व्हाइट डिस्चार्ज को कैसे रोकें? घरेलू उपाय और फर्टिलिटी एक्सपर्ट की सलाह

Last updated: January 16, 2026

Overview

महिलाओं के शरीर में समय-समय पर होने वाले बदलाव कई बार उन्हें गहरी चिंता में डाल देते हैं। व्हाइट डिस्चार्ज (White Discharge) भी एक ऐसा ही विषय है जिसे लेकर अक्सर मन में झिझक और सवाल दोनों होते हैं। व्हाइट डिस्चार्ज के बारे में सबसे पहला ख्याल यही आता है कि आखिर white discharge ko kaise roke? क्या यह किसी बीमारी का संकेत है या फिर इसे घर पर ही ठीक किया जा सकता है? असल में, यह डिस्चार्ज आपके शरीर का एक सुरक्षा तंत्र है, लेकिन जब यह संतुलन बिगड़ जाता है, तो यह आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और आपकी माँ बनने की संभावना यानी फर्टिलिटी (Fertility) को भी प्रभावित कर सकता है।

व्हाइट डिस्चार्ज क्या वास्तव में समस्या है?

व्हाइट डिस्चार्ज, जिसे मेडिकल भाषा में ल्यूकोरिया (Leucorrhoea) कहा जाता है, वैजाइना (Vagina) को साफ और नम रखने की एक नेचुरल प्रक्रिया है। नॉर्मल डिस्चार्ज आमतौर पर साफ या हल्का सफेद होता है और इसमें कोई गंध नहीं होती। यह आपके मासिक धर्म चक्र यानी मेंस्ट्रुअल साइकिल (Menstrual Cycle) के हिसाब से बदलता रहता है।

जब हम पूछते हैं कि white discharge ko kaise roke, तो हमें यह समझना होगा कि हर डिस्चार्ज को रोकने की जरूरत नहीं होती। ओव्यूलेशन (Ovulation) के दौरान या पीरियड्स से पहले होने वाला डिस्चार्ज सामान्य है। समस्या तब शुरू होती है जब डिस्चार्ज का रंग पीला, हरा या ग्रे (Grey) हो जाए, इसमें से तेज बदबू आए या प्राइवेट पार्ट में खुजली और जलन महसूस हो। यह इस बात का संकेत है कि आपके शरीर का पीएच बैलेंस (pH Balance) बिगड़ चुका है।

असामान्य डिस्चार्ज के पीछे के मेडिकल कारण

असामान्य व्हाइट डिस्चार्ज के पीछे मुख्य रूप से तीन वजहें हो सकती हैं।

  • यीस्ट इन्फेक्शन (Yeast Infection): यह फंगल इन्फेक्शन की वजह से होता है। इसमें डिस्चार्ज बहुत गाढ़ा और पनीर जैसा (Cottage cheese-like) दिखने लगता है।
  • बैक्टीरियल वेजिनोसिस (Bacterial Vaginosis - BV): जब वैजाइना में अच्छे बैक्टीरिया कम और खराब बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं, तो डिस्चार्ज में से मछली जैसी गंध (Fishy smell) आने लगती है।
  • एसटीआई (STIs): कुछ यौन संचारित संक्रमण भी अत्यधिक और रंगीन डिस्चार्ज का कारण बनते हैं।

व्हाइट डिस्चार्ज को कैसे रोकें?

असामान्य डिस्चार्ज को रोकने के लिए सबसे पहला कदम है उन कारणों को खत्म करना जो इन्फेक्शन (Infection) को बढ़ावा देते हैं।

  • केमिकल प्रोडक्ट्स से दूरी: वैजाइना को साफ करने के लिए खुशबूदार साबुन, जेल या डूश (Douche) का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। ये उत्पाद वैजाइना के नेचुरल बैक्टीरिया को खत्म कर देते हैं, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
  • कॉटन अंडरवियर पहनें: हमेशा कॉटन (Cotton) के अंडरवियर पहनें। सिंथेटिक कपड़े नमी को रोक लेते हैं, जिससे पसीना आता है और कीटाणुओं को पनपने की जगह मिलती है।
  • सुरक्षित संबंध: इन्फेक्शन को फैलने से रोकने के लिए शारीरिक संबंध बनाते समय प्रोटेक्शन (Protection) का इस्तेमाल करना बहुत जरुरी है।

व्हाइट डिस्चार्ज को रोकने के पारंपरिक और घरेलू नुस्खे

भारत में सदियों से कई ऐसे घरेलू उपाय आजमाए जा रहे हैं जो व्हाइट डिस्चार्ज को रोकने में बहुत प्रभावी माने जाते हैं।

  • मेथी दाना: मेथी के दानों को पानी में उबालकर उस पानी को पीने से शरीर का पीएच लेवल (pH Level) सुधरता है। यह हार्मोन्स को बैलेंस करने में भी मदद करता है।
  • आंवला: आंवला विटामिन C का बेहतरीन सोर्स है। इसका पाउडर या जूस नियमित लेने से शरीर की इम्यूनिटी (Immunity) बढ़ती है और इन्फेक्शन कम होता है।
  • चावल का मांड: पुराने समय में चावल उबालने के बाद बचे हुए सफेद पानी (मांड) को पीने की सलाह दी जाती थी। यह पेट की गर्मी को शांत करता है और ल्यूकोरिया में आराम देता है।
  • नीम के पत्ते: नीम में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से वैजाइनल एरिया को धोने से खुजली और इन्फेक्शन में बहुत राहत मिलती है।

क्या खाने से मिलेगा आराम?

अगर आप जानना चाहती हैं कि डाइट के जरिए white discharge ko kaise roke, तो प्रोबायोटिक्स (Probiotics) को अपनी प्लेट में शामिल करें।

  • दही और छाछ: दही में 'लैक्टोबैसिलस' (Lactobacillus) नाम के अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं।
  • लहसुन: इसमें प्राकृतिक एंटी-फंगल गुण होते हैं जो यीस्ट इन्फेक्शन को कम करने में सहायक हैं।
  • मीठे से परहेज: बहुत ज्यादा चीनी या मीठा खाने से शरीर में यीस्ट बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए इन्फेक्शन के दौरान मीठा कम कर दें।

जरुरी हाइजीन (Hygiene) के नियम

सही हाइजीन केवल बीमारी से ही नहीं बचाती, बल्कि आपको अंदर से आत्मविश्वास भी देती है।

  • फ्रंट टू बैक (Front to Back): हमेशा टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद आगे से पीछे की ओर सफाई करें जिससे मलाशय (Rectum) के बैक्टीरिया वैजाइना तक नहीं पहुँच सकें।
  • ड्राई रखें: नहाने के बाद या पेशाब करने के बाद प्राइवेट पार्ट को अच्छी तरह सुखाएं।
  • पीरियड्स के दौरान: पैड या मेंस्ट्रुअल कप (Menstrual Cup) को हर 4-6 घंटे में बदलें ताकि बैक्टीरिया जमा न हों।

क्या व्हाइट डिस्चार्ज एग्स (Eggs) की क्वालिटी पर असर डालता है?

सीधे तौर पर तो नहीं, लेकिन इन्फेक्शन की वजह से शरीर में होने वाली सूजन यानी इन्फ्लेमेशन (Inflammation) अंडों यानी एग्स (Eggs) के वातावरण को प्रभावित कर सकती है। एक हेल्दी वैजाइनल माइक्रोबायोम (Vaginal Microbiome) यह सुनिश्चित करता है कि स्पर्म (Sperm) सुरक्षित रूप से गर्भाशय तक पहुँच सकें। अगर डिस्चार्ज गाढ़ा और एसिडिक (Acidic) है, तो यह स्पर्म को नुकसान पहुँचा सकता है, जिससे प्रेगनेंसी (Pregnancy) कंसीव (Conceive) करने में देरी हो सकती है।

आईवीएफ (IVF) ट्रीटमेंट और वैजाइनल हैल्थ

असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) जैसे आईवीएफ (IVF) में वैजाइनल हैल्थ की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है।

  • एम्ब्रीओ ट्रांसफर (Embryo Transfer): आईवीएफ क्लिनिक (IVF Clinic) में एम्ब्रीओ को गर्भाशय में ट्रांसफर करने से पहले डॉक्टर यह सुनिश्चित करते हैं कि वहाँ कोई इन्फेक्शन न हो। अगर इन्फेक्शन मौजूद है, तो एम्ब्रीओ (Embryo) के चिपकने यानी इम्प्लांटेशन (Implantation) की सक्सेस रेट कम हो सकती है।
  • उचित जांच: आईवीएफ शुरू करने से पहले अक्सर एक वैजाइनल स्वाब टेस्ट (Swab Test) किया जाता है ताकि यह पता चल सके कि वैजाइना का वातावरण एम्ब्रीओ के लिए कितना सुरक्षित है।

डॉक्टर को कब दिखायें ?

अगर घरेलू नुस्खों और बेहतर हाइजीन के बाद भी आराम नहीं मिल रहा, तो डॉक्टर से मिलना ही सबसे सही तरीका है।

  • अगर डिस्चार्ज का रंग गहरा पीला, हरा या भूरा हो गया हो।
  • पेशाब करते समय या संबंध बनाते समय तेज दर्द होना।
  • प्राइवेट पार्ट में सूजन या लालिमा (Redness) होना।
  • डिस्चार्ज के साथ बुखार या पेट के निचले हिस्से में दर्द।

निष्कर्ष (Conclusion)

व्हाइट डिस्चार्ज होना कोई शर्म की बात नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर की एक भाषा है जिसे समझना जरूरी है। "white discharge ko kaise roke" का उत्तर केवल दवाएं नहीं, बल्कि आपकी लाइफस्टाइल, हाइजीन और सही खान-पान में छिपा है। पारंपरिक नुस्खे जहाँ आपको प्राकृतिक रूप से आराम पहुँचाते हैं, वहीं मॉडर्न मेडिकल साइंस इन्फेक्शन को जड़ से खत्म करने में मदद करता है। चाहे आप सामान्य स्वास्थ्य की बात करें या माँ बनने के अपने सपने यानी फर्टिलिटी की, वैजाइनल हैल्थ का ध्यान रखना आपके लिए सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। अपने शरीर के संकेतों को पहचानें, घरेलू उपाय अपनाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेने में बिलकुल संकोच न करें। एक स्वस्थ शरीर ही एक खुशहाल भविष्य की नींव है।

Common Questions Asked

क्या तनाव (Stress) की वजह से भी ज्यादा डिस्चार्ज हो सकता है?

 

हाँ, बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेने से शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो वैजाइनल डिस्चार्ज की मात्रा को बढ़ा सकते हैं।

क्या फिटकरी (Alum) के पानी से धोना सुरक्षित है?

 

फिटकरी का इस्तेमाल पुराने समय से किया जाता रहा है, लेकिन इसे बहुत सावधानी से करना चाहिए क्योंकि यह वैजाइना को बहुत ज्यादा ड्राई (Dry) कर सकता है।

क्या पीरियड्स के बाद व्हाइट डिस्चार्ज होना सामान्य है?

 

हाँ, पीरियड्स के ठीक बाद थोड़ा गाढ़ा या भूरा डिस्चार्ज होना सामान्य है, क्योंकि यह गर्भाशय की बची हुई सफाई का हिस्सा होता है।

क्या प्रेगनेंसी के दौरान डिस्चार्ज बढ़ जाता है?

 

हाँ, प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव और बढ़े हुए ब्लड फ्लो के कारण डिस्चार्ज बढ़ना बहुत ही आम और सामान्य है।

क्या लहसुन खाने से इन्फेक्शन ठीक हो सकता है?

 

लहसुन इन्फेक्शन से लड़ने में मदद जरूर करता है, लेकिन अगर इन्फेक्शन गंभीर है, तो केवल लहसुन पर्याप्त नहीं होगा; आपको मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ेगी।

आईवीएफ (IVF) में डिस्चार्ज की जांच क्यों की जाती है?

 

ताकि यह पक्का किया जा सके कि वैजाइना में कोई ऐसा बैक्टीरिया न हो जो एम्ब्रीओ के इम्प्लांटेशन में बाधा डाले या सक्सेस रेट कम करे।

क्या व्हाइट डिस्चार्ज के दौरान संबंध बनाना सुरक्षित है?

 

अगर डिस्चार्ज किसी इन्फेक्शन की वजह से है, तो संबंध बनाने से दर्द बढ़ सकता है और इन्फेक्शन पार्टनर को भी फैल सकता है।

**Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.
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