Skip to main content

Synopsis

जानिए IVF fail hone ke karan और आईवीएफ के साइड इफेक्ट्स | आईवीएफ साइकिल असफल होने का सामान्य कारण भ्रूण की गुणवत्ता में खराबी है जिसका उपचार आपको Indira IVF मे मिलेगा।

आइए सबसे पहले समझते हैं आईवीएफ क्या है ? आईवीएफ में प्रयोगशाला (लैब) में शरीर के बाहर अंडे और शुक्राणु का मिलन होता है । एक बार भ्रूण या भ्रूणों के बनने पर उन्हें गर्भाशय गुहा में रखा जाता है।

आईवीएफ विफलता क्या है? यदि स्थानान्तरित भ्रूण प्रत्यारोपित नहीं हो पाते हैं अर्थात इससे गर्भाधारण नहीं हो पाता है तो इसे असफल आईवीएफ माना जाता है।

एक असफल आईवीएफ दम्पती की भावनाओं को आहत कर देता है। आईवीएफ साइकिल शुरू करने से पहले आपको अपेक्षा और उत्साह के साथ परिवार को बढ़ाने की उम्मीद होती हैं और यह चिंता भी होती है कि यह सही काम करेगा या नहीं ? आईवीएफ असफल होने पर आप और आपका साथी भावनात्मक रूप से निराश हो जाते हैं और यह सोचते हैं कि साइकिल में क्या गलत हुआ? क्या इलाज के दौरान किसी की गलती से ऐसा हुआ है ? क्या एक बार और कोशिश करनी चाहिए? यदि आईवीएफ प्रक्रिया से गर्भधारण नहीं हो पाता है तो आपका उपचार करने वाले डाॅक्टर भी आप जितने ही दुःखी होते हैं।

पहला सवाल जो दिमाग में आता है – आईवीएफ असफल क्यों होता है ?

भ्रूण की गुणवत्ता में कमी – आईवीएफ साइकिल असफल होने का सामान्य कारण भ्रूण की गुणवत्ता में खराबी है। कई भू्रण गर्भाशय में स्थानांतरण के बाद प्रत्यारोपित होने में सक्षम नहीं होते हैं क्योंकि उन भ्रूणों में आगे विकसित होने की क्षमता नहीं होती है। यहाँ तक कि लैब में अच्छे दिखाई देने वाले भ्रूण में आनुवंशिक दोष या कोशिका विकार हो सकते हैं जो विकसित होने की बजाय गर्भाशय में नष्ट हो जाते हैं या गर्भपात का कारण बनते हैं।

दम्पती की आयु – यह एक गलतधारणा है कि केवल पत्नी की उम्र महत्वपूर्ण है। कई दम्पती पति की उम्र को नजरअंदाज करते हैं। जैसे-जैसे पति की उम्र 45 वर्ष के बाद बढ़ती है तो शुक्राणु की गुणवत्ता और मात्रा कम हो जाती है उसी प्रकार महिला की उम्र 35 वर्ष से ऊपर होने पर अंडों की संख्या और गुणवत्ता कम होती जाती है। यह सफल आईवीएफ की संभावना को प्रभावित करता है।

क्रोमोसोमल असामान्यताएं – आईवीएफ असफल होने, रासायनिक गर्भावस्था और गर्भपात के लिए सबसे आम कारणों में भ्रूण के अंदर मौजूद क्रोमोसोमल असामान्यताएं हैं। गर्भपात के अधिकांश मामलों ( जैसा सामान्य गर्भधारण में भी देखने को मिलता है ) साथ ही आईवीएफ चक्र में गर्भधारण में असफलता के पीछे यही असामान्यताएं कारण हैं । अध्ययनों से पता चला है कि महिलाओं की उम्र 30 वर्ष के ऊपर होने के बाद क्रोमोसोमल असामान्यताएं बढ़ जाती हैं। 40 के दशक के मध्य तक महिला के अंडे में 75 प्रतिशत तक गुणसूत्र संबंधी असामान्यताएं हो सकती हैं। यह पुरुषों में भी 40 की उम्र के बाद समान रूप से लागू है लेकिन महिला के अंडे की तुलना में इसकी दर बहुत कम है। यह महिलाओं के साथ उचित नहीं है, लेकिन सच है। इसलिए 35 वर्ष से पहले की आयु महिलाओं के लिए संतान पैदा करने की गोल्डन एज मानी जाती है।

खराब ओवेरियन रिस्पोंस – कभी-कभी महिला के अंडाशय पर प्रजनन दवाओं और हार्मोनल इंजेक्शन का भी असर नहीं होता हैं जबकि वे कई अंडे पैदा करने में सक्षम होते हैं। खासतौर पर यदि महिला की आयु 35 वर्ष से अधिक है तो वह अच्छी गुणवत्ता वाले भ्रूण का निर्माण करने के लिए पर्याप्त संख्या में अंडों का उत्पादन नहीं कर पाती है। खराब आवेरियन रिस्पोंस और रिजर्व से इंजेक्शंस में असफलता की संभावना अधिक होती है ।

गर्भाशय की असामान्यताएं – कभी-कभी गर्भाशय का आकार थीन एंडोमेट्रियम, यूटेराइन सेप्टम, एंडोमेट्रियल पॉलीप, गंभीर एडेनोमायोसिस और यूटेराइन मायोमस के कारण असामान्य होता है जो प्रत्यारोपण में बाधा डालता है।

जीवनशैली – जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं उन्हें गर्भधारण करने के लिए दो या अधिक आईवीएफ साइकिल की आवश्यकता पड़ सकती है और उनमें धूम्रपान नहीं करने वाली महिलाओं की तुलना में गर्भपात की संभावना अधिक होती है ।

अधिक वजन – जिन महिलाओं का वजन अधिक या कम है उनमें आईवीएफ उपचार की सफलता की संभावना कम होती है। इसलिए अपने चिकित्सक द्वारा बताए गये स्वस्थ वजन को बनाएं रखें।

देरी ना करें, जल्दी योजना बनाएं – जो दम्पती पहले योजना बनाते हैं उनके आईवीएफ साइकिल सफल होेने की संभावना अधिक होती है। स्वयं के अंडे और शुक्राणुओं का उपयोग करके 35 वर्ष से कम आयु के दम्पतियों में प्रत्यारोपण करने पर लगभग 75-80 प्रतिशत सफलता दर रहती है है। 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के दम्पतियों में सफल गर्भावस्था की 10- 15 फीसदी संभावना होती है।

डोनर का इस्तेमाल – यदि आपकी आयु 37 वर्ष से अधिक है, तो दाता (डोनर) गैमेटोसाइट्स (अंडाणु या शुक्राणु) का उपयोग करके सफल आईवीएफ की संभावना बढ़ायी जा सकती है, यह सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले युवा दाताओं द्वारा दान किए जाते हैं। इसमें आईवीएफ की सफलता दर युवा महिलाओं के समान ही रहती है।

प्री-इम्प्लांटेशन जेनेटिक स्क्रीनिंग – यदि आपकी आईवीएफ साइकिल विफल हो गयी है तो आपके फर्टिलिटी विशेषज्ञ आईवीएफ साइकिल से पहले पीजीएस की सिफारिश कर सकते हैं। पीजीएस में प्रत्येक भ्रूण की कुछ कोशिकाओं को लेकर यह परीक्षण किया जाता है कि गुणसूत्र सही संख्या में मौजूद है या नहीं । फर्टिलिटी डॉक्टर्स का कौशल और आईवीएफ लैब की क्वालिटी एक विज्ञान है साथ ही एक अजन्मे मानव में जीन को निर्धारित करने की कला भी है। आईवीएफ असफल होने पर कभी-कभी पति-पत्नी दोनों का आनुवंशिक परीक्षण किसी प्रकार की गुणसूत्रीय असामान्यता का पता लगाने के लिए किया जाता है।

ईरा – एंडोमेट्रियल रिसेप्टिविटी विश्लेषण परीक्षण – अच्छी एंडोमेट्रियल वृद्धि के बाद भी रिसेप्टिविटी महत्वपूर्ण है जिसके आकलन से सफल प्रत्यारोपण के सटीक समय का निर्धारण करने में मदद मिलती है।

स्वस्थ खाएं- स्वस्थ रहें – इस संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु हैं- पौष्टिक आहार, जंक फूड से बचें, अत्यधिक प्रदूषण से बचें, धूम्रपान से बचें, शराब से बचें, अपने चारों ओर काम का अच्छा माहौल बनाए रखें, खासकर पति अत्यधिक गर्म तापमान वाले स्थानों में काम करने से बचें । यदि आपका वजन अधिक है तो शरीर के वजन को कम से कम 10 प्रतिशत घटाना आपके गर्भवती होने की क्षमता में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
आईवीएफ उपचार शुरू करने के कम से कम तीन महीने पहले दम्पती को धूम्रपान बंद करने और शराब से बचने की सलाह दी जाती है।

क्या आप अपना परिवार बढ़ाने के लिए तैयार हैं?

यदि आप आईवीएफ उपचार के लिए तैयार हैं या जिनका पूर्व में दूसरी जगह आईवीएफ उपचार असफल हुआ है उनके लिए इंदिरा आईवीएफ अस्पताल अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञ चिकित्सा पेशेवरों के साथ निःसंतानता की सभी समस्याओं के निदान के लिए तैयार है । यहाँ से उपचार लेकर 1,40,000 से अधिक सफल आईवीएफ गर्भधारण हो चुके हैं।

किसी भी सवाल के लिए जैसे – आपकी उम्र की महिलाओं में सफलता दर क्या है? क्या लैब में ख्याति प्राप्त और अनुभवी स्टाफ काम कर रहा है? हमारे डॉक्टर आपसे बात करके आपकी समस्या दूर करने का प्रयास करेंगे, अपने निकटतम इंदिरा आईवीएफ केंद्र जाएं और हमारे निःसंतानता एवं फर्टिलिटी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा करें।

अपने गर्भावस्था और प्रजनन संबंधी सभी सवालों के लिए आज ही देश के प्रजनन विशेषज्ञों की सर्वश्रेष्ठ टीम से बात करें।


Comments

Articles

2023

Infertility Treatment IVF

एक्टोपिक प्रेगनेंसी के लक्षण, कारण और इलाज

IVF Specialist

प्रेगनेंसी की खबर महिला को का�...

2023

IVF Female Infertility

What Causes High Estrogen in Women

IVF Specialist

Estrogen is a very important hormone in a female’s body. It is especially ne...

2023

IVF

How early can a pregnancy be detected in IVF?

IVF Specialist

The happy news of pregnancy arrives after the successful completion of the fer...

2022

Irregular Periods IVF

माहवारी में पेट में क्यों होता है दर्द?

IVF Specialist

महिलाओं को मासिक धर्म आने के क...

2022

IVF Infertility Treatment

आईवीएफ गर्भावस्था के लक्षण

IVF Specialist

प्राकृतिक गर्भधारण में विफल �...

Tools to help you plan better

Get quick understanding of your fertility cycle and accordingly make a schedule to track it

© 2024 Indira IVF Hospital Private Limited. All Rights Reserved. T&C Apply | Privacy Policy