hemorrhagic follicle meaning in hindi- हेमोरेजिक फॉलिकल कैसे बनता है,लक्षण, प्रेगनेंसी पर क्या असर पड़ता है?

Last updated: April 23, 2026

साराँश (Overview)

कई बार जब आप रूटीन अल्ट्रासाउंड या फर्टिलिटी चेकअप के लिए जाती हैं, तो रिपोर्ट में "hemorrhagic follicle" या "हेमोरेजिक फॉलिकल" लिखा दिखता है। "हेमोरेजिक" सुनकर लगता है कि कुछ गंभीर है, क्योंकि यह शब्द खून से जुड़ा है। लेकिन अगर हम इसे सरल भाषा में समझें तो इसका मतलब है कि ओवरी पर एक फॉलिकल (follicle) है जिसके अंदर खून भर गया है। यह ज्यादातर मामलों में शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और अपने आप ठीक हो जाता है।

इस hemorrhagic follicle meaning in hindi आर्टिकल में हम स्टेप बाई स्टेप समझेंगे कि फॉलिकल क्या होता है, उसमें खून कैसे भर जाता है, कब यह नॉर्मल है, और कब आपको डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

फॉलिकल क्या होता है?

फॉलिकल समझने के लिए पहले आपको जानना होगा कि आपकी ओवरी हर महीने क्या करती है। हर महीने आपकी ओवरी में कई छोटे छोटे फॉलिकल बनते हैं। इन फॉलिकल को आप छोटी छोटी थैलियां समझ सकती हैं जिनके अंदर तरल पदार्थ यानी फ्लूइड भरा होता है और एक एग यानी ओवम (ovum) बनता है।

साइकल की शुरुआत में कई फॉलिकल बढ़ने लगते हैं, लेकिन इनमें से आमतौर पर सिर्फ एक फॉलिकल सबसे बड़ा हो पाता है, जिसे डॉमिनेंट फॉलिकल (dominant follicle) कहते हैं। बाकी फॉलिकल धीरे धीरे सिकुड़ जाते हैं।

जब यह डॉमिनेंट फॉलिकल पूरी तरह मैच्योर हो जाता है, तो ओव्यूलेशन (ovulation) होता है। ओव्यूलेशन में फॉलिकल फटता है और उसके अंदर का एग बाहर निकलता है। यह एग फैलोपियन ट्यूब में जाता है जहां अगर स्पर्म मिल जाए तो फर्टिलाइजेशन हो सकता है।

फॉलिकल फटने के बाद जो खाली जगह बचती है, वह कॉर्पस ल्यूटियम (corpus luteum) में बदल जाती है, जो प्रोजेस्टेरॉन (progesterone) बनाता है।

यह पूरी प्रक्रिया हर महीने दोहराई जाती है और यह आपके फ़र्टिलिटी साइकिल का सबसे जरुरी हिस्सा है। फॉलिकल की ग्रोथ और ओव्यूलेशन के बिना नेचुरल प्रेगनेंसी संभव नहीं है।

Hemorrhagic follicle कैसे बनता है?

जब फॉलिकल फटता है, तो उसकी दीवार में छोटी खून की नलियां भी टूट सकती हैं। यह टूटना बहुत नॉर्मल है और लगभग हर ओव्यूलेशन में होता है।

लेकिन कई बार इन नलियों से निकलने वाला खून फॉलिकल की खाली जगह में भर जाता है। जब यह खून काफी मात्रा में इकट्ठा हो जाता है, तो इसे हेमोरेजिक फॉलिकल (hemorrhagic follicle) कहते हैं।

इसे दूसरे शब्दों में कहें तो यह एक ऐसा फॉलिकल है जिसने अपना काम किया, एग छोड़ा, लेकिन फटने के बाद उसमें खून भर गया। कभी कभी फॉलिकल बिना पूरी तरह फटे भी हेमोरेजिक हो सकता है, जब उसके अंदर ही खून इकट्ठा हो जाए।

अल्ट्रासाउंड में यह एक सिस्ट जैसा दिखता है जिसके अंदर फ्लूइड और खून का मिक्सचर होता है। इसका पैटर्न अल्ट्रासाउंड पर एक खास तरह से दिखता है जिसे डॉक्टर पहचान लेते हैं।

यह प्रक्रिया आमतौर पर मेंस्ट्रुअल साइकल के दूसरे हिस्से में, यानी ओव्यूलेशन के बाद होती है। इसका साइज जनरली, 2 से 5 सेंटीमीटर होता है, हालांकि कभी कभी यह बड़ा भी हो सकता है।

कुछ कंडीशन में हेमोरेजिक फॉलिकल बनने की संभावना बढ़ जाती है।

  • जब आप खून पतला करने वाली दवाएं ले रही हों
  • जब आपकी ओवेरियन स्टिमुलेशन की दवाएं चल रही हों
  • हार्मोन में असंतुलन इसकी वजह बन सकते हैं
  • कभी कभी बहुत तेज एक्सरसाइज या शारीरिक गतिविधि भी ओव्यूलेशन के समय ज्यादा ब्लीडिंग का कारण बन सकती है।

यह भी पढ़ें : प्रोलैक्टिन हार्मोन क्या है?

क्या Hemorrhagic follicle होना नॉर्मल है या चिंता की बात?

यहां सबसे जरूरी बात यह है कि हेमोरेजिक फॉलिकल ज्यादातर मामलों में पूरी तरह नॉर्मल है। यह एक फंक्शनल सिस्ट (functional cyst) है, यानी यह शरीर की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, कोई बीमारी नहीं।

अमूमन यह 1 से 2 मेंस्ट्रुअल साइकल में अपने आप गायब हो जाता है क्योंकि शरीर इसमें भरे खून को धीरे धीरे सोख लेता है और फॉलिकल सिकुड़कर खत्म हो जाता है।

हेमोरेजिक फॉलिकलम, एंडोमेट्रियोटिक सिस्ट (endometriotic cyst) या चॉकलेट सिस्ट (Chocolate Cyst) से बिल्कुल अलग है। चॉकलेट सिस्ट में पुराना गाढ़ा खून होता है जो महीनों या सालों से इकट्ठा हुआ होता है, जबकि हेमोरेजिक फॉलिकल में ताजा खून होता है जो हाल ही में ओव्यूलेशन के दौरान भरा है।

हालांकि, अगर हेमोरेजिक फॉलिकल बहुत बड़ा हो जाए, जैसे 5 सेंटीमीटर से ज्यादा, तो थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। साइज बड़ा होने से यह ओवरी पर दबाव बढ़ा सकता है और कुछ केस में ओवेरियन टॉर्शन (ovarian torsion) का रिस्क होता है, जिसमें ओवरी अपनी जगह से मुड़ सकती है।

यह भी पढ़ें: पीसीओएस क्या है?

Hemorrhagic follicle के लक्षण क्या हो सकते हैं?

बहुत सी महिलाओं को हेमोरेजिक फॉलिकल होता है लेकिन उन्हें कोई लक्षण नहीं दिखता। जब वह रूटीन अल्ट्रासाउंड करवाती हैं तब उन्हें अचानक पता चलता है। लेकिन कुछ महिलाओं को ओव्यूलेशन के आसपास या उसके बाद कुछ लक्षण दिख सकते हैं।

हेमोरेजिक फॉलिकल का सबसे कॉमन लक्षण है पेट के एक तरफ हल्का दर्द या भारीपन होना। यह दर्द उस तरफ होता है जिस ओवरी पर फॉलिकल बना है। इसे कभी कभी मिटेलश्मर्ज (mittelschmerz) भी कहते हैं, जो ओव्यूलेशन के समय होने वाला दर्द होता है। यह दर्द हल्के से मीडियम तक हो सकता है और आमतौर पर कुछ घंटों से लेकर 1 से 2 दिन में ठीक हो जाता है। कुछ महिलाओं को हल्की स्पॉटिंग भी हो सकती है।

अगर दर्द बहुत तेज हो, अचानक शुरू हो, चक्कर आ रहे हों, उल्टी हो रही हो, या पेट में सूजन बढ़ रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। ये लक्षण फॉलिकल के फटने और पेट में खून बहने का सिगनल हो सकते हैं, जो रेयर लेकिन सीरियस कंडीशन है। इसे हेमोपेरिटोनियम (hemoperitoneum) कहते हैं, जिसमें पेट की कैविटी में खून इकट्ठा हो जाता है, इसके इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।

प्रेगनेंसी प्लानिंग पर Hemorrhagic follicle क्या असर पड़ता है?

अगर आप प्रेगनेंसी की प्लानिंग कर रही हैं तो हेमोरेजिक फॉलिकल को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। असल में, हेमोरेजिक फॉलिकल का मतलब है कि आपकी ओवरी काम कर रही है, फॉलिकल बन रहे हैं, और ओव्यूलेशन हो रहा है। यह फर्टिलिटी के लिए अच्छा लक्षण है।

हेमोरेजिक फॉलिकल उसी साइकल में प्रेगनेंसी को प्रभावित नहीं करता, बशर्ते एग ठीक से निकला हो। जो कॉर्पस ल्यूटियम बनता है वह प्रोजेस्टेरॉन बनाता रहता है जो प्रेगनेंसी को सपोर्ट करता है।

अगले साइकल तक हेमोरेजिक फॉलिकल अपने आप ठीक हो जाता है तो आगे की प्रेगनेंसी प्लानिंग पर कोई असर नहीं पड़ता।

IVF या IUI ट्रीटमेंट के दौरान भी कभी कभी हेमोरेजिक फॉलिकल बन सकता है, खासकर तब, जब ओवेरियन स्टिमुलेशन की दवाएं दी जाती हैं। डॉक्टर इसे मॉनिटर करते हैं और अगले साइकल में ट्रीटमेंट प्लान उसी हिसाब से बनाते हैं।

Hemorrhagic follicle का कब इलाज जरूरी होता है?

ज्यादातर हेमोरेजिक फॉलिकल को किसी इलाज की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर जनरली ‘वेट एंड वाच’ (wait and watch) की सलाह देते हैं, यानी 4 से 6 हफ्ते बाद दोबारा अल्ट्रासाउंड करवाएं और देखें कि सिस्ट अपने आप गायब हुई या नहीं। ज्यादातर मामलों में अगले पीरियड्स तक यह ठीक हो जाती है।

अगर सिस्ट बहुत बड़ी है, बार बार आ रही है, या लक्षण ज्यादा हैं, तो डॉक्टर हार्मोन की दवाएं दे सकते हैं। कुछ बहुत दुर्लभ मामलों में, जब सिस्ट बहुत बड़ी हो और फटने का रिस्क हो, तो लैप्रोस्कोपी (laparoscopy) से सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन ऐसा बहुत कम होता है।

सबसे जरूरी यह है कि आप अपने डॉक्टर की बात मानें और फॉलो-अप अल्ट्रासाउंड जरूर करवाएं। अगर डॉक्टर ने कहा है कि 6 हफ्ते बाद दोबारा स्कैन करवाएं, तो उसे टालें नहीं।

निष्कर्ष (Conclusion)

हेमोरेजिक फॉलिकल ओव्यूलेशन के बाद होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें फॉलिकल के अंदर थोड़ा खून भर जाता है और फिर शरीर उसे अपने आप ठीक कर देता है।

अगर आपकी रिपोर्ट में hemorrhagic follicle लिखा है, तो इसका मतलब यह भी है कि आपकी ओवरी काम कर रही है और ओव्यूलेशन हो रहा है, जो फर्टिलिटी के लिए अच्छा संकेत है।

ध्यान रखने वाली बात सिर्फ़ इतनी है कि अगर दर्द ज्यादा हो, सिस्ट बड़ी हो या लक्षण असामान्य लगें, तो डॉक्टर से बात जरूर करें।

यह भी पढ़ें: बच्चेदानी अंडा नहीं बनता तो क्या करें?

Hemorrhagic follicle के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या हेमोरेजिक फॉलिकल एक तरह का कैंसर है?

हेमोरेजिक फॉलिकल और ओवेरियन सिस्ट में क्या फर्क है?

क्या हेमोरेजिक फॉलिकल से ओव्यूलेशन में दिक्कत होती है?

क्या हर महीने हेमोरेजिक फॉलिकल बन सकता है?

हेमोरेजिक फॉलिकल कितने दिन में ठीक होता है?

क्या IVF ट्रीटमेंट के दौरान हेमोरेजिक फॉलिकल बनना आम है?

क्या हेमोरेजिक फॉलिकल में दर्द की दवा ले सकते हैं?

Disclaimer: The information provided here serves as a general guide and does not constitute medical advice. We strongly advise consulting a certified fertility expert for professional assessment and personalized treatment recommendations.

IVF Centres in Popular Cities

IVF Cost in Popular Cities

IVF Doctors in Popular Cities

.
© 2026 Indira IVF Hospital Limited. All Rights Reserved. T&C Apply | Privacy Policy| *Disclaimer