महिलाओं के शरीर में होने वाले कई बदलाव अक्सर उन्हें उलझन में डाल देते हैं, और व्हाइट डिस्चार्ज (White Discharge) उनमें से एक है। जब भी कोई महिला इस बदलाव को नोटिस करती है, तो उसके मन में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि आखिर white discharge kyu hota hai? क्या यह सामान्य है या फिर किसी बीमारी का संकेत? असल में, वैजाइनल डिस्चार्ज (Vaginal Discharge) शरीर की एक नेचुरल प्रक्रिया है जो प्रजनन अंगों यानी रिप्रोडक्टिव ऑर्गन (Reproductive Organs) को साफ और हेल्दी रखने में मदद करती है। लेकिन, जब इस डिस्चार्ज का रंग, गंध (Smell) या बनावट बदलने लगती है, तो यह चिंता का कारण हो सकता है, विशेषकर उन महिलाओं के लिए जो प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के लिए कोशिश कर रही हैं या आईवीएफ (IVF) का ट्रीटमेंट ले रही हैं।
व्हाइट डिस्चार्ज, जिसे मेडिकल भाषा में ल्यूकोरिया (Leucorrhoea) भी कहा जाता है, गर्भाशय ग्रीवा यानी सर्विक्स (Cervix) और वैजाइना से निकलने वाला एक तरल पदार्थ है। यह तरल पदार्थ मृत कोशिकाओं (Dead Cells) और बैक्टीरिया को शरीर से बाहर ले जाने का काम करता है। अगर आप यह सोच रही हैं कि white discharge kyu hota hai, तो इसका सबसे सरल जवाब यह है कि यह आपके शरीर का एक 'सेल्फ-क्लींजिंग' (Self-cleaning) सिस्टम है।
एक स्वस्थ डिस्चार्ज आमतौर पर साफ, सफेद या हल्का चिपचिपा होता है और इसमें कोई तेज गंध नहीं होती। इसकी मात्रा आपके मासिक धर्म चक्र यानी मेंस्ट्रुअल साइकिल (Menstrual Cycle) के हिसाब से बदलती रहती है। उदाहरण के लिए, जब आप उत्तेजित (sexually excited) होती हैं या जब आप ओव्यूलेट (Ovulate) कर रही होती हैं, तो यह डिस्चार्ज अधिक मात्रा में हो सकता है।
वैजाइना का वातावरण बहुत ही संवेदनशील होता है। यहाँ 'लैक्टोबैसिलस' (Lactobacillus) नाम के अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो वैजाइना के पीएच लेवल (pH Level) को एसिडिक (Acidic) बनाए रखते हैं। यह एसिडिक माहौल हानिकारक कीटाणुओं को पनपने और इन्फेक्शन होने को रोकता है।
जब हम पूछते हैं कि white discharge kyu hota hai, तो हमें यह समझना चाहिए कि यह लुब्रिकेशन (Lubrication) का काम भी करता है। यह वैजाइना की टिश्यू (Tissue) को नम रखता है और उन्हें जलन या खुजली से बचाता है। यदि यह डिस्चार्ज पूरी तरह बंद हो जाए, तो वैजाइनल ड्राईनेस (Dryness) की समस्या हो सकती है, जो इन्फेक्शन के खतरे को बढ़ा देती है।
अगर आप कंसीव (Conceive) करने की कोशिश कर रही हैं, तो व्हाइट डिस्चार्ज आपके लिए एक बहुत बड़ा संकेत हो सकता है। महीने के बीच में, जब अंडा ओवरी (Ovary) से बाहर निकलता है, तो एस्ट्रोजन (Estrogen) हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है। इस समय डिस्चार्ज एकदम कच्चे अंडे की सफेदी (Egg White) जैसा, साफ, चिपचिपा और खिंचने वाला (Stretchy) हो जाता है। इसे 'सर्वाइकल म्यूकस' (Cervical Mucus) कहते हैं। इसका मुख्य काम स्पर्म (Sperm) यानी शुक्राणुओं को गर्भाशय के अंदर तक सुरक्षित पहुँचाना होता है। यह म्यूकस स्पर्म को पोषण देता है और उन्हें जीवित रहने में मदद करता है। इसलिए, अगर आपको महीने के बीच में ऐसा डिस्चार्ज महसूस हो रहा है, तो यह आपकी फर्टिलिटी का एक बहुत ही सटीक और सकारात्मक संकेत है।
हर डिस्चार्ज सामान्य नहीं होता। कभी-कभी शरीर आपको संकेत देता है कि अंदर कुछ गड़बड़ है। अगर आपका सवाल है कि असामान्य white discharge kyu hota hai, तो इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जैसे -
सामान्य व्हाइट डिस्चार्ज फर्टिलिटी के लिए अच्छा है, लेकिन अगर इन्फेक्शन की वजह से डिस्चार्ज हो रहा है, तो यह प्रेगनेंसी की संभावनाओं को कम कर सकता है। अगर वैजाइना या सर्विक्स में इन्फेक्शन है, तो वहां की सूजन स्पर्म के लिए रुकावट पैदा कर सकती है। इसके अलावा, अगर इन्फेक्शन ऊपर की ओर बढ़कर फैलोपियन ट्यूब्स (Fallopian Tubes) तक पहुँच जाए, तो इसे पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज (Pelvic Inflammatory Disease - PID) कहते हैं। यह ट्यूब्स को ब्लॉक कर सकता है, जिससे नेचुरल तरीके से गर्भधारण करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए, डिस्चार्ज के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए ।
असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) जैसे आईवीएफ (IVF) के दौरान, डॉक्टर आपकी वैजाइनल हेल्थ पर बहुत करीब से नजर रखते हैं। आईवीएफ की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि गर्भाशय (Uterus) का वातावरण भ्रूण यानी एम्ब्रीओ (Embryo) को स्वीकार करने के लिए कितना तैयार है।
अगर आप चाहती हैं कि आपका वैजाइनल वातावरण हेल्दी रहे और आपको बार-बार यह न सोचना पड़े कि white discharge kyu hota hai, तो इन बातों का ध्यान रखें।
हर महिला को अपने शरीर के संकेतों को समझना चाहिए। अगर आपको नीचे दिए गए लक्षणों में से कुछ भी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
व्हाइट डिस्चार्ज होना कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर का एक नेचुरल फंक्शन है। लेकिन "white discharge kyu hota hai" की पूरी जानकारी होने से आप कई बड़ी समस्याओं से बच सकती हैं। आपकी वैजाइनल हेल्थ सीधे तौर पर आपकी फर्टिलिटी और आपके मां बनने से जुड़ी हुई है। चाहे आप नेचुरल प्रेग्नेंसी की कोशिश कर रही हों या आईवीएफ (IVF) जैसे किसी एडवांस ट्रीटमेंट की मदद ले रही हों, अपने शरीर की छोटी-छोटी बारीकियों पर ध्यान देना आपकी सफलता के चांस बढ़ा सकता है। यदि आपको अपने डिस्चार्ज में कोई भी बदलाव नजर आता है, तो शर्माने या डरने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
हाँ, पीरियड आने से कुछ दिन पहले शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ जाता है, जिसकी वजह से सफेद और गाढ़ा डिस्चार्ज होना पूरी तरह सामान्य है।
हाँ, बहुत ज्यादा तनाव लेने से शरीर का हार्मोनल बैलेंस बिगड़ जाता है, जो डिस्चार्ज की मात्रा और समय को प्रभावित कर सकता है।
सिर्फ डिस्चार्ज के आधार पर प्रेग्नेंसी का पता नहीं लगाया जा सकता, हालांकि प्रेग्नेंसी के शुरुआती दौर में हार्मोनल बदलाव के कारण 'ल्यूकोरिया' (Leucorrhoea) बढ़ जाता है। इसके लिए प्रेग्नेंसी टेस्ट (Pregnancy Test) करना ही सही तरीका है।
आमतौर पर नहीं। आईवीएफ में इस्तेमाल होने वाली हार्मोनल दवाओं की वजह से डिस्चार्ज बढ़ना आम है। लेकिन अगर इसमें बदबू या खुजली है, तो अपने डॉक्टर को तुरंत बताएं।
लगातार रहने वाला इन्फेक्शन गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) को प्रभावित कर सकता है और स्पर्म के आगे बढ़ने के रास्ते में रुकावट पैदा कर सकता है।
अगर डिस्चार्ज सामान्य है, तो अच्छी हाइजीन और डाइट से इसे मैनेज किया जा सकता है। लेकिन अगर यह इन्फेक्शन की वजह से है, तो मेडिकल ट्रीटमेंट (Medical Treatment) जरूरी है।