ट्यूब दो पतली नलियां होती हैं जो अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ती हैं। हर माहवारी चक्र में जब एक परिपक्व अंडा अंडाशय से निकलता है , और ट्यूब में आता है इस दौरान संबंध बनाने पर स्पर्म अण्डे को फर्टिलाइज कर देता है तो वही ट्यूब उसे फर्टिलाइजेशन के बाद गर्भाशय की ओर ले जाती है।

प्रेग्नेंसी में फेलोपियन ट्यूब का काम:

ऽ अण्डाशय से अण्डे को आगे बढ़ाना

ऽ स्पर्म और एग के मिलन यानि फर्टिलाईजेशन का स्थान

ऽ फर्टिलाइज्ड एग (ज़ाइगोट/एम्ब्रियो) को गर्भाशय तक पहुंचाना

प्रेग्नेंसी की प्रक्रिया (टेबल)

प्रक्रिया

क्या होता है

Ovulation

अंडाशय से परिपक्व (मैच्योर) अंडा बाहर निकलता है

Fertilization

ओव्युलेशन के समय फैलोपियन ट्यूब के अंदर अंडा और स्पर्म मिलने पर फर्टिलाईजेशन होता है

Implantation

फर्टिलाइजेशन से बना भ्रूण (एम्ब्रियो) गर्भाशय की दीवार में चिपकता है

प्राकृतिक गर्भधारण बिना हेल्दी फैलोपियन ट्यूब के संभव नहीं हो सकता।

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज क्या है?

जब फैलोपियन ट्यूब में सूजन, (संक्रमण) इंफेक्शन, चिपक जाए या तरल पदार्थ भर जाने के कारण मार्ग आंशिक या पूरी तरह बंद हो जाता है, तो उसे फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज कहा जाता है। ब्लाॅकेज या अन्य किसी कारण से ट्यूब में रूकावट होने पर अण्डे के आगे बढ़ने या स्पर्म के इसके पास पहुंचने में समस्या हो सकती है। यह निःसंतानता का सबसे आम कारण है।

ब्लॉकेज के प्रकार

ऽ आंशिक (Partial) ब्लॉकेज

इस तरह की स्थिति में फैलोपियन ट्यूब (नली) पूरी तरह बंद नहीं होती,ट्यूब का मार्ग संकरा या कुछ भाग ब्लॉक होता है।इन मामलों में कभी - कभी नेचुरल प्रेगनेंसी के चांसेज होते हैं लेकिन रिस्क और समस्याएं बढ़ सकती हैं।

ऽ पूर्ण (Complete) ब्लॉकेज

फैेलोपियन ट्यूब (नली) पूरी तरह बंद हो जाती है,इस कारण स्पर्म और एग का मिलना असंभव हो जाता है, जिससे प्राकृतिक गर्भधारण के चांसेज समाप्त हो जाते हैं।

एक ट्यूब और दोनों ट्यूब ब्लॉक होने में अंतर

स्थिति

प्रेग्नेंसी पर असर

एक ट्यूब ब्लॉक

एक ट्यूब बंद होने पर, लेकिन दूसरी के सही तरीके से काम करने पर नेचुरल प्रेगनेंसी संभव है

दोनों ट्यूब ब्लॉक

अगर दोनों ट्यूब ब्लाॅक हैं तो प्राकृतिक गर्भधारण की संभावना बहुत कम होती है इस स्थिति में आईवीएफ जैसे असिस्टेड रिप्रोडक्टिव उपचारों की आवश्यकता हो सकती है।

यदि ट्यूब में रुकावट यानी ब्लॉकेज है तो स्पर्म और अण्डा मिल नहीं पाएगा जिस कारण निषेचन नहीं होगा और निःसंतानता की समस्या होगी। प्राकृतिक गर्भधारण के लिए ट्यूब का खुला होना आवश्यक है।

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने के कारण

फैलोपियन ट्यूब ब्लाॅक होने के कारण बाहर से दिखाई नहीं देते हैं लेकिन इसके परिणाम गर्भधारण को प्रभावित करते हैं । ट्यूबल ब्लॉकेज के कारणों की बात करें तो पेल्विक बीमारियां, संक्रमण और किसी तरह की सर्जरी के बाद चिपकाव ट्यूब्स को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं|

प्रमुख कारण:

Pelvic Inflammatory Disease (PID) पेल्विक इंफ्लामेट्री डिजिज

यौन संचारित रोग (STI) या किसी अन्य इंफेक्शन के कारण यूट्रस, ट्यूब और आसपास के हिस्सों में सूजन आ सकती है, जिससे ट्यूब के अंदरूनी भागों को क्षति हो सकती है।

पेल्विक/जननांग टीबी (Tuberculosis)

पेल्विक या जननांगों से जुड़ी टीबी ट्यूब के सिकुड़ने का कारण बन सकती है, जिससे अंदर चिपकाव या ब्लाॅकेज की समस्या हो सकती है।

Endometriosis एण्डोमेट्रियोसिस

गर्भाशय की लाइनिंग जैसा टीश्यु (ऊतक) ट्यूब के आसपास या उस पर जम सकता है, जिससे स्कार टिश्यू और चिपकाव हो सकते हैं।

पूर्व में हुई पेल्विक या सी सेक्शन जैसी सर्जरी

ऑपरेशन के बाद बनने वाले adhesions ट्यूब को मोड़ सकते हैं या उस पर दबाव बना सकते हैं।

पुराने या बार-बार होने वाले इंफेक्शन

कुछ मामलों में सूजन या लम्बे समय तक चलने वाली सूजन ट्यूब की आंतरिक परत को खराब कर सकती है जिससे परिणामस्वरूप गर्भधारण में परेशानी हो सकती है।

कारण और असर (टेबल)

कारण

असर

Infection / PID

ट्यूब की अंदरूनी परत को नुकसान, ब्लॉकेज

Endometriosis

ट्यूब मुड़ना, स्कार टिश्यू, चिपकना

Surgery

ट्यूब पर दबाव होना या खिंचना,

Tuberculosis

ट्यूब सिकुड़ सकती है या स्थायी ब्लाॅकेज की संभावना रहती है।

किसी भी महिला में ट्यूब ब्लाॅकेज होने के लक्षण बाहरी तौर पर दिखाई नहीं देते हैं न ही कोई विशेष लक्षण महसूस होता है। आमतौर पर प्रेगनेंसी नहीं होने पर जांच की जाती है तब ट्यूबल ब्लाॅकेज के बारे में पता चलता है । कुछ महिलाओं में निम्न संभावित लक्षण हो सकते हैं।

संभावित लक्षण:

  • ऽ माहवारी के दौरान असहनीय दर्द होना
  • ऽ लम्बे समय तक प्रयास के बाद भी प्रेग्नेंसी न होना
  • ऽ संबंध बनाने के दौरान दर्द होना
  • ऽ बार-बार पेल्विक दर्द या भारीपन
  • ऽ ectopic pregnancy की स्थिति में पेट में तेज दर्द, अचानक ब्लीडिंग या चक्कर आना

लक्षण और संकेत (टेबल)

लक्षण

संभावित संकेत

प्रेग्नेंसी न होना

ट्यूबल infertility की संभावना

Pelvic pain

इंफेक्शन, एंडोमेट्रियोसिस,

दर्दनाक पीरियड्स

पेल्विक इंफेक्शन या बीमारी का संकेत

Ectopic के लक्षण

ट्यूब में प्रेग्नेंसी, मरीज के लिए इमरजेंसी हो सकती है

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी एक ऐसी स्थिति है, जिसमें फर्टिलाइजेशन के बाद भ्रूण गर्भाशय में चिपकने के बजाय ट्यूब या उसके आसपास कहीं और विकसित होने लगता है। यह स्थिति मरीज के लिए खतरनाक हो सकती है। आमतौर पर कुछ समय में इसमें गर्भपात हो जाता है लेकिन यदि नहीं होता है तो डाॅक्टर से कन्सल्ट करने की आवश्यकता होती है। एक्टोपिक प्रेगनेंसी के कुछ केसेज में प्रेगनेंसी के लक्षण महसूस होते हैं जबकि ज्यादातर केसेज में कोई लक्षण नहीं होते हैं। पेट के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत हो सकती है।

क्या blocked fallopian tube से pregnancy संभव है?

अगर महिला की एक ट्यूब ब्लाॅक है और दूसरी ट्यूब और अण्डाशय सही से काम कर रहे हों तो प्राकृतिक गर्भधारण की संभावना रहती है। लेकिन अगर दोनों ट्यूब्स ब्लाॅक हो तो नेचुरल प्रेगनेंसी की संभावना नहीं रहती । ऐसी स्थिति में भी कुछ केसेज में हल्की या आंशिक ब्लाॅकेज होने पर सर्जरी या ट्यूबल कैन्युलेशन से कुछ लाभ हो सकता है लेकिन प्रेगनेंसी के चांसेस कम ही रहते हैं। यदि दोनों ट्यूब्स गंभीर रूप से या पूरी तरह से ब्लाॅक हो तो प्राकृतिक गर्भधारण की संभावना नहीं रहती, ऐसे केसेज में आईवीएफ तकनीक को सबसे उपयोगी विकल्प माना जाता है । आईवीएफ तकनीक का आविष्कार भी 1978 में ब्लााॅक फैलोपियन ट्यूब में गर्भधारण करवाने के लिए किया गया था।

प्रेग्नेंसी चांस (टेबल)

स्थिति

Pregnancy Chances

One tube blocked

दूसरी ट्यूब ठीक हो तो नेचुरल pregnancy possible

Both tubes blocked

IVF की जरूरत अधिक, नेचुरल chance बहुत कम

आईवीएफ में फैलोपियन ट्यूब के काम को बायपास कर दिया जाता है। इसमें ट्यूब में होने वाली निषेचन की प्रक्रिया लैब में की जाती है ।

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज का पता कैसे चलता है?

 फैलोपियन ट्यूब में ब्लाॅकेज में बारे में पता लगाने के लिए मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, कुछ बेसिक टेस्ट जैसे हाॅर्मोन और अल्ट्रासाउण्ड की जांच करते हैं। ट्यूब की जानकारी के लिए कुछ स्पेशल जांचे की जाती हैं जिनमें शामिल हैं -

मुख्य जांचें:

  • HSG (Hysterosalpingography) हिस्ट्रोसाल्पिंगोग्राफी

इसमें एक्सरे के जरिए ट्यूब खुली हुई है या नहीं ये जानने के लिए पेट में डाई डाली लाती है।

  • Laparoscopy लेप्रोस्काॅपी

आज के समय में डाॅक्टर्स इस जांच को अधिक प्राथमिकता देते हैं, यह जांच सरल है और अधिक सटिक परिणाम दिखाती है। इसमें कैमरे की मदद से पेट के अंदर ट्यूब, ओवरी और uterus को सीधे देखा जाता है, और जरूरत पड़ने पर समय इलाज भी किया जा सकता है।

  • Ultrasound अल्ट्रासाउण्ड इसे आम बोलचाल में सोनोग्राफी भी कहा जाता है । इसमें आंतरिक अंगों जैसे पेल्विक ओर्गन्स की बनावट, ट्यूब में पानी भरना (हाइड्रोसैल्पिंक्स) जैसी समस्याओं के बारे में पता लगाया जा सकता है।

डायग्नोसिस टेबल

जांच

उद्देश्य

HSG

ट्यूब खुली है या नहीं, dye flow देखना

Laparoscopy

ट्यूब, ओवरी, uterus की direct visualization

Ultrasound

पेल्विक ऑर्गन्स का basic assessment

HSG टेस्ट क्या होता है?

HSG (हिस्ट्रोसाल्पिंगोग्राफी ) यह फैलोपियन ट्यूब की जांच के लिए किया जाने वाले काॅमन टेस्ट है। यह एक स्पेशल एक्स रे टेस्ट होता है जिसमें गर्भाशय और ट्यूब में हल्का रंगीन द्रव्य (contrast dye) डालकर ये देखा जाता है कि वह ट्यूब से आसानी से बाहर निकल पा रहा है या नहीं यदि डाई रुक जाती है या आगे नहीं बढ़ पाती है तो ट्यूब में ब्लाॅकेज की संभावना मानी जाती है।

सामान्यतया यह टेस्ट पीरियड (माहवारी) समाप्त होने के बाद और ओव्युलेशन (अण्डशय से अण्डा फेलोपियन ट्यूब में आना) से पहले किया जाता है।

वैसे तो यह टेस्ट दर्दरहित है लेकिन हल्का क्रेम्प या असहजता हो सकती है लेकिन असहनीय नहीं होता है।

टेस्ट से पहले इंफेक्शन या इसके अन्य रिस्क के बारे में जानकारी देते हैं।

HSG Preparation Checklist

  • पीरियड के 7 - 10 दिन के भीतर टेस्ट की टाइमिंग
  • टेस्ट से पहले प्रेग्नेंसी न होना सुनिश्चित करना
  • डॉक्टर की सलाह अनुसार इंटरकोर्स से अस्थायी परहेज
  • हल्का दर्द निवारक दवा की सलाह मिल सकती है
  • किसी भी allergy एलर्जी या infection संक्रमण की जानकारी पहले से देना

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज का इलाज कैसे किया जाता है?

ट्यूब ब्लाॅकेज का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि ब्लाॅकेज कहां पर है,कितना है और ट्यूब को कितना नुकसान पहुंचा चुका है। वैसे तो दवाओं और सर्जरी से उपचार संभव है लेकिन कई बार सर्जरी या दवाओं के बाद भी प्रेगनेंसी नहीं हो पाती है।

संभावित विकल्प:

  • दवाएं प्राथमिक उपचार के रूप में डाॅक्टर्स दवाएं देते हैं। जब इंफेक्शन हो, तो दवाएं दी जाती हैं। इसमें एंटीबायोटिक और दूसरी दवाएं देकर से सूजन को कम किया जाता है ताकि ट्यूब को आगे बड़े नुकसान से बचाया जा सके।
  • Laparoscopic सर्जरी आजकल डाॅक्टर्स लेप्रोस्काॅपिक सर्जरी को प्राथमिकता देते हैं । यह प्रक्रिया सरल और प्रभावी है। इसमें जांच के साथ उपचार की सुविधा भी है। लेप्रोस्काॅपिक सर्जरी में चिपकाव, एंडोमेट्रियोसिस या हल्की रूकावट को हटाने के लिए उपयोग में लिया जाता है ताकि ट्यूब की बनावट को सही किया जा सके।
  • Tubal cannulation ट्यूबल कनुलेशन में ट्यूब के शुरूआती भाग की रूकावट को खोलने के लिए खास उपकरण का प्रयोग किया जाता है लेकिन सभी केसेज में यह उपचार तकनीक उपयोगी नहीं है।
  • IVF treatment 1978 में आईवीएफ उपचार का आविष्कार ब्लाॅक ट्यूब में गर्भधारण करवाने के लिए किया गया था, यह सफल तकनीक मानी जाती है। जब किसी महिला में ट्यब को गंभीर नुकसान हुआ हो, दोनो ट्यूब ब्लाॅक हो, दवाओं और सर्जरी से भी लाभ नहीं हुआ हो ऐसी स्थिति में आईवीएफ तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।

इलाज और उपयोग (टेबल)

इलाज

कब उपयोग होता है

Medicines

इंफेक्शन, शुरुआती सूजन

Surgery

चिपकाव, एंडोमेट्रियोसिस, सीमित ब्लॉकेज

Tubal cannulation

ट्यूब के शुरुआत में हल्का ब्लॉकेज

IVF

गंभीर/दोनों ट्यूब ब्लॉक, सर्जरी फेल, अधिक उम्र

 कई केसेज में ब्लाॅकेज खोलने के ओपरेशन के बाद भी गर्भधारण नहीं हो पाता है इस स्थिति में डाॅक्टर्स सर्जरी की तुलना में आईवीएफ तकनीक का सहारा लेने की सलाह देते हैं।

कब IVF treatment की जरूरत पड़ती है?

अक्सर कपल ये जानना चाहते हैं कि ट्यूब ब्लाॅक होने की स्थिति में क्या किया जाए या आईवीएफ की जरूरत कब होती है तो दोनों ट्यूब ब्लाॅक होेने या ट्यूब के सही से काम नहीं करने पर आईवीएफ ट्रीटमेंट मददगार साबित हो सकता है। इसमें अंडे और स्पर्म को महिला के शरीर के बाहर लैब में मिलाया जाता है जिससे फर्टिलाईजेशन हो जाता है यानि ट्यूब के काम को लैब में किया जाता है । लैब में बने भ्रूण को महिला के गर्भशय में ट्रांसफर कर दिया जाता है।

किन स्थिति में आईवीएफ उपयोगी -

  • दोनों ट्यूब्स पूरी तरह ब्लॉक हों
  • ट्यूब में severe damage गंभीर क्षति या hydrosalpinx हाइड्रोसैल्पिंक्स हो
  • सर्जरी के बाद भी प्रेग्नेंसी न हो
  • उम्र 35 से ऊपर हो और समय कम हो

इन स्थितियों में डॉक्टर अक्सर IVF की सलाह देते हैं।

IVF Relevance Table

स्थिति

IVF जरूरत

Both tubes blocked

High - अक्सर recommended

Severe tubal damage

IVF preferred

Failed surgery

IVF strongly recommended

Advanced age (35+)

IVF से success chances बेहतर हो सकते हैं

क्या blocked tube में एक्टोपिक गर्भावस्था (ectopic pregnancy) का खतरा बढ़ता है?

हाँ, ट्यूब में किसी तरह की समस्या होने पर एक्टोपिक प्रेगनेंसी के चांसेज बढ़ जाते हैं। जब ट्यूब के अंदर रुकावट,सूजन या नुकसान हो, तो अंडा और स्पर्म ट्यूब के अंदर ही फंस सकते हैं और वहीं प्रेग्नेंसी हो सकती है इसे ट्यूबल या ectopic pregnancy कहा जाता है। यह स्थिति इमरजेंसी मानी जाती है, क्योंकि ट्यूब फटने पर तेज ब्लीडिंग का खतरा होता है।

Warning Signs Box

एक्टोपिक प्रेगनेंसी के लक्षण

  • ऽ पेट में एक तरफ अचानक तेज दर्द
  • ऽ योनि मार्ग से असामान्य ब्लीडिंग या स्पोटिंग
  • ऽ कमजोरी, चक्कर आना, कमजोरी ए बेहोशी जैसा महसूस होना
  • ऽ आंतरिक ब्लीडिंग के कारण कंधे में दर्द

किसी महिला को इस तरह के लक्षण महसूस होते हैं तो उन्हें तुरन्त मेडिकल सहायता लेने के लिए डाॅक्टर से कन्सल्ट करना चाहिए।

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज से बचाव कैसे करें?

चूंकि फैलोपियन ट्यूब ब्लाॅकेज के लक्षण बाहर से नजर नहीं आते हैं इस कारण समय पर डायग्नोज करना आसान नहीं होता है। ब्लाॅकेज को रोकना भी आसान नहीं होता है लेकिन कुछ सावधानियां अपना कर इसके जोखिम को कम किया जा सकता है।

  • कंडोम का इस्तेमाल सुरक्षित सेक्स
  • समय पर वजाइनल इंफेक्शन का इलाज
  • अनावश्यक invasive प्रक्रियाओं से बचना
  • नियमित गाइनी जांच और फर्टिलिटी काउंसलिंग

Prevention Checklist

  • सुरक्षित संभोग
  • किसी भी समस्या या इंफेक्शन के लक्षणों को नज़रअंदाज़ करने से बचें
  • चाहे समस्या हो य न हो, समय समय पर गायनेकोलाॅजिस्ट से मिलना, फर्टिलिटी संबंधी जांचे करवाना
  • एंडोमेट्रियोसिस, पेल्विक इन्फ्लामेंट्री डिजिज या टीबी का सही समय पर पूरा इलाज करवाना

आपके हिसाब से - युवाओं में prevention के लिए सबसे ज्यादा किस चीज़ पर awareness ज़रूरी है?

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

  • अगर आयु 35 वर्ष से कम हो तो एक साल प्रेगनेंसी का प्रयास करने पर भी प्रेगनेंसी नहीं होने पर
  • 35 वर्ष से अधिक आयु होने पर 6 महीने तक प्रयास के बाद भी कन्सेप्शन न हो
  • कोई पुराने इंफेक्शन या पुराने दर्द, दर्दनाक पीरियड्स की स्थिति में 
  • मेडिकल हिस्ट्री के अनुसार एक्टोपिक प्रेगनेंसी या ट्यूबल सर्जरी इतिहास रहा हो

Doctor Consultation Table

स्थिति

कब मिलें

स्थिति

कब मिलें

प्रेग्नेंसी न होना

6–12 महीने में फर्टिलिटी evaluation मूल्यांकन 

Pelvic pain

तुरंत गाइनी/फर्टिलिटी specialist विशेषज्ञ से मिलें

IVF planning

फर्टिलिटी विशेषज्ञ से detailed consultation

Ectopic का इतिहास

जल्दी evaluation मूल्यांकन और future planning योजना 

इंदिरा IVF कैसे मदद कर सआईवीएफ (IVF) कता है?

इन्दिरा आईवीएफ निःसंतानता उपचार के क्षेत्र में परिचित नाम है। अत्याुधनिक जांच और उपचार सुविधाओं के साथ यहां पर पेशेन्ट सेन्ट्रिक ट्रीटमेंट प्लान बनाया जाता है।

यहां पर

  •  सम्पूर्ण फर्टिलिटी डायग्नोसिस: HSG, अल्ट्रासाउंड, हार्मोन टेस्ट, लैप्रोस्कोपी जरूरत अनुसार
  • ट्यूब ब्लॉकेज मैनेजमेंट: सर्जरी, ट्यूबल कैन्यूलेशन, hydrosalpinx मैनेजमेंट
  • एडवांस IVF ट्रीटमेंट: ICSI, embryo transfer (भ्रूण स्थानांतरण) , फ्रीजिंग आदि
  • पर्सनलाइज्ड फर्टिलिटी काउंसलिंग: हर कपल के हिसाब से best विकल्प समझाना
  • अनुभवी फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट और एविडेंस-बेस्ड प्रोटोकॉल

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंद फैलोपियन ट्यूब कैसे खोलें?

 

डॉक्टर्स फैलोपियन ट्यूब ओपन करने के लिए आमतौर पर लैप्रोस्कोपी या हिस्टेरोस्कोपी जैसी सर्जरी का ऑप्शन सेजस्ट करते हैं। कुछ केसेज में हाइड्रोट्यूबेशन या ट्यूबल कैन्युलेशन जैसी प्रक्रियाओं की सलाह दी जाती है। ट्यूबल ब्लॉकेज के कारण निःसंतानता होने पर ट्यूब खुलवाने का ऑपरेशन करवाने पर भी गर्भधारण होने के चांसेज कम ही होते हैं।

फैलोपियन ट्यूब को अनब्लॉक करने में कितना खर्च आता है?

 

भारत में फैलोपियन ट्यूब खोलने की सर्जरी की लागत अस्पताल, शहर और डॉक्टर के अनुभव और इलाज की विधि पर निर्भर करती है। आमतौर पर फैलोपियन ट्यूब खोलने की सर्जरी में लगभग ₹25,000 से ₹1,00,000 तक का खर्च हो सकता है।

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने पर पीरियड्स कैसे होते हैं?

 

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक यानि बंद होने का पीरियड्स पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ता है। पीरियड्स अण्डाशय और यूट्रस के हार्मोन से नियंत्रित होते हैं, न कि ट्यूब से। अगर ब्लॉकेज इंफेक्शन या एंडोमेट्रियोसिस के कारण हुआ है तो पीरियड्स असामान्यता देखी जा सकती है।

बच्चेदानी की नली खोलने के लिए क्या पीना चाहिए?

 

फैलोपियन ट्यूब खोलने के लिए कुछ लोग देशी उपचार लेते हैं हालांकि इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। कुल लोग आयुर्वेदिक उपचार भी अपनाते हैं । किसी भी तरह का उपचार अपनाने से पहले डॉक्टर से कन्सल्ट जरूर करना चाहिए ताकि कोई नुकसान नहीं हो।

फैलोपियन ट्यूब की सूजन क्या है?

 

फैलोपियन ट्यूब में सूजन को “सैल्पिंजाइटिस“ कहते हैं। सामान्यतया यह बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होती है, जैसे क्लैमाइडिया या गोनोरिया। सूजन के कारण ट्यूब में ब्लॉकेज हो सकता है, जिससे निःसंतानता की समस्या हो सकती है। इसके लक्षणों में पीरियड में असामान्यता, पेट दर्द, असामान्य डिस्चार्ज और बुखार महसूस हो सकते हैं।

अगर एक फैलोपियन ट्यूब बंद हो जाती है तो क्या मैं गर्भवती हो सकती हूं?

 

हाँ, बिल्कुल यदि आपकी एक फैलोपियन ट्यूब बंद है और दूसरी खुली है और सामान्य रूप से काम कर रही है, तो आप गर्भधारण कर सकती हैं। अण्डाशय से अंडा उस ट्यूब से निकल सकता है जो सही से काम कर रही है तो फर्टिलाइजेशन हो सकता है। एक ट्यूब खुली होने पर गर्भधारण के चांसेस कम हो सकते हैं।

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज क्या होता है?

 

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज होने का मतलब है कि ट्यूब यानि नली किसी कारण से बंद हो जाती है जिससे अंडाशय से निकले अंडे और शुक्राणु का मिलन या फर्टिलाइज्ड अंडे का गर्भाशय तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इस कारण प्राकृतिक गर्भधारण प्रभावित होता है। इस तरह की समस्या के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं आमतौर पर इसके बारे में तब पता चलता है जब गर्भधारण में समस्या होती है।

ट्यूब क्यों ब्लॉक होती है

 

इसके सबसे सामान्य कारणों में पेल्विक इंफ्लामेंट्री डिजिज, इंफेक्शन, एंडोमेट्रियोसिस, पेट या पेल्विक सर्जरी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (एसटीआई) या एक्टोपिक प्रेगनेंसी शामिल हैं।

प्रेग्नेंसी संभव है या नहीं

 

किसी महिला की एक ट्यूब ब्लाॅक है और दूसरी ट्यूब सही से काम कर रही है तो प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करना संभव है। अगर दोनों ट्यूब ब्लाॅक है तो प्राकृतिक गर्भधारण के चांसेज नहीं होते हैं ऐसे में आईवीएफ जैसी तकनीकों की जरूरत पड़ सकती है।

लक्षण और दर्द

 

ट्यूबल ब्लाॅकेज की स्थिति में महिला को किसी तरह के लक्षण सीधे तौर पर महसूस नहीं होते हैं। कुछ केसेज में पेट के निचले भाग में दर्द, दर्दभरे पीरियड्स, सेक्स के दौरान दर्द, प्रेगनेंट होने में समस्या आदि संकेत सामने आ सकते हैं।

HSG टेस्ट क्या है

 

HSG कई वर्षों से उपयोग में आने वाला एक स्थापित डायग्नोस्टिक टेस्ट है। HSG यानी हिस्ट्रोसालपिंगोग्राफी एक तरह का एक्स रे टेस्ट है जिसमें गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए डाई डालकर देखा जाता है कि ये सही से काम कर रहे हैं या नहीं । साथ दोनो की बनावट देखी जाती है।

HSG दर्दनाक है क्या

 

आमतौर पर यह दर्दनाक नहीं होता है कुछ महिलाओं को हल्की ऐंठन या discomfort हो सकता है लेकिन ज्यादातर महिलाएं कम्फर्ट महसूस करती हैं। डाॅक्टर को जरूरत लगने पर दर्द करने की दवाई दे सकते हैं।

इलाज कैसे होता है

 

इलाज ब्लाॅकेज की जगह, कारण और कितना बड़ा है इस बात पर निर्भर करता है। शुरूआत या छोटे ब्लाॅकेज के मामलो में cannulation कैन्यूलेशन से ट्यूब खोली जा सकती है, जबकि distal ब्लॉकेज या hydrosalpinx हाइड्रोसैल्पिंक्स में surgery या tube removal की जरूरत पड़ सकती है।

सर्जरी और IVF

 

सभी केसेज में blocked tube surgery से ठीक नहीं होती | यदि स्कार टिश्यु ज्यादा मात्रा में हैं या ट्यूब खराब हो गयी हो तो सर्जरी करवाने का भी फायदा नहीं होगा। अगर दोनों ट्यूब खराब हो तो सर्जरी का लाभ नहीं है साथ ही अगर सर्जरी असफल हो जाती है तो आईवीएफ बेहतर विकल्प हो सकता है। क्योंकि इसमें ट्यूब के काम को लैब में किया जाता है।

एक्टोपिक गर्भावस्था ectopic pregnancy और संक्रमण infection

 

अगर ट्यूब ब्लाॅक है या किसी तरह से डेमेज है तो इसमें एक्टोपिक प्रेगनेंसी के चांसेज बढ़ जाते हैं। पेल्विक इन्फ्लामेंट्री डिजिज और दूसरे इंफेक्शन ट्यूब को scarred बनाकर ब्लाॅकेज और एक्टोपिक प्रेगनेंसी या दोनों के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

PCOS, laparoscopy, और next step

 

पीसीओएस और ट्यूबल ब्लाॅकेज महिलाओं में अलग-अलग समस्याएं हैं। पीसीओएस मुख्य रूप से हार्मोन संबंधी समस्या है जो ओव्युलेशन से जुड़ी हुई है और ट्यूबल ब्लाॅकेज में ट्यूब बंद हो जाती है। लप्रोस्काॅपी की आवश्यकता हर मरीज को नहीं होती है लेकिन ट्यूब की स्थिति, एण्डोमेट्रियोसिस या ट्यूब को कितनी क्षति हुई है यह देखने के लिए किया जा सकता है। जब किसी महिला उम्र 35 वर्ष से कम हो तो उसे एक साल तक प्रयास करने के बाद भी गर्भधारण नहीं होने पर और 35 वर्ष से अधिक हो तो 6 माह तक प्रयास के बाद डाॅक्टर से कन्सल्ट करना चाहिए।

**Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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